एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड में 1 अप्रैल से बदल जाएंगे बार और रेस्टोरेंट के नियम: 5-स्टार होटलों में सुबह 4 बजे तक मिलेगी शराब, व्यवसायियों ने वैट पर जताई कड़ी आपत्ति

राँची | तीसरी धारा न्यूज

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​झारखंड सरकार राज्य में शराब परोसने की व्यवस्था को पूरी तरह से हाई-टेक और व्यवस्थित करने की तैयारी में है। ‘झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब नियमावली 2026’ का खाका तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे अंतिम संशोधन के साथ राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में शराब परोसने के नए नियम लागू हो जाएंगे।

क्या है नई नियमावली 2026?

​उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने 7 फरवरी को इस नियमावली का प्रारूप सार्वजनिक किया था। 20 फरवरी तक जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। वर्तमान में विभाग प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा कर रहा है।

प्रमुख प्रावधान: 5-स्टार होटलों को बड़ी राहत

​प्रस्तावित नियमों में सबसे बड़ा आकर्षण समय सीमा को लेकर है:

  • वीआईपी कल्चर: राज्य के 5-स्टार होटलों को विशेष सुविधा देते हुए सुबह 4 बजे तक शराब परोसने की अनुमति दी जा सकती है।
  • श्रेणीबद्ध समय: अन्य बार, रेस्टोरेंट और क्लबों के लिए जिलावार और श्रेणीवार समय निर्धारित किया जाएगा।
  • पारदर्शिता: लाइसेंस शुल्क और सुरक्षा जमानत राशि (Security Deposit) को नई श्रेणियों के आधार पर तय किया गया है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

व्यवसायियों का विरोध: वैट और भारी शुल्क पर रार

​नई नियमावली को लेकर राज्य के होटल और बार संचालकों में भारी नाराजगी भी देखी जा रही है। व्यवसायियों की मुख्य आपत्तियां निम्नलिखित हैं:

  1. दोहरी मार (VAT vs GST): व्यापारिक संगठनों का कहना है कि जीएसटी के दौर में ‘वैट’ (VAT) लगाना अनुचित है। इससे शराब की कीमतें बढ़ेंगी और पर्यटन उद्योग प्रभावित होगा।
  2. आर्थिक बोझ: लाइसेंस शुल्क और जमानत राशि में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट संचालकों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

कैबिनेट की मुहर का इंतजार

​विभाग अब इन आपत्तियों की समीक्षा कर रहा है। समीक्षा के बाद संशोधित ड्राफ्ट कैबिनेट को भेजा जाएगा। सरकार का तर्क है कि इस नियमावली से अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगेगी और राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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रेड एफएम 93.5 का ‘राइडर म्यूजिक फेस्टिवल’ 8 मार्च को, महिला राइडर्स को मिलेगा सम्मान

लगातार दूसरे वर्ष आयोजित हो रहा राइडर म्यूजिक फेस्टिवल

जमशेदपुर में Red FM 93.5 द्वारा एक बार फिर राइडर म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम लगातार दूसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बाइक राइडिंग और म्यूजिक का शानदार संगम देखने को मिलेगा।

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अगर आपको भी बाइक राइडिंग का शौक है तो यह कार्यक्रम आपके लिए खास होने वाला है। आयोजकों ने शहर के बाइक प्रेमियों और युवाओं से इस फेस्टिवल में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

कीनन स्टेडियम से शुरू होगी राइड

इस फेस्टिवल के तहत बाइक राइड की शुरुआत Keenan Stadium के सामने से की जाएगी। यहां से बाइक रैली एनएच-33 मार्ग से होते हुए सफरन-33 तक पहुंचेगी, जहां कार्यक्रम का समापन होगा।

इस दौरान प्रतिभागियों को सुरक्षित राइडिंग और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।

महिला दिवस पर महिला राइडर्स का सम्मान

8 मार्च को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर खास बनाया गया है। इस मौके पर बाइकिंग क्षेत्र में सक्रिय महिला राइडर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को एडवेंचर और बाइकिंग जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

कई संस्थाएं हैं कार्यक्रम की साझेदार

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थाएं साझेदार के रूप में जुड़ी हैं। इसमें Royal Enfield टाइटल पार्टनर है, जबकि Bank of Baroda बैंकिंग पार्टनर के रूप में सहयोग कर रहा है।

इसके अलावा ड्रिवन पार्टनर बालाजी ऑटोवर्क्स, हेल्थ पार्टनर Narayana Hospital Jamshedpur, एसोसिएट पार्टनर मा मनसा कंस्ट्रक्शन तथा गिफ्ट पार्टनर आभूषण ज्वेलर्स इस कार्यक्रम से जुड़े हैं।

युवाओं में दिख रहा उत्साह

आयोजकों के अनुसार इस फेस्टिवल का उद्देश्य शहर के युवाओं को एक मंच प्रदान करना है, जहां वे बाइकिंग, म्यूजिक और एडवेंचर का आनंद ले सकें। साथ ही सुरक्षित राइडिंग और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी समाज तक पहुंचेगा।

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बिहार में महा-सियासी खेल: नीतीश ने भरा राज्यसभा का पर्चा, राबड़ी बोलीं- ‘बिहार न छोड़ें नीतीश, BJP रच रही साजिश’

पटना | तीसरी धारा न्यूज

​बिहार की राजनीति उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है, जिससे उनका दिल्ली जाना अब लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन इस फैसले ने बिहार में ‘सियासी हमदर्दी’ और ‘साजिश’ की एक नई बहस छेड़ दी है। सबसे चौंकाने वाला बयान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से आया है, जिन्होंने नीतीश कुमार को बिहार में ही रुकने की सलाह दी है।

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राबड़ी देवी का बड़ा दावा: ‘नीतीश को हटाने की BJP की साजिश’

​शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए राबड़ी देवी ने भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। राबड़ी देवी ने दावा किया कि:

  • ​भाजपा, नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजकर मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाना चाहती है।
  • ​यह नीतीश कुमार को राज्य की राजनीति से बेदखल करने की एक सोची-समझी ‘साजिश’ है।

अजीत शर्मा का हमला: ‘जनादेश के साथ धोखा’

​कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीत शर्मा ने भी इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि 2025 के चुनाव में जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट दिया था। कार्यकाल के बीच में मुख्यमंत्री की भूमिका छोड़ना जनता के भरोसे को तोड़ना है। उन्होंने नीतीश कुमार से अपील की कि वे भाजपा का साथ छोड़कर फिर से महागठबंधन में शामिल हों, ताकि ‘इंडिया ब्लॉक’ के तहत नई सरकार बन सके।

नीतीश के गांव में मायूसी, JDU में खलबली

​नीतीश कुमार के इस फैसले का असर उनके पैतृक गांव में भी दिख रहा है। गांव के लोग इस खबर से मायूस हैं और पूछ रहे हैं कि “नीतीश बाबू बिहार क्यों छोड़ रहे हैं?” वहीं, चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार अपनी विरासत अपने बेटे निशांत को सौंपने की तैयारी में हैं, लेकिन जेडीयू (JDU) के अंदर और बाहर उनके लिए चुनौतियां कम नहीं हैं।

क्या बिहार को मिलेगा भाजपा का मुख्यमंत्री?

​नीतीश के पर्चा भरने के साथ ही भाजपा खेमे में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में भाजपा नेतृत्व अब बिहार के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे पर विचार कर रहा है। अगर नीतीश केंद्र की राजनीति में जाते हैं, तो बिहार में भाजपा का अपना मुख्यमंत्री बनने का दशकों पुराना सपना पूरा हो सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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राहत की खबर: मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच भी नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम! भारत की नई ‘ऑयल स्ट्रैटेजी’ ने हॉर्मुज के खतरे को किया नाकाम

नई दिल्ली | तीसरी धारा न्यूज

​दुनियाभर में युद्ध के नगाड़ों के बीच जहां ग्लोबल ऑयल मार्केट में हड़कंप मचा है, वहीं भारतीय उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी अस्थिरता के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी। सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में ईंधन का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है और कीमतों में बढ़ोतरी का कोई इरादा नहीं है।

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हॉर्मुज संकट: भारत ने कैसे पलटा पासा?

​आमतौर पर मिडिल ईस्ट में तनाव होते ही तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, क्योंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाले व्यापार पर निर्भर है। लेकिन भारत ने अपनी ‘ऑयल सिक्योरिटी’ को लेकर मास्टरस्ट्रोक खेला है:

  • निर्भरता में कमी: पहले भारत अपनी जरूरत का 60% कच्चा तेल हॉर्मुज के अलावा अन्य वैकल्पिक रास्तों से मंगवाता था।
  • नई रणनीति: सरकार ने अब इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 70% कर दिया है। यानी सप्लाई चेन को 10% और अधिक सुरक्षित कर लिया गया है।

विपक्ष को जवाब: LPG पर राजनीति बंद हो

​ईंधन की कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर सरकार ने तीखा पलटवार किया है। सरकार ने साफ किया कि:

  1. ​LPG की कीमतों को लेकर किए जा रहे दावे आधारहीन हैं।
  2. ​सरकार का मौजूदा भरोसा केवल पेट्रोल और डीजल की कीमतों की स्थिरता को लेकर है।
  3. ​जनता किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दे।

स्टॉक सुरक्षित, पैनिक की जरूरत नहीं

​सरकारी सूत्रों के अनुसार, देश के पास पर्याप्त तेल भंडार है और स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। भारत अब रूस, अमेरिका और अफ्रीकी देशों जैसे वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात बढ़ाकर खुद को खाड़ी संकट से सुरक्षित रखने में सफल रहा है।

तीसरी धारा न्यूज की सलाह: पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने या पैनिक करने की कोई आवश्यकता नहीं है। सप्लाई चेन सुचारू है और सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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शर्मनाक: मौलाना अब्दुल्ला सलीम के बिगड़े बोल, CM योगी की मां पर की अभद्र टिप्पणी; हिंदू संगठनों में भारी उबाल

पटना/लखनऊ | तीसरी धारा न्यूज

​बिहार के चर्चित मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना अब्दुल्ला सलीम एक बार फिर अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वृद्ध माता को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक और घृणित टिप्पणी की है। रमजान के पवित्र महीने में एक मजहबी जलसे के दौरान दी गई इस तकरीर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक आक्रोश बढ़ गया है।

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क्या है पूरा मामला?

​सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के मुताबिक, मौलाना अब्दुल्ला सलीम बिहार में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश में गौकशी के खिलाफ लागू सख्त कानूनों पर कटाक्ष करते हुए उनकी जुबान फिसल गई। उन्होंने भड़काऊ लहजे में मुख्यमंत्री की माताजी के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया और कहा कि, “उत्तर प्रदेश में ऐसा कानून है कि यदि किसी के पास मुख्यमंत्री की मां का मांस भी मिल जाए, तो पुलिस एनकाउंटर कर देती है।”

भड़काऊ बयानों की पुनरावृत्ति

​हैरानी की बात यह है कि मौलाना ने ‘योगी की अम्मा का गोश्त’ जैसे शर्मनाक वाक्यों को मंच से कई बार दोहराया। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो साक्ष्यों के अनुसार, उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को चुनौती देना और एक विशेष समुदाय को उकसाने का प्रतीत हो रहा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यूपी प्रशासन महज 250 ग्राम मांस मिलने पर भी अपराधी जैसा व्यवहार करता है।

देशभर में आक्रोश: कार्रवाई की मांग

​मौलाना के इस बयान के बाद हिंदू संगठनों, भाजपा नेताओं और आम जनता में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि:

  • ​एक मुख्यमंत्री की मां, जिनका राजनीति से कोई सरोकार नहीं है, उनके खिलाफ ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग करना कायराना है।
  • ​यह धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि समाज में नफरत और वैमनस्य फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है।

कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

​सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न थानों में मौलाना के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने वीडियो को संज्ञान में लिया है और भड़काऊ भाषण (Hate Speech) के तहत जांच शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है, जिसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है।

तीसरी धारा न्यूज की अपील: हम अपने सभी पाठकों से अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर किसी भी भड़काऊ वीडियो या संदेश को बिना पुष्टि के साझा न करें और शांति बनाए रखें।

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साकची में भीषण आगजनी: सेंट्रल गुरुद्वारा के पास धू-धू कर जलीं 5 बाइक, ड्यूटी पर गए टाटा स्टील कर्मचारियों को लगा बड़ा झटका

जमशेदपुर (साकची) | तीसरी धारा न्यूज

​लौहनगरी के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र साकची में शनिवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सेंट्रल गुरुद्वारा के ठीक पीछे अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में वहां खड़ी पांच मोटरसाइकिलें और एक साइकिल जलकर पूरी तरह खाक हो गई हैं। आग इतनी भयावह थी कि चंद मिनटों में ही गाड़ियां लोहे के ढांचे में तब्दील हो गईं।

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कचरे के ढेर से उठी चिंगारी और मच गई तबाही

​मिली जानकारी के अनुसार, सेंट्रल गुरुद्वारा के पीछे खाली पड़ी जमीन पर कचरे और कबाड़ का ढेर लगा हुआ था। शनिवार दोपहर अचानक इस कचरे में आग लग गई। गर्मी और सूखी हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पास में ही पार्क की गई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में धुएं का काला गुबार उठता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाया और दमकल विभाग को सूचित किया।

ड्यूटी पर गए कर्मचारियों की गाड़ियां खाक

​दुखद पहलू यह है कि जली हुई अधिकांश बाइकें टाटा स्टील के कर्मचारियों की थीं। कर्मचारी अपनी बाइक पार्क कर रोजाना की तरह ड्यूटी के लिए कंपनी गए हुए थे, उन्हें भनक भी नहीं थी कि पीछे उनकी गाड़ियां राख हो रही हैं। आग की चपेट में आने वाले कर्मचारियों में राजेश शर्मा, सतीश कुमार और अन्य शामिल हैं।

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दमकल की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

​सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर समय रहते दमकल की टीम नहीं पहुंचती, तो आग पास की अन्य इमारतों या गुरुद्वारा परिसर के अन्य हिस्सों तक भी पहुंच सकती थी।

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पुलिस जांच में जुटी: साजिश या लापरवाही?

​घटना के बाद साकची पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या किसी ने जलती हुई बीड़ी/सिगरेट कचरे में फेंकी थी या इसके पीछे कोई और कारण है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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महंगाई की मार: मिडिल ईस्ट संकट से दहकी रसोई, खाने के तेल की कीमतों में भारी उछाल!

नई दिल्ली/बेंगलुरु | तीसरी धारा न्यूज

​भारत में आम आदमी की रसोई पर अब वैश्विक युद्ध के बादलों का साया मंडराने लगा है। मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची उथल-पुथल ने सीधे तौर पर खाने के तेल की कीमतों में आग लगा दी है। पिछले कुछ ही दिनों में सूरजमुखी (Sunflower), सोयाबीन और पाम तेल के दामों में 3 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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क्यों बढ़ रहे हैं दाम? (प्रमुख कारण)

​बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस अचानक आई तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. वैश्विक सप्लाई चेन में रुकावट: युद्ध जैसे हालातों के कारण माल ढुलाई (Freight) का खर्च बढ़ गया है।
  2. रुपये की कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत से आयात महंगा हो रहा है।
  3. कच्चे तेल में तेजी: कच्चे तेल के दाम बढ़ने से लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग की लागत में भी इजाफा हुआ है।

आयात पर निर्भरता बनी मजबूरी

​भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों के लिए एक बड़े हिस्से का आयात करता है। हालांकि कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य सूरजमुखी तेल के प्रमुख उत्पादक हैं, लेकिन घरेलू उत्पादन मांग के मुकाबले काफी कम है।

  • इन देशों से आता है तेल: भारत मुख्य रूप से यूक्रेन, रूस, अर्जेंटीना और बुल्गारिया से खाद्य तेल मंगवाता है। इन क्षेत्रों में अस्थिरता का मतलब है भारतीय बाजार में सीधा दबाव।

खुदरा बाजार का हाल: बेंगलुरु में बढ़ी कीमतें

​खुदरा बाजार में असर दिखना शुरू हो चुका है। उदाहरण के तौर पर:

  • सूरजमुखी तेल: बेंगलुरु में जो तेल एक हफ्ते पहले 161 रुपये प्रति लीटर था, वह अब 165 रुपये के पार पहुंच गया है।
  • ब्लेंडेड ऑयल: सूरजमुखी और राइस ब्रान के मिश्रण वाले तेलों की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।

आगे क्या? विशेषज्ञों की चेतावनी

​व्यापारियों और जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले हफ्तों में सूरजमुखी और ब्लेंडेड ऑयल की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की और बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

तीसरी धारा न्यूज का विश्लेषण: खाद्य तेल की कीमतों में यह उछाल केवल रसोई का बजट ही नहीं बिगाड़ेगा, बल्कि इससे बाहर मिलने वाले खाने-पीने के सामान (FMCG) की कीमतों में भी तेजी आने की पूरी संभावना है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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मानगो मेयर सुधा गुप्ता ने शनि देव के चरणों में टेका मत्था: चुनाव पूर्व किए वादे को निभाया, बाराद्वारी शनि मंदिर में की विशेष पूजा

जमशेदपुर (बाराद्वारी) | तीसरी धारा न्यूज

​राजनीति में अक्सर वादे चुनाव तक सीमित रहते हैं, लेकिन मानगो की नवनिर्वाचित मेयर श्रीमती सुधा गुप्ता ने अपनी आस्था और वचनबद्धता की एक नई मिसाल पेश की है। चुनाव जीतने के बाद, आज उन्होंने बाराद्वारी स्थित प्रसिद्ध शनि मंदिर पहुंचकर भगवान शनि देव की विधिवत पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

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मन्नत पूरी होने पर श्रद्धा के साथ वापसी

​बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान श्रीमती सुधा गुप्ता ने बाराद्वारी शनि मंदिर में मत्था टेका था और भगवान से जीत की कामना की थी। आज मेयर बनने के बाद उन्होंने मंदिर प्रांगण में आकर अपनी मन्नत पूरी की।

​मंदिर कमेटी के अध्यक्ष श्री विनोद गुप्ता ने इस अवसर पर कहा:

​”श्रीमती सुधा गुप्ता जी चुनाव के पूर्व मंदिर आई थीं और उन्होंने संकल्प लिया था कि जीत के बाद वे पुनः भगवान शनि देव के दर्शन और आशीर्वाद के लिए आएंगी। आज उन्होंने अपना वह वादा पूरा किया है। उनका मंदिर आगमन हम सभी के लिए हर्ष का विषय है।”

प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामय उपस्थिति

​मेयर के साथ इस पूजा-अर्चना के दौरान शहर के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। मुख्य रूप से:

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  • राकेश साहू (जिला अध्यक्ष, साहू समाज)
  • मोहन सिंह
  • सतीश गुप्ता

​इनके अलावा मंदिर प्रबंधन के अन्य सदस्य और स्थानीय श्रद्धालु भी इस भक्तिमय माहौल में शामिल हुए। मेयर सुधा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि उनकी प्राथमिकता मानगो के विकास के साथ-साथ यहाँ की धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को बनाए रखना है।

मानवीय और आध्यात्मिक संदेश

​इस यात्रा ने न केवल मेयर की धार्मिक निष्ठा को दर्शाया है, बल्कि जनता के बीच यह संदेश भी दिया है कि वे अपनी जड़ों और किए गए वादों को नहीं भूली हैं। पूजा के उपरांत उन्होंने उपस्थित लोगों से मुलाकात की और मानगो की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: 18 मार्च को निकलेगी हिंदू जागरण मंच की भव्य पदयात्रा, पीयुश ठाकुर ने प्रशासन से की खास अपील

जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज

​लौहनगरी जमशेदपुर एक बार फिर भक्ति और अनुशासन के संगम का साक्षी बनने जा रही है। हिंदू जागरण मंच (जमशेदपुर, झारखंड) के जिला अध्यक्ष श्री बलबीर मंडल के नेतृत्व में आगामी 18 मार्च को एक विशाल और भव्य पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा को लेकर क्षेत्र के युवाओं और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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भालूबासा से आमबागान तक गूंजेगा श्री राम का जयघोष

​’सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति) के संस्थापक श्री पीयूष ठाकुर ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि हर साल की तरह इस साल भी यह यात्रा पूरी भव्यता और कड़े अनुशासन के साथ निकाली जाएगी।

  • प्रारंभ: पदयात्रा भालूबासा हरिजन स्कूल से शुरू होगी।
  • समापन: साकची आमबागान स्थित सुभाष मैदान में शाम को ‘भारत माता की आरती’ के साथ यात्रा का समापन होगा।
  • आकर्षण: इस शोभा यात्रा में विशेष रूप से तैयार की गई झांकियां आम जनमानस के आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगी।

प्रशासन से ‘नो एंट्री’ और सुरक्षा की अपील

​यात्रा की विशालता को देखते हुए, पीयूष ठाकुर ने जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मीडिया के माध्यम से विशेष निवेदन किया है। उन्होंने मांग की है कि:

  1. वाहन प्रतिबंध: 18 मार्च को दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक शहर में भारी वाहनों की ‘No Entry’ सुनिश्चित की जाए ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
  2. सुरक्षा व्यवस्था: प्रशासन अपना पूर्ण सहयोग दे ताकि पूरी शोभा यात्रा शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।

एकजुटता का संदेश: “ना कटने देंगे, ना बंटने देंगे”

​पीयूष ठाकुर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “ना कटने देंगे ना बंटने देंगे, चलेंगे एक साथ; ना देखेंगे चाहत ना देखेंगे बात, रहेंगे एक साथ।” उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाशक्ति का मूल मंत्र सेवा है और यह पदयात्रा समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना को जगाने का काम करेगी।

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एक्सक्लूसिव: भारत की बात मान लेता ईरान तो बच जाती 87 नौसैनिकों की जान! अमेरिकी टॉरपीडो हमले में IRIS डेना तबाही की पूरी इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली/कोच्चि | तीसरी धारा न्यूज

​हिंद महासागर की लहरें इस वक्त बारूद की गंध और कूटनीतिक तनाव से उफन रही हैं। एक तरफ जहां ईरानी युद्धपोत IRIS डेना अमेरिकी टॉरपीडो का शिकार होकर समुद्र की गहराइयों में समा गया है, वहीं दूसरी ओर भारत ने दरियादिली दिखाते हुए एक अन्य ईरानी जहाज IRIS लवन को पनाह देकर सैकड़ों जिंदगियां बचा ली हैं। अब यह खुलासा हुआ है कि अगर ईरान ने भारत की शुरुआती चेतावनी मान ली होती, तो शायद ‘डेना’ और उस पर सवार 87 नौसैनिक आज जिंदा होते।

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भारत ने दी थी पनाह की पेशकश, ईरान से हुई चूक

​सूत्रों के मुताबिक, विशाखापत्तनम में आयोजित ‘मिलन-2026’ और इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) के बाद जब IRIS डेना वापस लौट रहा था, तब भारत ने युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए उसे सुरक्षित पोर्ट पर रुकने की पेशकश की थी। भारत का स्पष्ट मानना था कि क्षेत्र में तनाव अधिक है और जहाज का अभी निकलना जोखिम भरा हो सकता है। मगर ईरान ने अपनी यात्रा जारी रखी और 4 मार्च की सुबह श्रीलंका के गाले से 20 नॉटिकल मील दूर अमेरिकी सबमरीन ने टॉरपीडो से हमला कर इसे डुबो दिया।

IRIS लवन: कोच्चि में भारत की ‘सुरक्षित ढाल’

​जहाँ एक तरफ ‘डेना’ हादसे का शिकार हुआ, वहीं ईरान का दूसरा युद्धपोत IRIS लवन इस वक्त भारत की सुरक्षित पनाह में है।

  • वजह: 28 फरवरी को जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी।
  • भारत का रुख: भारत सरकार ने 1 मार्च को मानवीय आधार पर डॉकिंग की मंजूरी दी।
  • वर्तमान स्थिति: 4 मार्च को IRIS लवन कोच्चि पोर्ट पहुंचा। जहाज पर मौजूद 183 क्रू मेंबर्स को भारतीय नौसेना की विशेष सुविधाओं में ठहराया गया है, जहां उन्हें रसद और सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन और भारी नुकसान

​श्रीलंकाई नौसेना ने अब तक मलबे से 32 लोगों को सुरक्षित निकाला है, लेकिन 87 नौसैनिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। करीब 60 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय नौसेना का INS इक्षक और एयर-ड्रॉपेबल लाइफ राफ्ट से लैस विमान लापता लोगों की तलाश में कोच्चि से रवाना हो चुके हैं।

बढ़ता वैश्विक तनाव: 28 फरवरी की वो घटना

​विशेषज्ञों का मानना है कि इस दुश्मनी की आग 28 फरवरी को भड़की, जब इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त एयर स्ट्राइक कर खामेनेई को निशाना बनाया। इसके बाद से ही समंदर में ईरानी जहाजों पर खतरा मंडरा रहा था। श्रीलंका ने भी एक अन्य ईरानी युद्धपोत IRIS बुशहर को अपने पोर्ट पर रुकने की अनुमति दी है।

तीसरी धारा न्यूज की राय:

यह घटना केवल एक सैन्य हमला नहीं है, बल्कि हिंद महासागर में बदलती भू-राजनीति का संकेत है। भारत ने जिस तरह से IRIS लवन के चालक दल को सुरक्षा दी है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत क्षेत्र में एक ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ और संकट के समय एक भरोसेमंद दोस्त है।

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