जमशेदपुर : चैती छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संस्था समर्पण फाउंडेशन एवं बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त तत्वावधान में द्वितीय चरण का स्वच्छता अभियान चलाया गया. इस अभियान के तहत बागबेड़ा बड़ौदा घाट स्थित खरकाई नदी के समीप छठ घाटों की साफ-सफाई की गई.
इस दौरान बागबेड़ा बड़ौदा घाट खरकाई नदी स्थित छठ घाटों के समीप जगह-जगह कचरे का ढेर पड़ा हुआ था. इस कारण कभी भी संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती थी. इसके अलावा नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा था. इस दौरान पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा. तृतीय चरण में भी नदी एवं नदी के आसपास जमे कचरे की साफ-सफाई कर नदी को स्वच्छ किया जाएगा. उन्होंने स्थानीय लोगों से भी नदी के आसपास कचरा नहीं फेंकने और नदी को स्वच्छ बनाये रखने का आह्वान है.
अभियान में समर्पण संस्था के विभूति जेना,विश्वजीत स्वाइन, चन्दन, कुमुद शर्मा, मनीष शर्मा, कुंदन, सूरज पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, उप मुखिया संतोष ठाकुर, वार्ड सदस्य कुमोद सिंह, सीमा पांडेय, प्रतिनिधि राजकुमार सिंह, अरविंद पांडे, बन्ना गुप्ता फैंस क्लब के अध्यक्ष अनिल सिंह, समाजसेवी रंजन सिंह समेत कई स्थानीय लोग शामिल थे.
शहर में इन दिनों तेज धूप के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। अधिकतम तापमान 40 के पार रह रहा है। ऐसे में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अप्रैल में ही शहर तपने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अप्रैल को झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश और कुछ में लू को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
राज्य के उत्तरी भाग गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहेबगंज में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहेबगंज में लू चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश के बाद गर्मी से मिलेगी राहत
24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री दर्ज किया गया है। 3 दिन के दौरान अधिकतम तापमान में एक-दो डिग्री वृद्धि होने की संभावना है। वहीं, राज्य में बारिश के बाद इसमें 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। इससे कुछ दिनों के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 6 से 9 अप्रैल तक राज्य में बारिश होने की संभावना है। 6 अप्रैल को राज्य के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, 7 अप्रैल को भी बारिश की संभावना है। इस दौरान राज्य में कहीं-कहीं पर गर्जन और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के साथ वज्रपात की आशंका रहेगी। वहीं, 8 अप्रैल को राज्य के दक्षिण-पूर्वी तथा मध्य भागों में कहीं-कहीं हल्के दर्जे की बारिश, गर्जन और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवा के साथ वज्रपात होने की आशंका है।
दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राउज ऐवन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 18 अप्रैल तक बढ़ा दी है. अब इस मामले की सुनवाई 18 अप्रैल को होगी. इसके साथ ही उनकी जमानत याचिका पर भी आज सुनवाई हुई.
दिल्ली की अदालत में ईडी और सीबीआई दोनों मामलों में आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. ई़डी ने कहा, “सिसोदिया के वकील का मुख्य तर्क मुकदमे में देरी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जमानत का आधार है. ऐसा नहीं है कि केवल इस आधार पर जमानत याचिका की अनुमति दी जानी चाहिए कि मुकदमा अभी शुरू होना बाकी है. अदालत को पहले जमानत अर्जी खारिज होने के आदेश से प्रभावित हुए बिना इस जमानत अर्जी की मैरिट्स पर सुनवाई करना चाहिए.”
मनीष सिसोदिया की जमानत का ईडी ने किया विरोध
ईडी ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए आगे कहा, “न तो जांच कछुए की गति से चल रही है और न ही एजेंसी की ओर से कोई देरी हुई है. कोर्ट पहले ही एक सह आरोपियों की जमानत अर्जी पर विचार कर चुकी है और उनकी जमानत अस्वीकार कर दी गई थी.”
ईडी की तरफ से वकील जोएब हुसैन ने कहा कि सिसोदिया का मुख्य तर्क मुकदमे में देरी पर है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ये जमानत के लिए आधार है लेकिन आरोपी की तरफ से इस मामले में मेरिट और अपराध की गंभीरता पर ज़्यादा बात नहीं की गई है. ऐसा नहीं है कि अगर मुकदमे में सुनवाई आगे नहीं बढ़ी है तो जमानत याचिका स्वीकार कर ली जानी चाहिए. पूरे मामले को मेरिट के आधार पर देखना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि सम्पूर्ण तथ्य पर विचार किया जाना चाहिए.
ईडी ने आगे कहा कि मुकदमा धीमी गति से चला है या नहीं चला है इसके लिए अभियोजन पक्ष जिम्मेदार नही है. अभियोजन पक्ष की और से कोई देरी नहीं हुई है. सुनवाई में 31 आरोपियों की और से 95 अर्जियां लगाईं गई हैं. अगर किसी भी तरह की देरी हुई है तो ये आरोपी की वजह से हुई है. अभियोजन पक्ष के कहने पर नहीं. इस मुद्दे पर भी कोर्ट को ध्यान देना होगा.
इडी ने अपना तर्क पेश करते हुए कहा, “अगर मैं ये साबित करूं कि मुकदमे में देरी कुछ आरोपी की वजह से और कुछ सह-आरोपियों की वजह से हुई है तो उस पर भी विचार करना होगा लेकिन इसके बावजूद इस मामले में PMLA की धारा 45 का वजूद कायम है जमानत की सुनवाई में इसको भी देखना होगा.”
मनीष सिसोदिया और संजय सिंह दोनों रहे कोर्ट में मौजूद
इससे पहले मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद आज शनिवार (06 अप्रैल) को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. इस मामले में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की जमानत हो चुकी है लेकिन केस की सुनवाई में आना जरूरी है. वहीं मनीष सिसोदिया की आज न्यायिक हिरासत खत्म हो रही है. बहुत महीनों बाद दोनों एक साथ कोर्ट रूम में मौजूद रहे.
कैंसर वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारी है, जिसका जोखिम साल-दर साल बढ़ता देखा जा रहा है। कैंसर का मृत्युदर भी अधिक है जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट करते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कैंसर का मृत्यु अधिक होने का एक प्रमुख कारण समय पर इसका निदान और उपचार न हो पाना माना जाता है। देश में ज्यादातर लोगों में कैंसर का निदान आखिरी चरणों में हो पाता है, जहां से इलाज करना और रोगी की जान बचाना काफी कठिन हो जाता है।
भारत में भी कैंसर रोग एक बड़ा खतरा रहा है। पवई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कैंसर के इलाज के लिए स्वदेशी रूप से विकसित सीएआर टी-सेल थेरेपी की शुरुआत की। आईआईटी बॉम्बे और टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा विकसित यह जीन-आधारित थेरेपी विभिन्न प्रकार के कैंसर को ठीक करने में मदद करेगी।
द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, भारत में साल 2019 में लगभग 12 लाख नए कैंसर के मामले और 9.3 लाख मौतें दर्ज की गई थीं। भारत, एशिया में इस बीमारी के बोझ वाल दूसरा सबसे बड़ा देश है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि सीएआर टी-सेल थेरेपी से कैंसर के उपचार में मदद मिल सकती है।
मेड इन इंडिया थेरेपी से कैंसर का इलाज
NexCAR19 CAR T-सेल थेरेपी भारत की पहली ‘मेड इन इंडिया’ CAR T-सेल थेरेपी है, जिससे इलाज की लागत में काफी कमी आने की उम्मीद जताई गई है।
पिछले कुछ वर्षों में तकनीक विकास और एआई के चलते कैंसर के इलाज में बड़ी सफलता मिली है, हालांकि आम लोगों तक इसकी पहुंच अधिक लागत के कारण मुश्किल रही है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इन नई थेरेपी की मदद से कैंसर का इलाज आसान हो सकेगा।
90 प्रतिशत कम दाम में उपलब्ध होगी थेरेपी
थेरेपी के उद्घाटन के दौरान महामहिम ने कहा, हमारे पास अपने-अपने क्षेत्रों में भारत के दो अग्रणी अनुसंधान संस्थान हैं, जो मानवीय उद्देश्य के लिए उद्योग के साथ हाथ मिलाकर काम रहे हैं।
इस स्वदेशी थेरेपी के बारे में नई बात यह है कि इसकी लागत अन्य जगहों पर उपलब्ध थेरेपी की तुलना में 90 प्रतिशत कम है। यह दुनिया की सबसे सस्ती सीएआर-टी सेल थेरेपी है। इसके अलावा, यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल का भी एक उदाहरण है जो आत्मनिर्भर भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमें उम्मीद है कि इस थेरेपी की मदद से आने वाले समय में कैंसर से मुकाबले के लिए देश को मजबूती मिलेगी।
सीएआर-टी सेल थेरेपी के बारे में जानिए
सीएआर-टी सेल थेरेपी या काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल थेरेपी इम्यूनोथेरेपी और जीन थेरेपी का एक रूप है। रोगी की प्रतिरक्षा कोशिकाओं, विशेष रूप से टी कोशिकाओं को संशोधित करने और उन्हें कैंसर से लड़ने के लिए तैयार करने के लिए जटिल आनुवंशिक इंजीनियरिंग की आवश्यकता होती है। सीएआर-टी सेल थेरेपी को चिकित्सा विज्ञान में सबसे अभूतपूर्व प्रगति में से एक माना जाता है। भारत ने इस दिशा में प्रगति करते हुए स्वदेशी थेरेपी को विकसित किया है।
प्रमुख कैंसर अस्पतालों में होगी उपलब्ध
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, मुझे बताया गया है कि यह थेरेपी देश भर के प्रमुख कैंसर अस्पतालों में उपलब्ध होगी, जिससे रोगियों और उनके परिवारों को नई आशा मिलेगी। इसके अलावा, यह किफायती उपचार दुनियाभर के सभी रोगियों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। यह हमारे “वसुधैव कुटुंबकम” के दृष्टिकोण के अनुरूप होगा। कैंसर से मुकाबले के लिए हमें एकजुटता और दृढ़ संकल्प की जरूरत है, हमें उम्मीद है कि इस तरह के नवाचार से हमारे लक्ष्य में मदद मिल सकेगी
जमशेदपुर : झारखन्ड विधि आयोग के अध्यक्ष के रूप में अधिवक्ता राहुल गोस्वामी का नाम चर्चा पर बना हुआ है। सूत्रों के हवाले से पता चला है की राहुल राजनीतिक तौर पर हमेशा से सक्रिय रहे हैं। युवा कांग्रेस से सफर शुरू कर के प्रखण्ड कांग्रेस के अध्यक्ष से लेकर आनंन्द बिहारी दुबे अध्यक्ष की कमिटी में वर्तमान में महासचिव के पद पर आसीन सह अधिवक्ता राहुल गोस्वामी लोकसभा चुनाव के पश्चात बन सकते हैं झारखंड विधि आयोग के अध्यक्ष। लोगों के बीच मृदुभाषी एवं लोकप्रिय रही है इनकी छवि।
पूर्वोत्तर के असम राज्य की 14 लोकसभा सीटों पर 3 चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण में 5 सीटों पर आगामी 19 अप्रैल को मतदान होगा. दूसरे और तीसरे चरण का मतदान क्रमश: 26 अप्रैल और 7 मई को होगा. चुनावों से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का बड़ा बयान आया है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि सूबे में बीजेपी को सबसे ज्यादा वोट मुस्लिम लोग करेंगे.
न्यूज एजेंसी एएनआई से दरांग-उदलगुरी लोकसभा क्षेत्र में बातचीत करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि उनको असम के लोगों को तरफ से जिस तरह का रेस्पांस मिल रहा है, उसका कल्पना नहीं की जा सकती. असम में पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर है. आने वाले समय में आप देखेंगे असम में सबसे ज्यादा वोट बीजेपी को मुस्लिम वोटर्स ने की है. सीएम सरमा ने कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला. हाल ही में उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर असम में आने का न्यौता भी दिया था.
असम की दरांग-उदलगुरी संसदीय सीट पर चुनाव दूसरे चरण के तहत 26 अप्रैल को होंगे. इस सीट के साथ दीफू, करीमगंज, सिलचर और नागांव लोकसभा सीटों पर भी इस दिन मतदान होगा. दरांग-उदलगुरी लोकसभा सीट की बात करें तो यहां पर मुस्लिम वोटर्स की संख्या करीब 30 फीसदी है. वहीं, सिलचर सीट पर मुस्लिम वोटरों की संख्या करीब 40 फीसदी है.
19 अप्रैल को पहले चरण में 5 सीटों पर होगा मतदान
इस बीच देखा जाए तो असम में पहले चरण में 19 अप्रैल को होने वाली वोटिंग के मद्देनजर सरकार की ओर से हाल ही में स्थानीय सार्वजनिक छुट्टियों का भी एलान कर दिया था. चुनाव के मद्देनजर सार्वजनिक छुट्टियों को लेकर अधिसूचना असम राज्यपाल के आदेश पर गत सोमवार (1 अप्रैल, 2024) को जारी कर दी गई थी. असम में पहले चरण में 14 में से जिन 5 सीटों पर 19 अप्रैल को वोटिंग होगी उनमें डिब्रूगढ़, जोरहाट, काजीरंगा, लखीमपुर और सोनितपुर लोकसभा सीट प्रमुख रूप से शामिल हैं.
असम की हॉट सीट डिब्रूगढ़ से चुनाव लड़ रहे पूर्व सीएम सोनोवाल
असम की डिब्रूगढ़ लोकसभा सीट हॉट सीटों में शामिल है जहां से बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल चुनावी समर में उतरे हुए हैं. सोनोवाल मई 2016 से मई 2021 तक असम के मुख्यमंत्री भी रहे हैं. वहीं, उनके सामने ‘इंडिया अलायंस’ ने लुरिनज्योति गोगोई को चुनावी मैदान में उतारा हुआ है.
हेमा मालिनी पर अपनी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला बीजेपी के निशाने पर आ गए. अब कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि बीजेपी के आईटी सेल को तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और झूठ फैलाने की आदत हो गई है.
उनकी ये प्रतिक्रिया बीजेपी नेता अमित मालवीय द्वारा एक वीडियो साझा करने के बाद आई है. वीडियो में सुरजेवाला एक सभा को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिसमें वो कह रहे हैं कि लोग अपने मुद्दों को उठाने के लिए नेताओं को चुनते हैं.
एक्स पर अपनी पोस्ट में, मालवीय ने कहा कि यह “सबसे घृणित वर्णन है जो कोई भी कर सकता है.” बीजेपी नेता ने कहा, “यह राहुल गांधी की कांग्रेस है, जो कि स्त्रीद्वेषी है और महिलाओं से घृणा करती है.” अमित मालवीय ने कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया प्रोफाइल से अभिनेता और बीजेपी उम्मीदवार कंगना रनौत के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद का भी जिक्र किया. सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinate) ने कहा है कि पोस्ट उनकी जानकारी के बिना की गई थीं. सुरजेवाला ने आज उसी कार्यक्रम से एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह कहते सुने जा रहे हैं, “हम हेमा मालिनी जी का सम्मान करते हैं क्योंकि उन्होंने धर्मेंद्र जी से शादी की है, वह हमारी बहू हैं.”
उन्होंने बीजेपी पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल का उद्देश्य नरेंद्र मोदी सरकार की “युवा विरोधी, किसान विरोधी, गरीब विरोधी नीतियों और संविधान को खत्म करने की साजिश” से ध्यान भटकाना है. ” इन प्यादों ने कभी प्रधानमंत्री से नहीं पूछा कि उन्होंने ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’, एक महिला सांसद को ‘शूर्पनखा’, ‘कांग्रेस की विधवा’ और ‘जर्सी गाय’ क्यों कहा.”
सुरजेवाला ने कहा कि उनका मतलब केवल यह था कि प्रत्येक निर्वाचित प्रतिनिधि को लोगों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, चाहे वह हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी या फिर मनोहर लाल खट्टर हों. “मेरा इरादा हेमा मालिनी जी का अपमान करना या किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था. इसलिए मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि हम हेमा मालिनी जी का सम्मान करते हैं और वह हमारी बहू हैं. बीजेपी तो महिला विरोधी है, इसलिए वह हर चीज को अपने स्त्रीद्वेषी रंग वाले चश्मे से देखती है और आसानी से झूठ फैलाता है.”
हालांकि अभी तक हेमा मालिनी ने सुरजेवाला की टिप्पणी पर उपजे विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. सुरजेवाला पर निशाना साधते हुए, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस की एकमात्र पहचान ‘नारी शक्ति’ का अपमान करना है.
सामरिक बल कमान ने डीआरडीओ के साथ मिलकर कल (बुधवार) शाम लगभग 7:00 बजे ओडिशा के तट पर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-प्राइम का सफल उड़ान परीक्षण किया।
रक्षा मंत्रालय ने इस परीक्षण की पुष्टि की।
इस लॉन्च के मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, स्ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड के प्रमुख और डीआरडीओ और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, एसएफसी और सशस्त्र बलों को बधाई दी है।
अग्नि-प्राइम मिसाइल का हुआ सफल उड़ान परीक्षण
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “रणनीतिक बल कमान (एसएफसी) ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर 3 अप्रैल को लगभग 07:00 बजे ओडिशा के तट पर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-प्राइम का सफल उड़ान परीक्षण किया गया है।”
पूर्व सांसद संजय निरुपम ने अपने निष्कासन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर बृहस्पतिवार को कटाक्ष करते हुए दावा किया कि पार्टी को अपना इस्तीफा भेजने के बाद उन्हें निष्कासित किया गया।
अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार देर शाम निरुपम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की मंजूरी दे दी।
कांग्रेस की मुंबई इकाई के पूर्व प्रमुख निरुपम ने बृहस्पतिवार को सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “ऐसा लगता है कि पार्टी ने कल रात मेरा त्यागपत्र मिलने के तुरंत बाद मेरे निष्कासन का निर्णय ले लिया। ऐसी तत्परता देखकर अच्छा लगा।” खरगे को लिखे पत्र में निरुपम ने कहा, “मैंने आखिरकार आपकी बहुप्रतीक्षित इच्छा को पूरा करने का फैसला किया है और मैंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय ले लिया है।”
निरुपम की नजर मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र पर थी और आगामी संसदीय चुनावों के लिए शिवसेना (यूबीटी) को यह सीट देने को लेकर वह कांग्रेस से नाराज थे। निरुपम के खिलाफ कार्रवाई की मांग तब बढ़ गई जब उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए महा विकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन के तहत सीट- बंटवारे की बातचीत के दौरान मुंबई की सीट उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को देने को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की।
इससे पहले बुधवार को कांग्रेस ने स्टार प्रचारक की सूची से निरुपम का नाम हटा दिया था, जिससे संकट के बढ़ने का संकेत मिला। इसके बाद निरुपम ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी “गंभीर वित्तीय संकट” का सामना कर रही है, इसलिए उसे खुद को बचाने के लिए स्टेशनरी तथा ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने पार्टी के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई के संदर्भ में यह कहा था।
मुंबई उत्तर से पूर्व सांसद निरुपम ने यह भी कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व को शिवसेना (यूबीटी) की धौंस में नहीं आना चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि मुंबई में एकतरफा तरीके से उम्मीदवार उतारने के शिवसेना (यूबीटी) के फैसले को स्वीकार करना कांग्रेस के विनाश की अनुमति देने जैसा है। निरुपम ने 2005 में शिवसेना छोड़ दी थी। 2009 में वह मुंबई उत्तर सीट से जीते थे। वह 2014 में मुंबई उत्तर सीट से भाजपा के गोपाल शेट्टी के खिलाफ चुनाव हार गए थे।
लोकसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने गुरुवार सुबह पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी दिशाहीन हो गई है।
अयोध्या के राम मंदिर में हुई प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस के रुख पर उन्होंने नाराजगी जताई।
गौरव वल्लभ ने कहा, “मैं न तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और न ही सुबह-शाम देश के ‘वेल्थ क्रिएटर्स’ को गाली दे सकता हूं। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा भेजते हुए गौरव वल्लभ ने लिखा, “भावुक हूं, मन व्यथित है, काफी कुछ कहना चाहता हूं, लिखना चाहता हूं, बताना चाहता हूं, लेकिन मेरे संस्कार ऐसा कुछ भी कहने से मना करते हैं जिससे दूसरों को कष्ट पहुंचे। कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया। कई मुद्दों पर पार्टी का पक्ष दमदार तरीके से रखा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पार्टी के रुख से असहज महसूस कर रहा हूं।”
उन्होंने कहा, “जब मैं कांग्रेस पार्टी में शामिल हुआ था, तब मेरा मानना था कि यह देश की सबसे पुरानी पार्टी है, जहां पर युवा, बौद्धिक लोगों की, उनके आइडिया की क़द्र होती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मुझे यह महसूस हुआ कि पार्टी का मौजूदा स्वरूप नए आइडिया वाले युवाओं के साथ खुद को एडजस्ट नहीं कर पाता। पार्टी का जमीनी स्तर से संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है, जो नये भारत की आकांक्षा को बिल्कुल भी नहीं समझ पा रही है, जिसके कारण न तो पार्टी सत्ता में आ पा रही और न ही मज़बूत विपक्ष की भूमिका ही निभा पा रही हैं। इससे मेरे जैसा कार्यकर्ता हतोत्साहित होता है। बड़े नेताओं और ज़मीनी कार्यकर्ताओं के बीच की दूरी पाटना बेहद कठिन है जो राजनैतिक रूप से जरूरी है। जब तक एक कार्यकर्ता अपने नेता को सीधे सुझाव नहीं दे सकता तब तक किसी भी प्रकार का सकारात्मक परिवर्तन संभव नहीं है।”
उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा में कांग्रेस पार्टी के स्टैंड से मैं क्षुब्ध हूं। मैं जन्म से हिंदू और कर्म से शिक्षक हूं। पार्टी के इस रुख ने मुझे हमेशा असहज किया, परेशान किया। पार्टी और गठबंधन से जुड़े कई लोग सनातन के विरोध में बोलते हैं, और पार्टी का उस पर चुप रहना, उसे मौन स्वीकृति देने जैसा है। इन दिनों पार्टी गलत दिशा में आगे बढ़ रही है। एक ओर हम जाति आधारित जनगणना की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर संपूर्ण हिंदू समाज के विरोधी नजर आ रहे हैं, यह कार्यशैली जनता के बीच पार्टी को एक ख़ास धर्म विशेष के ही हिमायती होने का भ्रामक संदेश दे रही है। यह कांग्रेस के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ है।”
गौरव के मुताबिक, आर्थिक मामलों पर वर्तमान समय में कांग्रेस का रुख हमेशा देश के ‘वेल्थ क्रिएटर्स’ को नीचा दिखाने का, उन्हें गाली देने का रहा है। आज हम उन आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण व वैश्वीकरण (एलपीजी) नीतियों के खिलाफ हो गए हैं जिसको देश में लागू कराने का पूरा श्रेय दुनिया ने हमें दिया है। देश में होने वाले हर विनिवेश पर पार्टी का नज़रिया हमेशा नकारात्मक रहा। क्या हमारे देश में बिज़नेस करके पैसा कमाना गलत है।
उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से कहा कि पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उसमें वह खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए, “मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं”।