जमशेदपुर, 9 मार्च: रामनवमी और हिंदू नववर्ष की तैयारियों के बीच जमशेदपुर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नाम पर भ्रम फैलाने का मामला सामने आया है। विहिप जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ लोग संगठन के नाम का गलत इस्तेमाल कर हिंदू समाज और अखाड़ा समितियों को गुमराह कर रहे हैं।

1 मार्च की बैठक का निर्णय ही अंतिम
अजय गुप्ता ने जानकारी दी कि 1 मार्च को तुलसी भवन में जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी समिति और विश्व हिंदू परिषद की एक संयुक्त बैठक हुई थी। इस बैठक में शहर की सभी रामनवमी अखाड़ा समितियों के साथ सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि:
- 18 मार्च: भव्य हिंदू नववर्ष यात्रा निकाली जाएगी।
- 27 मार्च: रामनवमी की विशेष पूजा संपन्न होगी।
- 28 मार्च: शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
भ्रामक बैठकों से सावधान रहने की अपील
जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में शहर में कुछ लोग विहिप का नाम लेकर अलग से केंद्रीय रामनवमी समिति की बैठकें आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “विहिप ऐसी किसी भी बैठक को मान्यता नहीं देती और न ही इनमें हमारा कोई समर्थन है। यह हिंदू समाज को भ्रम में डालने की एक साजिश है।”
संगठन की आधिकारिक प्रक्रिया
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि विहिप जमशेदपुर महानगर से संबंधित कोई भी आधिकारिक निर्णय केवल निम्नलिखित पदाधिकारियों द्वारा ही लिया जाता है:
- अजय गुप्ता (जिलाध्यक्ष)
- चंद्रिका भगत (जिला मंत्री)
- विहिप की अधिकृत जिला समिति
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी सदस्य का निजी निर्णय संगठन का निर्णय नहीं माना जाएगा और यह अनुशासन के विरुद्ध है। अजय गुप्ता ने जमशेदपुर वासियों और हिंदू समाज से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़











