नई दिल्ली: भारतीय विमानन क्षेत्र की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने मंगलवार को हुई एक संक्षिप्त बैठक में उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण: ‘ऑपरेशनल फेलियर’ और भारी जुर्माना
एविएशन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि पीटर एल्बर्स का यह अचानक लिया गया फैसला हाल के महीनों में इंडिगो द्वारा झेले गए संकटों का नतीजा है।
- 3 लाख यात्री हुए थे परेशान: लगभग तीन महीने पहले इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधान आया था, जिससे देशभर में करीब 3 लाख यात्री अधर में फंस गए थे।
- DGCA की कड़ी कार्रवाई: इस परिचालन संबंधी विफलता के बाद विमानन नियामक DGCA ने सख्त रुख अपनाते हुए इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया था। माना जा रहा है कि इस विनियामक और प्रशासनिक दबाव के कारण ही एल्बर्स को पद छोड़ना पड़ा।
मैनेजमेंट में बदलाव की मुख्य बातें:
- औपचारिक विदाई: पीटर एल्बर्स आज, 10 मार्च 2026 को कार्य समय समाप्त होने के बाद आधिकारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे।
- अंतरिम कमान: उनके जाने के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल भाटिया अंतरिम रूप से इंडिगो के संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे।
- बोर्ड मीटिंग का विवरण: कंपनी के अनुसार, बोर्ड की बैठक शाम 5:30 बजे शुरू हुई और मात्र 15 मिनट के भीतर (5:45 बजे) इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
सेबी (SEBI) के नियमों का पालन
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव सेबी (SEBI) के मास्टर सर्कुलर के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी और आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।
पीटर एल्बर्स के इस अचानक इस्तीफे ने भारतीय एविएशन सेक्टर में हलचल मचा दी है, क्योंकि इंडिगो वर्तमान में भारतीय आकाश में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है। अब देखना यह होगा कि राहुल भाटिया के नेतृत्व में कंपनी इस चुनौतीपूर्ण दौर से कैसे बाहर निकलती है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़











