बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को रविवार (31 मार्च) को भारत रत्न से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आडवाणी के निवास पर जाकर उन्हें भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया.
इस दौरान सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 10 लोग मौजूद रहे. इस खास मौके पर आडवाणी के परिवार की ओर से भी 10 लोग उपस्थित रहे. कल ही चार शख्सियतों को देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया था.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता को सम्मान दिए जाने के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी आडवाणी के घर पर ही मौजूद थे. माना जा रहा है कि घर पर सम्मान समारोह कार्यक्रम रखने के पीछे का मकसद आडवाणी की सेहत और वृद्धावस्था रही है. पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के संगठन मंत्री बीएल संतोष, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
इन चार लोगों को भी मिला भारत रत्न
दरअसल, राष्ट्रपति भवन में शनिवार को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की चार महान हस्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया. इसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर, देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव एवं चौधरी चरण सिंह और देश के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन शामिल रहे. इन चारों ही लोगों को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया. सरकार ने सभी को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान देने का ऐलान किया था.
कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर ने भारत रत्न सम्मान प्राप्त हासिल किया. देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव पुत्र पीवी प्रभाकर राव ने राष्ट्रपति से यह सम्मान प्राप्त किया. पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के मसीहा माने जाने वाले चौधरी चरण सिंह को दिया गया भारत रत्न उनके पोते जयंत चौधरी ने लिया. देश के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भी भारत रत्न से सम्मानित किया गया. उनकी बेटी नित्या राव ने राष्ट्रपति मुर्मू से यह सम्मान प्राप्त किया.
जमशेदपुर : गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा जुगसलाई के गुंबज निर्माण का पहला चरण का कार्य रविवार को शुरू किया गया। यहां छत की ढलाई हुई। इसके साथ ही संगत को अब बारिश एवं बढ़ती धूप से लगने वाली गर्मी से बचाव होगा।
रविवार को हजूरी ग्रंथी बाबा बलबीर सिंह ने अरदास की और इसमें प्रधान अमरजीत सिंह गांधी, अर्जुन वालिया, हरदीप सिंह, हरजीत सिंह, गुरजिंदर सिंह पिंटू, इंद्रजीत कौर सदाना आदि शामिल हुए।
कमेटी का उत्साहवर्धन के लिए सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला, परविंदर सिंह सोहेल, सुरजीत सिंह आदि पहुंचे।
सांझी आवाज के संरक्षक सतबीर सिंह सोमू ने प्रधान अमरजीत सिंह गांधी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और कहा कि उनके कार्यकाल में संगत की सुविधा के लिए गुरु घर में निर्माण काम पूरा हुआ और सौंदर्यकरण का काम भी बड़े ही अच्छे ढंग से हुआ है। अन्य को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर परमजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, चंचल भाटिया, गुरु चरण सिंह, रविंद्र सिंह, सुरेंद्र भाटिया, मोहन सिंह भाटिया, चरणपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह वालिया आदि के साथ स्थानीय संगत उपस्थित थी।
सोनारी आस्था हाईटेक सिटी बेस्टन ब्लॉक की रहने वाली ज्योति अग्रवाल उर्फ स्वीटी की हत्या के मामले में अब शक की सुई पति रवि अग्रवाल की तरफ ही जा रही है. पहले दिन तो रवि अग्रवाल ने जिस तरह की कहानी बतायी थी उसके हिसाब से ही पुलिस मामले को मानकर चल रही थी. घटना के ठीक दूसरे दिन स्वीटी के मायका पक्ष के लोगों ने पति रवि अग्रवाल पर ही हत्या का एफआईआर दर्ज करवाया है. इससे अब यह लगने लगा है कि कहीं पति ने ही तो स्वीटी को रास्ते से नहीं हटाया. मामले में पुलिस पति रवि अग्रवाल को जेल भी भेज सकती है.
घटनास्थल से लेकर होटल तक का सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस हत्या का एफआईआर होते ही पुलिस की ओर से घटनास्थल से लेकर पंजाब होटल तक के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं. इससे यह भी साफ हो सकता है कि होटल में वे लोग कब पहुंचे थे और साथ में और कौन-कौन था.
प्रेम अग्रवाल ने कहा पहले से ही था विवाद स्वीटी के पिता प्रेम अग्रवाल का कहना है कि दोनों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था. स्वीटी को रास्ते से हटाने के उद्देश्य से ही रंगदारी का मामला बनाया और पति को खुद ही रास्ते से हटा दिया.
हिरासत में है पति एफआईआर दर्ज होने के बाद रवि अग्रवाल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. मामले में पुलिस अभी अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच कर रही है. स्वीटी के सिर से एक गोली बरामद हुआ है. 24 घंटे में बदल गई तस्वीर ज्योति उर्फ स्वीटी हत्याकांड में मात्र 24 घंटे के भीतर ही घटना की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है. अब मामला उलट होने के बाद से व्यापारी संगठन के लोगों ने भी चुप्पी साथ ली है. उनकी भी बोलती बंद हो गई है. वे पुलिस पर ही सवाल खड़े कर रहे थे. पूरे मामले को खुद सरायकेला-खरसावां एसपी देख रहे हैं. क्या बनायी गई थी कहानी पूरे प्रकरण की कहानी बनायी गई थी. कहानी में यह बताया गया था कि रवि अग्रवाल अपनी पत्नी और बेटी के साथ पंजाब होटल में खाना खाने के लिए गए हुए थे. लौटते समय कांदरबेड़ा के बाद उन्हें बदमाशों ने गोली मारी थी. बदमाशों की गोली गलती से पत्नी ज्योति को लग गई और वह वहीं पर लुढ़क कर गिर गई थी. जब उसे टीएमएच लाया गया तब उसकी मौत हो गई थी.
शहर के निजी स्कूल अब विद्यार्थियों के अनुपस्थित होने पर अभिभावपकों को रियल टाइम अलर्ट भेजेंगे। इससे अभिभावकों को बच्चों के स्कूल नहीं पहुंचने की तुरंत जानकारी मिल जाएगी। यह कदम बच्चों को घर में बताए बिना स्कूल बंक करने की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए उठाया गया है।
स्कूलों को यह शिकायत मिल रही थी कि बच्चे घर से स्कूल के लिए निकलते हैं, लेकिन स्कूल न पहुंचकर घूमने निकल जाते हैं और स्कूल की छुट्टी के समय घर चले जाते हैं। इससे अक्सर माता-पिता को पता नहीं चल पाता था कि बच्चा स्कूल गया ही नहीं। अब ऐसे बच्चों को स्कूल बंक करने से रोका जा सकेगा। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने इसको लेकर सभी निजी स्कूलों को कदम उठाने को कहा है, ताकि रियल टाइम पर अभिभावकों से बच्चों के परफॉर्मेंस से लेकर उनके अनुशासन को लेकर संवाद किया जा सके। लिटिल फ्लावर स्कूल (एलएफएस) टेल्को समेत शहर के एक-दो स्कूलों ने इसकी शुरुआत कर दी है।
जल्द ही सभी स्कूलों में इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। इससे स्कूल शुरू होने के बाद पहली घंटी में क्लास टीचर के अटेंडेंस लेने के तुरंत बाद कंप्यूटर में प्रेजेंट-अबसेंट का डेटा फीड होते ही कंप्यूटर से ऑटोमेटेड (स्वत:) एक एसएमएस स्कूल में पंजीकृत अभिभावक के मोबाइल नंबर पर चला जाएगा। उसपर बच्चे के अनुपस्थित रहने की सूचना उपलब्ध होगी। अभिभावकों ने भी स्कूलों के इस कदम का स्वागत किया है। हाल ही में 9वीं व 11वीं में बड़ी संख्या में बच्चों के फेल होने के बाद स्कूल व अभिभावकों के बीच संवादहीनता का मुद्दा उठा था, जिसपर स्कूलों का कहना था कि अभिभावक बच्चों की डायरी तक चेक नहीं करते। इसलिए अब स्कूलों ने एसएमएस पर सूचनाएं भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जननायक कर्पूरी ठाकुर और चौधरी चरण सिंह सहित देश की चार विभूतियों को मरणोपरांत ‘भारत-रत्न’ से सम्मानित किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पिछड़े समुदाय से आने वाले और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने वालों का कभी सम्मान नहीं किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जताया आभार
सुशील मोदी ने कर्पूरी ठाकुर को भारत-रत्न देने के लिए बिहार की जनता और विशेष कर राज्य के पिछड़े-वंचित वर्गों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आज इंडी गठबंधन में वही लोग हैं, जिन्होंने कर्पूरी ठाकुर को सम्मान नहीं दिया या जिन्होंने भ्रष्टाचार और परिवारवाद को बढ़ावा देकर जननायक के आदर्शों को रौंदने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
“एनडीए सरकार ने राष्ट्रीय पुरस्कारों को बनाया अधिक लोकतांत्रिक”
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद पद्म पुरस्कारों से लेकर भारत-रत्न तक, सभी नागरिक सम्मान उन लोगों को मिलने लगे, जो अपने-अपने क्षेत्र में लगातार और नि:स्वार्थ भाव से काम करते रहे। कांग्रेस राज में ये पुरस्कार एक पार्टी और एक परिवार के प्रति वफादार होने वालों तक सीमित थे। मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने राष्ट्रीय पुरस्कारों को अधिक लोकतांत्रिक बनाया।
आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में नया गठबंधन बन गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने हाथ मिलाया है।
फिलहाल सपा से विधायक पल्लवी पटेल अब सपा के नेताओं को ही चुनौती देती दिखाई देंगी। इस नए गठबंधन को पीडीएम (पिछड़ा, दलित और मुस्लिम) कहा जा रहा है।
तीन दर्जन से ज्यादा सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार यह गठबंधन यूपी की 3 दर्जन से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। आज यानी रविवार की दोपहर पल्लवी पटेल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती हैं और इसका आधिकारिक ऐलान कर सकती हैं। बता दें कि पल्लवी पटेल और सपा नेतृत्व के बीच संबंध राज्यसभा चुनाव में बिगड़े थे। पल्लवी पटेल की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि सपा ने जया बच्चन, रामजी लाल सुमन और आलोक रंजन को उम्मीदवार बनाया था।
सपा के साथ नहीं ठीक चल रही थी स्थिति
बता दें कि सपा ने यह चुनाव पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों के साथ लड़ने की बात कही थी। लेकिन, पल्लवी पटेल का दावा है कि सपा ने पिछड़े और अल्पसंख्यकों को टिकट ही नहीं दिया है। उनकी नाराजगी को देखते हुए अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा था कि अपना दल (के) 2022 में सपा के साथ गठबंधन में था। 2024 में हमारा उसके साथ गठबंधन नहीं है। इसके बाद से ही पटेल नया विकल्प तलाश रही थीं।
क्यों बढ़ा अखिलेश और पल्लवी में मतभेद
पल्लवी पटेल अपना दल के संस्थापक डॉ. सोने लाल पटेल की बेटी हैं और यूपी की सिराथू विधानसभा से विधायक हैं। पल्लवी सपा से मिर्जापुर, फूलपुर और कौशांबी जैसी सीटें मांग रही थीं लेकिन अखिलेश ने मिर्जापुर से अपना प्रत्याशी उतारकर उन्हें संकेत दे दिया था कि ऐसा नहीं होगा। बता दें कि राज्यसभा चुनाव में पल्लवी पटेल ने सपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान नहीं किया था। तब से दोनों नेताओं के बीच मतभेद और भी बढ़ गया था।
भारत में अगले महीने से शुरू होने वाले वोटिंग से पहले चुनावी मैदान सजा हुआ है और इस वक्त सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर रही हैं। भारत में होने वाले चुनाव को लेकर दुनियाभर की मीडिया की नजरें बनी हुई हैं।
द इकोनॉमिस्ट के एक लेख में कहा गया है, कि क्लास पॉलिटिक्स, इकोनॉमिक्स और ताकतवर शासन की वजह से भारत के अभिजात वर्ग में नरेन्द्र मोदी को काफी प्रशंसा मिल रही है और शिक्षित मतदाताओं के बीच नरेन्द्र मोदी काफी प्रसिद्ध हो चुके हैं।
नरेन्द्र मोदी की जीत की भविष्यवाणी
द इकोनॉमिस्ट की लेख में कहा गया है, कि जब भारत के शिक्षित मतदाताओं के बीच नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता की बात आती है, तो उनकी अनुमोदन रेटिंग काफी बढ़ जाती है और दुनियाभर के नेताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
लेख में कहा गया है, कि “अकसर नरेन्द्र मोदी को डोनाल्ड ट्रंप जैसे दक्षिणपंथी नेताओं से जोड़ा जाता है, लेकिन मोदी कोई साधारण तौर पर मजबूत नेता नहीं हैं, बल्कि जिस तरह से डोनाल्ड ट्रंप के लिए संस्थान विरोधी लोग समर्थन देते हैं, भारत में ऐसा नहीं है। जिससे ये समझने में मदद मिलती है, कि आज भी वो किसी प्रमुख लोकतंत्र के सबसे प्रमुख नेता क्यों हैं।”
द इकोनॉमिस्ट की लेख के मुताबिक, “भारत में हुए पिछले आम चुनाव के बाद पोलस्टेर के सर्वे में पता चला है, कि 42 प्रतिशत डिग्रीधारियों ने नरेन्द्र मोदी का समर्थन करना शुरू कर दिया है, लेकिन प्राथमिक स्कूल जाने वाले 35 प्रतिशत मतदाताओं ने नरेन्द्र मोदी का समर्थन किया है।
वहीं, राज्यों में हुए चुनाव भी इस सर्वेक्षण रिजल्ट को ही फॉलो करते हैं, जैसे कर्नाटक के विश्वविद्यालयों में पढ़े 35 प्रतिशत शिक्षित मतदाताओं ने मोदी और बीजेपी को समर्थन देने की बात कही है।
लेख में कहा गया है, कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विदेशी समकक्ष इस दौरान देश के मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं, लेकिन मोदी की लोकप्रियता जबरदस्त बढ़ी है। और इसके लिए तीन फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।
तीन फैक्टर्स से मोदी की बढ़ी लोकप्रियता
1- क्लास पॉलिटिक्स
2- अर्थव्यवस्था
3- ताकतवर शासन
रिपोर्ट में बताया गया है, कि प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में बीजेपी ने खुद को जातियों की राजनीति से ऊपर उठाकर ‘संपूर्ण हिंदू पार्टी’ बन गई है।
द इकोनॉमिस्ट लेख में कहा गया है, कि “मोदी की लोकप्रियता की दूसरी वजह है भारत की अर्थव्यवस्था का बेहतरीन प्रदर्शन। साल 2023 के आखिरी तिमाही में भारत का ग्रोथ रेट 8.4 प्रतिशत था और गोल्डमैन सैक्स ने इसे ‘समृद्ध भारत का उदय’ करार दिया है।
गोल्डमैन सैक्स ने कहा है, कि साल 2011 के मुकाबले साल 2023 में 10 हजार डॉलर सलाना की कमाई करने वालों की संख्या 2 करोड़ से बढ़कर 6 करोड़ हो गई है और 2027 तक ये संख्या 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएगी।
द इकोनॉमिस्ट ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है, कि “ये कोई आश्चर्य की बात नहीं है, कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन लोगों को समर्थन बरकरार रखा है, जो अमीर हो गये हैं, लेकिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल ने दुनिया की राजनीति में भी भारत के कद और ग्लोबल पॉलिटिक्स में भारत की भूमिका को बढ़ाया है। चीन के खिलाफ बनने वाले गुट ने दिल खोलकर भारत का समर्थन किया है और इसके लिए मोदी सरकार का ताकतवर शासन है और अब लोग ये मानने लगे हैं, कि ये ताकतवर शासन उसी तरह का है, जैसा होना चाहिए।”
प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का तीसरा कारण बताते हुए लेख में कहा गया है, कि भारत का शिक्षित अभिजात वर्ग मोदी की विदेश नीति को राष्ट्रवादी, लेकिन व्यावहारिक मानता है।
लेख में कहा गया है, कि “प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2021 से चार नये व्यापारिक सौदों की घोषणा की है और हाल ही में 10 मार्च को चार गैर-यूरोपीय देशों के साथ फ्री ट्रेड पर बातचीत चल रही है। और भारत ने खुद को ग्लोबल साउथ के लीडर के तौर पर स्थापित कर लिया है।
‘राहुल गांधी खो चुके हैं विश्वास’
द इकोनॉमिस्ट के लेख में कहा गया है, कि “ज्यादातर अभिजात वर्ग में कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी ने अपना विश्वास खो दिया है और ये वर्ग उन्हें वंशवादी और ऑउट ऑफ रीच मानता है। हालांकि, अभिजात वर्ग एक मजबूत विपक्ष चाहता है, जो प्रधानमंत्री मोदी को पीछे छोड़ सके, लेकिन फिलहाल कोई ऐसा नेता नजर नहीं आ रहा है।”
आपको बता दें, कि इस चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाले NDA ने 400 सीटें हासिल करने का लक्ष्य रखा है और भारत में 19 अप्रैल से 1 जून के बीच नई लोकसभा के लिए सात चरणों में चुनाव होंगे। वोटों की गिनती 4 जून को होगी।
हजारीबाग – हज़ारीबाग़ के छड़वा डैम से अंतरराष्ट्रीय पारा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रशांत कुमार सिन्हा का शव बरामद किया गया है. प्रशांत कुमार सिन्हा जमशेदपुर के बिरसा नगर थाना अंतर्गत मकान संख्या-265 बिरसानगर जोन नम्बर 01 का रहने वाले थे . हत्यारे ने उसके शव को प्लास्टिक की बोरी में बांधकर छठवा डैम स्थित पुल के नीचे फेंक दिया. इस घटना को उसकी प्रेमिका रही हजारीबाग के न्यू एरिया निवासी काजल ने अपने नए दोस्त रौनक कुमार के सहयोग से किया. पुलिस ने हत्या के दोनों आरोपियों को गिरफ्त में ले लिया है. जमशेदपुर के बिरसानगर थाना से आई पुलिस की टीम और हजारीबाग के पेलावल पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए युवती के निशान देही पर शनिवार को क्षत-विक्षत शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
जमशेदपुर : टाटा टिनप्लेट डिवीजन सीआरएम मेकेनिकल मेनटेंस के कर्मचारी सी अनिल कुमार जी ने कम्पनी में अपने 29 साल 9 महीने कार्य कर अहम योगदान देकर आज सेवानिवृत्त हुए। सभी कर्मचारियों ने विदाई समारोह कर उन्हें विदाई दी। कम्पनी मे कार्य कर कम्पनी को ऊंचाइयों एवम बुलंदी तक पहुंचाने मे उनका अहम योगदान रहा। कर्मचारियों के कहा कि आप की आगे की जिंदगी भी खुशहाल हो जिस तरह कंपनी में पूरी सुरक्षा के साथ कार्य किया आगे की जिंदगी भी आप सुरक्षा पूर्वक जिए और अपने सेहत का ख्याल रखें। इस मौके पर सीआरएम मैकेनिक मेनटेंस के सभी कर्मचारी कमेटी मेंबर जयशंकर सिंह, नवजोत सिंह सोहल मौजूद थे।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री अभय सिंह ने खास महल स्थित जगन्नाथ प्रभु के मंदिर पहुंचकर पूजन किया। ज्ञातव्य हो कि अखबारों में प्रभु जगन्नाथ मंदिर जी के बारे में एक समाचार प्रकाशित हुआ था कि जगन्नाथ मंदिर को तोड़ा जाएगा, साथ ही वहां रेलवे द्वारा नोटिस जारी कर दिया गया। यह समाचार सुनकर रेलवे के वरीय पदाधिकारीयों से श्री अभय सिंह के द्वारा बातचीत की गई। उनको कहा गया यह धार्मिक मामले में रेलवे प्रशासन सोच समझकर निर्णय ले, क्योंकि वह क्षेत्र जहां मंदिर बना है बरसों से लोग पूजा कर रहे हैं। रथ यात्रा निकलता है।
बागबेड़ा, जुगसलाई, कीताडीह हरहरगुटूटू, परसुडीह, खास महल, सुंदर नगर इत्यादि क्षेत्रों का वह एक आस्था का केंद्र बन चुका है। ऐसी स्थिति पर बेवजह इस मामले को तूल देना उचित नहीं है। अभय सिंह ने खास महल स्थित प्रभु जगन्नाथ मंदिर जाकर सारे वस्तु स्थिति की जानकारी ली मंदिर समिति के लोगों से मिले। प्रभु जगन्नाथ जी के दर्शन कर पूजन किया। साथ में प्रसाद भी खाया और हमने किया की किसी प्रकार भी जो हुआ और जो स्थिति बनी है, वह नहीं होगा और यह केवल एक मंदिर का मामला नहीं है, यह समूचे जमशेदपुर के मंदिरों का विश्वास का मामला है।
अभय सिंह ने मंदिर समिति के पदाधिकारी के समक्ष रेलवे के एरिया मैनेजर और उनके बड़े पदाधिकारीयो से वार्ता कर वस्तु स्थिति स्पष्ट की और मांग किया कि आप इस पर संवेदनशीलता के साथ काम करें और किसी प्रकार का संवेदनहीन पैदा ना करें, जिससे यह मामला बिगड़े। उन्होंने आशस्वत किया कि हम लोग जल्दी दौरा करके इस वस्तु स्थिति की जानकारी लेकर निर्णय करेंगे।