सरायकेला / आदित्यपुर | 05 फरवरी 2026
झारखंड में होने जा रहे गैर-दलीय नगर निकाय चुनाव को लेकर सरायकेला-खरसावां जिले में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। गुरुवार को सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष और आदित्यपुर नगर निगम के महापौर (मेयर) पद के लिए कई कद्दावर नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ समाहरणालय पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया।

सरायकेला नगर पंचायत: सुमित और मनोज के बीच कड़ा मुकाबला
सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आज नामांकन का दौर काफी दिलचस्प रहा:

- सुमित चौधरी (भाजपा समर्थित): सुमित चौधरी ने भारी संख्या में समर्थकों के साथ नामांकन किया। भाजपा नेताओं के समर्थन से उत्साहित सुमित ने कहा कि उनका लक्ष्य सरायकेला को राज्य के मानचित्र पर एक आदर्श नगर पंचायत के रूप में स्थापित करना है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
- मनोज कुमार चौधरी (झामुमो समर्थित): पूर्व नगर उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने भी अपनी दावेदारी पेश की। उन्हें झामुमो का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो और नगर अध्यक्ष शंभू आचार्य ने उनका स्वागत किया।
- अन्य प्रमुख दावेदार: पूर्व उपाध्यक्ष जलेश कवि और राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने भी अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरा, जिससे मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।

आदित्यपुर नगर निगम: मेयर पद के लिए कांटे की टक्कर
आदित्यपुर नगर निगम के प्रथम नागरिक (मेयर) की कुर्सी के लिए भी सियासी दिग्गजों ने ताल ठोक दी है:
- प्रभाषिनी कालुंडिया (भाजपा खेमा): प्रभाषिनी कालुंडिया ने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया। उनके समर्थन में पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व सीएम मधु कोड़ा और शैलेन्द्र सिंह जैसे कद्दावर नेता मौजूद रहे। भाजपाइयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
- शकुंतला महली (झामुमो खेमा): पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शकुंतला महली ने भी मेयर पद के लिए नामांकन किया। इन्हें झामुमो का खुला समर्थन मिल रहा है। नामांकन के दौरान झामुमो जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो और केंद्रीय सदस्य गणेश महली उनके साथ रहे।
- अन्य दावेदार: मेयर पद की दौड़ में भोगलू सोरेन उर्फ डब्बा सोरेन और बास्को बेसरा ने भी नामांकन दाखिल कर चुनाव को और अधिक रोमांचक बना दिया है।

प्रमुख बिंदु और चुनावी समीकरण
- संगठित समर्थन: हालांकि चुनाव गैर-दलीय है, लेकिन प्रत्याशियों के पीछे झामुमो और भाजपा की स्पष्ट घेराबंदी नजर आ रही है।
- अनुभव बनाम युवा जोश: मैदान में जलेश कवि और शकुंतला महली जैसे अनुभवी चेहरे हैं, तो वहीं सुमित चौधरी जैसे उत्साहित युवा नेता भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
- विकास का मुद्दा: सभी प्रत्याशियों ने नगर निकाय क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, पारदर्शिता और बेहतर नागरिक सेवाओं को अपना मुख्य चुनावी एजेंडा बताया है।
नामांकन के बाद अब सभी प्रत्याशी जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं। क्षेत्र की जनता के बीच यह चर्चा का विषय है कि इस बार ‘विकास की चाबी’ किसके हाथ लगेगी।












