रांची: झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि अपनी संभावित हार देखकर झामुमो नेता बौखलाहट में हैं और मतदाताओं को प्रलोभन देने के साथ-साथ डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।

सत्ता के दुरुपयोग और प्रलोभन का आरोप
प्रदीप वर्मा ने झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार ‘पावर’ का गलत इस्तेमाल कर रही है। उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
- आचार संहिता का उल्लंघन: झामुमो ने अपने कार्यालय से ही चुनाव चिह्न का प्रदर्शन कर आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई हैं।
- प्रलोभन की राजनीति: रांची में झामुमो समर्थित प्रत्याशी की जीत पर तीन फ्लाईओवर बनाने की घोषणा करना और नगर विकास को ‘झामुमो का विभाग’ बताना सीधे तौर पर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है।
- व्यापारियों को धमकी: वर्मा ने कहा कि झामुमो नेताओं द्वारा व्यापारियों के संबंध में दिया गया बयान एक किस्म की धमकी है, जबकि दूसरी ओर ट्रांसपोर्ट नगर और विदेश दौरों का जिक्र प्रलोभन मात्र है।
बैलेट पेपर और बूथ कैप्चरिंग की आशंका
भाजपा नेता ने चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि तकनीक के युग में बैलेट पेपर से चुनाव कराना पीछे की ओर ले जाने वाला कदम है।
”राज्य सरकार ने जानबूझकर बैलेट पेपर का चुनाव चुना है ताकि अपराधियों के दम पर बूथ कैप्चरिंग की जा सके। भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं और अपराधियों को चुनाव प्रभावित करने के काम में लगाया गया है।” — प्रदीप वर्मा, राज्यसभा सांसद
निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग
प्रदीप वर्मा ने राज्य निर्वाचन आयोग से मांग की है कि इन तमाम उल्लंघन और प्रलोभनों को देखते हुए झामुमो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि झामुमो को अपनी जीत का इतना ही भरोसा था, तो भाजपा की मांग मानकर दलीय आधार पर चुनाव क्यों नहीं कराया?
एक नजर में विवाद के मुख्य बिंदु
| भाजपा के आरोप | झामुमो का पक्ष (प्रदीप वर्मा के अनुसार) |
|---|---|
| बैलेट पेपर का चुनाव | बूथ कैप्चरिंग की साजिश |
| फ्लाईओवर की घोषणा | मतदाताओं को सीधा प्रलोभन |
| व्यापारियों पर बयान | डराने और धमकाने का प्रयास |
| चुनावी आधार | दलीय आधार से भागने की कोशिश |











