दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालदिल्ली की कथित शराब घोटाला मामले में ईडी की कस्टडी में हैं। ईडी उनसे छह दिनों तक लगातार शराब घोटाला से संबंधित सवाल पूछेगी।
वहीं, इस बीच केजरीवाल को क्या सीएम बना रहना चाहिए या फिर इस्तीफा देना चाहिए। इस सवाल ने जन्म ले लिया है और लगातार इस पर पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रिया आ रही हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से गुजर रहे हैं। इंसानियत के नाते उनके प्रति सहानुभूति है। कॉंग्रेस पार्टी ने भी उन्हें सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है। लेकिन वे भारतीय राजनीति में नैतिकता की जो नई परिभाषा लिख रहे हैं,उसने मुझे यह पोस्ट लिखने के…
सीएम की कुर्सी को लेकर आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि सीएम जेल से ही दिल्ली सरकार चलाएंगे। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने केजरीवाल पर तंज कसा है और कहा कि यह कैसी नैतिकता है। मुख्यमंत्री के पद से अभी तक चिपके हुए हैं। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए। संजय ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लंबा चौड़ा एक संदेश भी शेयर किया है।
संजय ने क्या लिखा अपने पोस्ट में संजय निरुपम ने अपने पोस्ट में लिखा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से गुजर रहे हैं। इंसानियत के नाते उनके प्रति सहानुभूति है। कांग्रेस पार्टी ने भी उन्हें सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है। लेकिन वे भारतीय राजनीति में नैतिकता की जो नई परिभाषा लिख रहे हैं,उसने मुझे यह पोस्ट लिखने के लिए मजबूर कर दिया।
एक समय था जब एक हवाला कारोबारी जैन की कथित डायरी में अडवाणी ,माधवराव सिंधिया और कमलनाथ जैसे नेताओं के नाम आए थे और उनपर रिश्वत लेने के आरोप लगे,तब उन्होंने नैतिकता का तक़ाज़ा देकर तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। लाल बहादुर शास्त्री ने एक ट्रेन दुर्घटना पर इस्तीफ़ा दे दिया था। अभी हाल में जब वे इंडिया अगेंस्ट करप्शन का तमाशा पूरे देश को दिखा रहे थे तब यूपीए सरकार के मंत्रियों ने भ्रष्टाचार के छिछले आरोपों पर भी अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।
कुछ महीने पहले की बात है,झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गिरफ़्तारी से पहले पद छोड़कर एक नैतिक आचरण पेश किया था। हज़ारों साल पीछे जाएं तो अपने पिता के वचन के लिए राम ने राजपाट त्याग दिया था। जिसके लिए राजपाट छीना गया था,वह कभी भी राजा रामचंद्र के सिंहासन पर नहीं बैठा। बल्कि खड़ाऊँ रखकर तब तक राज चलाया जब तक उनके बड़े भाई राम लौटे नहीं।
भारत की ऐसी समृद्ध परंपरा रही है। दिल्ली के शराब घोटाले की सच्चाई क्या है,इसका फ़ैसला अदालत को करना है। पर एक मुख्यमंत्री पर इस घोटाले में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। उनकी गिरफ़्तारी हुई है। वे कस्टडी में है और मुख्यमंत्री के पद से अभी तक चिपके हुए हैं। यह कैसी नैतिकता है। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए।
राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे का औपचारिक ऐलान होने से पहले ही लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों को सिंबल देना शुरू कर दिया।
इसी कड़ी में लालू यादव ने कुख्यात अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी को भी पार्टी का सिंबल दिया है। बताया जा रहा है कि अनीता देवी राजद के टिकट से मुंगेर से चुनाव लड़ेंगी। बता दें कि 19 मार्च को बिहार के कुख्यात अशोक महतो ने 62 साल की उम्र में शादी कर ली थी। अशोक की पत्नी उनसे 16 साल छोटी हैं।
अशोक महतो के ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसकी वजह से वो चुनाव नहीं लड़ सकते। इसलिए उन्होंने आनन-फानन में 2 दिन के अंदर शादी की। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले राजद सुप्रीमो लालू यादव ने अशोक महतो को बुलाकर कहा था कि चुनाव लड़ो। साथ ही लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि चुनाव में किसी भी तरह का कोई मुद्दा न बने इसके लिए आप शादी कर लो।
महतो शादीशुदा नहीं थे। उन्हें डर था कि अगर वह चुनाव लड़ेंगे तो कोई न कोई कहानी बनाकर नॉमिनेशन रद्द न हो जाए, इसलिए सेफ साइड खेलने के लिए उन्होंने दो दिनों में शादी कर ली। इससे पहले राजद ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने छह उम्मीदवारों पार्टी का सिंबल दिया था। लालू यादव ने गुरुवार को गया से पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत, बक्सर से पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह, उजियारपुर से पूर्व मंत्री आलोक मेहता, जमुई से अर्चना रविदास, नवादा से श्रवण कुशवाहा और औरंगाबाद से अभय कुशवाहा को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है।
देश के महान स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की पुण्यतिथि पर चाय पे चर्चा ग्रुप के द्वारा गोलमुरी में शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई ग्रुप के सदस्यों ने भारत माता की जयकारा लगाते हुए शहीदों को नमन किया इस दौरान भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार, अशोक सामंत, कुमार अभिषेक, विजय गोंड, उपेंद्र बानरा, कुमार आशुतोष, नरेंद्र सिंह पिंटू, दीपक सिंह, गणेश बिहारी, नौशाद खान, साकेत कुमार, अनिकेत रॉय सन्नी, रवि भगत, राहुल यादव, मनोज तिवारी, सूरज सिंह, संदीप कुमार आदि उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भूटान के शीर्ष नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि भारत उसके विकास की आकांक्षाओं में उसका पूर्ण समर्थन करता है और दोनों देशों के अद्वितीय द्विपक्षीय संबंध कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में अधिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
मोदी ने यह भी घोषणा की कि नयी दिल्ली अगले पांच वर्षों में थिंपू को 10,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और भूटान के लोगों के बीच आत्मीयता उनके द्विपक्षीय संबंधों को अनूठा बनाती है। उन्होंने कहा कि भारत, भूटान के लोगों के दिलों में बसता है। मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भूटान पहुंचे हैं। उनकी यात्रा का उद्देश्य ‘पड़ोस प्रथम’ की नीति के तहत भूटान के साथ भारत के अनूठे संबंधों को और मजबूत बनाना है। दोनों देशों ने कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया तथा ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी, अंतरिक्ष और कृषि के क्षेत्र में समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच रेल संपर्क की स्थापना पर समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया। मोदी ने भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘भूटान के महामहिम नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मिलकर बेहद खुशी हुई। हमने अपने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के तरीकों पर बातचीत की।’
उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से मुलाकात को लेकर कहा, ‘भूटान में प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ सार्थक वार्ता हुई। हमने भारत-भूटान मित्रता की संपूर्ण श्रृंखला की समीक्षा की, और हमारी विकासात्मक साझेदारी को बढ़ावा देने के साथ- साथ सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।’ प्रधानमंत्री मोदी को यहां भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाने वाले वह पहले विदेशी शासनाध्यक्ष हैं। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने प्रधानमंत्री मोदी को इस सम्मान से सम्मानित किया।
मोदी ने प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ भी वार्ता की। मोदी ने कहा, ‘भारत और भूटान के लोगों के बीच आत्मीयता उनके द्विपक्षीय संबंधों को अनूठा बनाती है।’ अपने संबोधन में उन्होंने भूटानी लोगों से कहा, ‘भारत आपके दिल में बसता है।’ अपने संबोधन में, उन्होंने लोगों को ‘भूटान के मेरे प्यारे दोस्तों’ के रूप में संबोधित किया। इस मौके पर भूटान के पांचवें नरेश जिग्मे खेसर नांग्याल वांगचुक और राजपरिवार के सदस्य भी मौजूद थे।
मोदी ने कहा, ‘हमारे संबंध अटूट हैं। हमारी मित्रता अटूट है। हमारा आपसी सहयोग अटूट है और खास बात यह है कि हमारा विश्वास भी अटूट है। और, यही कारण है कि यह दिन मेरे लिए बहुत खास है।” उन्होंने जब लोगों को संबोधित किया तो भूटान के लोग अपने मूल परिधान पहने और दोनों देशों के झंडे लिए हुए थे तथा लगातार तालियां बजा रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एक भारतीय के तौर पर यह मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। आपने मुझे भूटान के सर्वोच्च (नागरिक) पुरस्कार से सम्मानित किया है। जब यह सम्मान किसी दूसरे देश से आता है तो यह विश्वास और मजबूत हो जाता है कि हम दोनों देश सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’
मोदी ने कहा कि यह ”हमारे इस विश्वास को बढ़ाता है कि हमारे प्रयासों से” दोनों देशों के लोगों का कल्याण हुआ है। उन्होंने कहा, ”यह हमें और अधिक मेहनत करने के लिए उत्साह और ऊर्जा देता है। लेकिन यह सम्मान मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह भारत और 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”सभी भारतीयों की ओर से मैं भूटान की इस महान भूमि पर विनम्रतापूर्वक इस पुरस्कार को स्वीकार करता हूं।” उन्होंने भूटान और वहां के लोगों का तहे दिल से धन्यवाद किया। मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीय जानते हैं कि भूटान के लोग ”उनके परिवार के सदस्यों के समान हैं।” उन्होंने कहा कि भूटान के लोग भी यह जानते हैं और स्वीकार करते हैं कि ”भारत उनका परिवार है।’
मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘भूटान के महामहिम राजा जिग्मे खेसर नांग्याल वांगचुक से मिलकर खुशी हुई। हमने अपने देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के तौर-तरीकों पर बात की।” उन्होंने कहा, ”भूटान में प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ सार्थक वार्ता हुई। हमने भारत-भूटान मित्रता की समीक्षा की और हमारी विकासात्मक साझेदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।” भारत और भूटान ने शुक्रवार को ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल संपर्क, अंतरिक्ष और कृषि के क्षेत्र में कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और दोनों देशों के बीच रेल संपर्क संबंधी समझौते को अंतिम रूप दिया।
मोदी ने कहा कि भारत और भूटान के रिश्ते जितने पुराने हैं, उतने ही आधुनिक और सामयिक भी हैं, उनके रिश्ते की गहराई ‘बी2बी’ और ‘पी2पी’ दोनों है। उन्होंने कहा, ”और, ‘बी2बी’ का मतलब है ‘भारत से भूटान’, जबकि ‘पी2पी’ का मतलब है लोगों का लोगों से जुड़ना।’ मोदी ने भूटान सरकार की 13वीं पंचवर्षीय योजना (एफवाईपी) के बारे में भी बात की और कहा, ‘हमारा पूरा समर्थन और सहयोग रहेगा।’ उन्होंने कहा, ‘अगले पांच साल में भारत सरकार इस दिशा में 10,000 करोड़ रुपये की सहायता देगी।’ प्रधानमंत्री मोदी और उनके भूटानी समकक्ष शेरिंग टोबगे की मौजूदगी में यहां समझौता ज्ञापनों का आदान- प्रदान किया गया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने यहां एक बयान में कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री टोबगे को धन्यवाद दिया।’ बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और ‘नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, पर्यावरण और वानिकी तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति बनाई।’
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और भूटान के बीच दीर्घकालिक और अनूठे संबंध हैं। बयान में कहा गया, ‘बैठक से पहले, प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल संपर्क, अंतरिक्ष, कृषि और युवा संपर्क पर कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया।’ भारतीय विदेश मंत्रालय ने यहां कहा कि इसके अलावा, दोनों पक्ष भारत और भूटान के बीच रेल संपर्क को लेकर ‘सहमति जता चुके हैं और इस संबंध में एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुके हैं’।
बयान में कहा गया कि समझौता ज्ञापन में भारत और भूटान के बीच दो प्रस्तावित रेल संपर्क का प्रावधान किया गया है, जिसमें कोकराझार-गेलेफू रेल संपर्क और बनारहाट-समत्से रेल संपर्क और उनके कार्यान्वयन के तौर-तरीके शामिल हैं। मोदी ने कहा कि एमओयू और समझौते भारत- भूटान संबंधों को गति देंगे। प्रधानमंत्री मोदी को भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत- भूटान संबंधों के विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान और भूटानी राष्ट्र तथा इसके लोगों के वास्ते उनकी विशिष्ट सेवा” के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार मिलने के बाद मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘भूटान द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ पुरस्कार दिए जाने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित करता हूं।’
उन्होंने कहा कि भूटान के विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत पूरी दृढ़ता से उसके साथ खड़ा है। मोदी ने कहा, ”मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले पांच साल हमारे संबंधों को एक नयी ऊर्जा देंगे। हम कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में बेहतर रास्ते बनाने के लिए काम करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘भारत और भूटान की आकांक्षाएं एक जैसी हैं। हमने 2047 तक विकसित भारत बनाने का निर्णय लिया है जबकि भूटान ने 2034 तक ‘उच्च आय’ राष्ट्र बनने का फैसला किया है।’
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर राहुल गांधी और उनकी पार्टी के तमाम बड़े नेता खुलकर आप का साथ दे रहे हैं।
वहीं, उनकी पार्टी की पंजाब यूनिट आप सुप्रीमो और उनकी पार्टी पर हमलावर है। पंजाब कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने केजरीवाल पर हमला बोला है। बता दें कि कांग्रेस और आप ने लोकसभा चुनाव के लिए कई राज्यों में गठबंधन किया है। लेकिन दोनो बीच अभी किसी तरह कोई बात चीत नहीं है।
AICC किसान कांग्रेस के प्रमुख और पंजाब के विधायक सुखपाल खैरा ने ‘कट्टर ईमानदार’ के दावे पर तंज कसते हुए कहा, “आप जो बोएंगे, वही काटेंगे। इन नकली क्रांतिकारियों ने भाजपा की क्रूरता को पार करते हुए पंजाब में अपने विरोधियों के खिलाफ झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराए।” खैरा का समर्थन लुधियाना के सांसद रवनीत बिट्टू ने भी किया। उन्होंने कहा, “केजरीवाल और उनकी पार्टी स्वराज और जन लोकपाल का वादा करके सत्ता में आई लेकिन विडंबना यह है कि वे सबसे बड़े ठग बन गए हैं। दिल्ली में भ्रष्टाचार का यह मामला तो बस शुरुआत भर है। राघव चड्डा द्वारा पंजाबियों का लूटा गया पैसा अभी तक बरामद नहीं हुआ है।”
भगवत मान से की ये अपील
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि आप ने पंजाब में भी इसी तरह का शराब घोटाला किया है और मुख्यमंत्री भगवंत मान से केजरीवाल का नाम उन 300 गिरफ्तार लोगों की सूची में जोड़ने के लिए कहा जिवका उन्होंने सार्वजनिक होर्डिंग्स लगवाए हैं।
पंजाब कांग्रेस प्रमुख राजा वारिंग गिरफ्तारी को निंदा करते हुए इसे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए बनाई गई भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति बताया है। वहीं, CLP नेता प्रताप बाजवा का कोई बयान सामने आया है। आप पर हमला करके कांग्रेस पार्टी के केंद्री नेतृत्व के स्टैंड का खंडन भी नहीं करना चाहते थे। पंजाब में कांग्रेस और आप आमने-सामने की लड़ाई लड़ रही है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं को चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्हें लगता है कि केजरीवाल की हाई प्रोफाइल गिरफ्तारी से लोगों के बीच सत्ताधारी पार्टी की स्थिति खराब हो जाएगी।
लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र स्थित कुडू-लोहरदगा मुख्य पथ पर टाटी चौक के समीप शुक्रवार की देर शाम बराती बस और हाइवा के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन बच्चों समेत पांच की मौत हो गई।
जबकि दो दर्जन से अधिक बराती घायल हो गए। इनमें एक दर्जन की हालत नाजुक बनी हुई है। बराती बस रांची के कांके से गुमला के विशुनपुर थाना क्षेत्र स्थित बनालात फटीटांड गांव लौट रही थी कि यह दुर्घटना घटी।
शादी के बाद वापस लौट रहे थे बराती
Jharkhand News: मृतक और सभी घायल बनालात फटीटांड़ गांव के निवासी हैं। घायलों का कुडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल तथा रिम्स (रांची) रेफर कर दिया गया है। बताया गया कि बनालात फटीटांड से बरात रांची के कांके गई हुई थी। शुक्रवार की शाम विवाह के बाद सभी बराती महालक्ष्मी बस से वापस लौट रहे थे।
इसी बीच हाइवा से टाटी चौक के समीप बस की भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में तीन नाबालिग बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में प्रियंका कुजूर (पांच वर्ष), सुमंती खेरवार (छह वर्ष), छत्रपल उरांव व इल्ताफ के अलावा एक आठ माह का बच्चा शामिल है।
घायलों में हाइवा चालक भरनो निवासी इलताफ अंसारी, विनित उरांव (30 वर्ष), विनोद उरांव (25 वर्ष), अनिता कुमारी (14 वर्ष), बलराम उरांव (32 वर्ष), बरियो उरांव (40 वर्ष), छत्रपाल उरांव (40 वर्ष), हीरालाल उरांव, कलामुनी देवी सहित दो दर्जन लोग शामिल हैं। घटना के बाद अफरातफरी मच गई। मृतकों के स्वजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
जमशेदपुर : आजसू के पूर्व क्रांतिकारी एवं वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के नेता आलोक वाजपेई का नाम झारखंड सरकार के द्वारा झारखंड आंदोलनकारी घोषित किया गया। 27 फरवरी 2024 को झारखंड सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए गए सूची में आलोक बाजपेई जी का नाम शामिल है।
आलोक बाजपेई विद्यार्थी जीवन में ही सूर्य सिंह बेसरा जी के नेतृत्व में आजसू में शामिल हुए थे। इन्होंने झारखंड आंदोलनकारी के रूप में एक आम भूमिका निभाने का काम किया था। भारत के पूर्व स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी को भी काला झंडा दिखाने में अपने मित्रों के साथ शामिल थे। झारखंड आंदोलन के दौरान इनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
झारखंड अलग राज्य की मांग को लेकर कई बार झारखंड बंद सफल कराने में मुख्य भूमिका निभाने का काम किया और दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना, जैक का विरोध किया था। सूर्य सिंह बेसरा का विधायक पद से इस्तीफा देने के वक्त भी आलोक बाजपेई साथ थें।
गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गुरुवार को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया.
यह इस मामले में सबसे हाई-प्रोफ़ाइल गिरफ्तारी है. वहीं विपक्ष ने केंद्र सरकार पर ‘तानाशाही’ का आरोप लगाया है. इस बीच AAP के प्रदर्शन को देखते हुए ITO मेट्रो स्टेशन बंद कर दिया गया है.
ED द्वारा अपने राष्ट्रीय संयोजक को गिरफ्तार किए जाने से नाराज आम आदमी पार्टी शुक्रवार को भाजपा कार्यालयों के बाहर देशव्यापी गिरफ्तारियां देगी. राष्ट्रीय राजधानी में AAP कार्यकर्ताओं को सुबह 10 बजे ITO स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय के बाहर इकट्ठा होने के लिए कहा गया है.
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के लिए भूटान में तैयारियां चल रही हैं। भूटान के लोग एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्वागत में रंगोली बनाते नजर आए। पीएम मोदी का विमान भूटान के पारो एयरपोर्ट पर लैंड करेगा, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
शनिवार को वह वापस दिल्ली लौटेंगे. उनकी यह यात्रा भारत सरकार की ‘पड़ोसी प्रथम नीति’ पर जोर देने का हिस्सा है. बता दें कि पीएम मोदी का पहले गुरुवार को भटान जाने का कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम की वजह से उनकी यात्रा स्थगित कर दी गई थी.
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “भूटान के रास्ते में, जहां मैं भारत-भूटान साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लूंगा. मैं भूटान के महामहिम राजा, महामहिम चतुर्थ ड्रुक ग्यालपो और प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ बातचीत के लिए उत्सुक हूं.
22 मार्च- पीएम नरेंद्र मोदी के पहले दिन का कार्यक्रम
पीएम मोदी सुबह 9 बजकर 25 मिनट पर भूटान पहुंचेंगे.
9 बजकर 30 मिनट पर हवाई अड्डे पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा.
9 बजकर 45 मिनट पर थिम्पू के लिए रवाना होंगे.
11 बजे पीएम मोदी थिम्पू पहुंचेंगे.
1 बजे एमओयू का आदान-प्रदान होगा.
1 बजकर 10 मिनट पर पीएम मोदी भूटान के पीएम संग द्विपक्षीय बैठक करेंगे.
2 बजकर 40 मिनट पर पीएम मोदी का ताशीचूडज़ोंग में औपचारिक स्वागत होगा.
3 बजे पीएम मोदी भूटान के राजा से मिलेंगे.
4 बजे पीएम के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा.
5 बजकर 45 मिनट पर चौथे ड्रुक ग्यालपो से मिलेंगे.
7 बजे पीएम के स्वागत में भूटान के राजा का भोज आयोजन
9 बजकर 30 मिनट पर पीएम मोदी की पेमाको होटल में विदेश सचिव संग प्रेस वार्ता
23 मार्च-पीएम मोदी के दूसरे दिन का कार्यक्रम
सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर पीएम मोदी एमसीएच अस्पताल का करेंगे उद्घाटन.
सुबह 9 बजकर 45 ममिनट पर पारो से नई दिल्ली के लिए होंगे रवाना.
भूटान नरेश से मिलेंगे पीएम मोदी
पीएमओ ने कहा कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित रूप से होने वाली उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा और सरकार की ‘पड़ोसी प्रथम की नीति’ पर जोर देने की कवायद के अनुरूप है. इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी भूटान के अपने समकक्ष शेरिंग टोबगे के साथ भी बातचीत करेंगे. पीएमओ ने कहा कि भारत और भूटान के बीच आपसी विश्वास, समझ एवं सद्भावना पर आधारित एक अनूठी व स्थायी साझेदारी है. उन्होंने कहा, “हमारी साझी आध्यात्मिक विरासत और दोनों देशों के लोगों के बीच मधुर संबंध हमारे असाधारण संबंधों में घनिष्ठता एवं जीवंतता का समावेश करते हैं.”
आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने बृहस्पतिवार रात मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले करीब दो घंटे तक ईडी ने उनके आवास पर तलाशी ली और उनका मोबाइल फोन जब्त कर पूछताछ की।
ईडी के मुख्यमंत्री आवास पहुंचने की सूचना मिलते ही वहां पहुंचीं दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे, मुख्यमंत्री बने रहेंगे और जेल से सरकार चलाएंगे।
इस बीच, आप सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही यह भी प्रयास किया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह इस मामले को सबसे पहले सुन लिया जाए, क्योंकि कल शीर्ष अदालत का सप्ताह का अंतिम कार्य दिवस है और शनिवार, रविवार के बाद होली की छुट्टी भी हो जाएगी।
किसी मंत्री-नेता को आवास के अंदर नहीं जाने दिया
ईडी की तलाशी के दौरान दिल्ली सरकार के किसी मंत्री या नेता को मुख्यमंत्री आवास तक नहीं जाने दिया गया। वहां मौजूद भारी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवानों ने उन्हें कुछ दूरी पर ही रोक दिया। वहीं कुछ पार्टी कार्यकर्ता एकत्रित होकर नारेबाजी भी करते रहे।
यह पहला मौका है, जब केजरीवाल के आवास पर ईडी पहुंची। इससे पहले, आबकारी घोटाला मामले में ईडी ने केजरावील को एक के बाद एक नौ समन भेजे थे, लेकिन इन्हें गैरकानूनी बताते हुए वह पेश नहीं हुए थे। इस बीच, पार्टी के नेता सोशल मीडिया पर अलग-अलग मंचों पर कहते रहे थे कि ईडी केजरीवाल को गिरफ्तार करना चाहती है।
गुरुवार को कोर्ट से केजरीवाल को नहीं मिली राहत
ईडी के नौवें समन और मनी लान्ड्रिंग कानून के प्रविधानों को केजरीवाल ने निचली अदालत में चुनौती दी थी। इसकी सुनवाई के दौरान बुधवार को उन्होंने ईडी के समक्ष पेश होने पर सहमति जताते हुए गिरफ्तारी न होने का भरोसा दिलाए जाने की मांग की थी, लेकिन इस पर निचली अदालत के बाद उन्हें बृहस्पतिवार को हाई कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। इसके करीब तीन घंटे बाद ही ईडी केजरीवाल के आवास पर पहुंच गई।
सिसोदिया और संजय सिंह की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में विगत अक्टूबर माह में इसी तरह पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के घर पर भी ईडी पहुंची थी और पांच घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, जो अभी तक जेल में हैं। इसी आबकारी घोटाले मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पिछले साल 26 फरवरी को सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था, वह तभी से जेल में हैं।
ईडी के सीएम आवास पहुंचने पर केजरीवाल की गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का उनके सिविल लाइन स्थित आवास पर पहुंचना शुरू हो गया था। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल, दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज सहित पूरा मंत्रिमंडल व महापौर शैली ओबेराय सहित आप के प्रमुख नेता केजरीवाल के आवास के पास पहुंच गए थे और केजरीवाल की गिरफ्तारी की आशंका जताने लगे थे।
सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांगः आतिशी
उन्होंने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया है। हमारे वकील SC पहुंच रहे हैं। हम आज रात सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग करेंगे।”
मंत्री सौरभ भारद्वाज व इमरान हुसैन, दिल्ली की महापौर डॉ. शैली ओबेराय और वहां पहुंचे आप के विधायकों ने ईडी की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता केजरीवाल के साथ है। लोकसभा चुनाव भी जनता लड़ेगी और भाजपा को जवाब देगी।
केजरीवाल नहीं देंगे इस्तीफा: AAP नेता
विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल सहित अन्य आप नेताओं ने कहा कि केजरीवाल इस्तीफा नहीं देंगे। ईडी के पहुचंने से पहले ही मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। आप नेताओ और कार्यकर्ताओं के वहां पहुंचने के बाद वहां सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई थी।
कविता ने दिया है 100 करोड़ का ऑफर
तेलंगाना के पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव की बेटी एवं बीआरएस एमएलसी के कविता को भी आबकारी घोटाले में गिरफ्तारी के बाद ईडी ने विगत शनिवार को अदालत में पेश किया था। इस दौरान, जांच एजेंसी ने वाईएसआर कांग्रेस सांसद व घोटाले के आरोपित मंगुटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा था कि रेड्डी ने अपने बयान में 16 मार्च 2021 को शाम 4.30 बजे केजरीवाल से उनके दफ्तर में मुलाकात की बात कही है।
इस मुलाकात में केजरीवाल ने खुद रेड्डी को के. कविता से दिल्ली में शराब के कारोबार के बारे में बातचीत होने की जानकारी दी। रेड्डी ने यह भी बताया कि केजरीवाल ने के. कविता की ओर से आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ देने का आफर देने की बात कही। रेड्डी के अनुसार, केजरीवाल के निर्देश के बाद ही उन्होंने के. कविता के साथ मुलाकात कर शराब कारोबार की बातचीत शुरू की थी।
क्या है नई आबकारी नीति घोटाला
दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 को नई आबकारी नीति लागू करके सरकार के राजस्व में इजाफा होने का दावा किया था। इसके बाद जुलाई 2022 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने आबकारी नीति में अनियमितता होने के संबंध में एक रिपोर्ट उपराज्यपाल वीके सक्सेना को सौंपी थी। इसमें नीति में गड़बड़ी होने के साथ ही उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
इस रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल ने नई आबकारी नीति (2021-22) के क्रियान्वयन में नियमों के उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों का हवाला देकर 22 जुलाई 2022 को सीबीआइ जांच की सिफारिश की थी। इसपर सीबीआइ ने प्राथमिकी की थी और इस प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने मनी लान्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। सीबीआइ और ईडी का आरोप है कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितता की गई थी और लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया था।
इसमें लाइसेंस शुल्क माफ या कम किया गया था। इस नीति से सरकारी खजाने को 144.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मामले में जांच की सिफारिश करने के बाद 30 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को वापस लेते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी थी।