नई दिल्ली: भारत के डेयरी सेक्टर के सबसे बड़े नामों— अमूल (Amul), मदर डेयरी (Mother Dairy) और कंट्री डिलाइट (Country Delight)—को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्वतंत्र लैब Trustified द्वारा किए गए परीक्षणों में इन ब्रांड्स के दूध के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दूध में बैक्टीरिया की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक पाई गई है।

📊 लैब टेस्ट के चौंकाने वाले आंकड़े
परीक्षण में मुख्य रूप से Total Plate Count (TPC) और Coliform बैक्टीरिया की जांच की गई। नतीजे कुछ इस प्रकार रहे:
| ब्रांड | प्रोडक्ट | बैक्टीरिया लेवल (पाया गया) | FSSAI मानक (सीमा) | स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| मदर डेयरी | गाय का दूध | 2,40,000 CFU/ml | 30,000 CFU/ml | 8 गुना अधिक |
| कंट्री डिलाइट | दूध | 60,000 CFU/ml | 30,000 CFU/ml | 2 गुना अधिक |
| अमूल (Taaza) | दूध | 980 CFU/ml (Coliform) | – | मानक से अधिक |
अमूल दही में भी भारी गड़बड़ी
रिपोर्ट में केवल दूध ही नहीं, बल्कि अमूल दही पर भी सवाल उठाए गए हैं। जनवरी 2026 की जांच में पाया गया कि अमूल दही में:
- Coliform बैक्टीरिया: मानक से 2,100 गुना अधिक।
- यीस्ट और मोल्ड: मानक से 60 गुना अधिक।
⚠️ सेहत पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि दूध में बैक्टीरिया का इतना उच्च स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
- यह बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की इम्युनिटी पर सीधा प्रहार कर सकता है।
- Coliform की मौजूदगी संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों का संकेत देती है।
ब्रांड्स और अथॉरिटी का पक्ष
इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अमूल ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि उनके सभी उत्पाद FSSAI के कड़े मानकों का पालन करते हैं। वहीं, सरकारी नियामक संस्था FSSAI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
💡 उपभोक्ताओं के लिए सलाह: > जब तक इस मामले में आधिकारिक सफाई नहीं आ जाती, दूध को हमेशा अच्छी तरह उबालकर ही पिएं। पैकेट खरीदते समय उसकी तारीख (Expiry Date) और पैकेजिंग की बारीकी से जांच करें।









