रांची: झारखंड में ग्रामीण विकास और स्थानीय निकायों के सशक्तीकरण को लेकर एक बड़ी प्रगति हुई है। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15वें वित्त आयोग की ‘बेसिक ग्रांट’ (Basic Grant) की दूसरी किस्त जारी करने की सिफारिश कर दी है। इसके तहत राज्य को अगले सप्ताह तक 275.12 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
समय पर शर्तें पूरी करने का मिला लाभ
झारखंड सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग की अनिवार्य शर्तों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के कारण यह राशि स्वीकृत की गई है। राज्य ने निम्नलिखित मानकों पर सफलता प्राप्त की है:
- ई-ग्राम स्वराज पोर्टल: योजनाओं की समय पर अपलोडिंग।
- वित्तीय अनुशासन: खातों का समापन, ऑडिट और पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण पत्र।
- हस्तांतरण: 24 दिसंबर 2025 को मिली पहली किस्त को निर्धारित समय के भीतर पंचायतों को ट्रांसफर किया गया।
फंड का त्रिस्तरीय वितरण ढांचा
जारी होने वाली अनुदान राशि को राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में पूर्व निर्धारित फार्मूले के अनुसार बांटा जाएगा:
| पंचायत स्तर | हिस्सेदारी (%) | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| ग्राम पंचायत | 75% | स्थानीय बुनियादी ढांचा, स्वच्छता और जल संरक्षण |
| पंचायत समिति (ब्लॉक) | 15% | ब्लॉक स्तर की विकास योजनाएं |
| जिला परिषद | 10% | जिला स्तरीय समन्वय और बड़े विकास कार्य |
ग्रामीण विकास मंत्री का बयान
झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने सभी वैधानिक और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। उन्होंने बताया:
“हमें केंद्र के व्यय विभाग को की गई अनुशंसा की जानकारी मिली है। राशि प्राप्त होते ही इसे बिना किसी विलंब के सीधे पंचायतों के खातों में हस्तांतरित कर दिया जाएगा ताकि ग्रामीण विकास की योजनाएं प्रभावित न हों।”
विकास कार्यों को मिलेगी गति
इस ‘अनटाइड ग्रांट’ (Untied Grant) का उपयोग पंचायतें अपनी आवश्यकतानुसार स्थानीय विकास कार्यों के लिए कर सकेंगी। इसमें मुख्य रूप से नालियों का निर्माण, पीसीसी सड़कें, सार्वजनिक भवनों का रखरखाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।















