एक नई सोच, एक नई धारा

चक्रधरपुर निकाय चुनाव: वार्ड 10 में ‘कमलदेव गिरी’ की विरासत की ऐतिहासिक जीत, बहन ने रचा कीर्तिमान

1002451595

चक्रधरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर नगर परिषद क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। वार्ड संख्या 10 के चुनाव परिणामों ने न केवल सबको चौंका दिया है, बल्कि एक नया इतिहास रच दिया है। हिंदू वीर स्वर्गीय कमलदेव गिरी की छोटी बहन ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए एकतरफा और प्रचंड जीत हासिल की है।

1002451595

आंकड़ों में जीत का तूफान: 95% से ज्यादा वोट मिले

​चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड संख्या 10 में कुल 846 मतदान हुए थे। इनमें से स्वर्गीय कमलदेव गिरी की बहन के पक्ष में अविश्वसनीय रूप से 810 वोट पड़े। विरोधियों के खाते में मात्र नाममात्र के वोट ही जा सके। इतने बड़े अंतर (Margin) से मिली यह जीत चक्रधरपुर के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।

कमलदेव गिरी की शहादत और सामाजिक कार्यों का असर

​स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि यह जीत केवल एक राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि स्वर्गीय कमलदेव गिरी के प्रति जनता का अपार प्रेम और सम्मान है। उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और संघर्ष की छवि आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। मतदाताओं ने उनकी बहन को भारी बहुमत देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे कमलदेव गिरी की विरासत को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।

जश्न में डूबा वार्ड, ढोल-नगाड़ों से गूंजा इलाका

​जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। पूरे वार्ड में जश्न का माहौल है। समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। नवनिर्वाचित पार्षद को फूल-मालाओं से लाद दिया गया और ‘कमलदेव गिरी अमर रहें’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

विकास की नई उम्मीद

​अब चक्रधरपुर की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई वार्ड पार्षद अपने भाई के पदचिह्नों पर चलते हुए वार्ड संख्या 10 के विकास को किस ऊंचाई पर ले जाती हैं। इस ऐतिहासिक जनादेश ने उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी डाल दी है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए चक्रधरपुर से ब्यूरो रिपोर्ट।