एक नई सोच, एक नई धारा

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जमशेदपुर में होली की धूम: रघुवर दास और अर्जुन मुंडा के आवास पर उमड़ा जनसैलाब, रंगों के उत्सव में सराबोर हुआ लौहनगरी

जमशेदपुर: रंगों का पावन पर्व होली जमशेदपुर में पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। शहर की गलियों, मोहल्लों और कॉलोनियों में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा, जहाँ बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की टोलियों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर भाईचारे का संदेश दिया। छोटे से लेकर बड़े तक, हर कोई अपने खास अंदाज में इस त्योहार का आनंद लेता नजर आया।

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दिग्गज राजनेताओं के संग खेली गई होली

​जमशेदपुर में राजनीति के बड़े चेहरों ने भी जनता के साथ मिलकर रंगों के इस उत्सव का आनंद लिया:

  • रघुवर दास और पूर्णिमा दास साहू: ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास और जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने जमकर होली खेली। उनके आवास पर सुबह से ही शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों का तांता लगा रहा, जो उन्हें होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे थे।
  • अर्जुन मुंडा और मीरा मुंडा: पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और उनकी पत्नी मीरा मुंडा ने भी हर्षोल्लास के साथ होली का त्योहार मनाया। उनके आवास पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
  • शुभकामनाओं का दौर: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले और जिला कोषाध्यक्ष काली शर्मा ने अर्जुन मुंडा को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी और सुख-समृद्धि की कामना की।
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उल्लास में डूबा लौहनगरी

​शहर की विभिन्न कॉलोनियों में डीजे की धुन और पारंपरिक गीतों पर लोग झूमते नजर आए। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव मनाया जा सके। कुल मिलाकर, जमशेदपुर में इस बार की होली एकता और खुशियों के रंगों से सजी रही।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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बिहार की राजनीति में महा-बदलाव! नीतीश कुमार जा सकते हैं राज्यसभा, बेटे निशांत को डिप्टी CM बनाने की चर्चा

पटना: बिहार के सियासी गलियारों में एक ऐसे बड़े फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है, जो राज्य की सत्ता का पूरा स्वरूप बदल सकता है। राजनीतिक हलकों में यह खबर गर्म है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़कर अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर रुख करेंगे और राज्यसभा जा सकते हैं। वहीं, उनके बेटे निशांत कुमार को बिहार की राजनीति में बड़ा दायित्व सौंपे जाने की संभावना है।

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नीतीश कुमार कल कर सकते हैं नामांकन

​सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। चर्चा है कि वह 5 मार्च को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। पिछले 20 वर्षों से (जीतन राम मांझी के कुछ महीनों के कार्यकाल को छोड़कर) बिहार की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार के इस फैसले को बिहार की राजनीति के एक युग का अंत माना जा रहा है।

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री: बनेंगे डिप्टी CM?

​लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगे। हाल ही में 1 मार्च को पिता के जन्मदिन पर उनकी सार्वजनिक मौजूदगी ने इन चर्चाओं को और बल दिया था। अब नए समीकरण के तहत उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

बीजेपी से हो सकता है अगला मुख्यमंत्री

​नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में जाने की स्थिति में बिहार में सत्ता का नया फॉर्मूला लागू हो सकता है। चर्चा है कि:

  • ​बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा (BJP) से होगा।
  • ​निशांत कुमार के साथ शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए जदयू और भाजपा के शीर्ष नेता नए समीकरणों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

NDA की बैठक में लग सकती है मुहर

​इन तमाम संभावनाओं पर आज पटना में होने वाली NDA विधायकों की बैठक में अंतिम मुहर लग सकती है। इससे पहले जदयू के वरिष्ठ नेता संजय झा और ललन सिंह ने नई दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ लंबी मुलाकात की है। संजय झा के बुधवार सुबह दिल्ली से पटना लौटते ही राज्य में हलचल और बढ़ गई है।

सियासी समीकरण एक नजर में:

| पद | संभावित नाम |

| राज्यसभा प्रत्याशी | नीतीश कुमार |

| अगला मुख्यमंत्री | भाजपा का कोई वरिष्ठ चेहरा |

| उपमुख्यमंत्री | निशांत कुमार (जदयू) |

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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खौफनाक: झारखंड सीमा पर युवती की निर्मम हत्या, पहचान छिपाने के लिए शव को जलाया; इलाके में दहशत

जमशेदपुर/सीमावर्ती क्षेत्र: झारखंड के सीमावर्ती इलाके में अपराधियों के दुस्साहस की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। एक अज्ञात युवती की बेरहमी से हत्या करने के बाद अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से उसके शव को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

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शराब की बोतलें और संदिग्ध वस्तुएं बरामद

​घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी धनंजय कुमार पासवान दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस को घटनास्थल के पास से शराब की बोतलें और कुछ अन्य संदिग्ध वस्तुएं मिली हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने पहले युवती के साथ किसी अनहोनी को अंजाम दिया, फिर उसकी हत्या कर शव को जला दिया।

पहचान छिपाने की कोशिश, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

​युवती का चेहरा और शरीर इतनी बुरी तरह जल चुका है कि फिलहाल उसकी पहचान करना पुलिस के लिए संभव नहीं हो पा रहा है। पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए निम्नलिखित कदम उठा रही है:

  • पोस्टमार्टम: शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों और समय का पता चल सके।
  • गुमशुदगी की जांच: आसपास के थानों में दर्ज हालिया गुमशुदगी के मामलों की पड़ताल की जा रही है।
  • अंतरराज्यीय सहयोग: घटनास्थल सीमा क्षेत्र होने के कारण झारखंड पुलिस ने ओडिशा पुलिस से भी संपर्क साधा है।
  • सोशल मीडिया: पुलिस सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से युवती की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है।

ग्रामीणों ने की शीघ्र खुलासे की मांग

​इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और युवती की पहचान होने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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मिडल ईस्ट में युद्ध के बीच भारत की ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ को लेकर राहत वाली खबर: पेट्रोल-डीजल की किल्लत नहीं, सरकार के पास 45 दिनों का बैकअप

नई दिल्ली: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते संघर्ष ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लगभग ठप कर दिया है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का आधा कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगाता है, ऐसे में देश के भीतर ईंधन की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं। लेकिन भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि देश के पास फिलहाल पर्याप्त तेल और गैस का भंडार मौजूद है।

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पेट्रोलियम मंत्री का भरोसा: “सप्लाई में नहीं आएगी कोई रुकावट”

​पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (LPG) की कोई किल्लत नहीं होगी। मंत्रालय ने देशभर में सप्लाई और स्टॉक की रियल-टाइम निगरानी के लिए 24×7 कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया है।

भारत के पास कितना है ‘स्टॉक’?

​भारत ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मजबूत ‘स्टॉक गणित’ तैयार रखा है:

  • तेल कंपनियों का बैकअप: IOCL, BPCL और HPCL जैसी कंपनियों के पास 25 दिनों का कच्चा तेल और 25 दिनों का तैयार पेट्रोल-डीजल सुरक्षित है।
  • रणनीतिक भंडार (SPR): विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर के भूमिगत टैंकों में 5.33 मिलियन टन तेल जमा है।
  • फ्लोटिंग कार्गो: समुद्र में मौजूद जहाजों को मिलाकर भारत के पास लगभग 40 से 45 दिनों का ‘इंपोर्ट कवर’ मौजूद है।

अगर युद्ध लंबा चला तो क्या होगा? भारत का ‘प्लान-B’ तैयार

​यदि मिडल ईस्ट संकट एक महीने से ज्यादा खिंचता है, तो सरकार ने चार सूत्रीय रणनीति बनाई है:

  1. रूसी तेल पर जोर: रूस से आने वाला तेल होर्मुज के रास्ते नहीं गुजरता, इसलिए भारत वहां से खरीदारी और बढ़ाएगा।
  2. रूट का बदलाव: भारत अब होर्मुज (40%) के बजाय उत्तरी अमेरिका, लैटिन अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका जैसे सुरक्षित समुद्री रास्तों पर निर्भरता बढ़ा रहा है।
  3. निर्यात पर अंकुश: जरूरत पड़ने पर सरकार घरेलू रिफाइनरियों को आदेश दे सकती है कि वे पेट्रोल-डीजल का निर्यात रोककर सारा उत्पादन देश के भीतर ही रखें।
  4. गैस के नए साझीदार: कतर में उत्पादन रुकने की स्थिति में भारत अब कनाडा और नॉर्वे से अतिरिक्त LNG मंगाने की बातचीत कर रहा है।

क्या बढ़ेंगे दाम?

​फिलहाल ब्रेंट क्रूड $85 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो चिंता का विषय है। हालांकि, सरकार की कोशिश है कि ‘प्राइस स्टेबलाइजेशन’ के जरिए कीमतों का बोझ आम आदमी पर न डाला जाए।

भविष्य की तैयारी: 90 दिनों का बैकअप

​ऊर्जा सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए ओडिशा के चंडीखोल और कर्नाटक के पादुर में नए रणनीतिक भंडार बनाने का काम तेज कर दिया गया है। इससे भारत का बैकअप क्षमता बढ़कर 90 दिनों की हो जाएगी। साथ ही, घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रति वर्ष 100 नए कुएं खोदने का लक्ष्य रखा गया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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दुबई में फंसा रांची का नवविवाहित जोड़ा: युद्ध के बीच फंसे सेल अधिकारी और डॉक्टर पत्नी, CM हेमंत सोरेन से लगाई गुहार

रांची: मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में छिड़े भीषण युद्ध और ईरान-इजरायल संघर्ष की आग अब झारखंड के घरों तक पहुँच गई है। रांची के रहने वाले अतुल उरांव और उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा, जो अपने सुनहरे भविष्य के सपने संजोकर हनीमून के लिए दुबई गए थे, अब वहां के बिगड़ते हालातों के बीच फंस गए हैं।

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आज होनी थी वतन वापसी, रद्द हुईं उड़ानें

​अतुल उरांव, जो Steel Authority of India Limited (सेल) में एक जिम्मेदार अधिकारी हैं, अपनी पत्नी डॉ. कंचन के साथ शादी के बाद छुट्टियां बिताने दुबई गए थे। उनकी वापसी के लिए आज, 4 मार्च के टिकट बुक थे। लेकिन युद्ध के तनाव और हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं।

मार्मिक वीडियो जारी कर मांगी मदद

​दुबई से जारी एक भावुक वीडियो में इस जोड़े ने अपनी बेबसी जाहिर की है। वीडियो में अतुल और डॉ. कंचन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे वहां असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और जल्द से जल्द झारखंड लौटना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजधानी रांची में उनके परिवार और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ा दी है।

“हम यहां फंस गए हैं, सभी फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं। हालात खराब हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी, कृपया हमें वापस सुरक्षित घर बुलाने में मदद करें।”अतुल उरांव (वायरल वीडियो से)

युद्ध के कारण वैश्विक संकट

​बता दें कि मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य हमलों और अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद खाड़ी देशों से उड़ान भरना जोखिम भरा हो गया है। दुबई जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हब से भी उड़ानों का संचालन ठप होने से हजारों भारतीय पर्यटक वहां फंस गए हैं, जिनमें रांची का यह जोड़ा भी शामिल है।

क्या करेगी सरकार?

​झारखंड सरकार और विदेश मंत्रालय से अब उम्मीदें टिकी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग कर सोशल मीडिया पर लोग लगातार इस दंपति की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं। सेल (SAIL) प्रबंधन भी अपने अधिकारी की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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चाईबासा: होली से पहले खूनी संघर्ष, अवैध शराब पर छापेमारी करने गई उत्पाद विभाग की टीम पर जानलेवा हमला

चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में होली की तैयारियों के बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। चाईबासा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत आरगुंडी गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में विभाग के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) मंटू अग्रवाल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

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गुप्त सूचना पर पहुंची थी टीम, अचानक हुआ हमला

​जानकारी के अनुसार, उत्पाद आयुक्त निरंजन तिवारी को चाईबासा-चक्रधरपुर मुख्य मार्ग के पास स्थित आरगुंडी गांव में अवैध शराब निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी। इस आधार पर 8 से 10 सदस्यीय टीम छापेमारी के लिए गांव पहुंची। जैसे ही टीम ने चिन्हित घर में तलाशी शुरू की, अवैध कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने अचानक दावली (धारदार हथियार) से टीम पर हमला बोल दिया।

ASI के गर्दन और पीठ पर गहरा वार

​हमलावर का मुख्य निशाना एएसआई मंटू अग्रवाल बने। आरोपी ने उनके गर्दन और पीठ पर जोरदार वार किया, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। टीम के अन्य सदस्यों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शोर मचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तीर-धनुष और पारंपरिक हथियारों के साथ मौके पर जुट गए और पूरी टीम को गांव से खदेड़ दिया।

अस्पताल में भर्ती, स्थिति गंभीर

​गंभीर रूप से घायल मंटू अग्रवाल को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है। घटना की पुष्टि करते हुए अवर निरीक्षक रामचंद्र ठाकुर ने बताया कि विभाग अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है और यह कार्रवाई उसी का हिस्सा थी।

तीसरी धारा न्यूज की अपील: होली के त्यौहार पर शांति बनाए रखें और कानून को हाथ में न लें। प्रशासन अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त है, ऐसे में जनता का सहयोग अपेक्षित है।

प्रमुख बिंदु:

  • स्थान: आरगुंडी गांव, मुफस्सिल थाना क्षेत्र, चाईबासा।
  • घायल: एएसआई मंटू अग्रवाल (उत्पाद विभाग)।
  • हथियार: दावली, तीर-धनुष और अन्य पारंपरिक हथियार।
  • वजह: अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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ईरान-इजरायल संघर्ष का भारत पर ‘ब्लैक वेडनेसडे’: निवेशकों के 9.7 लाख करोड़ स्वाहा, रुपया ₹92 के पार

मुंबई/नई दिल्ली: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के बादलों ने भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था की नींव हिला दी है। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक बाजारों में मचे हड़कंप का सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला। मात्र दो कारोबारी सत्रों में भारतीय निवेशकों की करीब 9.7 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खाक हो गई है।

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शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1,710 अंक टूटा

​बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में ‘रक्तपात’ जैसी स्थिति रही। चौतरफा बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक धराशायी हो गए:

  • सेंसेक्स: 1,710 अंकों की भारी गिरावट के साथ 78,529 पर बंद हुआ। यह पिछले साल अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर है।
  • निफ्टी 50: 477 अंक लुढ़ककर 24,389 के स्तर पर आ गया। सात महीनों में पहली बार निफ्टी 24,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसला है।
  • मार्केट कैप: BSE का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन सोमवार के 456.17 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 446.47 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

ऐतिहासिक गिरावट: पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपया 92 के पार

​युद्ध के डर से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसे निकालकर सुरक्षित निवेश (जैसे सोना और डॉलर) की ओर रुख किया है। इसका परिणाम यह हुआ कि भारतीय रुपया इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपया 55 पैसे गिरकर 92.03 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा ने 92 का स्तर पार किया है।

क्यों डरा हुआ है बाजार?

​बाजार में इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. कच्चे तेल में उबाल: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड $82.53 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, जिससे देश में महंगाई बढ़ने का सीधा खतरा है।
  2. लंबा खिंच सकता है युद्ध: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी कि यह संघर्ष “4 से 5 सप्ताह” तक चल सकता है, ने अनिश्चितता बढ़ा दी है।
  3. विदेशी निवेशकों की निकासी: अकेले पिछले सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,295.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर बाजार से हाथ खींच लिए।

इन शेयरों पर गिरी गाज

​बिकवाली के इस दौर में सबसे ज्यादा मार दिग्गज कंपनियों पर पड़ी। L&T, इंडिगो, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 3% से 6% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों की सलाह: घबराएं नहीं, धीरे-धीरे करें निवेश

​जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, असली चिंता महंगाई और विकास दर को लेकर है। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को पैनिक (घबराहट) में आकर बिकवाली न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट का फायदा उठाकर अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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झारखंड में टाटा समूह का महा-निवेश: ₹11,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स और हाइड्रोजन ट्रकों से बदलेगी राज्य की सूरत

रांची: झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के विकास को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी है। टाटा समूह ने झारखंड में पारंपरिक स्टील उद्योग से लेकर भविष्य की तकनीक ‘ग्रीन एनर्जी’ तक में भारी निवेश का रोडमैप तैयार किया है।

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स्टील सेक्टर में ₹11,000 करोड़ का बड़ा निवेश

​बैठक का सबसे मुख्य आकर्षण टाटा स्टील द्वारा घोषित 11,000 करोड़ रुपये का निवेश रहा। इस राशि का उपयोग स्टील निर्माण में आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। खास बात यह है कि यह विस्तार पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) होगा, जो झारखंड को औद्योगिक प्रदूषण कम करने में मदद करेगा।

जमशेदपुर बनेगा ‘हाइड्रोजन हब’

​एन. चंद्रशेखरन ने जानकारी दी कि टाटा समूह जमशेदपुर में हाइड्रोजन आधारित ट्रकों के निर्माण पर तेजी से काम कर रहा है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह प्रोजेक्ट न केवल परिवहन क्षेत्र में क्रांति लाएगा, बल्कि झारखंड को ‘ग्रीन एनर्जी’ सेक्टर में देश का अग्रणी राज्य बना देगा।

आईटी और स्किल डेवलपमेंट पर जोर

​मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाटा समूह से आग्रह किया कि वे केवल भारी उद्योगों तक सीमित न रहकर ज्ञान आधारित उद्योगों (Knowledge-based industries) जैसे:

  • IT और रिसर्च
  • नवाचार (Innovation)
  • स्किल डेवलपमेंट में भी निवेश करें। टाटा समूह ने इस दिशा में सकारात्मक रुख अपनाते हुए भविष्य में बड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

रांची में खुलेगा टाटा का आलीशान होटल!

​औद्योगिक निवेश के साथ-साथ टाटा समूह अब झारखंड के पर्यटन और आतिथ्य (Hospitality) क्षेत्र में भी हाथ आजमाने जा रहा है। समूह रांची में एक बड़े होटल प्रोजेक्ट की संभावनाओं को तलाश रहा है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी टाटा के होटल्स देखने को मिल सकते हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

बैठक में मौजूद प्रमुख चेहरे:

इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार, टाटा स्टील के एमडी टी.वी. नरेंद्रन, उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदररामन और चीफ रेजिडेंट एग्जीक्यूटिव संजय मोहन श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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जमशेदपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी: कुख्यात अपराधी मनीष सिंह गोल्डन लीफ रिसॉर्ट से गिरफ्तार

जमशेदपुर: शहर के व्यापारियों के लिए लंबे समय से खौफ का पर्याय बना कुख्यात अपराधी मनीष सिंह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मानगो थाना क्षेत्र के गोल्डन लीफ रिसॉर्ट में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया।

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रंगदारी और धमकियों से दहशत में थे व्यापारी

​हाल ही में जेल से छूटने के बाद मनीष सिंह ने शहर के कई बड़े कारोबारियों से रंगदारी मांगनी शुरू कर दी थी। लगातार मिल रही धमकियों के कारण व्यापार जगत में भारी दहशत का माहौल था। बता दें कि मनीष पर रंगदारी, आर्म्स एक्ट और गोलीबारी समेत कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

नए थाना प्रभारी की त्वरित कार्रवाई

​मनीष सिंह की गिरफ्तारी में देरी को लेकर पुलिस प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी लापरवाही के चलते हाल ही में जुगसलाई थाना प्रभारी बैजनाथ कुमार को निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह दो दिन पूर्व ही कमान संभालने वाले नए थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी ने पदभार संभालते ही सक्रियता दिखाई। उन्होंने टीम के साथ रिसॉर्ट में छापेमारी कर इस बड़ी सफलता को अंजाम दिया।

गिरफ्तारी या ‘सरेंडर’? उठ रहे हैं सवाल

​हालांकि पुलिस इसे एक बड़ी कामयाबी मान रही है, लेकिन शहर में इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह पुलिसिया दबाव के कारण किया गया एक तरह का ‘सरेंडर’ है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर अपराधी को सरेंडर ही करना था तो वह सीधे थाने क्यों नहीं गया? रिसॉर्ट में कमरा लेकर ठहरने और फिर वहां से गिरफ्तारी की कहानी पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।

व्यापारियों ने ली राहत की सांस

​इस गिरफ्तारी के बाद शहर के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब मनीष सिंह से पूछताछ कर रही है ताकि उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और मददगारों का खुलासा किया जा सके।

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BREAKING: जमशेदपुर में आतंकी हमले का ‘इंटरपोल’ अलर्ट; एक दर्जन से ज्यादा स्लीपर सेल सक्रिय, निशाने पर टाटा स्टील और टाटा मोटर्स

जमशेदपुर: झारखंड की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक खुफिया रिपोर्ट सामने आई है। इंटरपोल (Interpol) ने झारखंड सरकार को आगाह किया है कि जमशेदपुर में आतंकी हमले की बड़ी साजिश रची जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में एक दर्जन से अधिक ‘स्लीपर सेल’ मौजूद हैं, जिनके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका है।

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पाकिस्तान से मिल रहा प्रशिक्षण और निर्देश

​सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर में सक्रिय स्लीपर सेल के सदस्य सीमा पार (पाकिस्तान) के संपर्क में हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई संदिग्धों ने पाकिस्तान जाकर हथियारों का प्रशिक्षण भी लिया है। इस इनपुट के बाद राज्य सरकार हाई-लेवल मीटिंग बुलाने की तैयारी कर रही है और IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) व झारखंड इंटेलिजेंस को चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

सैयद मोहम्मद अर्शियान: नेटवर्क का मास्टरमाइंड!

​रिपोर्ट में इस नेटवर्क को लीड करने वाले मुख्य संदिग्ध का नाम भी सामने आया है। आजाद नगर के जाकिरनगर (रोड नंबर-14) निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान इस पूरे सिंडिकेट का नेतृत्व कर रहा है। अर्शियान पिछले 7-8 वर्षों से फरार है और NIAATS की टीमें उसकी तलाश में कई बार जमशेदपुर में छापेमारी कर चुकी हैं।

अलकायदा कनेक्शन और पुरानी कड़ियां

​जमशेदपुर में आतंकी गतिविधियों का इतिहास पुराना रहा है:

  • अब्दुल शमी: 2016 में दिल्ली पुलिस ने अलकायदा से जुड़े आतंकी अब्दुल शमी को गिरफ्तार किया था, जो पाकिस्तान में ट्रेनिंग ले चुका था।
  • अब्दुल रहमान उर्फ कटकी: ओडिशा के कटक से पकड़े गए कटकी को झारखंड और ओडिशा में अलकायदा का नेटवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी। शमी इसी कटकी का करीबी था।

आतंकियों के निशाने पर क्यों है जमशेदपुर?

​सुरक्षा एजेंसियों ने शहर की संवेदनशीलता के चार मुख्य कारण बताए हैं:

  1. औद्योगिक केंद्र: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसी राष्ट्रीय महत्व की इकाइयां ‘हाई इम्पैक्ट टारगेट’ हैं।
  2. कनेक्टिविटी: ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से सीधी सीमाएं संदिग्धों की आवाजाही को आसान बनाती हैं।
  3. लॉजिस्टिक हब: टाटानगर रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे का मजबूत नेटवर्क।
  4. इतिहास: पूर्व में सिमी (SIMI) और अलकायदा के संदिग्धों की यहाँ से गिरफ्तारी हो चुकी है।

सियासी और कानूनी हलकों में चिंता

​जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इस रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जमशेदपुर में अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों की मौजूदगी पहले भी देखी गई है। प्रशासन को अपनी खुफिया टीम (Local Intelligence) को सक्रिय कर जल्द से जल्द संदिग्धों को गिरफ्तार करना चाहिए।

​वहीं, जमशेदपुर कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि बड़े उद्योग घरानों और संवेदनशील रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के लिए पुलिस को अपना सूचना तंत्र मजबूत करना होगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

तीसरी धारा न्यूज की अपील: शहरवासी सतर्क रहें। अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

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