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UP में सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: होली पर 4 दिन की छुट्टी और समय से पहले मिलेगा वेतन, CM योगी का सख्त आदेश

लखनऊ/ब्यूरो | तीसरी धारा न्यूज

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने होली के पावन पर्व से पहले राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को दोहरी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने न केवल होली पर लंबी छुट्टियों का ऐलान किया है, बल्कि त्योहार से पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के भी कड़े निर्देश दिए हैं।

​इस फैसले से नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के घरों में भी होली की खुशियां दोगुनी हो जाएंगी।

वेतन को लेकर CM योगी का ‘जीरो टॉलरेंस’

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहार से पहले सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन पहुंच जाना चाहिए।

  • इन पर विशेष ध्यान: मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित कर्मियों के अलावा आउटसोर्सिंग, संविदा और सफाईकर्मियों के वेतन भुगतान में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
  • सख्त चेतावनी: वेतन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहार के समय धन की कमी किसी भी परिवार के लिए परेशानी का सबब नहीं बननी चाहिए।

छुट्टियों का गणित: लगातार 4 दिन का ‘मिनी वेकेशन’

​इस बार पंचांग की गणना और चंद्र ग्रहण के चलते छुट्टियों के कैलेंडर में विशेष बदलाव किया गया है। कर्मचारियों को लगातार चार दिनों का अवकाश मिलेगा:

  • 1 मार्च: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)
  • 2 मार्च: सोमवार (होली अवकाश – होलिका दहन)
  • 3 मार्च: मंगलवार (चंद्र ग्रहण के कारण विशेष अवकाश)
  • 4 मार्च: बुधवार (रंगोत्सव/धुलेंडी)

नोट: कार्य संतुलन बनाए रखने के लिए 28 फरवरी (शनिवार) को कार्यदिवस घोषित किया गया है, जिसके बदले 3 मार्च की छुट्टी दी गई है।

धार्मिक गणना और चंद्र ग्रहण का प्रभाव

​धर्माचार्यों के अनुसार, इस वर्ष 3 मार्च को चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। इसी कारण:

  1. होलिका दहन: 2 मार्च को संपन्न होगा।
  2. रंगोत्सव: 4 मार्च को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इन्हीं तिथियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने छुट्टियों का शेड्यूल तैयार किया है।

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट

​सरकार का मानना है कि समय पर वेतन मिलने से कर्मचारी मानसिक सुकून के साथ परिवार संग त्योहार मना सकेंगे। इससे बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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झारखंड में होली पर पुलिस अलर्ट: अधिकारियों और जवानों की छुट्टियां रद्द, मुख्यालय ने जारी किया सख्त आदेश

रांची | तीसरी धारा न्यूज झारखंड में आगामी होली के त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय ने कमर कस ली है। विधि-व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं।

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​झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक निर्देश जारी कर सभी जिलों के कप्तानों को इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विशेष परिस्थिति में ही मिलेगा अवकाश

​एडीजी (अभियान) की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी और एसपी को यह सुनिश्चित करना होगा कि होली के मद्देनजर कोई भी पुलिसकर्मी बिना किसी ठोस कारण के छुट्टी पर न जाए। आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • तत्काल प्रभाव से रोक: होली पर्व की समाप्ति तक किसी भी प्रकार का नया अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
  • अत्यंत आवश्यक कारण: यदि किसी अधिकारी या जवान को बहुत ही अनिवार्य कारणों से छुट्टी चाहिए, तो उन्हें आवेदन में ‘विशेष परिस्थिति’ का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
  • सक्षम प्राधिकारी का निर्णय: केवल संतोषजनक और अपरिहार्य कारण पाए जाने पर ही सक्षम प्राधिकारी छुट्टी मंजूर कर सकेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता

​पुलिस मुख्यालय का मानना है कि रंगों के इस त्योहार पर राज्यभर में भारी भीड़, जुलूस और सामूहिक आयोजनों के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना या हुड़दंग को रोकने के लिए पुलिस बल की शत-प्रतिशत उपलब्धता अनिवार्य है।

मुख्यालय का निर्देश: “त्योहार के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती रहेगी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता और पर्याप्त बल का होना जरूरी है, इसीलिए मैनपावर की कमी न हो, यह हमारी प्राथमिकता है।”

तीसरी धारा न्यूज की अपील: होली भाईचारे का त्योहार है, कृपया नियमों का पालन करें और शांति बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।

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1 मार्च से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम: WhatsApp से लेकर UPI और बैंक बैलेंस तक, आपकी जेब और सुविधा पर होगा सीधा असर

नई दिल्ली | तीसरी धारा न्यूज

कल से मार्च का महीना शुरू हो रहा है और इसी के साथ आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सिम बाइंडिंग से लेकर बैंक ट्रांजैक्शन और रसोई गैस की कीमतों तक, ये बदलाव आपकी जेब और काम करने के तरीके को प्रभावित करेंगे।

​इन नियमों को अनदेखा करना आपको परेशानी में डाल सकता है। आइए जानते हैं 1 मार्च से क्या-क्या बदलने वाला है:

1. WhatsApp और Telegram पर ‘सिम बाइंडिंग’ का पहरा

​ऑनलाइन धोखाधड़ी और फेक अकाउंट्स पर लगाम लगाने के लिए सरकार ‘सिम बाइंडिंग’ नियम लागू कर सकती है।

  • क्या है नियम: अब जिस नंबर से आपका WhatsApp या Telegram अकाउंट बना है, वह सिम उसी फोन में मौजूद होनी चाहिए।
  • असर: अगर आपने सिम निकाल दी या किसी दूसरे फोन में डाल दी, तो आपका अकाउंट बंद हो सकता है। WhatsApp Web इस्तेमाल करने वालों को बार-बार लॉगिन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।

2. UPI ट्रांजैक्शन: ₹2000 से ऊपर की पेमेंट पर एक्स्ट्रा सिक्योरिटी

​डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए NPCI बड़ा कदम उठा रहा है। अब ₹2000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा की एक और परत जोड़ी जाएगी।

  • सावधानी: यदि आप किसी नई लोकेशन, नए डिवाइस या असामान्य राशि का भुगतान करते हैं, तो ऐप आपसे अतिरिक्त कंफर्मेशन या दोबारा पिन मांग सकता है।

3. बैंक मिनिमम बैलेंस: अब नहीं कटेगा बेवजह जुर्माना!

​बैंक ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। अभी तक किसी एक दिन भी बैलेंस कम होने पर पेनल्टी लग जाती थी।

  • राहत: अब बैंक औसत मासिक बैलेंस (Average Monthly Balance) के आधार पर जुर्माना तय करेंगे। यानी अगर महीने के कुछ दिन बैलेंस कम भी रहा, लेकिन पूरे महीने का औसत सही है, तो आप पर पेनल्टी नहीं लगेगी।

4. रेलवे टिकट बुकिंग के लिए नया और आसान ऐप

​भारतीय रेलवे टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है।

  • सुविधा: जल्द ही एक नया ऐप लॉन्च होगा जहां जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और लोकल ट्रैवल की सुविधा एक ही जगह मिलेगी। बार-बार ओटीपी और कैप्चा (Captcha) के झंझट से मुक्ति मिलेगी और बुकिंग तेज होगी।

5. LPG सिलेंडर की नई कीमतें

​हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां गैस के दाम तय करती हैं।

  • अनुमान: रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 मार्च से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। घरेलू उपभोक्ताओं को भी कीमतों पर नजर रखनी होगी क्योंकि त्योहारों का सीजन नजदीक है।
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झारखंड निकाय चुनाव परिणाम: छोटे शहरों में निर्दलीयों का ‘दम’, दिग्गज दलों को पछाड़ 17 नगरों पर जमाया कब्जा

रांची: झारखंड के नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों ने इस बार बड़े राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। छोटे शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके लिए पार्टी की ब्रांडिंग से ज्यादा ‘व्यक्तिगत छवि’ और ‘स्थानीय मुद्दे’ मायने रखते हैं। चुनाव परिणामों में निर्दलीय उम्मीदवारों का पलड़ा भारी रहा है, जिन्होंने राज्य के प्रमुख दलों—भाजपा और झामुमो—को कड़ी टक्कर दी है।

निर्दलीयों का दबदबा: 17 नगरों में लहराया परचम

​झारखंड के 39 छोटे शहरों में से 17 नगर अध्यक्ष पदों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इन उम्मीदवारों ने बिना किसी बड़े दलीय समर्थन के सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे बुनियादी मुद्दों पर चुनाव लड़ा और जनता का भरोसा जीता।

  • नगर परिषद: 20 परिषदों में से 9 पर निर्दलीयों का कब्जा।
  • नगर पंचायत: 19 पंचायतों में से 8 पर निर्दलीयों की जीत।

भाजपा और झामुमो के बीच सीधा मुकाबला

​बड़े दलों की बात करें तो भाजपा ने संतुलित उपस्थिति दर्ज कराते हुए कुल 11 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि सत्ताधारी झामुमो के खाते में 9 सीटें आई हैं।

  • ​झामुमो का प्रभाव उसके पारंपरिक गढ़ संताल और कोल्हान क्षेत्र में बरकरार दिखा।
  • ​भाजपा ने विभिन्न जिलों में अपनी संगठनात्मक मजबूती का परिचय दिया।
  • कांग्रेस को मात्र 2 सीटों (फुसरो और रामगढ़ नगर परिषद) से संतोष करना पड़ा, जबकि माले ने धनवार नगर पंचायत में एक सीट पर जीत दर्ज की।

विजेताओं की सूची: एक नजर में

निर्दलीय विजेताओं का गढ़ (प्रमुख नाम):

शहरविजेता प्रत्याशी
गढ़वा नगर परिषदआशीष सोनी उर्फ दौलत सोनी
चतरा नगर परिषदअताउर रहमान
सिमडेगा नगर परिषदओलिवर लकड़ा
झुमरीतिलैया नगर परिषदरमेश हर्षधर
लातेहार नगर पंचायतमहेश सिंह
जामताड़ा नगर पंचायतआशा गुप्ता

भाजपा समर्थित मुख्य विजेता:

  • नगर परिषद: मिहिजाम (जयश्री देवी), मधुपुर (मिती कुमारी), लोहरदगा (अनिल उरांव), गुमला (शकुंतला उरांव)।
  • नगर पंचायत: खूंटी (रानी टूटी), डोमचांच (उमेश वर्मा), बड़कीसरैया (शोभा देवी)।

झामुमो समर्थित मुख्य विजेता:

  • नगर परिषद: साहिबगंज (रामनाथ पासवान), दुमका (अभिषेक चौरसिया), चाईबासा (नितिन प्रकाश), जुगसलाई (नौशान खान)।
  • नगर पंचायत: बुंडू (जीतेंद्र उरांव), सरायकेला (मनोज कुमार चौधरी)।

गठबंधन की स्थिति: ‘इंडिया’ और ‘एनडीए’ को झटका?

​दिलचस्प बात यह रही कि इस चुनाव में आजसू और राजद समर्थित किसी भी प्रत्याशी की जीत की जानकारी सामने नहीं आई है। नगर पंचायतों में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका, जो गठबंधन के लिए मंथन का विषय हो सकता है।

निष्कर्ष: झारखंड के शहरी मतदाताओं ने इस बार ‘पार्टी सिंबल’ के बजाय ‘लोकल लीडर’ को प्राथमिकता दी है। यह परिणाम आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा संकेत है कि जनता अब रिपोर्ट कार्ड और जमीनी सक्रियता के आधार पर वोट कर रही है।

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सुप्रीम कोर्ट में गजब ड्रामा: ‘पत्नी को घर ले जाओ, खाना तो बनाएगी’, 325 रुपये की दिहाड़ी पर जज ने कंपनी की बुलाई शामत

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के गलियारे शनिवार को एक ऐसे ड्रामे के गवाह बने, जिसने न्याय की तराजू पर ‘पति की फकीरी’ और ‘पत्नी के अधिकार’ की जंग को एक नया मोड़ दे दिया। मेंटेनेंस (गुजारा भत्ता) के एक मामले में पति के वकील ने जब मुवक्किल की कमाई का खुलासा किया, तो कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया।

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कमाई ₹325 और मेंटेनेंस ₹10,000: कोर्ट का सख्त रुख

​’बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, पति के वकील ने दलील दी कि उसका मुवक्किल दिन के मात्र ₹325 कमाता है। वकील का इरादा कोर्ट से सहानुभूति बटोरना था, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। अदालत ने इस आंकड़े को ‘अविश्वसनीय’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।

​जब कोर्ट ने ₹10,000 प्रति माह मेंटेनेंस देने का आदेश दिया, तो वकील ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर जज ने बेहद तल्ख लेकिन व्यवहारिक टिप्पणी करते हुए कहा:

“अगर आप पैसे नहीं दे सकते, तो अपनी पत्नी को साथ घर ले जाइए। कम से कम वह आपके लिए खाना तो बनाएगी और बच्चों का ख्याल रखेगी।”

अब फंसी वो कंपनी, जो दे रही है इतनी कम सैलरी

​मामला तब और गंभीर हो गया जब पति के वकील ने हलफनामा देने की बात कही कि उनका मुवक्किल वाकई इतनी कम कमाई करता है। इस पर कोर्ट ने उस कंपनी को ही कटघरे में खड़ा करने के संकेत दिए हैं जहाँ पति कार्यरत है।

  • कोर्ट का सवाल: साल 2026 के दौर में कोई कंपनी अपने कर्मचारी को इतनी कम मजदूरी कैसे दे सकती है?
  • अगला कदम: कोर्ट अब कंपनी से जवाब मांगेगा कि क्या वह कर्मचारियों का शोषण कर रही है या फिर यह कोर्ट को गुमराह करने की कोई चाल है।

रिश्तों की कड़वाहट और कानूनी पेंच

​बहस के दौरान पति के वकील ने सफाई दी कि पत्नी ने पति के माता-पिता पर भी केस कर दिया है, जिससे रिश्ते में सुलह की गुंजाइश खत्म हो चुकी है। वहीं, जब कंपनी को बुलाने की बात हुई, तो वकील ने चुटकी लेते हुए कहा, “हुजूर, यह बाकी कर्मचारियों के लिए भी अच्छा होगा, शायद उनकी सैलरी बढ़ जाए।”

मुख्य बिंदु: एक नजर में

सवालजवाब
दावा की गई कमाई₹325 प्रतिदिन
कोर्ट का आदेश₹10,000 प्रति माह मेंटेनेंस
जज की टिप्पणी‘पैसे नहीं तो पत्नी को घर ले जाओ, खाना बनाएगी’
वर्तमान स्थितिफैसला सुरक्षित (Reserve), कंपनी से मांगा जा सकता है जवाब
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बड़ी खबर: तालिबान का दावा- अफगानिस्तान ने मार गिराया पाकिस्तान का लड़ाकू विमान, पायलट को बनाया बंदी

काबुल/इस्लामाबाद: डूरंड रेखा पर जारी तनाव अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। अफगान मीडिया आउटलेट ‘टोलो न्यूज’ ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से एक सनसनीखेज दावा किया है कि तालिबान सेना ने नंगरहार प्रांत में पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान (Fighter Jet) को मार गिराया है।

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पायलट को जिंदा पकड़ने का दावा

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान गिरने के बाद पाकिस्तानी पायलट को तालिबान सैनिकों ने जिंदा पकड़ लिया है। हालांकि, अभी तक पकड़े गए पायलट के नाम या विमान के मॉडल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि तालिबान ने इस आधुनिक जेट को किस हथियार (मिसाइल या एंटी-एयरक्राफ्ट गन) से निशाना बनाया।

तोर्खम बॉर्डर बना युद्ध का मैदान

​अफगान मीडिया और स्थानीय रिपोर्टरों के अनुसार, तोर्खम सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच भीषण जंग छिड़ गई है।

  • हमले की तीव्रता: तोर्खम के कमिश्नर मुल्ला ताज मोहम्मद नक्शबंदी ने बताया कि अफगान सेना ने पाकिस्तानी सेना के सप्लाई डिपो, सैन्य ठिकानों और तीन महत्वपूर्ण टावरों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
  • बड़ा नुकसान: तालिबान का दावा है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सैनिकों को जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद का कड़ा रुख

​कंधार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:

​”पाकिस्तान में एक विशेष गुट पूरे इलाके को अस्थिर करने की साजिश रच रहा है। हमने कई बार बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन इस्लामाबाद शांति नहीं चाहता। पाकिस्तान लगातार युद्ध के बहाने ढूंढ रहा है और अपने आंतरिक संकट का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ रहा है।”

​मुजाहिद ने पुष्टि की कि अफगानिस्तान की एयर फोर्स ने पाकिस्तान के सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तानी विमान लगातार अफगानिस्तान की हवाई सीमा (Airspace) का उल्लंघन कर रहे थे।

क्यों भड़की यह आग?

​तनाव की शुरुआत तब हुई जब गुरुवार रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए थे। तालिबान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया और जवाबी कार्रवाई शुरू की।

क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा

​विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं रुका, तो यह पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों ही देश आर्थिक और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: इजराइल और अमेरिका का ईरान पर भीषण मिसाइल हमला, तेहरान में हड़कंप

तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। शनिवार तड़के संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमला किया है। इस हमले के बाद पूरे तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया है।

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राष्ट्रपति भवन के पास धमाके, सुरक्षित स्थान पर भेजे गए खामेनेई

​सूत्रों के मुताबिक, इस जवाबी कार्रवाई में ईरान के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ‘राष्ट्रपति भवन परिसर’ को भी निशाना बनाया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई को आनन-फानन में किसी अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। यह हमला उस समय हुआ है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच पर्दे के पीछे राजनयिक बातचीत के प्रयास जारी थे।

इजराइल के रक्षा मंत्री का बड़ा बयान: ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ की शुरुआत

​तनावपूर्ण स्थिति के बीच इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे एक ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ (निवारक हमला) करार दिया है। कैट्ज ने कहा:

​”इजराइल के खिलाफ पैदा हो रहे खतरों को जड़ से मिटाने के लिए हमने ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। हमें अंदेशा है कि इजराइल के नागरिकों पर जल्द ही मिसाइल और ड्रोन हमले हो सकते हैं, इसलिए पूरे देश में तत्काल प्रभाव से ‘स्पेशल इमरजेंसी’ लागू कर दी गई है।”

​रक्षा मंत्री ने ‘होम फ्रंट’ पर विशेष आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका अर्थ है कि इजराइल अब किसी भी बड़े जवाबी हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।

बातचीत की मेज से युद्ध के मैदान तक: क्यों बिगड़े हालात?

​हैरानी की बात यह है कि फरवरी 2026 में अमेरिका और ईरान ने अपने पुराने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत की पहल की थी। दोनों देश एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध से बचना चाहते थे। लेकिन इजराइल इस बातचीत से संतुष्ट नहीं था।

  • इजराइल की मांग: किसी भी समझौते में ईरान का न्यूक्लियर फ्यूल बनाने का प्रोसेस रुकने के साथ-साथ उसकी न्यूक्लियर फैसिलिटी पूरी तरह खत्म होनी चाहिए।
  • मिसाइल प्रोग्राम पर विवाद: इजराइल ने अमेरिका पर दबाव बनाया था कि समझौते में ईरान के मिसाइल प्रोग्राम पर भी पाबंदी लगाई जाए।
  • ईरान का रुख: ईरान आर्थिक पाबंदियां हटने की शर्त पर न्यूक्लियर लिमिट्स पर तो विचार करने को तैयार था, लेकिन उसने अपने मिसाइल प्रोग्राम को समझौते का हिस्सा बनाने से साफ इनकार कर दिया था।

जून से ही सुलग रही थी चिंगारी

​बता दें कि जून 2026 में ही हालात तब बिगड़ने लगे थे जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी की थी। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि उसके पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी बेस का इस्तेमाल उसके खिलाफ हुआ, तो वह उन देशों और अमेरिकी ठिकानों पर भीषण पलटवार करेगा।

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नगर निकाय चुनाव: “जनता ने बैलेट पेपर से भाजपा के ‘ध्रुवीकरण’ को नकारा” – कांग्रेस नेता संजीव रंजन

जमशेदपुर/कोल्हान: झारखंड नगर निकाय चुनाव के परिणामों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता संजीव रंजन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इन परिणामों ने साबित कर दिया है कि झारखंड की जनता अब जाति और धर्म की राजनीति को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

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ईवीएम बनाम बैलेट पेपर पर तंज

​संजीव रंजन ने भाजपा की हार (विपक्षी दृष्टिकोण से) को बैलेट पेपर की जीत बताया। उन्होंने कहा:

“लगातार ईवीएम (EVM) से चुनाव कराने की मांग करने वाली भाजपा आज बैलेट पेपर से हुए इस चुनाव में चारों खाने चित हो गई है। जब जनता को निष्पक्ष माध्यम मिला, तो उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों को सिरे से नकार दिया।”

काम और विकास की हुई जीत

​कांग्रेस नेता ने कोल्हान समेत पूरे झारखंड के चुनावी रुझानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा ने समाज को बांटने की कोशिश की, लेकिन जनता ने काम और विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने कोल्हान के परिणामों को भाजपा के लिए एक ‘सबक’ करार दिया।

बयान के मुख्य बिंदु:

  • जाति-धर्म की राजनीति विफल: संजीव रंजन के अनुसार, जनता ने ध्रुवीकरण की राजनीति को दरकिनार कर दिया है।
  • जनता का जवाब: निकाय चुनाव के परिणाम भाजपा की नीतियों के खिलाफ जन-आक्रोश हैं।
  • बधाई संदेश: उन्होंने कोल्हान और राज्य भर से विजयी हुए सभी प्रत्याशियों को जीत की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे जनभावनाओं के अनुरूप विकास करेंगे।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

​संजीव रंजन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा कुछ क्षेत्रों में अपनी जीत का जश्न मना रही है (जैसे आदित्यपुर में संजय सरदार की जीत)। ऐसे में कांग्रेस नेता का यह प्रहार आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को और तेज कर सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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IPL 2026: फैंस को करना होगा थोड़ा और इंतज़ार, देरी से शुरू हो सकता है क्रिकेट का महाकुंभ

नई दिल्ली/मुंबई: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज़ का इंतज़ार कर रहे क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, टूर्नामेंट की शुरुआत में दो दिनों की देरी हो सकती है। जहाँ पहले इसके 26 मार्च से शुरू होने की संभावना थी, वहीं अब माना जा रहा है कि आईपीएल का 19वां सीजन 28 या 29 मार्च से शुरू होगा।

क्यों हो रही है देरी?

​दिसंबर में अबू धाबी में हुए मिनी ऑक्शन के बाद से ही 26 मार्च की तारीख चर्चा में थी, लेकिन अब इसमें बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। देरी का मुख्य कारण चार राज्यों (तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल) में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव बताए जा रहे हैं। बीसीसीआई (BCCI) सुरक्षा इंतजामों और चुनावी तारीखों के टकराव से बचने के लिए सावधानी बरत रहा है।

शेड्यूल को लेकर ‘दो भागों’ वाली रणनीति

​बीसीसीआई पर फ्रेंचाइजियों का दबाव बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते बोर्ड एक विशेष रणनीति अपना सकता है:

  1. आंशिक शेड्यूल (Partial Schedule): मार्च के पहले सप्ताह में बीसीसीआई आईपीएल के शुरुआती मैचों का कार्यक्रम जारी कर सकता है।
  2. पूर्ण शेड्यूल (Full Schedule): चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव की तारीखों के आधिकारिक ऐलान के बाद, टूर्नामेंट के दूसरे हिस्से का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।

फ्रेंचाइजियों में अनौपचारिक चर्चा तेज़

​हालांकि अभी तक बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजियों को कोई लिखित सूचना नहीं दी है, लेकिन टीमों के बीच अनौपचारिक तौर पर कार्यक्रम में बदलाव की चर्चा शुरू हो चुकी है। सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि क्या ओपनिंग की तारीख बढ़ने से फाइनल मुकाबले की तारीख को भी आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं।

तीसरी धारा न्यूज की नज़र: मार्च के पहले सप्ताह में बीसीसीआई द्वारा आंशिक या अस्थायी कार्यक्रम जारी किए जाने की प्रबल संभावना है। क्रिकेट जगत की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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आदित्यपुर नगर निगम: संजय सरदार की प्रचंड जीत, 7795 मतों के अंतर से झामुमो को दी पटखनी

आदित्यपुर: नगर निगम चुनाव के बहुप्रतीक्षित परिणामों ने शहर की राजनीतिक दिशा साफ कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित प्रत्याशी संजय सरदार ने एकतरफा मुकाबले में शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) समर्थित प्रत्याशी भुगलू सोरेन को एक बड़े अंतर से पराजित कर भगवा परचम लहराया है।

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चुनावी आंकड़ों का गणित

​मतगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, यह मुकाबला पूरी तरह से संजय सरदार के पक्ष में नजर आया। आंकड़ों पर एक नजर:

प्रत्याशीपार्टी समर्थनप्राप्त मत
संजय सरदारभाजपा24,615
भुगलू सोरेनझामुमो16,820
जीत का अंतर7,795

यह विशाल अंतर क्षेत्र में भाजपा की मजबूत पकड़ और वर्तमान नेतृत्व पर जनता के भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

“यह जनता और कार्यकर्ताओं की जीत है” – संजय सरदार

​अपनी जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद नवनिर्वाचित प्रतिनिधि संजय सरदार ने अत्यंत विनम्रता दिखाई। उन्होंने इस सफलता का श्रेय आदित्यपुर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया।

​”यह मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि आदित्यपुर के प्रत्येक नागरिक की जीत है। भाजपा नेतृत्व ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, मैं उसका पूरी ईमानदारी से निर्वहन करूँगा। मेरा प्राथमिक लक्ष्य नगर निगम क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना है।”

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विकास का नया रोडमैप

​संजय सरदार ने पदभार संभालने से पहले ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि आने वाले समय में निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • बुनियादी ढांचा: जर्जर सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों का निर्माण।
  • जल निकासी: जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम में सुधार।
  • स्वच्छ पेयजल: हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
  • पारदर्शिता: नगर निगम के कार्यों में भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी कार्यप्रणाली।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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