तेहरान/तेल अवीव: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरी दुनिया के सुरक्षा विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। ‘डेली मेल’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सुरक्षा करने वाले सबसे करीबी घेरे (Inner Circle) में ही दुश्मन का जासूस मौजूद था, जिसकी सटीक जानकारी के दम पर यह हमला मुमकिन हो पाया।

इनर सर्कल में सेंध: बॉडीगार्ड ही बना गद्दार
रिपोर्ट का दावा है कि सीआईए (CIA) ने अपने एक जासूस को खामेनेई की सुरक्षा टीम में इस हद तक शामिल कर दिया था कि वह सुप्रीम लीडर की पल-पल की हरकत से वाकिफ था।
- बंकर की गहराई: खामेनेई को एक ऐसे बंकर में छिपाया गया था जहाँ लिफ्ट से पहुँचने में भी 5 मिनट लगते थे।
- सटीक टाइमिंग: उस जासूस ने ही इजरायल और अमेरिका को हमले का वह सटीक समय बताया जब तमाम कम्युनिकेशन कट किए जा सके और स्ट्राइक को अंजाम दिया गया।
ट्रैफिक कैमरों से मोसाद ने बिछाया जाल
ईरान ने अपने टॉप कमांडरों के फोन तो रखवा लिए थे, लेकिन एक छोटी सी गलती भारी पड़ गई। कमांडरों के बॉडीगार्ड और ड्राइवर फोन का इस्तेमाल कर रहे थे।
- कैमरा नेटवर्क हैक: मोसाद ने तेहरान के पाश्चर स्ट्रीट (वीआईपी इलाका) के ट्रैफिक कैमरों को पहले ही हैक कर लिया था।
- पहचान: इन कैमरों के जरिए इजरायली एजेंसी को पता चल गया कि कौन सा ड्राइवर गाड़ी कहाँ पार्क करता है और कौन सा बॉडीगार्ड किस लीडर के साथ है। इसी कड़ी को जोड़ते हुए मोसाद ने सुरक्षा टीम के पीछे जासूस लगा दिए।
मिसाइल हमले के साथ ‘साइबर वॉर’
शनिवार को जब मिसाइलें तेहरान पर गिरीं, तो केवल धमाके नहीं हुए बल्कि मनोवैज्ञानिक युद्ध भी शुरू हो गया।
- ‘बड़ेसबा’ एप हैक: ईरान में प्रार्थना के समय (Prayer-time) के लिए मशहूर कैलेंडर एप ‘बड़ेसबा’ को हैक कर लिया गया।
- विद्रोही मैसेज: सुबह 9:52 बजे लाखों ईरानियों के फोन पर दनादन मैसेज आने लगे— “मदद रास्ते में है… मौलवियों के खिलाफ उठ खड़े होने का वक्त है… हथियार उठाओ और आजादी चुनो।”
निष्कर्ष: सत्ता परिवर्तन का बड़ा प्लान
पश्चिमी एजेंसियां पिछले साल से ही खामेनेई की लोकेशन ट्रैक कर रही थीं, लेकिन तब उनका मकसद केवल निगरानी था। अब यह साफ हो गया है कि इस बार का हमला पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन (Regime Change) को ध्यान में रखकर किया गया था, जिसमें घर के भेदी ने ही लंका ढाने का काम किया।









