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श्रीनाथ विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आगाज: ‘सतत भविष्य’ के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने साझा किए विचार

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जमशेदपुर: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 के उपलक्ष्य में श्रीनाथ विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ साइंस’ एवं ‘साइंस क्लब’ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। “सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी” विषय पर आयोजित इस समागम में देश-विदेश के विख्यात वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया।

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वरिष्ठ शिक्षाविदों की उपस्थिति में हुआ उद्घाटन

​कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह और रजिस्ट्रार डॉ. याह्या मजूमदार की गरिमामयी उपस्थिति में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कुलपति ने अपने संबोधन में विज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और सतत विकास के लिए नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।

जर्मनी की डॉ. क्रिस्टीना ने 3D मॉडल्स पर दी जानकारी

​संगोष्ठी का मुख्य आकर्षण जर्मनी (फ्राउनहोफर आईएससी) की प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. क्रिस्टीना पॉप का सत्र रहा। उन्होंने “ट्रांसलेशनल इंफेक्शन रिसर्च के लिए मानव-संबंधित 3D मॉडल” विषय पर अपना शोध साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्नत 3D मॉडल प्रयोगशाला अनुसंधान और क्लीनिकल अनुप्रयोगों के बीच की दूरी को कम कर रहे हैं।

धातु संरक्षण और पर्यावरण पर विशेष व्याख्यान

  • धातु संरक्षण: सीएसआईआर-एनएमएल के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार मोहंती ने धातुओं को जंग (Corrosion) से बचाने की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कोटिंग के माध्यम से धातुओं की आयु बढ़ाकर संसाधनों की बचत की जा सकती है।
  • जलवायु परिवर्तन: घाटशिला कॉलेज के डॉ. कनय बारिक ने आगाह किया कि वैज्ञानिक नवाचार और नैतिक जिम्मेदारी के बिना हरित भविष्य संभव नहीं है।
  • कृषि अवशेष प्रबंधन: सोना देवी विश्वविद्यालय के श्री सयोन बनर्जी ने फसल अवशेषों को जलाने के बजाय कंपोस्टिंग और मल्चिंग जैसी पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी, जिससे मृदा स्वास्थ्य में सुधार हो सके।

सार्थक विमर्श और सम्मान

​इस दो दिवसीय संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। समापन सत्र में अतिथियों ने बेहतर भविष्य के लिए जिम्मेदार वैज्ञानिक व्यवहार और निरंतर शोध की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क