कोलकाता : भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश में भूकंप आने के बाद भारत तक इसके झटके महसूस किए गए है। शुक्रवार को बांग्लादेश के नरसिंगडी से 13 km दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज़ झटके महसूस किए गए। कोलकाता के साथ-साथ मालदा, कूचबिहार, नादिया, दक्षिण दिनाजपुर और सिलीगुड़ी में लोगों ने झटके महसूस किए, जिससे कई लोग डर के मारे इमारतों से बाहर निकल आए।
भूकंप के झटके, हालांकि थोड़े समय के लिए थे, लेकिन भूकंप की कम गहराई के कारण पूरे इलाके में महसूस किए गए। GFZ के अनुसार, बांग्लादेश के नरसिंगडी से 13 km दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में 04:38 UTC पर 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 10 km की कम गहराई पर आया, जिससे इसके झटके आस-पास के इलाकों में ज़्यादा महसूस किए गए।
किसी नुकसान या चोट की तुरंत कोई रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन अधिकारी स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। निवासियों ने भूकंप को “तेज़ और अचानक” बताया, जिससे शाम के रोज़ाना के कामों के दौरान कई लोग चौंक गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह शुक्रवार सुबह पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में आए दो मीडियम-इंटेंसिटी वाले भूकंप के बाद आया है।
सरायकेला खरसावां : सरायकेला खरसावां जिला में आवारा कुत्तों से लोग परेशान है। ज्ञात हो कि आये दिन विद्यालय आने जाने वाले विद्यार्थी आम जन इसका शिकार हो रहे हैं। आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। वे किसी आवश्यक कार्य से घर से बाहर निकल नहीं पा रहे हैं, स्थानीय सीनी कालोनी वासी अपने बच्चों को घर से बाहर खेलने नहीं भेज रहे हैं। रोजाना कुत्ते काटने के लिए हमला कर रहें हैं।
इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने जिला प्रशासन एवं जिला पशुपालन चिकित्सा पदाधिकारी से आग्रह किया है कि इससे रोकथाम के लिए आवारा कुत्तों का नसबंदी कराया जाए और इसे पकड़ कर अन्यत्र छोड़ा जाए जिससे आवारा कुत्तों से निजात मिलें।
जमशेदपुर : नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने और बिहार में एनडीए सरकार बनने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता हृदयनंद तिवारी के द्वारा बागबेड़ा लाल बिल्डिंग स्थित उनके कार्यालय में लड्डू वितरण समारोह रखा गया। जहां भाजपा के बहुत सारे वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, साथ ही, पूर्व अध्यक्ष बॉबी शर्मा, हरेंद्र सिंह, डबलू पाण्डे, रवि सिंह, आसू कुमार, केशव सिंह, ओंकार झा, दीपक झा, कृपा शंकर तिवारी, आदि भाजपा के सभी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां एवं पश्चिमी सिंहभूम जिलों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए टाउन हॉल, सिदगोड़ा, जमशेदपुर में खाद्यान्न के सुरक्षित रख-रखाव, वैज्ञानिक पद्धति से भंडारण तथा आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के प्रभावी संचालन से संबंधित प्रमंडलीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय खाद्य निगम (FCI) एवं झारखंड राज्य खाद्य निगम (JSFC) के वरीय अधिकारियों ने सहभागिता की। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को खाद्यान्न भंडारण के वैज्ञानिक मानकों, गोदाम प्रबंधन, क्षति न्यूनीकरण, गुणवत्ता नियंत्रण, परिवहन समन्वय तथा खाद्यान्न वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ प्रदान कीं।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक प्रखंड स्तर पर कार्यरत कर्मी खाद्यान्न की सुरक्षा, उचित स्टॉक पोजीशन, समयबद्ध आपूर्ति, तथा ई-टूल्स के उपयोग द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक कुशल, व्यवस्थित एवं जनहितकारी बनाना रहा। अंत में FCI एवं JSFC के अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें गोदाम प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई।
राज्य सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देश के आलोक में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार पूर्वी सिंहभूम जिले में 21 नवंबर 2025 से ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। पहले दिन 11 पंचायतों एवं तीन नगरीय निकाय क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य पात्र लाभुकों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए त्वरित सेवा उपलब्ध कराना है।
इस कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं का समाधान, विभिन्न योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्राप्ति तथा ऑन-द-स्पॉट लाभ वितरण जैसे कार्य एक ही स्थान पर सुनिश्चित किए जाएंगे। *शिविरों में संचालित की जाने वाली प्रमुख गतिविधियां*
(क) योजनाओं से संबंधित आवेदनों की प्राप्ति
1. आमजनों को राज्य सरकार की सभी लोक-कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
2. विभिन्न योजनाओं एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन शिविर में ही प्राप्त कर उनका त्वरित निष्पादन किया जाएगा।
3. प्राप्त सभी आवेदनों और ऑन-द-स्पॉट लाभ वितरण की जानकारी को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।
4. जिन योजनाओं में लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होंगे, उनके लिए प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी तथा प्राथमिकता के आधार पर लाभ प्रदान किया जाएगा।
*राज्य सरकार जिन योजनाओं को सैचुरेशन मोड में लागू कर रही है, उनके लिए छूटे हुए योग्य व्यक्तियों से भी आवेदन लिए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से—*
सभी प्रकार की पेंशन योजनाएँ, आयुष्मान भारत कार्ड वितरण से संबंधित आवेदन एवं ऑन-द-स्पॉट वितरण की जानकारी भी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
ऑन-द-स्पॉट परिसंपत्तियों एवं सरकारी लाभों का वितरण । प्रत्येक शिविर में ‘कल्याण मंच’ स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से निम्नलिखित लाभ तत्काल प्रदान किए जाएंगे—
स्कूली बच्चों के अवितरित जाति प्रमाण पत्रों का लैमिनेशन कर वितरण, SHG/क्लस्टर सदस्यों को ID कार्ड वितरण, धोती–साड़ी–लुंगी वितरण, कंबल वितरण, विभिन्न योजनाओं की परिसंपत्तियों का वितरण, ऑन-द-स्पॉट शिकायत निवारण
*शिविर में प्राप्त शिकायतों को पोर्टल पर पंजीकृत कर, उनका तत्काल समाधान किया जाएगा। समाधान/निष्पादन का प्रमाण एवं आवेदक की तस्वीर पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। प्राथमिकता के तहत निम्न कार्य किए जाएंगे—*
राजस्व अभिलेखों में संशोधन, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र में आवश्यक सुधार, आधार एवं राशन कार्ड में सुधार, बिजली बिल से संबंधित शिकायतों का निवारण, चिन्हित योजनाओं का उद्घाटन एवं परिसंपत्तियों का वितरण,
*शिविरों के दौरान निम्न योजनाओं के लाभ भी प्रदान किए जाएंगे—*
बिरसा सिंचाई कूप संवर्द्धन योजना मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना वन पट्टा वितरण किसान क्रेडिट कार्ड वितरण अन्य लोक-कल्याणकारी योजनाओं से लाभ का वितरण
प्रत्येक योजना के लिए शिविर स्थल पर अलग-अलग स्टॉल स्थापित किए जाएंगे ताकि लाभुकों को एक ही स्थान पर सहज, सुगम और पारदर्शी सेवा मिल सके। उपायुक्त ने सभी लाभुकों तथा आम नागरिकों से अपील किया है कि वे निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित होकर राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त करें और अपनी लंबित समस्याओं का शिविर में ही समाधान कराएं।
घाटशिला उपचुनाव (11 नवंबर) के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ता, भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिला आईटी प्रभारी श्री मनी मोहंती को झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा राजनीतिक द्वेषवश आचार संहिता उल्लंघन के एक झूठे और निराधार मामले में फँसाए जाने का प्रयास किया गया।
इस प्रकरण में किसी भी प्रकार का तथ्यात्मक आधार न होने के बावजूद, विपक्ष ने चुनावी माहौल को प्रभावित करने के उद्देश्य से गलत धाराएँ लगवाईं। भाजपा और भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने प्रारंभ से ही इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र बताया था और कहा था कि सत्य अंततः सामने आएगा।आज, इसी प्रकरण को लेकर श्री मनी मोहंती स्वयं घाटशिला न्यायालय पहुँचे और विधि-सम्मत प्रक्रिया के तहत बेल प्राप्त की। कोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर स्पष्ट हुआ कि मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से प्रेरित था जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं था।
यह घटना एक बार फिर यह प्रमाणित करती है कि भाजपा के कार्यकर्ता चाहे कितनी भी विपरीत परिस्थितियाँ हों, कानून एवं सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हैं। विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और मनगढ़ंत आरोप अदालत में टिक नहीं सके।पूरी कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट में पेशी के दौरान,भाजयुमो जमशेदपुर महानगर जिला महामंत्री श्री अभिमन्यु सिंह चौहान तथा भाजयुमो गोलमुरी मंडल अध्यक्ष भाई नवजोत सिंह सोहल ने श्री मनी मोहंती के साथ खड़े रहकर उन्हें हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया। संगठन की यह एकजुटता और अनुशासन भाजपा परिवार की सबसे बड़ी शक्ति है।
भाजयुमो जिला महामंत्री अभिमन्यु सिंह चौहान कहा कि— “हम किसी भी झूठे आरोप से डरने वाले नहीं हैं। विपक्ष कितना भी दुष्प्रचार कर ले, सत्य हमेशा विजयी होता है। जनता सब देख रही है, और समय आने पर हर झूठ का जवाब अपने मत से देगी।”श्री मनी मोहंती ने कोर्ट से बाहर निकलते हुए पार्टी नेतृत्व,कार्यकर्ताओं और समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका संघर्ष सच और न्याय के लिए आगे भी जारी रहेगा।
अंत में, भाजयुमो जमशेदपुर महानगर के जिला महामंत्री अभिमन्यु सिंह चौहान ने कहा यह स्पष्ट करना चाहती है कि संगठन हर उस कार्यकर्ता के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा, जिसे विपक्ष द्वारा किसी भी प्रकार से राजनीतिक रूप से परेशान करने का प्रयास किया जाएगा।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अगले साल होने वाले अंडर-19 मेंस वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है. जनवरी और फरवरी में होने वाले इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच टक्कर नहीं होगी.
ICC ने इस टूर्नामेंट के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है और अपने इस फैसले से हर किसी को हैरान कर दिया है. इस टूर्नामेंट में 16 टीम हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 4 ग्रुप में बांटा गया है. मगर पिछले कई सालों से चले आ रहे सिलसिले को तोड़ते हुए ICC ने भारत और पाकिस्तान को इस बार अलग-अलग ग्रुप में रखा है, जिसके चलते दोनों के बीच ग्रुप स्टेज में टक्कर नहीं होगी.
भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल बॉर्डर पर हुए भीषण सैन्य टकराव के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तनाव से भरे हुए हैं. इसके चलते ही कई बार भारत और पाकिस्तान के मैच रोके जाने की मांग हो रही थी. हालांकि, इसके बावजूद हाल ही में आईसीसी विमेंस वर्ल्ड कप और अगले साल के मेंस टी20 वर्ल्ड कप में ICC ने दोनों टीम के मुकाबले पर मुहर लगाई थी. मगर अंडर-19 लेवल पर ICC ने दोनों टीम को अलग-अलग ग्रुप में रखने का फैसला किया है.
भारत और पाकिस्तान के ग्रुप में कौन-कौन?
ICC ने बुधवार 19 नवंबर को नामीबिया और जिम्बाब्वे में खेले जाने वाले वर्ल्ड कप के कार्यक्रम का ऐलान किया. वनडे फॉर्मेट में खेला जाने वाला ये वर्ल्ड कप 15 जनवरी से शुरू होगा और 6 फरवरी को इसका फाइनल खेला जाएगा. टूर्नामेंट में कुल 16 टीम हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 4-4 टीम के चार ग्रुप में बांटा गया है. सबसे ज्यादा 5 बार वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को ग्रुप ए में रखा गया है. इस ग्रुप में टीम इंडिया के साथ, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और अमेरिका को रखा गया है. टूर्नामेंट का पहला ही मैच भारत और अमेरिका के बीच जिम्बाब्वे के बुलावायो में खेला जाएगा.
दूसरी ओर पाकिस्तान को ग्रुप बी में मेजबान जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के साथ रखा गया है. वहीं मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप-सी में रखा गया है, जहां उसके साथ आयरलैंड, जापान और श्रीलंका को रखा गया है. इसके अलावा ग्रुप-डी में तंजानिया, वेस्टइंडीज, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका हैं.हालांकि पिछले 2 अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी भारत और पाकिस्तान अलग-अलग ग्रुप में थे और उनके बीच टूर्नामेंट में कोई मैच नहीं खेला गया था. इस बार भी यही स्थिति है. मगर सुपर-6 से लेकर फाइनल तक किसी भी स्टेज पर भारत-पाकिस्तान की टक्कर हो सकती है.
कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रही है, जिसको लेकर देश के 272 प्रमुख हस्तियों ने पत्र जारी कर चुनाव आयोग की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है. पत्र में बिना सबूत गंभीर आरोप लगाकर संवैधानिक संस्थानों को कमजोर करने की साजिश बताया है.
चुनाव आयोग के समर्थन में लिखे गए पत्र में कहा गया है कि भारत का लोकतंत्र किसी बाहरी हमले से नहीं बल्कि “जहरीली राजनीतिक बयानबाजी” से चुनौती का सामना कर रहा है. विपक्ष हमेशा चुनाव आयोग के खिलाफ काफी सबूत होने का दावा करता है लेकिन कोई आधिकारिक रूप से शिकायत या हलफनामा नहीं देता. विपक्ष की यह दोहरी कार्यप्रणाली से यह साबित होता है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है, बल्कि यह केवल राजनीतिक रणनीति हैं.
नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर बुधवार (19 नवंबर) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को एनडीए विधायकों के समर्थन का पत्र सौंप दिया है और राज्य में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया.
एनडीए के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की.
एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव बीजेपी के नेता सम्राट चौधरी ने रखा. नई सरकार में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम बने रहेंगे. बीजेपी विधायक दल ने सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को उपमुख्यमंत्री बनाए रखने का फैसला किया है. सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उप नेता चुना गया. सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर का पद बीजेपी को मिलेगा.
10वीं बार बिहार के CM बनेंगे नीतीश कुमार
इससे पहले नीतीश कुमार JDU विधायक दल के नेता चुने गए. बुधवार (19 नवंबर) को मुख्यमंत्री आवास में जेडीयू विधायक दल की बैठक हुई. इसमें सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चुन लिया गया. नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. पटना के गांधी मैदान में गुरुवार (20 नवंबर) को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इसे लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं. नीतीश कुमार ने मंगलवार (18 नवंबर) को खुद ही गांधी मैदान पहुंचकर शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां का जायजा लिया था.
NDA को कुल 202 सीटों पर मिली जीत
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 202 सीटें जीतने में सफलता हासिल की है. बीजेपी 89 सीटें जीतकर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के खाते में 85 सीटें गई और पार्टी संख्या के हिसाब से दूसरे नंबर पर रही.
इसके साथ ही चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को 5 और आरएलएम को 4 सीटों पर जीत हासिल हुई है. दूसरी तरफ महागठबंधन को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा और 35 सीटों पर ही सिमट गया.
दिल्ली धमाका तो सिर्फ ट्रेलर था। पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद भारत के खिलाफ फिदायीन अटैक को लेकर ब्लू प्रिंट कर चुका है। लाल किला ब्लास्ट की जांच में एजेंसियों को पता चला है कि फिदायीन अटैक का ब्लू प्रिंट पाकिस्तान में इसी साल तैयार हुआ था।
जैश की मंशा है कि बेशक यह पहला सुसाइड बॉम्बर है, लेकिन आखिरी नहीं। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों की मानें तो जैश ए मोहम्मद ने टेरर फंडिंग और जिहाद के लिए ‘डिजिटल कोर्स’ लॉन्च किया है। सूत्रों ने बताया कि भारत के खिलाफ फिदायीन दस्ता तैयार करने को जैश-ए-मोहम्मद बड़े पैमाने पर हवाला के जरिए फंड जुटा रहा है।
टेरर फंडिंग के लिए ‘डिजिटल कोर्स’ किया लॉन्च
सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को इस संबंध में बेहद चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी है। लाल किला ब्लास्ट से 15 दिन पहले अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ‘तुहफत उल मोमिनात’ नाम से एक ऑनलाइन कोर्स शुरू किया था। यह कोर्स खास तौर से महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस ऑनलाइन कोर्स का मकसद मजहबी और जिहादी ट्रेनिंग देने के साथ-साथ संगठन की गतिविधियों के लिए पैसे जुटाना है। 700 पाकिस्तानी करेंसी ली जा रही
जैश ए मोहम्मद के टॉप कमांडरों की महिला रिश्तेदारों पर इस ऑनलाइन कोर्स का जिम्मा है। जिनमें मसूद अजहर की बहनें सादिया अजहर, समीरा अजहर और शिया अजहर है। इस कोर्स का प्रचार पहले से ही जैश के इंटरनल टेलीग्राम और वाट्सऐप ग्रुप के साथ-साथ दूसरे कट्टरपंथी प्लेटफॉर्म पर गुपचुप किया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि इस कोर्स में एडमिशन के लिए महिलाओं से 700 पाकिस्तानी करेंसी ली जा रही है। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तुहफत-उल-मोमिन वाट्सऐप, फेसबुक, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म मदरसों के रूप में काम कर रहे हैं। मुर्शिदाबाद से एक संदिग्ध को पकड़ा
लाल किला के पास हुए फिदायीन हमले की जांच में एजेंसियों ने मंगलवार को एक संदिग्ध बांग्लादेशी एबीटी सदस्य इख्तियार को पकड़ा है। सूत्रों ने बताया कि जांच का फोकस भारत-बांग्लादेश के सीमावर्ती जिलों मालदा, मुर्शिदाबाद पर है। जिसके बारे में इनपुट मिला था कि लश्कर ए तैयबा के साथ विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुछ कट्टरपंथी ग्रुप संपर्क में हैं। पकड़े गए कथित बांग्लादेशी एबीटी मेंबर से पूछताछ चल रही है। जांच ऐजेंसी लाल किले के पास हुए आतंकी हमले में बांग्लादेश कनेक्शन की पुष्टि करने में जुटी हैं। बांग्लादेशी सरकारी अधिकारी हुए थे शामिल
पकड़े गए संदिग्ध का प्रतिबंधित संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) से जुड़े होने का शक है। जांच ऐजेंसी से जुड़े सूत्र का कहना है कि संदिग्ध इख्तियार एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जिसने विस्फोट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद की है। एजेंसियों का मानना है कि इस संदिग्ध का साजिश में बॉर्डर पार से लिंक है। पांच दिन पहले जांच एजेंसियों को पता चला था कि बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठनों और लश्कर ए तैयबा के बीच ऑनलाइन विडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग हुई थी। इसमें एलईटी का टॉप कमांडर सैफुल्लाह सैफ और बांग्लादेशी सरकारी अधिकारी शामिल हुए थे।