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स्वर्णरेखा और खरकई के संगम पर उतरी ‘काशी’, बन्ना गुप्ता और सुधा गुप्ता ने किया भव्य नदी पूजन

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जमशेदपुर: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सोमवार, 16 फरवरी 2026 को सोनारी दोमुहानी संगम तट पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की अगुवाई में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों शिव भक्तों का जुटान हुआ, जिससे पूरा लौहनगरी शिवमय हो गया।

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बनारस की तर्ज पर स्वर्णरेखा आरती

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनारस के अस्सी घाट की तर्ज पर हुई भव्य स्वर्णरेखा आरती रही। काशी से आए प्रसिद्ध आशुतोष महाराज और उनके पंडितों के समूह ने मंत्रोच्चारण और शंखनाद के साथ नदी की आरती उतारी। दीपों की रोशनी और धूप की सुगंध ने संगम तट पर एक अलौकिक और दिव्य वातावरण निर्मित कर दिया।

नदी पूजन और भगवान शिव की स्तुति

​आरती से पूर्व पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने अपनी धर्मपत्नी और मानगो नगर निगम की मेयर प्रत्याशी श्रीमती सुधा गुप्ता के साथ मां स्वर्णरेखा का विधिवत नदी पूजन किया।

  • पुष्प वर्षा और आतिशबाजी: पूजन के दौरान आकाश अलौकिक पुष्प वर्षा और भव्य आतिशबाजी से सराबोर हो उठा।
  • भजनों की अमृत वर्षा: स्थानीय कलाकार कृष्ण मूर्ति के भजनों ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।

दोमुहानी संगम: बन्ना गुप्ता का ड्रीम प्रोजेक्ट

​गौरलतब है कि सोनारी दोमुहानी संगम क्षेत्र को बन्ना गुप्ता ने अपने मंत्री काल के दौरान एक पर्यटन और धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया है। यहाँ स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा और कलाकृतियाँ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

बन्ना गुप्ता ने कहा: “नदी हमारी जीवनदायिनी है और महादेव इस सृष्टि के आधार। संगम तट पर श्रद्धालुओं का यह प्रेम और भक्ति जमशेदपुर की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।”

प्रमुख आकर्षण:

  • आशुतोष महाराज (बनारस) के नेतृत्व में भव्य आरती।
  • शिव की कलाकृतियाँ और संगम तट की सजावट।
  • ​हजारों की संख्या में उमड़ी शिव भक्तों की भीड़