एक नई सोच, एक नई धारा

ब्रह्माकुमारीज़ कदमा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: ज्योतिर्लिंग दर्शन मेले के तीसरे दिन विधायक सरयू राय सहित कई गणमान्य हुए शामिल

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जमशेदपुर (कदमा):

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा द्वारा महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित “7 दिवसीय द्वादश ज्योतिर्लिंग शिव आध्यात्मिक दर्शन मेला” अपने तीसरे दिन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। बुधवार को मेले में भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ सुबह से ही भक्तजन ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन के लिए जुटने लगे।

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विशिष्ट अतिथियों ने की संध्या आरती

​मेले के तीसरे दिन संध्या कालीन आरती में शहर की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की। मुख्य रूप से जमशेदपुर पूर्वी के विधायक श्री सरयू राय और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी उपस्थित रहे। उनके साथ समाजसेवी रानी गुप्ता, टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रवि एवं नारी जागरण समिति (गोलमुरी) की सदस्याएं भी शामिल हुईं।

​संस्थान की ओर से सभी अतिथियों को ईश्वरीय साहित्य, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। आरती के समय पूरा परिसर ‘ओम नमः शिवाय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य: बीके संजू दीदी

​इस अवसर पर बीके संजू दीदी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महाशिवरात्रि के गूढ़ अर्थ समझाए। उन्होंने कहा, “शिवरात्रि मात्र एक पर्व नहीं, बल्कि आत्म-जागरण का संदेश है। जब संसार में अज्ञानता और अशांति का अंधेरा बढ़ता है, तब परमात्मा शिव ज्ञान के प्रकाश से हमारी आत्मा को जागृत करते हैं।” उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि राजयोग के माध्यम से हम अपने भीतर के विकारों को समाप्त कर शांति और आनंद का अनुभव कर सकते हैं, यही सच्ची शिव आराधना है।

राजयोग और आध्यात्मिक प्रदर्शनी का संगम

​मेले की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन: भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की सुंदर झांकियां सजाई गई हैं।
  • निःशुल्क राजयोग शिक्षा: आने वाले भक्तों को राजयोग मेडिटेशन और मानसिक शांति प्राप्त करने की विधियां सिखाई जा रही हैं।
  • चित्रात्मक प्रदर्शनी: चित्रों के माध्यम से भगवान शिव के यथार्थ स्वरूप और उनके दिव्य कर्तव्यों की जानकारी दी जा रही है।

सहयोग और समय सीमा

​इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में ब्रह्माकुमारी परिवार के भारती भाई, कीर्तन भाई, रंजीत भाई, बशिष्ठ भाई, अलका बहन, गंगा बहन, पुष्पा बहन और शोमा बहन सहित कई सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

महत्वपूर्ण सूचना: यह मेला 20 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।