जमशेदपुर : घाटशिला के बनकाटी काकड़ीशोल निवासी डॉली महतो के नवजात शिशु का इलाज मर्सी अस्पताल में चल रहा था. दुर्भाग्यवश बच्चे का निधन हो गया. परिवार आर्थिक तंगी के कारण अस्पताल के शेष 76,555/- रुपये का बिल चुकाने में असमर्थ था. इस पीड़ा भरे समय में, झारखंड युवा मोर्चा के सक्रिय सदस्य विद्युत महतो ने झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता व पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी को इस स्थिति से अवगत कराया. इसके बाद श्री षाड़ंगी ने मानवीय आधार पर तुरत अस्पताल प्रबंधन से बात की. अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बकाया 76,555/- रुपये का शुल्क माफ कर दिया और परिजनों को पार्थिव शरीर सौंप दिया. शोकाकुल परिवार ने संकट की इस घड़ी में मदद और संवेदनशीलता दिखाने के लिए पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी का हृदय से आभार जताया है.
जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिरसानगर थाना अंतर्गत वास्तु विहार के समीप शनिवार सुबह लगभग 6:40 बजे एक झपटमार की घटना घटी. लाल बिहारी प्रसाद जब दूध लेने के लिए जा रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने उनका सोने का चैन छीन लिया और तेज रफ्तार से भाग निकले. पीड़ित द्वारा तुरंत थाना को सूचित किया गया, लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. पीड़ित वास्तु विहार के मोहरदा जानकी कॉलोनी के रहने वाले हैं. लोगों ने 100 डायल कर पुलिस को दी. इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना फैल गयी है. क्षेत्रवासी पुलिस की सक्रियता और गश्ती व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं तथा जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वही बदमाशों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद है.
बागबेड़ा कीताडीह जिला पार्षद डॉक्टर कविता परमार ने जिला परिषद कार्यालय में हो रहे अनियमितता के संबंध में उपायुक्त , पूर्वी सिंहभूम कर्ण सत्यार्थी और उप विकास आयुक्त श्री नागेंद्र पासवान से शिकायत दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला परिषद सदस्य की अनुशंसा से जो योजना का क्रियान्वयन होता है उसमें कार्यालय द्वारा मनमानी की जा रही है। अपने चहेते संवेदकों को काम दिलाया जा रहा है। काम में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है और शिकायत के बाद भी पेमेंट कर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि V.R. Enterprises के द्वारा उत्तरी बागबेड़ा पंचायत के शीतला मंदिर में जलमीनार तथा पूर्वी बागबेड़ा पंचायत के हनुमान मंदिर के पास नाला निर्माण के कार्य में गुणवत्ता में कमी की शिकायत के बावजूद संवेदक के द्वारा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया गया और विभाग द्वारा पूरा पेमेंट कर दिया जाना सैकड़ों सवाल खड़ा करता है। आखिर किसके इशारे पर कार्यालय में अनियमितता हो रहा है। ऐसा बहुतों क्षेत्र में हो रहा है। उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा कि संतोषजनक कार्यवाही नहीं होने पर जिला परिषद कार्यालय पर एक दिवसीय धरना देकर अपनी बात को मजबूती से रखूंगी। उप विकास आयुक्त श्री नागेंद्र पासवान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए ससमय कार्यवाही और सदस्यों के मान सम्मान को बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के मेन रोड पर शुक्रवार को एक गंभीर सड़क हादसा घटित हुआ, जिसमें अवैध रूप से बालू लदा हाईवा एक टेंपो को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में टेंपो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और वाहन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बालू से लदा हाईवा मेन रोड से क्रॉस नंबर रोड-12 की ओर मुड़ रहा था। इसी दौरान चालक ने अचानक अपने वाहन को पीछे करने की कोशिश की, जिससे पीछे से आ रहे टेंपो से टक्कर हो गई।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और घायल टेंपो चालक को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं हाईवा चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर सिदगोड़ा थाना पुलिस तुरंत पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत करने का प्रयास किया। काफी संघर्ष के बाद पुलिस ने जाम हटाया और यातायात सामान्य कराया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हाईवा अवैध रूप से बालू लेकर जा रहा था, जिससे यह दुर्घटना हुई। उन्होंने प्रशासन से सड़कों पर अवैध बालू परिवहन पर कड़ा कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। पुलिस ने बालू लदा हाईवा जब्त कर लिया है और चालक की गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है।
जामताड़ा में पुलिस ने पांडेयडीह मोहल्ला से एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी के पास से साठ हजार रूपये से अधिक नकद, आठ मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किये गये हैं. पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि यह साइबर अपराधी स्क्रीन शेयरिंग के जरिए लोगों के मोबाइल को हैक करता था और फिर बैंक अकाउंट का पासवर्ड जानकर मोबाइल से पैसों की ठगी करता था. फिलहाल पुलिस अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है.
सोनारी थाना क्षेत्र के बजरंगनगर में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर नकदी, जेवरात और इलेक्ट्रॉनिक सामान समेत करीब 15 लाख रुपये की चोरी कर ली। यह घटना 8 से 10 सितंबर के बीच हुई, जब मकान मालिक सोनिया वर्मा का परिवार छत्तीसगढ़ गया था। लौटने पर उन्होंने देखा कि उनके घर का ताला टूट चुका था और कीमती सामान गायब था। इसके बाद सोनिया वर्मा ने सोनारी थाने में त्वरित रूप से शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही, कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में पुलिस को इनपुट भी प्राप्त हुए हैं। इनकी भी जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमने घटना स्थल और आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। हमें कुछ संदिग्धों के बारे में सूचना मिली है, जिन्हें फिलहाल ट्रेस किया जा रहा है। हमारी टीम लगातार मामले की तह तक जाकर अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयासरत है।”
पुलिस का लक्ष्य जल्द से जल्द चोरों को पकड़ना और चोरी की गई संपत्ति को परिवार तक वापस पहुंचाना है। मामले की जांच अभी जारी है।
बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुद्वारा रोड के समीप एक सनसनीखेज लूट और फायरिंग की वारदात ने इलाके में सनसनी मचा दी थी। पीड़ित कारोबारी साकेत कुमार अग्रवाल ने घटना के बाद पुलिस में आवेदन देकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। घटना की गंभीरता और जटिलता को समझते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसपी नगर और पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। यह टीम पेशेवर तरीके से घटनास्थल पर जुटी और व्यापक अनुसंधान अभियान चलाया।
विशेष जांच टीम ने सबसे पहले 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। फुटेज की पड़ताल से अपराधियों द्वारा प्रयुक्त वाहन – इनोवा कार (वाहन संख्या: जेएच-05एएन-7303) की पहचान करने में सफलता मिली। इसके आधार पर अनुसंधान का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने पूरे देश में संभावित छिपने के स्थानों पर लगातार छापेमारी शुरू कर दी।
विशेष टीम की कड़ी मेहनत और समन्वित प्रयास के बाद पंजाब राज्य के अमृतसर से प्रमुख अभियुक्त राकेश कुमार मंडल उर्फ पकौड़ी (41 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। राकेश के पास से लूटे गए पैसे के साथ-साथ देशी पिस्टल भी बरामद की गई। राकेश मंडल का अपराधिक इतिहास भी गंभीर रहा है। बताया गया कि वह पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है और हाल ही में जुलाई महीने के अंत में कदमा थाना क्षेत्र से आर्म्स एक्ट के तहत जेल से बेल पर बाहर आया था।
पुलिस ने आगे चलकर तीन अन्य अभियुक्तों को अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किया। उनकी पहचान इस प्रकार हुई – कमलेश नारायण दुबे उर्फ शंकर (41 वर्ष), सुधीर नारायण बेहरा (35 वर्ष) और गणेश कुम्भकार उर्फ फुचा (25 वर्ष)। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से कुल ₹10,69,700 रुपये, चार मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त इनोवा कार बरामद की गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कमलेश नारायण दुबे उर्फ शंकर ही इस लूट कांड का मुख्य साजिशकर्ता था। उनके नेतृत्व में राकेश मंडल, सुधीर बेहरा और गणेश कुम्भकार ने योजना बनाई थी। अभियुक्तों ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उन्होंने साकेत अग्रवाल के खिलाफ वारदात की योजना हफ्ते पहले से बनाकर तैयार की थी। खास बात यह रही कि सुधीर बेहरा वर्तमान में नवमुंडी स्थित टाटा स्टील में कार्यरत था और उसने अपराधियों की भागने की व्यवस्था तथा लूटे गए धन को संभाल कर रखने की जिम्मेदारी संभाली थी। पुलिस को यह जानकारी आरोपी खुद के बयानों से मिली।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह लूट कांड पूर्व नियोजित था और इसके पीछे आर्थिक लाभ और कर्ज को मिटने का उद्देश्य था। उन्होंने यह भी बताया कि साकेत अग्रवाल के इलाके का रेकी कुछ दिन पहले ही इन अपराधियों द्वारा किया जा चुका था। अपराधी एक ओयों होटल में ठहरे हुए थे ताकि इलाके की हर गतिविधि पर नजर रख सकें और समयानुसार कार्रवाई कर सकें।
एसएसपी ने कहा, “पुलिस विभाग की सतत निगरानी व विशेष टीम के कठोर परिश्रम से यह बड़ी सफलता मिली है। हम अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही कर रहे हैं और शेष भाग रहे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए भी व्यापक छापेमारी जारी है।”
गिरफ्तार अभियुक्त राकेश कुमार मंडल उर्फ पकौड़ी का अपराधिक रिकॉर्ड चिंताजनक रहा है। बताया गया कि पकौड़ी पहले भी विभिन्न अपराधों में जेल जा चुका है। इसके बावजूद बेल पर बाहर आकर पुनः आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था। यह बात पुलिस के लिए चिंता का विषय बनी हुई है कि कैसे ऐसे आरोपी पुनः अपराध की ओर लौट आते हैं।
पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल चारों गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि लूट की पूरी साजिश और उसमें शामिल अन्य संभावित अपराधियों का भी पता लगाया जा सके। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि आरोपी अपने बयान में यह स्वीकार कर चुके हैं कि कमलेश दुबे ही मुख्य साजिशकर्ता था, जबकि बाकी तीन उसके सहयोगी थे। कमलेश दुबे का मकसद साकेत अग्रवाल से भारी मात्रा में नकदी और अन्य कीमती सामान लूटना था।
एसएसपी ने यह भी आश्वासन दिया कि जल्द ही बाकी फरार अपराधियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई बेहद कड़ी होगी और कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी के पास अभियुक्तों से संबंधित कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे लाया जा सके।
इस लूट कांड से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। साकेत अग्रवाल ने बताया कि वह गुरुद्वारा रोड पर अपने व्यवसाय से संबंधित कार्य संपन्न करके लौट रहे थे तभी अज्ञात अपराधियों ने उन्हें फायरिंग कर रोका और उनके पास से भारी मात्रा में नकदी लूट ली। इस दौरान उन्होंने पुलिस को बताया कि अपराधी बेहद पेशेवर और योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे थे, जिससे यह अपराध विशेष जांच टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता व कार्यकुशलता से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है। साथ ही, पीड़ित साकेत अग्रवाल ने कहा कि पुलिस के सहयोग से उन्हें न्याय मिलेगा और अपराधी सजा पाएंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन को धन्यवाद भी दिया।
विशेष जांच टीम ने फिलहाल चार अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें विशेष रूप से आर्म्स एक्ट की धारा भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य अपराधिक गतिविधियों की भी जांच चल रही है।
पुलिस का यह अभियान यह संदेश देता है कि अपराधियों के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है। पुलिस लगातार अपने फील्ड ऑफिसर्स और तकनीकी टीम के साथ मिलकर ऐसे अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। शेष अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए भी सघन जांच जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के 2,200 सहायक पुलिसकर्मियों को दुर्गा पूजा से पहले बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने उनकी सेवा अवधि 1 साल के लिए बढ़ाने की तैयारी की है। अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर राज्य मंत्रिपरिषद मुहर लगायेगी। इस फैसले से राज्य के 12 जिलों में तैनात सहायक पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली है।झारखंड का पर्यटन
नौकरी जाने का था डर
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग इस प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजेगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यह आदेश औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा और सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि स्वतः एक साल बढ़ जाएगी।
अनुबंध पर नियुक्त इन सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि 8 अगस्त से 30 अगस्त 2025 के बीच समाप्त होने वाली थी। इस कारण जवानों में नौकरी खोने का डर बना हुआ था। कई जिलों में रक्षाबंधन के समय यह आशंका थी कि अनुबंध समाप्ति का नोटिस उन्हें थमा दिया जाएगा। सीएम के इस फैसले से अब यह डर पूरी तरह खत्म हो गया है।
2017 में हुई थी नियुक्ति
बता दें कि वर्ष 2017 में राज्य सरकार ने 12 जिलों — पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, चतरा, लातेहार, गुमला, पलामू, गढ़वा, दुमका, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा और गिरिडीह — के लिए 2,500 सहायक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की थी। इन्हें मात्र दो वर्षों के लिए 10,000 रुपये मासिक वेतन पर नियुक्त किया गया था। बाद में इन्हें समय-समय पर सेवा विस्तार दिया जाता रहा है।
2024 में वेतन बढ़ा था
वर्ष 2024 में लंबे आंदोलन के बाद सहायक पुलिसकर्मियों की प्रमुख मांगों पर सरकार ने विचार किया था। उनका वेतन 10,000 रुपये से बढ़ाकर 13,000 रुपये मासिक कर दिया गया था। हालांकि, सहायक पुलिसकर्मी संघ का कहना है कि उनसे जिला पुलिस जैसी ड्यूटी ली जाती है, लेकिन वेतन अभी भी होमगार्ड से थोड़ा ही अधिक है। इस पर भी पुनर्विचार किए जाने की मांग है।
जवानों ने जताया आभार
झारखंड सहायक पुलिसकर्मी एसोसिएशन के सचिव विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह फैसला स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि इस आदेश से 2,200 जवानों के परिवारों को राहत मिली है और त्योहार पर उनका मनोबल बढ़ा है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में स्थायीकरण और बेहतर वेतनमान पर भी ठोस निर्णय लिया जाए।
हजारीबाग : हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में जुलाई महीने में हुई दोहरी हत्या कांड में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों में देवकी प्रजापति, शिबू यादव उर्फ पिंटू उर्फ छोटू, महानंद प्रजापति, दिनेश प्रजापति उर्फ दिनेश्वर, बडु गोप उर्फ सिकंदर गोप, गोपी जी उर्फ घनश्याम यादव, गणेश यादव और राजु प्रजापति शामिल हैं. सभी आरोपी बड़कागांव थाना क्षेत्र के पिपराडीह गांव के रहने वाले बताए गए हैं.
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने जानकारी दी कि 6 जुलाई 2025 की शाम पिपराडीह गांव की संगीता देवी ने अपने पति दिनेश प्रजापति के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि एक लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में कुम्हरडीहा गांव के सुभाष प्रजापति ने उनके पति का अपहरण कर लिया है.
मामले की जांच के दौरान 10 जुलाई को कुम्हरडीहा गांव स्थित एक कुएं से दिनेश प्रजापति का शव बरामद हुआ. शव मिलने के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. इसके अगले दिन यानी 11 जुलाई को आक्रोशित भीड़ कुम्हरडीहा गांव पहुंची और आरोपी सुभाष प्रजापति के पिता महेश प्रजापति को घर से घसीटकर बाजार टांड़ तक ले गई. वहां भीड़ ने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी. यही नहीं, भीड़ ने सुभाष प्रजापति के घर में लूटपाट और आगजनी की तथा पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया.
इस मामले में पुलिस ने 38 लोगों को नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया. टीम में कई थाना प्रभारी और सशस्त्र बलों के जवान शामिल थे. लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि फरार अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा.
जमशेदपुर : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराना है, साथ ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाना है। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लाभुकों को योजना से जोड़ा जाए।
उपायुक्त द्वारा 30 सितंबर तक 1000 आवेदन प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि लक्षित वर्ग (आवासीय उपभोक्ता, छोटे एवं मध्यम परिवार) को चिन्हित कर उनसे आवेदन सुनिश्चित कराएं।आवासीय सोसायटी एवं बड़े लाभुक समूहों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए, ताकि अधिक संख्या में लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। लाभुकों को योजना की प्रक्रिया, अनुदान एवं लाभ की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। सभी विभागीय पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें और मासिक प्रगति की समीक्षा की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का बेहतर क्रियान्वयन जिले में ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक लाभ की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य प्राप्त करेंगे। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर पैनल लगाएं और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाते हुए बिजली खर्च में बचत करें। बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत संवेदक व अन्य सम्बंधित उपस्थित थे।