रांची/नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 में झारखंड के रेल नेटवर्क के लिए ऐतिहासिक आवंटन किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि झारखंड को इस बार 7,536 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि आवंटित की गई है। यह निवेश राज्य में रेलवे के आधुनिकीकरण, विस्तार और यात्री सुरक्षा को एक नई दिशा देगा।

2009-2014 की तुलना में भारी बढ़ोतरी
रेल मंत्री ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि केंद्र सरकार झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्यों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है।
- बड़ी तुलना: 2009-2014 के दौरान झारखंड के लिए औसत वार्षिक बजट केवल 457 करोड़ रुपये था। इस बार का आवंटन उस समय की तुलना में कई गुना अधिक है।
अमृत स्टेशन योजना: 57 स्टेशनों का होगा कायाकल्प
सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों को चिह्नित किया गया है। इन स्टेशनों पर विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
- स्टेशन भवनों का पुनर्विकास।
- आधुनिक प्रतीक्षालय और बेहतर लाइटिंग।
- उच्च गति वाली कनेक्टिविटी और सुरक्षा उपाय।
सुरक्षा और विस्तार पर फोकस
बजट का मुख्य उद्देश्य केवल नई पटरियां बिछाना ही नहीं, बल्कि सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना है। आवंटन का उपयोग इन कार्यों के लिए किया जाएगा:
- नई ट्रैक बिछाना: राज्य के दूर-दराज के इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ना।
- क्षमता विस्तार: माल ढुलाई (Freight Operations) की गति बढ़ाना ताकि औद्योगिक विकास को बल मिले।
- सुरक्षा कवच: रेल हादसों को रोकने के लिए आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का क्रियान्वयन।
दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) की भूमिका
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा भी मौजूद थे। उन्होंने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बजट झारखंड के रेल नेटवर्क के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। इससे न केवल क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।










