जमशेदपुर (कदमा): कदमा के उलियान, सूर्य पथ स्थित कार्यालय में भारतीय ओबीसी विचार मंच का प्रथम स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न ओबीसी जातियों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की और समुदाय के संवैधानिक अधिकारों एवं सुरक्षा को लेकर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

एक साल का सफर और भविष्य की रणनीति
सभा की अध्यक्षता मंच के कार्यकारी अध्यक्ष विजय यादव ने की, जबकि संचालन महामंत्री सुजीत शर्मा ने किया। सुजीत शर्मा ने मंच के पिछले एक वर्ष के सफल संचालन का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि कैसे संगठन ने समुदाय को जोड़ने का कार्य किया है। कार्यक्रम की शुरुआत जोशपूर्ण जयघोष के साथ की गई।
संवैधानिक अधिकारों की उपेक्षा पर मंथन
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने ओबीसी समुदाय की निरंतर हो रही उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक समुदाय संगठित नहीं होगा, तब तक संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति कठिन है।
”ओबीसी के सभी समुदायों को संगठित कर जल्द ही एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से सरकार तक अपनी जायज मांगों को मजबूती से पहुंचाया जाएगा।”
प्रमुख वक्ताओं ने दिया एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम को प्रखर वक्ता शम्भु सिंह गांधी, रविन्द्र सैनी, धर्मेन्द्र वर्मा, राकेश साहू, रंजीत बास्के, चन्द्र मोहन चौधरी, मिथलेश रजक, राजकुमार, और धिरेन्द्र सिंह ने संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि अधिकारों की लड़ाई के लिए आपसी मतभेदों को भुलाकर एक मंच पर आना समय की मांग है।
धन्यवाद ज्ञापन और समापन
सभा के अंत में विनोद यादव ने उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का समापन अल्पाहार के साथ हुआ। इस दौरान भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे और संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया।











