एक नई सोच, एक नई धारा

मुरहू में तनाव: रामनवमी शोभा यात्रा के बाद दो पक्षों में पथराव, प्रशासन ने लागू की निषेधाज्ञा (धारा 163)

मुरहू/खूंटी: रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान शुक्रवार शाम शुरू हुआ मामूली विवाद शनिवार को उग्र रूप ले लिया। मुरहू में दो समुदायों के बीच उत्पन्न तनाव के बाद जमकर पथराव हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बीएनएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है।n706334847177470782021568fe42c2919bf5454ffff85d9e75c3538dcde10e13f84dbe64c664c89caff1b4

विवाद के बाद पथराव और अफरा-तफरी

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार को अचानक स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते मुख्य सड़कें सूनी हो गईं और स्थानीय दुकानदारों ने सुरक्षा के लिहाज से अपनी दुकानें बंद कर दीं। इस दौरान कुछ लोगों ने हवाई फायरिंग की आवाज सुनने का भी दावा किया है, हालांकि प्रशासन ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।1002518072

भारी पुलिस बल तैनात, वज्र वाहन और RAF अलर्ट पर

​सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वर्तमान में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मौके पर:

  • दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र) और वाटर कैनन मुस्तैद हैं।
  • रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की क्यूआरटी टीम और अश्रु गैस के गोलों के साथ पुरुष एवं महिला पुलिस बल तैनात है।
  • ​तोरपा, सायको, खूंटी, मारंगहादा और तपकरा थानों से अतिरिक्त बल बुलाकर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली कमान

​अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) दीपेश कुमारी और एसडीपीओ वरुण रजक स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इनके साथ मुख्यालय डीएसपी अखिल नीतीश कुजूर, मुरहू अंचल अधिकारी और कई थानों के प्रभारी कैंप कर रहे हैं। साउंड सिस्टम के जरिए लोगों को समूह में एकत्रित न होने और क्षेत्र खाली करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: SDM

​मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम दीपेश कुमारी ने बताया:

​”फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि जुलूस के दौरान पत्थर लगने की आशंका से विवाद शुरू हुआ था। पत्थर कहां से आए, इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

 

अफवाहों से बचने की अपील

​प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों से संवाद स्थापित किया जा रहा है।

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका: 1 अप्रैल से लागू होगा ‘टाइम ऑफ डे’ टैरिफ, शाम को बिजली जलाना पड़ेगा महंगा

पटना: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं, विशेषकर प्रीपेड मीटर वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने बिजली खपत के समय (Time of Usage) के आधार पर दरों में बदलाव करने की पूरी तैयारी कर ली है। अब उपभोक्ताओं को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे किस समय कितनी बिजली खर्च कर रहे हैं, क्योंकि शाम के वक्त बिजली का उपयोग आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।n70629654917747074353994b6add8fef4f8517b0ac6e76097c1b4879a0b69be1bb9af9d3ae9987202ff87a

1 अप्रैल से बदलेगा नियम: ‘टाइम ऑफ डे’ टैरिफ को मंजूरी

​बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने बिजली कंपनियों के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसमें ‘टाइम ऑफ डे टैरिफ’ (ToD) लागू करने की बात कही गई थी। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी। इसके तहत दिन के अलग-अलग घंटों के लिए बिजली की दरें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।1002518072

पीक आवर्स में लगेगा ज्यादा शुल्क

​नई व्यवस्था के पीछे मुख्य गणित ‘डिमांड और सप्लाई’ का है।

  • पीक आवर्स (शाम का समय): जब शाम के वक्त राज्य में बिजली की मांग सबसे अधिक होती है, उस दौरान खपत करने पर उपभोक्ताओं को सामान्य से अधिक दर पर भुगतान करना होगा।
  • ऑफ-पीक आवर्स: दिन के अन्य समय या देर रात, जब बिजली की मांग कम रहती है, तब दरें अपेक्षाकृत कम या सामान्य रहेंगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

​ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य बिजली की खपत को संतुलित करना है।

  1. लोड प्रबंधन: शाम के समय पावर ग्रिड पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव को कम करना।
  2. संसाधन प्रबंधन: ऊर्जा संसाधनों का बेहतर और किफायती प्रबंधन सुनिश्चित करना।
  3. जागरूकता: उपभोक्ताओं को ऊर्जा बचत और स्मार्ट उपयोग के प्रति प्रोत्साहित करना।

प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर सीधा असर

​यह बदलाव प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उनका बैलेंस सीधे समय आधारित दरों के हिसाब से कटेगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि भारी बिजली उपकरण (जैसे मोटर, वाशिंग मशीन या एसी) का उपयोग ऑफ-पीक समय में करके उपभोक्ता अपने बिल में कटौती कर सकते हैं।

आम जनता में चिंता

​हालांकि सरकार इसे ऊर्जा प्रबंधन का बड़ा कदम बता रही है, लेकिन आम उपभोक्ताओं ने इस पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि शाम के समय ही घर के सभी सदस्य साथ होते हैं और लाइट, पंखे या खाना बनाने वाले उपकरणों की जरूरत पड़ती है, ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों का मासिक बजट बिगड़ सकता है।

झारखंड की सियासत में ‘शीशमहल’ पर घमासान: भाजपा का आरोप- CM हेमंत सोरेन अपने लिए बनवा रहे 100 करोड़ का बंगला

रांची: झारखंड की राजनीति में इन दिनों ‘शीशमहल’ शब्द गूंज रहा है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अपने लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से आलीशान आवास बनवाने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि मुख्यमंत्री आवास के निर्माण के लिए जारी निविदा (टेंडर) इस विलासिता का पुख्ता प्रमाण है।n706316122177470714414617586a08c389af60a7bfe93ace28c798ef0da6994808921591d6c7d39750f02d

केजरीवाल से हुई तुलना, टेंडर की तस्वीरें जारी

​भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री की तुलना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से की है। उन्होंने टेंडर विज्ञापन की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री सोरेन, केजरीवाल को भी पीछे छोड़ते हुए झारखंड में 100 करोड़ का ‘शीशमहल’ बनवा रहे हैं।1002518072

67 करोड़ का टेंडर, 100 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान

​भाजपा नेता ने तर्क दिया कि वर्तमान में जो टेंडर जारी हुआ है, उसकी आधिकारिक लागत 67 करोड़ 4 लाख 36 हजार रुपये दर्शाई गई है।

  • डेविएशन का तर्क: शाहदेव के अनुसार, भवन निर्माण विभाग में 25 से 30 प्रतिशत का डेविएशन (लागत बढ़ना) सामान्य बात है।
  • अतिरिक्त खर्च: उन्होंने दावा किया कि 67 करोड़ की मूल लागत में यदि डेविएशन, फर्नीचर और इंटीरियर का खर्च जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा आसानी से 100 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।

2 करोड़ का फव्वारा और ढाई करोड़ का बगीचा

​भाजपा का आरोप यहीं नहीं रुका। प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि ‘गरीब-गुरबा’ की सरकार होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री के इस नए आवास में:

  • ₹2 करोड़ की लागत से भव्य फव्वारा लगाया जाएगा।
  • ₹2.5 करोड़ की लागत से आलीशान गार्डन (बगीचा) तैयार होगा।
  • ​इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

“केजरीवाल के बाद अब अगली बारी किसकी?”

​प्रतुल शाहदेव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार के पतन के पीछे इसी तरह का ‘शीशमहल’ विवाद एक बड़ी वजह था। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में भी उसी राह पर चलते हुए अब अगली बारी किसकी होगी?

सरायकेला: सड़क को नाले में तब्दील करने से बढ़ा हादसा का खतरा, बाल-बाल बची श्रद्धालुओं से भरी मैक्सिमो गाड़ी

सरायकेला: जिले के मोहितपुर पंचायत अंतर्गत स्वर्णपुर वार्ड में एक रसूखदार परिवार द्वारा सार्वजनिक सड़क को क्षतिग्रस्त किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस लापरवाही के कारण शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।IMG 20260328 WA0023

जेसीबी से सड़क खोदकर बनाया नाला

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वर्णपुर वार्ड के प्राथमिक विद्यालय से पूर्व उप-मुखिया के आवास की ओर जाने वाली मुख्य सड़क को अक्षय उरांव के परिवार द्वारा जेसीबी लगाकर खोद दिया गया है। सड़क के एक बड़े हिस्से को काटकर नाले का रूप दे दिया गया है, जिससे यह मार्ग अत्यंत संकीर्ण और खतरनाक हो गया है।1002518072

बड़ा हादसा टला: श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी गड्ढे में फंसते बची

​आज दोपहर करीब 12 बजे एक चारपहिया वाहन (मैक्सिमो), जिसमें महावीर झंडा जुलूस के लिए ढोल-नगाड़े बजाने वाले कलाकारों का पूरा समूह सवार था, इस खोदे गए गड्ढे में गिरते-गिरते बाल-बाल बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर वाहन गड्ढे में पलट जाता तो कई लोग गंभीर रूप से घायल हो सकते थे।

प्रशासन से कार्रवाई और मरम्मत की मांग

​इस घटना के बाद अखिल भारतीय अनुसूचित जाति जनजाति एकता मंच के जिला संरक्षक रंजन कारूवा ने मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने सरायकेला अंचल अधिकारी (CO) से लिखित आग्रह करते हुए मांग की है कि:

  • सड़क की मरम्मत: पंचायत कोष से तत्काल इस मार्ग का सुधारीकरण कराया जाए।
  • दोषियों पर कार्रवाई: सार्वजनिक संपत्ति और मार्ग को जानबूझकर क्षतिग्रस्त करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

स्कूली बच्चों और एंबुलेंस के लिए बढ़ा खतरा

​ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से छोटे-छोटे बच्चे विद्यालय जाते हैं और आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस भी इसी मार्ग का प्रयोग करती है। सड़क की वर्तमान स्थिति किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रही है। यदि जल्द ही इस गड्ढे को भरकर सड़क चौड़ी नहीं की गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

सरायकेला में राजनीतिक उलटफेर: युवा समाजसेवी पवन कबि सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल, झामुमो को बड़ा झटका

सरायकेला: जिले की सियासत में शनिवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। क्षेत्र के प्रतिष्ठित युवा समाजसेवी पवन कबि ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। पाठागार चौक निवासी पवन कबि पिछले एक दशक से सक्रिय राजनीति से दूर रहकर भी जनसेवा में जुटे थे, लेकिन अब उनके इस कदम ने जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।ec487b28fb35db7b52d59e0cb7534da6933d35e1619146148955e3bd957ec8b5.0

भाजपा जिला कार्यालय में भव्य स्वागत

​भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान पवन कबि और उनके साथियों का विधिवत स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान, वरिष्ठ नेता राजा सिंहदेव और नगर अध्यक्ष बीजू दत्त ने उन्हें माल्यार्पण कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। To1002518072

झामुमो कार्यकर्ताओं ने भी छोड़ा साथ

​इस सदस्यता अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पवन कबि के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी अपनी पुरानी पार्टी छोड़कर भाजपा का झंडा थाम लिया। पार्टी नेताओं का मानना है कि पवन जैसे जमीन से जुड़े और ऊर्जावान व्यक्तित्व के आने से सरायकेला क्षेत्र में संगठन को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

“मोदी की कार्यशैली से प्रेरित होकर लिया निर्णय”

​भाजपा में शामिल होने के बाद अपने संबोधन में पवन कबि ने कहा:

“मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व, उनकी कार्यशैली और राष्ट्रहित के लिए लिए गए कड़े निर्णयों से प्रभावित हूँ। भाजपा एक ऐसा मंच है जहाँ जनसेवा को और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। अब क्षेत्र में विकास के नाम पर हो रहे गलत कार्यों पर हमारी पैनी नजर रहेगी।”

 

ये युवा साथी भी हुए शामिल

​कार्यक्रम का सफल संचालन सुमित चौधरी ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अनुभव सत्पथी, चीकू मोहंती, शुभम विषय, अभिजीत मंडल, अंकित महंती, रिंकू साहू, राजा शामल, अंशुमन मोहंती, रोनित भोल और अजय गोप सहित भारी संख्या में युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

क्या करें ऐसे मामलों में किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत सतर्क रहें व्यक्तिगत या संस्थागत जानकारी साझा न करें तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं

रांची: झारखंड में स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। ताजा मामला राजधानी रांची का है, जहाँ आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (JSAS) ने राज्य के सभी अस्पतालों और आम नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।1002518072

फर्जी ‘नोडल अधिकारी’ बनकर डराने का खेल

​घटनाक्रम के अनुसार, रांची स्थित मुंधड़ा हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि वरुण मुंधड़ा को 25 मार्च की सुबह एक संदिग्ध कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपनी पहचान अजय अग्रवाल के रूप में दी और खुद को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का नोडल अधिकारी बताया।

​ठग ने अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए दावा किया कि उनके खिलाफ 256 पन्नों की एक भारी-भरकम शिकायत दर्ज है और जल्द ही एक जांच टीम अस्पताल पहुंचने वाली है। इसके बाद, मामले को रफा-दफा करने और शिकायत की कॉपी उपलब्ध कराने के बदले में मोटी रकम की मांग की गई।

अस्पताल की सतर्कता से टली ठगी

​अस्पताल प्रबंधन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत इस कॉल की सत्यता की जांच की। कॉल संदिग्ध लगने पर उन्होंने इसकी जानकारी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को ईमेल के जरिए दी। कंपनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जांच के लिए आरोग्य सोसाइटी को भेज दिया है, जहाँ अब इस ठग गिरोह की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सरकार ने जारी की एडवाइजरी

​आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबद्ध अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विभाग का कोई भी अधिकारी इस तरह से फोन पर पैसों की मांग या डराने का काम नहीं करता है।

क्या करें यदि आए ऐसा कॉल?

  • ​किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल पर अपनी संस्थागत या वित्तीय जानकारी साझा न करें।
  • ​यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डराने या ‘सेटलमेंट’ की बात करे, तो तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें।
  • ​ऐसे मामलों की शिकायत तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में दर्ज कराएं।

 

जमशेदपुर: बिरसानगर में अखाड़ा समितियों के बीच शरबत और प्रसाद का वितरण, श्रद्धा के साथ हुई झंडा पूजा

जमशेदपुर: शहर में चैत्र नवरात्र और रामनवमी के पावन अवसर पर भक्ति और सेवा का संगम देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में बिरसानगर जोन नंबर 1 में एक विशेष सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न अखाड़ा समितियों के बीच आपसी सौहार्द और सेवा की मिसाल पेश की गई।IMG 20260328 WA0019

भक्तों के लिए शीतल पेय और प्रसाद की व्यवस्था

​कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा श्री श्री संकटमोचन बजरंग अखाड़ा (बिरसानगर जोन नंबर 1) और बजरंगबली अखाड़ा समिति (जोन नंबर 1) के खिलाड़ियों एवं श्रद्धालुओं के बीच चने और ठंडे शरबत का वितरण किया गया। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच इस पहल ने अखाड़ा सदस्यों और आम जनता को काफी राहत पहुँचाई।1002518072

विधि-विधान से हुई झंडा पूजा

​सेवा कार्य से पूर्व समिति के सदस्यों ने पूरे विधि-विधान के साथ धार्मिक पताका (झंडे) की पूजा-अर्चना की। इस दौरान सुख-समृद्धि की कामना के साथ नारियल फोड़ा गया और उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच लड्डू का वितरण किया गया।IMG 20260328 WA0018

इनकी रही मुख्य भूमिका

​इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • अध्यक्ष: राहुल भद्रा
  • उपाध्यक्ष: सुजय
  • सचिव: शिवा
  • कोषाध्यक्ष: ईमोन

​सहित समिति के कई अन्य सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे और सेवा कार्य में हाथ बँटाया।

ऐतिहासिक क्षण: पीएम मोदी ने किया जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; एशिया का सबसे बड़ा एविएशन हब बनेगा ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’

जेवर (नोएडा):

भारत के विमानन इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का औपचारिक उद्घाटन कर दिया। लगभग 11,200 करोड़ रुपये के भारी निवेश से तैयार यह एयरपोर्ट न केवल दिल्ली-NCR की तस्वीर बदलेगा, बल्कि आने वाले समय में यह दुनिया के सबसे आधुनिक और एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होगा।n7062517391774684784669b21efb3151750c4dc1b052629d33f4e56cd869cf4caac4f089c3eeba79e33039

7 करोड़ यात्रियों की क्षमता और वैश्विक कनेक्टिविटी

​जेवर एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

  • शुरुआती क्षमता: पहले चरण में यह सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा।
  • विस्तार: आने वाले समय में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 7 करोड़ यात्री सालाना तक ले जाने का लक्ष्य है।
  • मॉडल: इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी और टाटा प्रोजेक्ट्स के सहयोग से बनाया गया है।1002518072

इंफ्रास्ट्रक्चर की खासियत: दुनिया के सबसे बड़े विमान भरेंगे उड़ान

​इस एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा एक विशाल रनवे बनाया गया है। आधुनिक ‘इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम’ (ILS) और हाई-टेक एयरफील्ड लाइटिंग की मदद से यहाँ खराब मौसम और कोहरे में भी 24 घंटे उड़ानों का संचालन संभव होगा।

व्यापार और उद्योगों के लिए ‘गेम चेंजर’

​यह सिर्फ यात्रियों के लिए हवाई अड्डा नहीं, बल्कि एक बड़ा इकोनॉमिक हब भी है:

  1. कार्गो हब: 80 एकड़ में फैला मल्टी-मॉडल कार्गो हब विनिर्माण केंद्रों (Manufacturing Hubs) को सीधी वैश्विक कनेक्टिविटी देगा।
  2. MRO केंद्र: 40 एकड़ में एक विशेष ‘मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल’ (MRO) केंद्र बनाया गया है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय विमानों की मरम्मत हो सकेगी। इससे भारत को विमान रखरखाव के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना होगा।

डिजिटल और पेपरलेस सफर (डिजीयात्रा)

​नोएडा एयरपोर्ट भारत के सबसे आधुनिक डिजिटल हवाई अड्डों में से एक है। यहाँ यात्रियों को ‘डिजीयात्रा’ (DigiYatra) के माध्यम से बायोमेट्रिक और पेपरलेस एंट्री मिलेगी। एयरपोर्ट को आधिकारिक आईएटीए कोड ‘DXN’ मिल चुका है और इंडिगो व अकासा जैसी दिग्गज एयरलाइंस यहाँ से परिचालन शुरू करने के लिए तैयार हैं।

2001 से 2026: एक सपने के हकीकत बनने का सफर

वर्ष

प्रमुख घटनाक्रम

2001

तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर एयरपोर्ट का प्रस्ताव रखा।

2019

ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को निर्माण का टेंडर मिला।

2021

पीएम मोदी ने एयरपोर्ट की आधारशिला रखी।

2024

रनवे पर इंडिगो की पहली टेस्टिंग फ्लाइट सफलतापूर्वक उतरी।

2026

BCAS क्लीयरेंस और लाइसेंस मिलने के बाद आज भव्य उद्घाटन।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’: विशाखापट्टनम से आ रहे इंडिगो विमान का इंजन फेल, रनवे-28 पर हाई अलर्ट

नई दिल्ली:

देश के सबसे व्यस्त इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रहे इंडिगो (IndiGo) के एक विमान में तकनीकी खराबी की सूचना मिली। विमान का एक इंजन फेल होने की आशंका के चलते एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत रनवे नंबर-28 पर ‘पूर्ण आपातकाल’ (Full Emergency) घोषित कर दिया।n706280814177468009280817a3ae693940321cd57e9a9c009cddfd77472c4dcf88597ff7e1377915f21e8f

लैंडिंग से ठीक पहले आई तकनीकी खराबी

​जानकारी के अनुसार, इंडिगो की इस फ्लाइट ने सुबह आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन दिल्ली में लैंडिंग से कुछ ही मिनट पहले पायलट ने एटीसी (ATC) को विमान के इंजन में खराबी आने की सूचना दी।1002518072

​पायलट की ओर से ‘इमरजेंसी कॉल’ मिलते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी हरकत में आ गई और संभावित खतरे को देखते हुए रनवे-28 को अन्य सभी उड़ानों के लिए खाली करा दिया गया।

ग्राउंड पर युद्ध स्तर पर तैयारियां

​सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ग्राउंड पर भारी बंदोबस्त किए गए:

  • दमकल की गाड़ियां: रनवे के पास फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को तैनात किया गया ताकि किसी भी आगजनी की स्थिति से निपटा जा सके।
  • मेडिकल टीम और एंबुलेंस: डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस को रनवे के पास स्टैंडबाय पर रखा गया।
  • सुरक्षा घेरा: सीआईएसएफ (CISF) और एयरपोर्ट पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

​विमान में सवार यात्रियों और चालक दल की संख्या को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता था। पायलट के कौशल और तकनीकी टीम के तालमेल से विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराने की कोशिशें तेज कर दी गईं।

एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित

​रनवे नंबर-28 पर इमरजेंसी लागू होने और उसे ब्लॉक किए जाने के कारण दिल्ली आने-जाने वाली अन्य कई उड़ानों के समय में भी फेरबदल की खबर है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी बड़ी देरी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यात्रियों को अपने फ्लाइट स्टेटस की जांच करने की सलाह दी गई है।

तीसरी धारा न्यूज की विशेष रिपोर्ट

अबू धाबी में बैलिस्टिक मिसाइल हमला: आसमान में ही मार गिराया गया रॉकेट, मलबे की चपेट में आने से 5 भारतीय घायल

अबू धाबी/दुबई:

खाड़ी देशों में जारी युद्ध और तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। शनिवार को अबू धाबी के खलीफा इकोनॉमिक जोन (KEZAD) को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को यूएई की वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) ने सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, मिसाइल के गिरने वाले मलबे की चपेट में आने से पांच भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं।n70627343817746769086695964304a658cd2c8a1952436fdcc72c5f5d5e90fef8947742612333992453273

KEZAD के पास गिरा मिसाइल का मलबा

​अबू धाबी मीडिया ऑफिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह घटना औद्योगिक क्षेत्र KEZAD के पास हुई। मिसाइल को इंटरसेप्ट (रोकने) करने के बाद उसका जलता हुआ मलबा रिहायशी और औद्योगिक इलाके में गिरा।1002518072

  • घायलों की स्थिति: अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घायल होने वाले पांचों व्यक्ति भारतीय नागरिक हैं। उन्हें मामूली से लेकर मध्यम दर्जे की चोटें आई हैं और फिलहाल उनका उपचार जारी है।

‘अफवाहों से बचें’ – प्रशासन की सख्त अपील

​इस संवेदनशील घटना के बाद यूएई प्रशासन ने जनता के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  1. सत्यापित जानकारी: जनता से केवल आधिकारिक स्रोतों और सत्यापित मीडिया हाउसों की जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा गया है।
  2. अफवाहों पर रोक: सोशल मीडिया पर घटना से संबंधित किसी भी तरह की असत्यापित जानकारी या अफवाह फैलाने के खिलाफ चेतावनी दी गई है।

बढ़ता अंतरराष्ट्रीय तनाव

​यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों के बीच संघर्ष चरम पर है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यूएई में लाखों भारतीय काम करते हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं भारत सरकार के लिए भी चिंता का विषय हैं।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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