घाटशिला विधानसभा उपचुनाव अब बेहद दिलचस्प और गरम होता जा रहा है।
जहां एक ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी ताकत झोंक चुके हैं, वहीं अब झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा (JLM) के मैदान में उतरने से मुकाबला पूरी तरह त्रिकोणीय हो गया है।
झामुमो ने दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के सुपुत्र सोमेश सोरेन को प्रत्याशी बनाकर भावनात्मक जुड़ाव पर दांव लगाया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को टिकट देकर राजनीतिक अनुभव और संगठन शक्ति पर भरोसा जताया है। वहीं जयराम महतो की पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा (JLM) ने रामदास मुर्मू को अपना उम्मीदवार घोषित कर मैदान में उतरते ही दोनों प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है।

अब घाटशिला का रण केवल दो दलों का नहीं, बल्कि तीन शक्तियों के बीच प्रतिष्ठा की जंग बन चुका है।
हर पार्टी अपने-अपने प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क अभियान तेज कर रही है, गांव-गांव और पंचायत-पंचायत तक माहौल गरम है।
कहा जा रहा है कि इस बार का उपचुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि जनभावनाओं और जनसमर्थन की दिशा तय करेगा।
घाटशिला बोले — इस बार कौन करेगा बाज़ी अपने नाम?
रिपोर्ट — टीम तीसरी धारा, रिपोर्ट अंकित सिन्हा घाटशिला











