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शेयर बाजार में ‘ब्लैक थर्सडे’: 5 मिनट में स्वाहा हुए 8 लाख करोड़, ईरान-अमेरिका तनाव से दलाल स्ट्रीट पर भूचाल

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जमशेदपुर/मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन किसी डरावने सपने से कम नहीं रहा। सुबह बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर ऐसी सुनामी आई कि महज 5 मिनट के भीतर निवेशकों की गाढ़ी कमाई के 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए। वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव ने घरेलू बाजार की कमर तोड़ दी है।

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कच्चे तेल की ‘आग’ में झुलसा बाजार

​बाजार में इस कोहराम की मुख्य वजह ईरान और अमेरिका के बीच अचानक बढ़ा तनाव है। इस खींचतान के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड $112 प्रति बैरल के खतरनाक स्तर को पार कर गया है। तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक निवेशकों में दहशत पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर भारतीय सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला।

सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निफ्टी में भी हाहाकार

​गिरावट के आंकड़े बाजार की बदहाली की पूरी कहानी बयां कर रहे हैं:

  • BSE Sensex: करीब 1800 अंकों (2.35%) की भारी गिरावट के साथ 74,869 के स्तर पर आ गिरा।
  • Nifty 50: 532 अंक (2.23%) टूटकर 23,238 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है।

​कल तक बाजार में जो रौनक दिख रही थी, आज उस पर पूरी तरह पानी फिर गया है। बुधवार को सेंसेक्स 633 अंकों की छलांग लगाकर बंद हुआ था, लेकिन आज की गिरावट ने पिछले सारे लाभ को धो डाला है।

बैंकिंग और इंफ्रा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित

​आज बाजार में हर तरफ लाल निशान का बोलबाला है। सेंसेक्स के सभी 30 दिग्गज शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा मार बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर पड़ी है:

  • HDFC Bank, Axis Bank और Larsen & Toubro (L&T) जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिरे हैं।
  • ​बाजार में ट्रेड हो रहे 2006 शेयरों में से 1390 शेयर भारी गिरावट का शिकार हुए हैं।
  • ​जहाँ केवल 469 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए, वहीं 40 शेयर अपने एक साल के निचले स्तर (52-week low) पर पहुंच गए हैं।