एक नई सोच, एक नई धारा

मिडिल ईस्ट में महाजंग का खौफ: दुबई छोड़ रहे रईस, एक ‘प्राइवेट जेट’ के लिए खर्च कर रहे 3.2 करोड़ रुपए

1002466903

दुबई/अबू धाबी: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने अब खाड़ी देशों के ‘लक्जरी’ जीवन को दहशत में बदल दिया है। दुबई और अबू धाबी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों में मिसाइलों के मलबे गिरने के बाद वहां रहने वाले दुनिया के सबसे अमीर लोग किसी भी कीमत पर क्षेत्र छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग सुरक्षा खरीदने के लिए अपनी तिजोरियां खोल रहे हैं।

1002466903

3.2 करोड़ की एक फ्लाइट: सुरक्षा अब सबसे बड़ी लक्जरी

​युद्ध के चलते एयरस्पेस बंद होने और अनिश्चितता के बीच प्राइवेट जेट (निजी विमानों) की मांग में भारी उछाल आया है।

  • चार्टर उड़ानों की कीमत: यूरोप जाने के लिए एक निजी जेट का खर्च अब 350,000 डॉलर (लगभग 3.2 करोड़ भारतीय रुपए) तक पहुंच गया है।
  • सऊदी अरब बना ‘एग्जिट पॉइंट’: रईस लोग सीधे उड़ान न लेकर पहले 10 घंटे की सड़क यात्रा कर सऊदी अरब पहुंच रहे हैं और फिर वहां से चार्टर विमानों के जरिए सुरक्षित देशों का रुख कर रहे हैं।

दुबई के आसमान में धमाके और दहलाने वाला मंजर

​शनिवार को ईरान के जवाबी हमले के बाद दुबई का नजारा बदल गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों के धुएं के निशान देखे गए।

  • होटल के पास गिरा मलबा: मशहूर लक्जरी होटल फेयरमोंट द पाम के पास मिसाइल का मलबा गिरने से आग लगने की खबर आई, जिससे विदेशी निवासियों में घबराहट फैल गई।
  • एयरपोर्ट पर असर: दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक हिस्से (कॉनकोर्स) को मामूली नुकसान पहुंचा है और 4 कर्मचारी घायल हुए हैं।

मल्टीनेशनल कंपनियां भी कर रही हैं ‘इवेकुएशन’

​सुरक्षा फर्मों के अनुसार, केवल अमीर परिवार ही नहीं बल्कि बड़ी वैश्विक कंपनियां (Corporations) भी अपने अधिकारियों को वहां से निकालने के लिए संपर्क कर रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ इयान मैककॉल ने बताया कि मांग इतनी अधिक है कि संसाधन कम पड़ रहे हैं।

विमानन सेवाओं पर ब्रेक: यात्री परेशान

​युद्ध के चलते वैश्विक एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं:

  • भारतीय एयरलाइंस: इंडिगो और अकासा एयर ने कई उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
  • कतर एयरवेज और अमीरात: इन बड़ी कंपनियों ने भी सुरक्षा कारणों से अपने संचालन में भारी कटौती की है।

तीसरी धारा न्यूज का विशेष विश्लेषण: यह घटना दिखाती है कि युद्ध केवल सरहदों तक सीमित नहीं रहता। दुबई जैसे ग्लोबल हब में करोड़ों खर्च कर सुरक्षा खरीदना यह संकेत है कि मिडिल ईस्ट में अस्थिरता अब गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट की ओर बढ़ रही है।

error: Content is protected !!