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शेयर बाजार में ‘ब्लैक वेडनेसडे’: सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, निफ्टी 24,400 के नीचे; मिडिल ईस्ट वार ने निवेशकों के डुबोए करोड़ों

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मुंबई/दलाल स्ट्रीट: पश्चिम एशिया (इजरायल-ईरान) में बढ़ते युद्ध के तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिख रहा है। बुधवार, 4 मार्च को बाजार खुलते ही कोहराम मच गया। भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने गोता लगा दिया है।

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बाजार का हाल: लाल निशान में डूबा दलाल स्ट्रीट

​आज सुबह बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। निवेशकों में युद्ध के कारण वैश्विक मंदी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का डर साफ देखा गया:

  • BSE Sensex: सेंसेक्स में 1,500 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई।
  • NSE Nifty: निफ्टी ने 24,400 का महत्वपूर्ण स्तर तोड़ दिया है और इसके नीचे कारोबार कर रहा है।
  • प्रभाव: केवल लार्ज कैप ही नहीं, बल्कि स्मॉल कैप और मिड कैप शेयरों में भी बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है।

FII और DII के आंकड़ों का गणित

​बाजार में अस्थिरता के बीच विदेशी और घरेलू निवेशकों के रुख में बड़ा अंतर देखा गया है:

  • FII (विदेशी निवेशक): इन्होंने 2 मार्च के आंकड़ों के अनुसार 3,295.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर बाजार से पैसा निकाला है।
  • DII (घरेलू निवेशक): घरेलू संस्थानों ने मोर्चा संभालते हुए 8,593.87 करोड़ रुपये की खरीदारी की है, लेकिन युद्ध की खबरों के आगे यह खरीदारी बाजार को संभालने में नाकाम रही।

मिडिल ईस्ट संकट का साया

​बता दें कि सोमवार, 2 मार्च को भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन और तेल बाजार को अनिश्चित कर दिया है। सोमवार को सेंसेक्स जहाँ 1048 अंक टूटकर 80,238 पर बंद हुआ था, वहीं आज की गिरावट ने बाजार को 79,000 के स्तर की ओर धकेल दिया है।

विशेषज्ञों की राय

​बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की नीति अपनानी चाहिए और जल्दबाजी में खरीदारी से बचना चाहिए।

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