एक नई सोच, एक नई धारा

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असम में आदिवासियों की सशक्त आवाज बनेगा झामुमो; बंगाल चुनाव पर सस्पेंस बरकरार

रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका विस्तार करने के संकेत दिए हैं। पार्टी महासचिव सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हालिया असम यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के 12 करोड़ आदिवासियों को एक मजबूत और एकजुट मंच प्रदान करना है।

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​असम में नेतृत्व परिवर्तन की आहट

​मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम दौरे को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए सुदिव्य कुमार ने कहा कि वहां की जनता वर्तमान राजनीतिक स्थिति से ऊब चुकी है। उन्होंने दावा किया कि असम में स्पष्ट रूप से नेतृत्व परिवर्तन की लहर दिखाई दे रही है और झामुमो वहां एक सकारात्मक और जन-केंद्रित विकल्प बनकर उभरेगा।

​पश्चिम बंगाल चुनाव पर रणनीति

​आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भागीदारी को लेकर पार्टी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। महासचिव के अनुसार:

  • ​बंगाल चुनाव पर अंतिम निर्णय सही समय आने पर लिया जाएगा।
  • ​गठबंधन में शामिल होने या स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला तत्कालीन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
  • ​पार्टी का प्राथमिक लक्ष्य हर हाल में आदिवासी हितों की रक्षा करना है।

​डीजे विवाद: भाजपा पर कड़ा प्रहार

​राज्य में डीजे (DJ) और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध को लेकर हो रही राजनीति पर सुदिव्य कुमार ने भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि डीजे पर रोक का आदेश माननीय हाई कोर्ट का है और सरकार केवल उसका अनुपालन सुनिश्चित कर रही है।

​उन्होंने भाजपा पर ‘दोहरे मापदंड’ का आरोप लगाते हुए कहा:

​”जब बिहार या दिल्ली में ऐसे प्रतिबंध लगते हैं, तब भाजपा को धर्म खतरे में नहीं दिखता। लेकिन झारखंड में कोर्ट के आदेश पर भी राजनीति शुरू कर दी जाती है। भाजपा केवल तब ‘धर्म’ का कार्ड खेलती है जब उसके पास वास्तविक राजनीतिक मुद्दे खत्म हो जाते हैं।”

​प्रशासन को उन संवेदनशील जिलों में विशेष रूप से अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं जहाँ पूर्व में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हुई हैं।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।

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जमशेदपुर: मानगो की कीर्तन विहार कॉलोनी में चोरी की कोशिश करते युवक को स्थानीय लोगों ने दबोचा

जमशेदपुर: मानगो थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कीर्तन विहार कॉलोनी में बुधवार को स्थानीय निवासियों की सतर्कता से एक युवक को चोरी की कोशिश करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है।

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सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान

​जानकारी के मुताबिक, कीर्तन विहार कॉलोनी में पिछले कुछ दिनों से चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई थी, जिससे निवासियों में काफी रोष था। दो दिन पहले भी इसी इलाके में चोरी की एक वारदात हुई थी, जिसमें संदिग्ध युवक की तस्वीर पास में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी। स्थानीय लोग तभी से अलर्ट पर थे।

संदिग्ध हालत में दोबारा दिखा युवक

​बुधवार को वही युवक दोबारा कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता पाया गया। जैसे ही उसने एक घर में घुसने का प्रयास किया, आसपास के लोगों ने उसे देख लिया और तुरंत घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। आक्रोशित लोगों ने मौके पर ही युवक की पिटाई कर दी और मामले की जानकारी मानगो थाना पुलिस को दी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

​सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और युवक को अपनी हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस के अनुसार:

  • ​प्रारंभिक जांच में युवक नशे का आदी प्रतीत हो रहा है।
  • ​पुलिस अब युवक के अपराधिक इतिहास की जांच कर रही है ताकि अन्य चोरियों में उसकी संलिप्तता का पता लगाया जा सके।
  • ​इलाके में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ऐतिहासिक फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार दी ‘निष्क्रिय इच्छामृत्यु’ की अनुमति, 13 साल से कोमा में था युवक

नई दिल्ली: भारत के न्यायिक इतिहास में बुधवार को एक युगांतकारी अध्याय जुड़ गया। उच्चतम न्यायालय ने पहली बार निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) के तहत एक 32 वर्षीय व्यक्ति की जीवनरक्षक प्रणाली (Life Support) हटाने का आदेश पारित किया। यह फैसला गरिमा के साथ मरने के मौलिक अधिकार को व्यावहारिक रूप से लागू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।

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क्या था मामला?

​हरीश राणा, जो कभी एक मेधावी युवा थे, 13 साल पहले एक पीजी (PG) आवास की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इस हादसे ने उन्हें स्थायी विजिटेटिव अवस्था (PVS) और 100% लकवे की स्थिति में पहुंचा दिया। पिछले एक दशक से अधिक समय से हरीश केवल एक ट्यूब (PEG ट्यूब) के माध्यम से दी जा रही फीडिंग के सहारे जीवित थे। उनके पिता ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी कि उनके बेटे को इस कष्टदायक जैविक जीवन से मुक्ति दी जाए।

कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां

​न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने मानवीय संवेदनाओं और कानून के संतुलन को रेखांकित करते हुए कहा:

  • उपचार बनाम जीवन: कोर्ट ने माना कि ट्यूब के जरिए दिया जा रहा पोषण (CAN) भी एक चिकित्सा उपचार है, जिसे मरीज के ‘सर्वोत्तम हित’ में बंद किया जा सकता है।
  • केवल जैविक प्रक्रिया: पीठ ने कहा कि उपचार जारी रखने से केवल उनकी जैविक जीवन प्रक्रिया बढ़ रही थी, स्वास्थ्य में कोई सुधार संभव नहीं था।
  • माता-पिता का प्रेम: कोर्ट ने हरीश के माता-पिता की सराहना करते हुए कहा, “अंधेरे समय में भी देखभाल करना ही वास्तविक प्रेम है।”

सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख निर्देश

​अदालत ने इस प्रक्रिया को गरिमापूर्ण बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  1. AIIMS की भूमिका: मरीज को एम्स (AIIMS) के पैलिएटिव केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा, जहां चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख में धीरे-धीरे उपचार बंद किया जाएगा।
  2. गरिमापूर्ण विदाई: यह सुनिश्चित किया जाए कि जीवनरक्षक प्रणाली हटाने की प्रक्रिया अपमानजनक न हो।
  3. राष्ट्रव्यापी व्यवस्था: केंद्र सरकार को निर्देश दिया गया है कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉक्टरों का एक पैनल तैयार रखें, ताकि भविष्य में ‘द्वितीयक मेडिकल बोर्ड’ के गठन में देरी न हो।

कानूनी पृष्ठभूमि: क्या है ‘कॉमन कॉज’ फैसला?

​सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के ऐतिहासिक ‘Common Cause’ फैसले में गरिमा के साथ मरने को मौलिक अधिकार माना था। 2023 में इसमें संशोधन कर प्रक्रिया को सरल बनाया गया था। यह हरीश राणा का मामला पहला ऐसा केस है, जिसमें कोर्ट ने इन गाइडलाइंस का पालन करते हुए अंतिम आदेश पारित किया है।

विशेष नोट: यह आदेश केवल उन्हीं मामलों में लागू होगा जहां चिकित्सा बोर्ड यह प्रमाणित कर दे कि मरीज के बचने की कोई संभावना नहीं है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पर एक व्यापक कानून बनाने की भी सिफारिश की है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

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झांसी: एलपीजी संकट के बीच 524 सिलेंडरों से लदा ट्रक चोरी, ₹18 लाख की चपत से हड़कंप

झांसी: एक ओर जहां पश्चिम एशिया और ईरान में बढ़ते तनाव के कारण भारत में ईंधन की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के झांसी से एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। होली के त्योहार और वैश्विक गैस संकट के बीच बेखौफ बदमाशों ने 524 एलपीजी सिलेंडरों से लदा एक पूरा ट्रक पार कर दिया।

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कैसे हुई इतनी बड़ी चोरी?

​यह घटना 2 मार्च की है। जानकारी के अनुसार, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के करारी प्लांट से कानपुर देहात के गजनेर इलाके के लिए 524 सिलेंडरों की डिलीवरी के लिए ट्रक रवाना किया गया था। ट्रक चालक राजकुमार ने होली के कारण ट्रक को प्लांट के बाहर ही खड़ा कर दिया और घर चला गया। इसी का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने पूरा ट्रक गायब कर दिया।

साजिश के तहत वारदात: जीपीएस डिवाइस तोड़ा

​बदमाशों ने इस चोरी को बड़ी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि ट्रक की लोकेशन ट्रेस न हो सके, इसके लिए बदमाशों ने वाहन में लगे जीपीएस (GPS) डिवाइस को तोड़ दिया था। बाद में चोरी हुआ ट्रक झांसी के परीछा थर्मल पावर प्लांट के पास हाईवे किनारे लावारिस हालत में मिला, लेकिन उसमें रखे सभी 524 सिलेंडर गायब थे।

लाखों का नुकसान और बढ़ती चिंताएं

​ट्रक मालिक नीरज अग्रवाल ने सीपरी बाजार पुलिस स्टेशन में मामले की एफआईआर दर्ज कराई है। चोरी हुए सिलेंडरों की अनुमानित कीमत करीब ₹18 लाख बताई जा रही है।

  • अंतरराष्ट्रीय संदर्भ: यह चोरी ऐसे समय में हुई है जब ईरान-इजरायल तनाव के कारण गैस आपूर्ति पर दबाव है।
  • स्थानीय असर: इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की चोरी ने स्थानीय प्रशासन और गैस एजेंसियों की रातों की नींद उड़ा दी है।

पुलिस की कार्रवाई

​झांसी पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय हो गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश कर सिलेंडरों की बरामदगी कर ली जाएगी।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज (झांसी)

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ईंधन संकट पर सरकार का बड़ा भरोसा: पीयूष गोयल बोले- ‘देश में तेल और गैस की कोई किल्लत नहीं’

तिरुचिरापल्ली/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत में ईंधन (Fuel) की कोई कमी नहीं है और सरकार आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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‘घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति पर हमारी नजर’

​मीडिया को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर गंभीर संघर्ष चल रहा है, जिससे सप्लाई चेन में बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन भारत सरकार हर बदलाव की बारीकी से समीक्षा कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश भर में ईंधन की उपलब्धता बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग और अधिकारी लगातार घरेलू सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहे हैं।

सरकार ने लागू किया ‘एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट’

​बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act) लागू कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को विशेष निर्देश जारी किए हैं:

  • LPG उत्पादन पर जोर: रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे घरेलू रसोई गैस (LPG) का उत्पादन अधिकतम करें।
  • हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम का डायवर्जन: मुख्य हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को LPG पूल में बदलने को कहा गया है ताकि कुकिंग गैस की सप्लाई बनी रहे।

100% सप्लाई का रोडमैप: किसे क्या मिलेगा?

​नए फ्रेमवर्क के तहत सरकार ने प्राथमिकताएं तय कर दी हैं ताकि आम जनता को परेशानी न हो:

  1. घरेलू उपभोक्ता: घरों में इस्तेमाल होने वाली पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की 100% सप्लाई का भरोसा दिया गया है।
  2. इंडस्ट्री सेक्टर: चाय प्रोसेसिंग और गैस ग्रिड से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को उनकी औसत खपत का 80% हिस्सा मिलता रहेगा।
  3. कमर्शियल और फर्टिलाइजर: औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए 80% की सीमा तय की गई है, जबकि फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनकी औसत खपत का 70% हिस्सा आवंटित किया गया है।
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ताइक्वांडो में चमके विष्णु कुमार साहू: स्वर्ण पदक जीतकर जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज का बढ़ाया मान

जमशेदपुर: लौहनगरी के उभरते हुए खिलाड़ी विष्णु कुमार साहू ने मार्शल आर्ट्स की दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में आयोजित ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में विष्णु ने अंडर 74 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज और पूरे शहर को गौरवान्वित किया है।

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मैदान पर दिखा दमदार प्रदर्शन

​प्रतियोगिता के दौरान विष्णु कुमार साहू ने अपनी फुर्ती और सटीक प्रहारों से प्रतिद्वंद्वियों को पस्त कर दिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने तकनीकी श्रेष्ठता दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की। स्वर्ण पदक जीतने के बाद विष्णु की इस उपलब्धि से कॉलेज परिसर और खेल विभाग में जश्न का माहौल है।

सफलता के पीछे का मार्गदर्शन

​विष्णु ने अपनी इस बड़ी जीत का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और अपने गुरुओं को दिया है। इस सफर में उन्हें:

  • कोच महेंद्र मुर्मू: जिनके तकनीकी मार्गदर्शन ने विष्णु के खेल को निखारा।
  • मैनेजर डॉ. पास्कल बेक: जिनका निरंतर सहयोग और प्रबंधन विष्णु के मनोबल को बढ़ाने में सहायक रहा।

कॉलेज प्रबंधन ने दी बधाई

​जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्रबंधन और खेल विभाग ने विष्णु की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है। कॉलेज के शिक्षकों और खेल प्रेमियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विष्णु की यह जीत शहर के अन्य उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

रिपोर्ट: अंकित सिन्हा, जमशेदपुर

प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज

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खाद्य सुरक्षा अलर्ट: एवरेस्ट मसालों में मिला खतरनाक बैक्टीरिया, कई देशों में जांच शुरू

नई दिल्ली: भारत के प्रतिष्ठित मसाला ब्रांड ‘एवरेस्ट’ (Everest Spices) को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए खाद्य गुणवत्ता परीक्षणों में कंपनी के कुछ उत्पाद मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। रिपोर्टों के अनुसार, मसालों के नमूनों में एंटरोबैक्टीरियासी (Enterobacteriaceae) नामक बैक्टीरिया पाया गया है।

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क्या है पूरा मामला?

​विदेशी खाद्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई रैंडम सैंपलिंग में एवरेस्ट के कुछ मसाला पैकेटों में तय सीमा से अधिक बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली है। इस खुलासे के बाद उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। एंटरोबैक्टीरियासी बैक्टीरिया का एक ऐसा समूह है जिसमें ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे हानिकारक तत्व शामिल हो सकते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

संक्रमण का खतरा और लक्षण

​विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ये बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाएं तो निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:

  • फूड पॉइजनिंग: पेट में तेज दर्द और मरोड़।
  • पाचन तंत्र पर हमला: लगातार उल्टी, दस्त और तेज बुखार।
  • गंभीर जोखिम: बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह संक्रमण जानलेवा भी हो सकता है।
  • भरोसेमंद स्रोत: हमेशा प्रमाणित और सीलबंद पैकेट ही खरीदें।
  • सही भंडारण: मसालों को हमेशा नमी से दूर, सूखी और ठंडी जगह पर एयरटाइट डिब्बों में रखें।
  • तापमान का ध्यान: खाना बनाते समय मसालों को अच्छी तरह पकाएं ताकि बैक्टीरिया का खतरा कम हो सके।

यह घटना बड़े ब्रांडों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाती है। अब देखना यह होगा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) इस पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

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झारखंड के चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि: MGM मेडिकल कॉलेज और ICMR के बीच समझौता, अब AI से होगी बीमारियों की सटीक पहचान

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज के नाम आज एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस (NIRDHDS) ने MGM के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

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​गर्व की बात यह है कि झारखंड का यह पहला मेडिकल कॉलेज है, जिसके साथ ICMR ने मेडिकल रिसर्च के लिए ऐसा करार किया है।

डिजिटल हेल्थ और AI से बदलेगी जांच की तस्वीर

​इस समझौते के बाद MGM मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा अनुसंधान के एक नए युग की शुरुआत होगी। अब बीमारियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा।

समझौते की मुख्य बातें:

  • डिजिटल पैथोलॉजी: हिस्टोपैथोलॉजी, साइटोपैथोलॉजी और हेमेटोपैथोलॉजी स्लाइड्स का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
  • सटीक डायग्नोसिस: AI आधारित सपोर्ट सिस्टम के जरिए मेडिकल इमेजेस का विश्लेषण होगा, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर और अधिक सटीकता से हो सकेगी।
  • डेटा साइंस: मरीजों की जांच से जुड़े डेटा का उपयोग भविष्य की रिसर्च और जटिल रोगों के विश्लेषण के लिए किया जाएगा।

डॉक्टरों और छात्रों के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर

​यह समझौता केवल रिसर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अकादमिक क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

  1. संयुक्त रिसर्च प्रोग्राम: कॉलेज के छात्रों और डॉक्टरों को संयुक्त रूप से MD, PhD और पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च करने का मौका मिलेगा।
  2. स्किल डेवलपमेंट: मेडिकल इमेज एनालिसिस और डिजिटल हेल्थ पर विशेष वर्कशॉप, सेमिनार और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
  3. विशेषज्ञों की निगरानी: इस 5 साल के करार के दौरान होने वाले प्रोजेक्ट्स की देखरेख दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों वाली एक संचालन समिति करेगी।

एक्सपर्ट व्यू: झारखंड के लिए मील का पत्थर

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस करार से झारखंड में ‘डिजिटल हेल्थ’ के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यहाँ के मरीजों को बेहतर और तेज डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे इलाज की प्रक्रिया सुगम हो जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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आदित्यपुर: बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में उपभोक्ताओं का हल्लाबोल, JBVNL कार्यपालक अभियंता को सौंपा ज्ञापन

आदित्यपुर: प्रस्तावित Electricity (Amendment) Bill 2025 के खिलाफ अब जन-आंदोलन तेज होने लगा है। मंगलवार, 10 मार्च 2026 को Jharkhand Electricity Consumers Association के एक प्रतिनिधिमंडल ने आदित्यपुर स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के कार्यपालक अभियंता से मुलाकात की और केंद्र सरकार के इस विधेयक के विरोध में एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।

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आम आदमी की जेब पर पड़ेगा बोझ: उपभोक्ता संघ

​ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन ने विधेयक के संभावित दुष्परिणामों पर गहरी चिंता व्यक्त की। संघ का मानना है कि:

  • निजीकरण का खतरा: इस विधेयक से बिजली क्षेत्र में अत्यधिक व्यवसायीकरण और निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
  • बढ़ेगी बिजली की दरें: निजी कंपनियों के प्रभुत्व से आम उपभोक्ताओं, मध्यम वर्ग और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
  • हितधारकों की अनदेखी: संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विधेयक को लाने से पहले उपभोक्ताओं या किसानों से कोई व्यापक परामर्श नहीं किया है।

उपभोक्ता हितों को सर्वोपरि रखने की मांग

​संगठन के महासचिव K. Venugopal Bhatt ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “बिजली कोई विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि एक आवश्यक सेवा है। सरकार को इसे लाभ कमाने का जरिया बनाने के बजाय उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।” उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए और सभी पक्षों के साथ चर्चा की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

​इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान लगभग दो दर्जन लोग उपस्थित थे। मुख्य रूप से आशीष धर, लिली दास, मौसुमी मित्रा, विष्णु देव गिरी, बिपिन मंडल, संतोष कुमार और भास्कर गुप्ता सहित कई सक्रिय सदस्य शामिल हुए।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: प्रतिष्ठित XLRI को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक बिष्टुपुर स्थित देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान XLRI – Xavier School of Management को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। एक अज्ञात ई-मेल के जरिए मिली इस धमकी के बाद संस्थान और पूरे शहर में हड़कंप मच गया है।

एसएसपी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई

​संस्थान प्रबंधन को जैसे ही धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, इसकी सूचना तुरंत वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे को दी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर बिष्टुपुर पुलिस के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।

कैंपस खाली कराया गया, सघन तलाशी जारी

​सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे एक्सएलआरआई कैंपस को अपने घेरे में ले लिया है। एहतियातन उठाए गए कदम:

  • निकासी: कैंपस के अंदर मौजूद छात्रों, प्रोफेसरों और कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।
  • घेराबंदी: पूरे परिसर को सील कर दिया गया है और जांच पूरी होने तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
  • सर्च ऑपरेशन: बम निरोधक दस्ता एक-एक ब्लॉक, क्लासरूम और हॉस्टल की सघन जांच कर रहा है।

साइबर सेल खंगाल रही है ई-मेल का सोर्स

​पुलिस की साइबर सेल सक्रिय हो गई है और धमकी भरे ई-मेल के आईपी (IP) एड्रेस और ओरिजिन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश है।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता

​देश के कोने-कोने से छात्र यहाँ पढ़ने आते हैं, ऐसे में इस खबर के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। हालांकि, जिला प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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