जमशेदपुर: लौहनगरी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े अपहरण और लूट जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सोनारी निवासी नरेश कुमार के साथ हुई खौफनाक वारदात को 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बिष्टुपुर पुलिस और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक न तो आरोपी करणदीप सिंह की गिरफ्तारी हुई है और न ही पीड़ित की कार बरामद की जा सकी है।

बातों में फंसाया, फिर साथियों संग किया अपहरण
पीड़ित नरेश कुमार (निवासी: सीपी क्लब, सोनारी) ने बताया कि घटना 11 जनवरी की शाम की है। वे बिष्टुपुर स्थित जुडिओ मॉल जाने के लिए अपनी कार (JH-05DD-9486) पार्क कर रहे थे। तभी करणदीप सिंह नामक युवक उनके पास आया और बातों में उलझा लिया। देखते ही देखते एक दूसरी कार में करणदीप के 5-6 साथी वहां आ धमके।
गाढ़ाबासा में बंधक बनाकर मारपीट और जबरन हस्ताक्षर
अपराधियों ने नरेश को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और साकची के गाढ़ाबासा स्थित एक कमरे में ले गए। पीड़ित के अनुसार:
- मारपीट: कार के अंदर और कमरे में उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनके चेहरे, आंख और छाती पर गंभीर चोटें आईं।
- जबरन वसूली का तरीका: डरा-धमकाकर अपराधियों ने एक कोरे कागज पर यह लिखवा लिया कि नरेश ने पैसे के एवज में अपनी कार बेच दी है। साथ ही कई सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
- धमकी: अपराधियों ने नरेश और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी, जिसके डर से पीड़ित ने वही किया जो हमलावरों ने कहा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल

नरेश कुमार ने न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन मिला है:
- 11 जनवरी: बिष्टुपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
- 14 जनवरी: वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को मामले की गंभीरता से अवगत कराया।
20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना पुलिस की गश्ती और अनुसंधान पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। पीड़ित अब भी डरा हुआ है और अपनी संपत्ति (कार) वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।

मुख्य बिंदु:
- आरोपी: करणदीप सिंह और उसके 5-6 अज्ञात साथी।
- कार नंबर: JH-05DD-9486 (अभी तक बरामद नहीं)।
- चोटें: पीड़ित के चेहरे और छाती पर हमले के निशान।











