जमशेदपुर: लौहनगरी में समाज को नई वैचारिक दिशा देने और मानवीय मूल्यों को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से “सर्वतंत्र” की अवधारणा पर आधारित आधिकारिक वेबसाइट का आज गरिमामयी समारोह में लोकार्पण किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर शहर के प्रबुद्ध बुद्धिजीवी, शिक्षाविद् और समाजसेवियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष वैचारिक महत्व प्रदान किया।

मानसिक और सामाजिक गुलामी से मुक्ति का जनआंदोलन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्वतंत्र के संस्थापक तारानंद सिंह ने इस अवधारणा की गहराई पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
“सर्वतंत्र केवल एक विचार नहीं, बल्कि मानव समाज को हर प्रकार की मानसिक, सामाजिक और वैचारिक गुलामी से मुक्त करने का एक सशक्त जनआंदोलन है। हमारा उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जो जागरूक, संगठित और आत्मनिर्भर हो।”
विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ वैकल्पिक मॉडल
तारानंद सिंह ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का समाज ड्रग्स, भ्रष्टाचार, अपराध और आपसी अविश्वास की गिरफ्त में है। धर्म, जाति, नस्ल और राजनीति के नाम पर समाज को खंडित किया जा रहा है। ‘सर्वतंत्र’ इन सभी विभाजनों से ऊपर उठकर मानवता को केंद्र में रखते हुए एक वैकल्पिक सामाजिक मॉडल प्रस्तुत करता है।
डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगे आम नागरिक
अब आम जनमानस sarv-tantra.com पर जाकर इस विचारधारा, इसके सिद्धांतों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह वेबसाइट लोगों को अपने सुझाव साझा करने और इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए एक डिजिटल मंच प्रदान करेगी।
प्रमुख सदस्यों की घोषणा और संकल्प
लोकार्पण समारोह के दौरान ‘सर्वतंत्र’ से जुड़े विशिष्ट सदस्यों की औपचारिक घोषणा की गई, जिन्होंने इस विचारधारा को घर-घर पहुँचाने का संकल्प लिया:
- विनोद कुमार वर्मा – अध्यक्ष, नागरिक अधिकार सुरक्षा समिति
- हरभजन सिंह – उपाध्यक्ष, नागरिक अधिकार सुरक्षा समिति
- अरुण भगत – मिस्टर एशिया (बॉडीबिल्डर)
- दत्ता राव – वरिष्ठ समाजसेवी
- अशोक मिश्रा – वरिष्ठ समाजसेवी
बुद्धिजीवियों ने बताया ‘समय की मांग’
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने सर्वतंत्र को एक युगांतकारी पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि अकेलापन, तनाव और असुरक्षा के इस दौर में आत्मचिंतन और सकारात्मक सामाजिक सहभागिता की दिशा में यह वेबसाइट एक मील का पत्थर साबित होगी।











