जमशेदपुर, 9 मार्च: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा द्वारा एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “खुशहाल महिला – खुशहाल परिवार” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में शहर की प्रबुद्ध महिलाओं और गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की।

नारी परिवार की धुरी: बी.के. संजू बहन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कदमा सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. संजू बहन ने महिलाओं की आंतरिक शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “महिला केवल परिवार की सदस्य नहीं, बल्कि उसकी धुरी होती है। जब एक नारी मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त होती है, तो परिवार में सुख, शांति और प्रेम का वातावरण स्वतः ही स्थापित हो जाता है।” उन्होंने राजयोग और सकारात्मक सोच के माध्यम से स्वयं को संतुलित रखने पर जोर दिया, ताकि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाएं अपनी अहम भूमिका निभा सकें।
विशिष्ट अतिथियों का सम्मान
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले अतिथियों में मुख्य रूप से शामिल थे:
- डॉ. रागिनी भूषण जी
- डॉ. नगम्मा जी (एसोसिएट प्रोफेसर, बायोकेमेस्ट्री विभाग, मणिपाल कॉलेज)
- सिम्मी सरकार जी
संस्था की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने ब्रह्माकुमारीज़ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही भारत को पुनः स्वर्णिम युग की ओर ले जाने का मार्ग है।

संकल्प और राजयोग का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित माताओं-बहनों ने आध्यात्मिक गीतों और अपने अनुभवों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के महत्व को साझा किया। सभी ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक राजयोग ध्यान और ईश्वरीय संदेश के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण शांति और उमंग से भर गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में बी.के. पूनम बहन, शोमा बहन, ज्योति बहन, अनीता बहन और पुष्पा बहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़











