देहरादून/जमशेदपुर: जमशेदपुर के चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा की देहरादून में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। तफ्तीश में सामने आया है कि इस हत्याकांड की पटकथा महीनों पहले लिखी गई थी और जमशेदपुर व नोएडा में नाकाम रहने के बाद हमलावरों ने देहरादून को वारदात के लिए चुना। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

जमशेदपुर नहीं, देहरादून बना ‘किलिंग जोन’
पुलिस जांच के अनुसार, हमलावरों ने शुरू में विक्रम शर्मा को जमशेदपुर में ही ढेर करने की योजना बनाई थी, लेकिन वहां समर्थकों की भारी भीड़ और सुरक्षा के कारण वे सफल नहीं हो पाए। इसके बाद नोएडा को निशाना बनाने की कोशिश हुई, पर अंततः देहरादून के सिल्वर सिटी इलाके को चुना गया। यहां विक्रम शर्मा बेफिक्र होकर अकेले जिम जाया करते थे, जिसे हमलावरों ने ‘सबसे सुरक्षित जोन’ माना।
गिरफ्तार आरोपियों का खुलासा
पुलिस ने इस मामले में दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं:
- राजकुमार: रेलवे ठेकेदार यशराज के पिता और कथित फाइनेंसर। शूटरों द्वारा इस्तेमाल किए गए वाहनों का भुगतान इनके UPI आईडी से किया गया था।
- मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर: जमशेदपुर (जुगसलाई) निवासी और ग्रेटर नोएडा में छात्र। इन्होंने आरोपियों को पनाह देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने में मदद की।
इन 8 किरदारों ने रची खूनी साजिश
पुलिस ने हत्याकांड में शामिल कुल 8 लोगों की भूमिका स्पष्ट की है:
- मुख्य साजिशकर्ता: यशराज (कारोबारी रंजिश और रंगदारी का मामला)।
- शूटर: आयुषतोष सिंह (अपराध की दुनिया में नाम कमाने की चाहत) और विशाल सिंह (जेल में पुराना विवाद)।
- रेकी: अंकित वर्मा (तीन महीने पहले जिम ज्वाइन कर विक्रम की हर हरकत पर नजर रखी)।
- मददगार: आकाश कुमार प्रसाद (आईडी मुहैया कराई) और जितेंद्र कुमार साहु (बाइक उपलब्ध कराई)।
कारोबारी रंजिश और ‘सारिका इंटरप्राइजेज’ का एंगल
हत्या के पीछे की मुख्य वजह कारोबारी रंजिश मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, “सारिका इंटरप्राइजेज” फर्म और मछली व रेलवे फूड सप्लाई के कारोबार में विक्रम शर्मा द्वारा हस्तक्षेप और रंगदारी की मांग की जा रही थी। इसी विवाद को खत्म करने के लिए यशराज और उसके सहयोगियों ने हत्या की साजिश रची।
फरार आरोपियों पर इनाम और छापेमारी
देहरादून पुलिस ने फरार पांच आरोपियों — यशराज, जितेंद्र कुमार शाह, विशाल सिंह, आयुषतोष सिंह और अंकित वर्मा — पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड पुलिस की टीमें तालमेल बिठाकर विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज










