एक नई सोच, एक नई धारा

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तीसरी धारा न्यूज: आदित्यपुर के त्रिवेणी अपार्टमेंट में सनसनी, बैंक कर्मी युवक ने फंदे से लटककर की आत्महत्या

आदित्यपुर (सरायकेला): जिले के आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित त्रिवेणी अपार्टमेंट में शनिवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां रहने वाले 30 वर्षीय युवक आशुतोष प्रकाश ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है।IMG 20260329 031210

परिवार का इकलौता सहारा था आशुतोष

​मृतक आशुतोष प्रकाश एक निजी बैंक में कार्यरत थे और अपने परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे। वह अपार्टमेंट में अपनी वृद्ध मां के साथ रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, आशुतोष बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, जिसके कारण उनके इस आत्मघाती कदम से हर कोई हैरान है।1002518072

पुलिस की छानबीन और पोस्टमार्टम

​घटना की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मौके से किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच के घेरे में कई बिंदु

​आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को कई दिशाओं में मोड़ा गया है:

  • पेशेवर दबाव: क्या बैंक कार्य या आर्थिक स्थिति को लेकर कोई तनाव था?
  • पारिवारिक स्थिति: क्या घर में किसी बात को लेकर मानसिक परेशानी थी?
  • स्वास्थ्य: क्या युवक किसी गुप्त मानसिक अवसाद (Depression) से गुजर रहा था?

इलाके में गमगीन माहौल

​त्रिवेणी अपार्टमेंट के निवासियों और आसपास के लोगों ने आशुतोष के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, वृद्ध मां की स्थिति को देखते हुए मोहल्ले के लोग उनके प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

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तीसरी धारा न्यूज एक्सक्लूसिव: करोड़ों का अस्पताल, पर मरीजों को नसीब नहीं दो घूंट पानी; शौचालय का पानी पीने को मजबूर बेबस लोग

जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, एमजीएम (MGM) की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। करोड़ों की लागत से बने इस अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का इस कदर अभाव है कि यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को प्यास बुझाने के लिए शौचालय (बाथरूम) के बेसिन का सहारा लेना पड़ रहा है।got mgm jamshedpur v0 8mqzs0ru4fkf1

शौचालय के पानी से बुझ रही प्यास

​अस्पताल के वार्डों में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीज और उनके तीमारदार बाथरूम की टोंटियों से पानी भरने को मजबूर हैं।

  • श्रवण साव (मरीज): शुक्रवार को इन्हें शौचालय से पानी भरते देखा गया। उन्होंने बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि बाहर जाने की मनाही है, ऐसे में बाथरूम के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
  • लोहा महतो (परिजन): गदड़ा निवासी लोहा महतो अपने बीमार पिता को छोड़कर बाहर नहीं जा सकते, इसलिए वे भी बाथरूम के बेसिन से ही पीने का पानी जुटा रहे हैं।1002518072

बाहर जाने पर पाबंदी, अंदर इंतजाम नहीं

​अस्पताल प्रशासन ने पिछले दिनों हुई घटनाओं (मरीजों के गायब होने और परिसर में शव मिलने) के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी है। होमगार्ड के जवान मरीजों को अकेले बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।

  • ​मरीज ललन कुमार जब पानी लाने बाहर जा रहा था, तो जवानों ने उसे रोक दिया। सुरक्षाकर्मियों का तर्क है कि मरीज बाहर जाकर गुम हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
  • ​लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि प्रशासन बाहर जाने से रोक रहा है, तो अंदर पीने के पानी का प्रबंध क्यों नहीं किया गया?

गरीब मरीजों की जेब पर डाका

​सोनारी की रहने वाली सोनिका और अन्य परिजनों ने बताया कि जिनके साथ कोई सहायक नहीं है, उनकी स्थिति और भी दयनीय है। गरीब मरीजों को मजबूरी में अपनी जेब से पैसे खर्च कर बाहर से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। करोड़ों की लागत वाले इस सरकारी संस्थान में साधारण फिल्टर या वाटर कूलर का न होना प्रशासन की बड़ी विफलता को दर्शाता है।

अधीक्षक की चुप्पी बरकरार

​इस गंभीर अव्यवस्था और मरीजों की जान से हो रहे खिलवाड़ के संबंध में जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कई बार फोन किए जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया। अधिकारियों की यह चुप्पी मरीजों की पीड़ा के प्रति उनकी संवेदनहीनता को उजागर करती है।

सुरक्षा के नाम पर केवल पहरा, सुविधाओं का टोटा

​14 मार्च को इमरजेंसी से गायब हुए मरीज का शव चार दिन पहले झाड़ियों में मिलना प्रशासन की लापरवाही का सबूत था। उसके बाद गश्त तो बढ़ा दी गई, लेकिन मरीजों की बुनियादी जरूरत ‘पानी’ की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

तीसरी धारा न्यूज (Teesri Dhaara News)आम जनता की आवाज, प्रशासन से तीखे सवाल।

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तीसरी धारा न्यूज विशेष: बंगाल चुनाव 2026 से पहले अमित शाह का ममता बनर्जी पर तीखा हमला, ‘विक्टिम कार्ड’ की राजनीति पर उठाए सवाल

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। शनिवार (28 मार्च, 2026) को कोलकाता पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर चौतरफा हमला बोला। शाह ने न केवल ममता सरकार के 15 वर्षों के शासन पर ‘चार्जशीट’ जारी की, बल्कि घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों को चुनाव का मुख्य केंद्र बिंदु बना दिया।IMG 20260328 200447

“जनता समझ चुकी है विक्टिम कार्ड की पॉलिटिक्स”

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ‘विक्टिम कार्ड’ खेलकर राजनीति की है। शाह ने कड़े शब्दों में कहा:

“कभी उनका पैर टूट जाता है, कभी सिर पर पट्टी बंध जाती है, तो कभी वह चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को गालियां देने लगती हैं। बंगाल की जनता अब इस राजनीति को अच्छे से समझ चुकी है। चुनाव आयोग को अपशब्द कहना बंगाल की गौरवशाली संस्कृति को शोभा नहीं देता।”

 

घुसपैठ को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

​गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की सीमाएं अब घुसपैठियों के लिए सबसे आसान रास्ता बन गई हैं। उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा सरकार ने घुसपैठ पर काफी हद तक लगाम लगा दी है, लेकिन बंगाल अब भी संवेदनशील बना हुआ है।1002518072

  • जमीन का मुद्दा: शाह ने आरोप लगाया कि भारत-बांग्लादेश सीमा के 600 किलोमीटर हिस्से में बाड़ लगाने के लिए ममता सरकार जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है।
  • भाजपा का वादा: उन्होंने दावा किया कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो मात्र 45 दिनों के भीतर जमीन की समस्या सुलझाकर बाड़ लगाने का काम पूरा कर दिया जाएगा।

संसाधनों और नौकरियों पर असर

​अमित शाह ने चेतावनी दी कि अवैध प्रवासी न केवल देश के संसाधनों पर बोझ बढ़ा रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसरों को भी छीन रहे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि इस बार का चुनाव राज्य के भविष्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित होगा।

तीसरी धारा न्यूज (Teesri Dhaara News)हर खबर पर पैनी नजर।

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ओडिशा: रामनवमी जुलूस में बीजेपी विधायक ने की हवाई फायरिंग, भीड़ में मची अफरा-तफरी, पुलिस दर्ज करेगी केस

टिटिलागढ़/बोलनगीर: देशभर में जहां रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया, वहीं ओडिशा के टिटिलागढ़ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां शोभा यात्रा के दौरान स्थानीय भाजपा विधायक नबीन कुमार जैन द्वारा कथित तौर पर हवाई फायरिंग किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।n70633865317747080410364a0234382b3428f939a634bc98014d71ed93cf539e22ecc247f098dac04ad411

भीड़ के बीच चली गोली, श्रद्धालुओं में फैला डर

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, टिटिलागढ़ में रामनवमी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जा रही थी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल थे। इसी दौरान जुलूस में शामिल विधायक नबीन कुमार जैन ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से ‘ब्लैंक फायर’ (हवाई फायरिंग) कर दी। अचानक हुई गोली की आवाज से जुलूस में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन भीड़भाड़ वाले इलाके में एक जनप्रतिनिधि की इस हरकत को बेहद लापरवाह माना जा रहा है।1002518072

SP का सख्त रुख: केस दर्ज कर हथियार होगा जब्त

​इस मामले पर बोलनगीर के एसपी अभिलाष ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वायरल वीडियो जांच के दायरे में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • धारा 25(9) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • ​विधायक की लाइसेंसी पिस्टल को जल्द ही जब्त किया जाएगा।
  • ​जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कानून के उल्लंघन पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल

​त्योहारों के दौरान हथियार ले जाने और प्रदर्शन करने पर प्रशासन के सख्त दिशा-निर्देश होते हैं। ऐसे में एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा सरेआम फायरिंग करना चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आम नागरिकों के लिए नियम इतने कड़े हैं, तो जनप्रतिनिधियों को ऐसी छूट क्यों मिल रही है?

भुवनेश्वर में भी दिखी अव्यवस्था

​सिर्फ टिटिलागढ़ ही नहीं, बल्कि राजधानी भुवनेश्वर में भी रामनवमी के दौरान अनुशासन की कमी देखी गई। बाइक रैलियों में ट्रैफिक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं और तेज रफ्तार वाहनों के कारण कई जगहों पर हालात बेकाबू नजर आए। प्रशासन के शांति बनाए रखने के दावों के बावजूद कई इलाकों में भीड़ पर नियंत्रण पाना मुश्किल साबित हुआ।

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मुरहू में तनाव: रामनवमी शोभा यात्रा के बाद दो पक्षों में पथराव, प्रशासन ने लागू की निषेधाज्ञा (धारा 163)

मुरहू/खूंटी: रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान शुक्रवार शाम शुरू हुआ मामूली विवाद शनिवार को उग्र रूप ले लिया। मुरहू में दो समुदायों के बीच उत्पन्न तनाव के बाद जमकर पथराव हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बीएनएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है।n706334847177470782021568fe42c2919bf5454ffff85d9e75c3538dcde10e13f84dbe64c664c89caff1b4

विवाद के बाद पथराव और अफरा-तफरी

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार को अचानक स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते मुख्य सड़कें सूनी हो गईं और स्थानीय दुकानदारों ने सुरक्षा के लिहाज से अपनी दुकानें बंद कर दीं। इस दौरान कुछ लोगों ने हवाई फायरिंग की आवाज सुनने का भी दावा किया है, हालांकि प्रशासन ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।1002518072

भारी पुलिस बल तैनात, वज्र वाहन और RAF अलर्ट पर

​सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वर्तमान में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मौके पर:

  • दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र) और वाटर कैनन मुस्तैद हैं।
  • रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की क्यूआरटी टीम और अश्रु गैस के गोलों के साथ पुरुष एवं महिला पुलिस बल तैनात है।
  • ​तोरपा, सायको, खूंटी, मारंगहादा और तपकरा थानों से अतिरिक्त बल बुलाकर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली कमान

​अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) दीपेश कुमारी और एसडीपीओ वरुण रजक स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इनके साथ मुख्यालय डीएसपी अखिल नीतीश कुजूर, मुरहू अंचल अधिकारी और कई थानों के प्रभारी कैंप कर रहे हैं। साउंड सिस्टम के जरिए लोगों को समूह में एकत्रित न होने और क्षेत्र खाली करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: SDM

​मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम दीपेश कुमारी ने बताया:

​”फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि जुलूस के दौरान पत्थर लगने की आशंका से विवाद शुरू हुआ था। पत्थर कहां से आए, इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

 

अफवाहों से बचने की अपील

​प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों से संवाद स्थापित किया जा रहा है।

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बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका: 1 अप्रैल से लागू होगा ‘टाइम ऑफ डे’ टैरिफ, शाम को बिजली जलाना पड़ेगा महंगा

पटना: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं, विशेषकर प्रीपेड मीटर वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने बिजली खपत के समय (Time of Usage) के आधार पर दरों में बदलाव करने की पूरी तैयारी कर ली है। अब उपभोक्ताओं को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे किस समय कितनी बिजली खर्च कर रहे हैं, क्योंकि शाम के वक्त बिजली का उपयोग आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।n70629654917747074353994b6add8fef4f8517b0ac6e76097c1b4879a0b69be1bb9af9d3ae9987202ff87a

1 अप्रैल से बदलेगा नियम: ‘टाइम ऑफ डे’ टैरिफ को मंजूरी

​बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने बिजली कंपनियों के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसमें ‘टाइम ऑफ डे टैरिफ’ (ToD) लागू करने की बात कही गई थी। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी। इसके तहत दिन के अलग-अलग घंटों के लिए बिजली की दरें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।1002518072

पीक आवर्स में लगेगा ज्यादा शुल्क

​नई व्यवस्था के पीछे मुख्य गणित ‘डिमांड और सप्लाई’ का है।

  • पीक आवर्स (शाम का समय): जब शाम के वक्त राज्य में बिजली की मांग सबसे अधिक होती है, उस दौरान खपत करने पर उपभोक्ताओं को सामान्य से अधिक दर पर भुगतान करना होगा।
  • ऑफ-पीक आवर्स: दिन के अन्य समय या देर रात, जब बिजली की मांग कम रहती है, तब दरें अपेक्षाकृत कम या सामान्य रहेंगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

​ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य बिजली की खपत को संतुलित करना है।

  1. लोड प्रबंधन: शाम के समय पावर ग्रिड पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव को कम करना।
  2. संसाधन प्रबंधन: ऊर्जा संसाधनों का बेहतर और किफायती प्रबंधन सुनिश्चित करना।
  3. जागरूकता: उपभोक्ताओं को ऊर्जा बचत और स्मार्ट उपयोग के प्रति प्रोत्साहित करना।

प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर सीधा असर

​यह बदलाव प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उनका बैलेंस सीधे समय आधारित दरों के हिसाब से कटेगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि भारी बिजली उपकरण (जैसे मोटर, वाशिंग मशीन या एसी) का उपयोग ऑफ-पीक समय में करके उपभोक्ता अपने बिल में कटौती कर सकते हैं।

आम जनता में चिंता

​हालांकि सरकार इसे ऊर्जा प्रबंधन का बड़ा कदम बता रही है, लेकिन आम उपभोक्ताओं ने इस पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि शाम के समय ही घर के सभी सदस्य साथ होते हैं और लाइट, पंखे या खाना बनाने वाले उपकरणों की जरूरत पड़ती है, ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों का मासिक बजट बिगड़ सकता है।

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झारखंड की सियासत में ‘शीशमहल’ पर घमासान: भाजपा का आरोप- CM हेमंत सोरेन अपने लिए बनवा रहे 100 करोड़ का बंगला

रांची: झारखंड की राजनीति में इन दिनों ‘शीशमहल’ शब्द गूंज रहा है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अपने लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से आलीशान आवास बनवाने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि मुख्यमंत्री आवास के निर्माण के लिए जारी निविदा (टेंडर) इस विलासिता का पुख्ता प्रमाण है।n706316122177470714414617586a08c389af60a7bfe93ace28c798ef0da6994808921591d6c7d39750f02d

केजरीवाल से हुई तुलना, टेंडर की तस्वीरें जारी

​भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री की तुलना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से की है। उन्होंने टेंडर विज्ञापन की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री सोरेन, केजरीवाल को भी पीछे छोड़ते हुए झारखंड में 100 करोड़ का ‘शीशमहल’ बनवा रहे हैं।1002518072

67 करोड़ का टेंडर, 100 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान

​भाजपा नेता ने तर्क दिया कि वर्तमान में जो टेंडर जारी हुआ है, उसकी आधिकारिक लागत 67 करोड़ 4 लाख 36 हजार रुपये दर्शाई गई है।

  • डेविएशन का तर्क: शाहदेव के अनुसार, भवन निर्माण विभाग में 25 से 30 प्रतिशत का डेविएशन (लागत बढ़ना) सामान्य बात है।
  • अतिरिक्त खर्च: उन्होंने दावा किया कि 67 करोड़ की मूल लागत में यदि डेविएशन, फर्नीचर और इंटीरियर का खर्च जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा आसानी से 100 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।

2 करोड़ का फव्वारा और ढाई करोड़ का बगीचा

​भाजपा का आरोप यहीं नहीं रुका। प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि ‘गरीब-गुरबा’ की सरकार होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री के इस नए आवास में:

  • ₹2 करोड़ की लागत से भव्य फव्वारा लगाया जाएगा।
  • ₹2.5 करोड़ की लागत से आलीशान गार्डन (बगीचा) तैयार होगा।
  • ​इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

“केजरीवाल के बाद अब अगली बारी किसकी?”

​प्रतुल शाहदेव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार के पतन के पीछे इसी तरह का ‘शीशमहल’ विवाद एक बड़ी वजह था। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में भी उसी राह पर चलते हुए अब अगली बारी किसकी होगी?

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सरायकेला: सड़क को नाले में तब्दील करने से बढ़ा हादसा का खतरा, बाल-बाल बची श्रद्धालुओं से भरी मैक्सिमो गाड़ी

सरायकेला: जिले के मोहितपुर पंचायत अंतर्गत स्वर्णपुर वार्ड में एक रसूखदार परिवार द्वारा सार्वजनिक सड़क को क्षतिग्रस्त किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस लापरवाही के कारण शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।IMG 20260328 WA0023

जेसीबी से सड़क खोदकर बनाया नाला

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वर्णपुर वार्ड के प्राथमिक विद्यालय से पूर्व उप-मुखिया के आवास की ओर जाने वाली मुख्य सड़क को अक्षय उरांव के परिवार द्वारा जेसीबी लगाकर खोद दिया गया है। सड़क के एक बड़े हिस्से को काटकर नाले का रूप दे दिया गया है, जिससे यह मार्ग अत्यंत संकीर्ण और खतरनाक हो गया है।1002518072

बड़ा हादसा टला: श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी गड्ढे में फंसते बची

​आज दोपहर करीब 12 बजे एक चारपहिया वाहन (मैक्सिमो), जिसमें महावीर झंडा जुलूस के लिए ढोल-नगाड़े बजाने वाले कलाकारों का पूरा समूह सवार था, इस खोदे गए गड्ढे में गिरते-गिरते बाल-बाल बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर वाहन गड्ढे में पलट जाता तो कई लोग गंभीर रूप से घायल हो सकते थे।

प्रशासन से कार्रवाई और मरम्मत की मांग

​इस घटना के बाद अखिल भारतीय अनुसूचित जाति जनजाति एकता मंच के जिला संरक्षक रंजन कारूवा ने मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने सरायकेला अंचल अधिकारी (CO) से लिखित आग्रह करते हुए मांग की है कि:

  • सड़क की मरम्मत: पंचायत कोष से तत्काल इस मार्ग का सुधारीकरण कराया जाए।
  • दोषियों पर कार्रवाई: सार्वजनिक संपत्ति और मार्ग को जानबूझकर क्षतिग्रस्त करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

स्कूली बच्चों और एंबुलेंस के लिए बढ़ा खतरा

​ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से छोटे-छोटे बच्चे विद्यालय जाते हैं और आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस भी इसी मार्ग का प्रयोग करती है। सड़क की वर्तमान स्थिति किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रही है। यदि जल्द ही इस गड्ढे को भरकर सड़क चौड़ी नहीं की गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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सरायकेला में राजनीतिक उलटफेर: युवा समाजसेवी पवन कबि सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल, झामुमो को बड़ा झटका

सरायकेला: जिले की सियासत में शनिवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। क्षेत्र के प्रतिष्ठित युवा समाजसेवी पवन कबि ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। पाठागार चौक निवासी पवन कबि पिछले एक दशक से सक्रिय राजनीति से दूर रहकर भी जनसेवा में जुटे थे, लेकिन अब उनके इस कदम ने जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।ec487b28fb35db7b52d59e0cb7534da6933d35e1619146148955e3bd957ec8b5.0

भाजपा जिला कार्यालय में भव्य स्वागत

​भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान पवन कबि और उनके साथियों का विधिवत स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान, वरिष्ठ नेता राजा सिंहदेव और नगर अध्यक्ष बीजू दत्त ने उन्हें माल्यार्पण कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। To1002518072

झामुमो कार्यकर्ताओं ने भी छोड़ा साथ

​इस सदस्यता अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पवन कबि के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी अपनी पुरानी पार्टी छोड़कर भाजपा का झंडा थाम लिया। पार्टी नेताओं का मानना है कि पवन जैसे जमीन से जुड़े और ऊर्जावान व्यक्तित्व के आने से सरायकेला क्षेत्र में संगठन को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

“मोदी की कार्यशैली से प्रेरित होकर लिया निर्णय”

​भाजपा में शामिल होने के बाद अपने संबोधन में पवन कबि ने कहा:

“मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व, उनकी कार्यशैली और राष्ट्रहित के लिए लिए गए कड़े निर्णयों से प्रभावित हूँ। भाजपा एक ऐसा मंच है जहाँ जनसेवा को और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। अब क्षेत्र में विकास के नाम पर हो रहे गलत कार्यों पर हमारी पैनी नजर रहेगी।”

 

ये युवा साथी भी हुए शामिल

​कार्यक्रम का सफल संचालन सुमित चौधरी ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अनुभव सत्पथी, चीकू मोहंती, शुभम विषय, अभिजीत मंडल, अंकित महंती, रिंकू साहू, राजा शामल, अंशुमन मोहंती, रोनित भोल और अजय गोप सहित भारी संख्या में युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

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क्या करें ऐसे मामलों में किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत सतर्क रहें व्यक्तिगत या संस्थागत जानकारी साझा न करें तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं

रांची: झारखंड में स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। ताजा मामला राजधानी रांची का है, जहाँ आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (JSAS) ने राज्य के सभी अस्पतालों और आम नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।1002518072

फर्जी ‘नोडल अधिकारी’ बनकर डराने का खेल

​घटनाक्रम के अनुसार, रांची स्थित मुंधड़ा हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि वरुण मुंधड़ा को 25 मार्च की सुबह एक संदिग्ध कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपनी पहचान अजय अग्रवाल के रूप में दी और खुद को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का नोडल अधिकारी बताया।

​ठग ने अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए दावा किया कि उनके खिलाफ 256 पन्नों की एक भारी-भरकम शिकायत दर्ज है और जल्द ही एक जांच टीम अस्पताल पहुंचने वाली है। इसके बाद, मामले को रफा-दफा करने और शिकायत की कॉपी उपलब्ध कराने के बदले में मोटी रकम की मांग की गई।

अस्पताल की सतर्कता से टली ठगी

​अस्पताल प्रबंधन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत इस कॉल की सत्यता की जांच की। कॉल संदिग्ध लगने पर उन्होंने इसकी जानकारी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को ईमेल के जरिए दी। कंपनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जांच के लिए आरोग्य सोसाइटी को भेज दिया है, जहाँ अब इस ठग गिरोह की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सरकार ने जारी की एडवाइजरी

​आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबद्ध अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विभाग का कोई भी अधिकारी इस तरह से फोन पर पैसों की मांग या डराने का काम नहीं करता है।

क्या करें यदि आए ऐसा कॉल?

  • ​किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल पर अपनी संस्थागत या वित्तीय जानकारी साझा न करें।
  • ​यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डराने या ‘सेटलमेंट’ की बात करे, तो तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें।
  • ​ऐसे मामलों की शिकायत तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में दर्ज कराएं।

 

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