जमशेदपुर (जुगसलाई):
जैसे-जैसे 23 फरवरी की तारीख नजदीक आ रही है, जुगसलाई नगर परिषद चुनाव का सियासी पारा अब खतरनाक मोड़ लेने लगा है। मंगलवार को जुगसलाई में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार श्रीमती इन्दु देवी के चुनाव प्रचार वाहन को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, इन्दु देवी का प्रचार वाहन रोजाना की तरह वार्डों में घूमकर मतदाताओं को जागरूक कर रहा था। इसी दौरान, कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने वाहन को रोककर उस पर लगे मुख्य बैनर और पोस्टरों को बेरहमी से फाड़ दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर सुनियोजित तरीके से आए थे और वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए।
समर्थकों का फूटा गुस्सा, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना की खबर फैलते ही इन्दु देवी के समर्थक बड़ी संख्या में जमा हो गए और इस कृत्य की कड़ी निंदा की। समर्थकों का आरोप है कि उनकी प्रत्याशी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर विपक्षी खेमे के कुछ लोग अब ओछी हरकतों और हिंसा पर उतर आए हैं।
- मांग: समर्थकों ने स्थानीय प्रशासन और चुनाव आयोग से मांग की है कि दोषियों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- आरोप: यह न केवल एक गाड़ी पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव की शुचिता पर प्रहार है।
प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल
23 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर शहर में पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में दिनदहाड़े एक प्रत्याशी के प्रचार वाहन पर हमला होना, पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान खड़ा करता है। जुगसलाई की जनता अब यह देख रही है कि क्या पुलिस इन असामाजिक तत्वों पर नकेल कस पाएगी?
विशेष टिप्पणी: जुगसलाई में चुनावी प्रतिस्पर्धा अब वैचारिक न होकर व्यक्तिगत टकराव की ओर बढ़ती दिख रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाए ताकि मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सकें।











