जमशेदपुर:- सोनारी थाना शांति समिति के सचिव अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने लौहनगरी में रामनवमी पर्व के सफल आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताया है। इसके साथ ही शहर की शांतिप्रिय जनता को विशेष तौर पर धन्यवाद दिया है कि उन्होंने प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव को मर्यादा के साथ मना कर सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
शहर की विभिन्न अखाड़ा समितियां के लाइसेंसी एवं उस्तादों ने भी अपनी भूमिका का अच्छा निर्वाह किया और राम भक्तों को प्रभु श्री राम की भक्ति के साथ जोड़ रखा। अखाड़ा एवं आम श्रद्धालुओं के लिए चना शरबत एवं अन्य सुविधाओं का शिविर आयोजित करने वाले सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने अपनी संवेदना का परिचय देते हुए अच्छी सेवा की है। अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू के अनुसार इसी तरह से सामाजिक समरसता को बनाए रखते हुए लोकतंत्र के महान पर्व लोकसभा चुनाव में बतौर मतदाता अपने कर्तव्य का पालन करना है। इस अधिवक्ता के अनुसार दोपहर गर्मी से चौक चौराहे में तैनात पुलिसकर्मी एवं कार्यपालक दंडाधिकारी देर रात अपनी ड्यूटी में जम रहे और नागरिकों के साथ सहयोग करते रहे, जिसके लिए जिला उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक एसडीओ आदि बधाई के पात्र हैं जिन्होंने अपनी सक्रियता शहर में बनाए रखी और आम नागरिकों का भरोसा जीतने में कामयाब रहे हैं।
जमशेदपुर:- पड़ोसी देश बांग्लादेश के ढाका में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों का दर्शन जमशेदपुर सहित देश के विभिन्न इलाकों की संगत करेगी। भाजपा युवा सिख नेता सतबीर सिंह सोमू ने बताया कि बांग्लादेश के चटगांव एवं ढाका में प्रथम गुरु नानक देव जी एवं नवें गुरु तेग बहादुर जी गए थे और उनके श्री चरण जहां पड़े थे वहां ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब दिल्ली एवं देश के विभिन्न इलाकों से संगत कोलकाता पहुंचेगी और सभी एक साथ जाएंगे। लौहनगरी से गुरदयाल सिंह, यशवंत सिंह, कृष्णा कौर, मनजीत कौर, रविंदर कौर, सुरजीत कौर, जोगिंदर कौर, राजवंत कौर आदि को टाटानगर में सिरोपा देकर विदा किया गया।
रांची : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने दुमका से भाजपा प्रत्याशी सीता सोरेन पर हमले की आशंका जतायी है. उन्होंने कहा है कि पिछले दिनों सिंहभूम की सांसद और पार्टी प्रत्याशी गीता कोड़ा पर हुए हमले की तरह सीता सोरेन पर भी झामुमो कार्यकर्ता जानलेवा हमला कर सकते हैं. श्री मरांडी ने सोशल मीडिया पर अपनी आशंका जताते हुए कहा है कि सीता सोरेन ने लगभग डेढ़ दशक तक झामुमो विधायक के रूप में पार्टी की सेवा की, यदि उन्होंने अपने साथ हो रहे अपमानजनक व्यवहार और साजिश के विरोध में पार्टी छोड़ी तो क्या झामुमो उन पर जानलेवा हमला करा देगा। मीडिया में दुमका से झामुमो प्रत्याशी और विधायक नलिन सोरेन के उस बयान को लेकर छपी खबर पर उन्होंने चिंता जाहिर की है जिसमें नलिन ने झामुमो के विरोध में बोलने पर सीता के साथ भी गीता जैसा हाल होने की चेतावनी दी है. बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि नलिन सोरेन जैसे वरिष्ठ नेता का यह वक्तव्य झामुमो के उस अंदरूनी खूनी मानसिकता को भी उजागर करता है, जिसमें हेमंत सोरेन का विरोध करनेवालों पर जानलेवा हमला भी कराया जा सकता है.
कहीं दुर्गा सोरेन की मौत भी इसी खूनी मानसिकता का परिणाम तो नहीं है. बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस और चुनाव आयोग से आग्रह करते हुए कहा है कि वजह जो भी हो, झामुमो द्वारा भाजपा की महिला प्रत्याशियों पर हमले की धमकी देना उनकी कायरता और चुनाव के पूर्व ही पराजय को दशार्ता है इसलिए चुनाव आयोग और पुलिस से आग्रह है कि गीता कोड़ा जैसा प्रकरण सीता सोरेन के साथ भी ना हो. इसके लिए उचित कारवाई सुनिश्चित करें,डीजीपी इसका संज्ञान ले. गौरतलब है कि पिछले दिनों सरायकेला जिले के मोहनपुर गांव में सांसद गीता कोड़ा के साथ ग्रामीणों की झड़प हो गयी थी. उन्हें एक घंटे से अधिक समय तक बंधक बना कर रखा था. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से उन्हें सुरक्षित निकाला गया था. इस मामले में भाजपा की ओर से प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी. बाबूलाल ने भी इस केस में झामुमो के हाथ होने का आरोप लगाया था.
धनबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी अनुपमा सिंह और उनके पति बेरमो से विधायक अनुप सिंह महादशमी के दिन जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय से मिलने के लिए पहुंचे. इन लोगों ने यहां आने के बाद सरयू राय से उनके जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित आवास गये. इन लोगों ने श्री राय से समर्थन मांगा और आर्शीवाद लिया. करीब एक घंटे तक उनके घर पर दंपत्ति रहे. उनके साथ उनको जानने वाले लोग पहुंचे. बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए अनुपमा सिंह ने कहा कि धनबाद में चुनाव लड़ने के लिए मैदान में है. सरयू राय हमारे अभिभावक है, लिहाजा, उनका आर्शीवाद हमारे लिए जरूरी है. इस कारण उनका आर्शवाद लेने आये है. इन लोगों ने वहां विधायक सरयू राय को तोहफा भी दिया. बाद में विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने कहा कि सरयू राय उनके पिता राजेंद्र सिंह के साथ रहे है और हमेशा से उनका आर्शीवाद मिलता रहा है.
आने वाले लोकसभा चुनाव में भी आर्शीवाद लेने के लिए हम लोग उनके पास आये थे. विधायक सरयू राय ने कहा कि हम धनबाद में चुनाव लड़ने के लिए आतुर नहीं थे. हम तो भाजपा के वैसे प्रत्याशी के विरोध में थे, जो अपराधी किस्म का है, उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है. उनका दहशत है. लोगों को डर और दहशत से निकालने के लिए गये है. हमने कांग्रेस, झामुमो, राजद सभी पार्टी से आग्रह किया है कि कम से कम वैसे उम्मीदवार दें, जो ऐसे प्रत्याशी का मुकाबला कर सके. अगर प्रत्याशी कोई नही है तो हम भी बिल्ली के गले में घंटी बांधने को तैयार है.
उन्होंने कहा कि बेटा और बहु घर पर आया है. आर्शीवाद लेने आये है, उनको पूरा प्यार और आर्शीवाद होगा. जहां तक चुनाव में समर्थन की बात है तो अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत करने के बाद ही कोई फैसला लिया जायेगा क्योंकि यह कोई पार्टी की लड़ाई या पार्टी के खिलाफ लड़ाई नहीं थी, यह लड़ाई सबके साथ मिलकर आपराधिक प्रवृति के खिलाफ थी, जिसको लेकर फैसला सभी मिलकर लेंगे. इसके बाद वे अपनी जमशेदपुर के कदमा निवासी बहन टाटा स्टील की एचआर अधिकारी रुपा सिंह से भी जाकर आर्शीवाद लिया. इसके बाद वापस लौट गये. जमशेदपुर पहुंचने पर उनका स्वागत कांग्रेसी नेता और जिला परिषद सदस्य पारितोष सिंह, संजीव रंजन, सुरेश धारी, अम्बुज कुमार, टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय समेत अन्य लोगों ने किया.
तेजस्वी यादव की चुनावी सभा में लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग़ पासवान को भद्दी-भद्दी गालियां देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एनडीए का प्रतिनिधिमंडल आज चुनाव आयोग पहुँच गया। एनडीए नेताओं ने तेजस्वी यादव और उनके समर्थकों पर सख़्त कार्रवाई की माँग की है। वहीं, बीजेपी के साथ-साथ अन्य पार्टियों ने भी तेजस्वी पर हमला बोल दिया है।
बता दें कि तेजस्वी यादव की एक चुनावी सभा का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें दिख रहा है कि मंच के नीचे मौजूद आरजेडी समर्थक चिराग़ पासवान को बेहद भद्दी गालियां दे रहे हैं। मंच पर तेजस्वी के अलावा जयप्रकाश यादव और दूसरे बड़े नेता भी मौजूद हैं। इसी मामले ने तूल अब पकड़ लिया है।
चुनाव आयोग से शिकायत
गुरुवार को एनडीए नेता चुनाव आयोग पहुँच गये। एनडीए नेताओं ने पटना में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन देकर इस मामले में सख़्त कार्रवाई की माँग की है। एनडीए नेताओं ने कहा कि यह मामला न सिर्फ़ आचार संहिता के उल्लंघन का है बल्कि गंभीर आपराधिक भी है। दलित तबके से आने वाले एक नेता को सरेआम जातिसूचक गालियाँ दी गयी हैं। चुनाव आयोग न सिर्फ़ अपने स्तर पर कार्रवाई करे बल्कि अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीडन क़ानून के तहत मुक़दमा भी दर्ज कराये।
पूर्व विधायक उषा विद्यार्थी के नेतृत्व में चुनाव आयोग मैं शिकायत करने पहुँचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आरजेडी का असली चेहरा सामने आ रहा है। ये सभी सत्ता से बाहर हैं तो इस तरह की हरकत कर रहे हैं। अगर इन्हें सत्ता मिल गयी तो दलितों, पिछड़ों और ग़रीबों का जीना मुश्किल हो जायेगा। ऐसे में चुनाव आयोग को सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए।
उधर, एनडीए नेताओं ने तेजस्वी और आरजेडी पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजद के नेता बेलगाम हो गये हैं। ऐसी घटनाएँ लालू-तेजस्वी की शह पर हो रही हैं। अगर तेजस्वी को इस गाली-गलौज से आपत्ति थी तो उन्होंने अपने लोगों को क्यों नहीं रोका। वहीं, पूर्व सीएम जीतनराम माँझी ने कहा कि तेजस्वी और राजद नेता दलितों की आबरु से खिलवाड़ कर रहे हैं। चुनावी सभा में चिराग़ पासवान की माँ को गालियाँ दी जा रही है। इस मामले में सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हैदराबाद के तेंलगाना में पुलिस ने एक स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोप है कि स्कूल में ‘हनुमान दीक्षा पोशाक’ यानि भगवा रंग की ड्रेस पहने छात्रों को स्कूल स्टाफ ने क्लास रूम में आने से रोका गया था, जिसके बाद स्कूल के कई स्टूडेंट एक हो गए और स्कूल स्टाफ का विरोध करने लगे थे. जबकि स्कूल के स्टाफ का कहना है कि छात्रों को भगवा कपड़ों में देखने के बाद माता-पिता को स्कूल में लाने को कहा था. फिलहाल यह शिकायत एक छात्र के माता-पिता ने दर्ज कराई है.
घटना तेंलगाना के मंचेरियल जिला से 250 किलोमीटर दूर कन्नेपल्ली गांव के ब्लेस्ड मदर टेरेसा हाई स्कूल की है. यहां कुछ छात्र ‘हनुमान दीक्षा पोशाक’ पहनकर स्कूल में पहुंचे थे. छात्रों के मुताबिक, भगवा रंग की ड्रेस पहने छात्रों को स्कूल स्टाफ ने क्लास रूम में आने से रोक दिया गया था. इसके बाद स्कूल के कई छात्र इसका विरोध करने लगे थे.
इन मामलों में शिकायत दर्ज
छात्रों ने पूरी घटना के बारे में अपने माता-पिता को बताया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज की. पुलिस के मुताबिक, एक छात्र के माता-पिता की शिकायत के आधार पर, धारा 153 (ए) (धर्म या नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 295 (ए) (धार्मिक भावनाओं का अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है.
क्या बताया स्कूल के स्टाफ ने?
वहीं ब्लेस्ड मदर टेरेसा के स्कूल मैनेजमेंट की ओर से बताया गया कि छात्रों को भगवा रंग की ड्रेस में देखने के बाद प्रिंसिपल ने सभी से अपने माता-पिता को स्कूल में लाने के लिए कहा था. स्कूल स्टाफ ने इस मामले का एक वीडियो भी शेयर किया है. स्कूल स्टाफ के मुताबिक, छात्रों के एक समूह ने स्कूल स्टाफ से माफी मांगी थी जबकि कुछ गुस्साए छात्रों ने स्कूल की खिड़कियों के साथ तोड़फोड़ भी की थी.
उत्तर प्रदेश के आठ लोकसभा क्षेत्रों में 19 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार कार्य बुधवार शाम छह बजे खत्म हो गया है। पहले चरण में 19 अप्रैल को जिन लोकसभा सीट पर मतदान होना है उनमें राज्य के पश्चिमी क्षेत्र की सहारनपुर, बिजनौर, कैराना, मुजफ्फरनगर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत सीट शामिल हैं। इस चरण के लिये हुए चुनाव प्रचार में सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत लगायी। प्रचार की शुरुआत सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने की। बाद में विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया)’ के नेताओं ने भी प्रचार में जोर लगाया।
NDA और INDIA ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन झोंकी ताकत
राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के लिए मंच तैयार है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार इन आठ लोकसभा क्षेत्रों में मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले यानी 17 अप्रैल की शाम छह बजे से राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों द्वारा किसी भी प्रकार की चुनाव प्रचार संबंधी गतिविधियों और प्रचार पर प्रतिबंध रहेगा।
किस लोकसभा सीट से कितने उम्मीदवार ठोक रहे दावेदारी?
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रचार की अवधि समाप्त होने के बाद सभी राजनीतिक दलों के बाहरी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी पर भी प्रतिबंधित रहेगी। इस चरण के मतदान में विभिन्न दलों से कुल 80 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 73 पुरुष और सात महिलाएं हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक पहले चरण में कुल 1.43 करोड़ मतदाता हैं। मुरादाबाद से 12, कैराना से 14, मुजफ्फरनगर और बिजनौर से 11-11, सहारनपुर और पीलीभीत से 10-10, नगीना और रामपुर से छह-छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
यूपी में कौन किसके साथ मिलकर लड़ रहा लोकसभा चुनाव?
इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में असरदार समझे जाने वाले राष्ट्रीय लोकदल से और सपा ने कांग्रेस से हाथ मिलाया है। बसपा ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पहले चरण के चुनाव के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ और पीलीभीत में रैलियों को संबोधित किया जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन सीट पर 20 से अधिक रैलियों को संबोधित कर चुके हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी पहले चरण में चुनाव से गुजरने वाले अनेक लोकसभा क्षेत्रों में रैलियों को संबोधित किया।
प्रियंका गांधी ने आखिरी दिन इमरान मसूद के लिए किया प्रचार
कांग्रेस महासचिव और स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने इन चुनाव में राज्य में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराते हुए पार्टी उम्मीदवार इमरान मसूद के पक्ष में सहारनपुर में एक रोड शो किया। मसूद इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। बसपा अध्यक्ष मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद ने भी अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाओं को संबोधित किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी पीलीभीत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद और नगीना में रैलियों को संबोधित किया।
पहले चरण में यूपी के किन दिग्गजों की किस्मत पर होगा फैसला?
इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में पीलीभीत से जितिन प्रसाद, मुजफ्फरनगर से केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और नगीना से आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्र शेखर आजाद हैं। पहले चरण में जिन आठ सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से 2019 के चुनाव में भाजपा ने तीन (मुजफ्फरनगर, कैराना और पीलीभीत), सपा ने दो (मुरादाबाद और रामपुर) और बसपा ने तीन (सहारनपुर, नगीना और बिजनौर) जीती थीं। बाद में हुए उपचुनाव में भाजपा ने रामपुर सीट पर जीत हासिल की थी। सपा ने पिछला लोकसभा चुनाव बसपा के साथ गठबंधन कर लड़ा था।
22 जनवरी 2024 के बाद एक बार फिर वो अद्भुत नजारा देखने को मिला जिससे पूरा भारत राममय हो गया। जी हां, 17 अप्रैल 2024 को रामनवमी के महाउत्सव पर अयोध्या में अलौकिक दृश्य दिखा। सूर्य की किरणें राम लला के मस्तक पर पड़ी और पूरे देश में राम नाम की गूंज होने लगी। अयोध्या में राम लला का सूर्य तिलक हुआ। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद पहली बार रामनवमी पर प्रभु राम का धूम-धाम से जन्मदिन मनाया गया।
लेकिन इस बीच बीच देशवासी ये जानने के लिए भी बेकरार हैं कि आखिर ये कौन का टेक्निक है जिसके कारण अयोध्या में राम लला के मस्तक पर सीधे सूर्य की किरणें पड़ी। आइए विस्तार से बताते हैं।
सूर्य तिलक के पीछे का साइंस
अत्याधुनिक वैज्ञानिक विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए, 5.8 सेंटीमीटर प्रकाश की किरण देवता के माथे पर गिरी। इस उल्लेखनीय घटना को प्राप्त करने के लिए, एक विशेष उपकरण डिजाइन किया गया था। राम मंदिर में तैनात दस प्रतिष्ठित भारतीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने राम नवमी पर इस शुभ आयोजन की सफलता सुनिश्चित की। दोपहर 12 बजे से लगभग 3 से 3.5 मिनट तक, दर्पण और लेंस के संयोजन का उपयोग करके सूर्य की रोशनी को मूर्ति के माथे पर सटीक रूप से निर्देशित किया गया था।
मंदिर ट्रस्ट द्वारा नियुक्त, एक प्रमुख सरकारी संस्थान के वैज्ञानिकों ने दर्पण और लेंस से युक्त एक परिष्कृत उपकरण तैयार किया। यह तंत्र, जिसे आधिकारिक तौर पर ‘सूर्य तिलक तंत्र’ कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग उपलब्धि का प्रतीक है।
बता दें कि ‘सूर्य तिलक’ तंत्र के विकास में सीबीआरआई, रूड़की और भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईएपी), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों के बीच सहयोग शामिल था। एक विशेष गियरबॉक्स का उपयोग करके और परावर्तक दर्पणों और लेंसों का उपयोग करके, टीम ने सौर ट्रैकिंग के स्थापित सिद्धांतों का उपयोग करके मंदिर की तीसरी मंजिल से आंतरिक गर्भगृह (गर्भ गृह) तक सूर्य की किरणों के सटीक संरेखण को व्यवस्थित किया। भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के तकनीकी सहयोग और बेंगलुरु स्थित कंपनी ऑप्टिका की विनिर्माण विशेषज्ञता ने परियोजना के कार्यान्वयन में और मदद की। आपको बताते चलें कि इसी तरह का ‘सूर्य तिलक’ तंत्र कुछ जैन मंदिरों और कोणार्क के सूर्य मंदिर में पहले से मौजूद है, लेकिन उन्हें अलग तरीके से डिजाइन किया गया है।
कांग्रेस ने झारखंड की 3 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगा दी है. कांग्रेस ने गोड्डा से दीपिका पांडेय सिंह को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, धनबाद सीट से अनुपमा सिंह कांग्रेस उम्मीदवार होंगी. चतरा लोकसभा सीट से के एन त्रिपाठी पर कांग्रेस ने भरोसा जताया है.
गोड्डा से कांग्रेस उम्मीदवार दीपिका पांडेय सिंह इस वक्त महागामा से विधायक है. दीपिका पांडेय सिंह राहुल गांधी की टीम में काम कर चुकी है. दीपिका महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रही प्रतिभा पांडेय की पुत्री है. XISS से दीपिका पांडेय सिंह ने MBA की शिक्षा ली है. इन्हें बिहार महिला कांग्रेस का 2018 में प्रभारी रहने का मौका भी मिल चुका है. शराबबंदी के खिलाफ आंदोलन के बाद ये सुर्खियों में रहीं थी. गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे और दीपिका पांडेय के बीच सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप खूब देखने को मिलता रहा है.
वहीं, धनबाद से कांग्रेस ने अनुपमा सिंह को उम्मीदवार बनाया है. अनुपमा सिंह बेरमो से विधायक अनूप सिंह की पत्नी है. स्वर्गीय राजेंद्र सिंह की बहू अनुपमा सिंह भले ही राजनीति में सक्रिय नहीं रही हैं, पर राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेती रही है. कांग्रेस ने अब तक 6 सीट पर उम्मीदवार के नाम की घोषणा की है. इसमें से कांग्रेसी ने 2 महिला उम्मीदवार को मौका दिया है.
चतरा सीट से राज्य के पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी कांग्रेस की टिकट पर उम्मीदवार होंगे. के एन त्रिपाठी का पलामू प्रमंडल में अपनी राजनीतिक पकड़ रही है. के एन त्रिपाठी ने 2009 के विधानसभा चुनाव में डाल्टनगंज सीट से अपनी जीत दर्ज की थी. इसके बाद वो राज्य के ग्रामीण विकासमंत्री भी रहे.
हालांकि, रांची लोकसभा सीट पर अब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो पाई है. इस सीट से सुबोधकांत सहाय, बन्ना गुप्ता और सुबोधकांत सहाय की पुत्री यशश्विनी सहाय का नाम चर्चा में चल रहा है.
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कोलकाता गार्डनरीच से पहुंची विजिलेंस की टीम ने फर्जी तरीके से सीकेपी मंडल रेलवे के अधीन पड़ने वाले बिरबांस हॉल्ट में बुकिंग क्लर्क बनकर काम कर रहे तीन युवकों को धर दबोचा है. वहीं एक अन्य जालसाज जिसका नाम डेविड सिंह बताया जा रहा है उसे गिरफ्तार किया है. विजिलेंस की टीम चारों को अपने साथ ले गई है. वहीं सरगना अंशुमन की तलाश में विजिलेंस की टीम जुट गई है. बताया जा रहा है कि किसी अंशुमन नाम के जालसाज को तमिलनाडु निवासी धीविन कुमार ने पांच लाख, पश्चिम बंगाल के नदिया निवासी रूपम शाह ने आठ लाख रुपए और नदिया के ही शुभाशीष मंडल ने भी आठ लाख रुपए नौकरी के एवज में दिए थे. तीनों ने पैसे डेविड सिंह को दिया था. डेविड सिंह रेलवे के ठेकेदार अनुराग पूर्ति का भाई है.
इनके द्वारा फर्जी आईडी बनाकर तीनों को बिरबांस हॉल्ट में टिकट बुकिंग क्लर्क की ड्यूटी लगाई गई थी. इन्हें दस हजार रुपए प्रतिमाह ट्रेनिंग भत्ता के रूप में दिया जाता था. ट्रेनिंग के बाद 30 हजार रुपए वेतन देने की बात कही गई थी. इसकी जानकारी मिलते ही चक्रधरपुर डिविजन के जीएम की शिकायत पर गार्डेन रीच कोलकता की विजिलेंस टीम सक्रिय हुई. टीम लगातार पिछले तीन दिनों से इनकी भूमिका पर नजर रख रही थी. मंगलवार को टीम ने एकसाथ तीनों फर्जी बुकिंग क्लर्क के साथ ठेकेदार के भाई को धर दबोचा. बताया जाता है कि डेविड ही डेली सेल का पैसा कलेक्ट करता है वह आदित्यपुर के भाटिया बस्ती में रहता है. मजे की बात ये है कि इनमें से किसी ने अंशुमन को ना देखा है न पहचानता है. ऐसे में अहम सवाल ये उठता है कि आखिर तीनों युवक किसके सह पर रेलवे के बुकिंग काउंटर पर क्लर्क बनकर काम कर रहे थे. फ़िलहाल रेलवे की विजिलेंस टीम सभी को अपने साथ ले गयी है. अंदारखाने की मानें तो इसमें रेलवे के बड़े अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है.