पटना: मोकामा के बाहुबली नेता और नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह आज मंगलवार को बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। पटना सिविल कोर्ट से विशेष अनुमति मिलने के बाद उनका शपथ ग्रहण संभव हो पा रहा है। हालांकि, यह राहत केवल शपथ प्रक्रिया तक ही सीमित है; इसके तुरंत बाद उन्हें वापस बेऊर जेल भेज दिया जाएगा।

भारी सुरक्षा घेरे में रहेंगे ‘छोटे सरकार’
कोर्ट के आदेशानुसार, अनंत सिंह को जेल से सीधे विधानसभा लाया जाएगा। सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं:
- सुरक्षा दस्ता: क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और विशेष सुरक्षा दस्ते के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।
- प्रतिबंध: शपथ के अलावा वे किसी भी अन्य गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे। उन्हें न तो समर्थकों से मिलने की अनुमति है और न ही साथी विधायकों से संवाद की।
- हाई अलर्ट: विधानसभा परिसर में सीसीटीवी और अतिरिक्त सुरक्षा बलों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
शपथ क्यों है जरूरी?
बिहार विधानसभा के कुल 243 सदस्यों में से 242 विधायक पहले ही शपथ ले चुके हैं। अनंत सिंह अकेले ऐसे विधायक थे जिनका शपथ ग्रहण बाकी था। संविधान के अनुच्छेद-188 के तहत, बिना शपथ लिए कोई भी निर्वाचित प्रतिनिधि न तो सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकता है और न ही वेतन या भत्तों का हकदार होता है।
कानूनी पेंच: दुलारचंद हत्याकांड और जमानत
अनंत सिंह की मुश्किलें 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद शुरू हुईं।
- गिरफ्तारी: इस मामले में 1 नवंबर को उनकी गिरफ्तारी हुई थी।
- जमानत की स्थिति: फिलहाल उन्हें सिविल कोर्ट से राहत नहीं मिली है। पटना हाईकोर्ट में जमानत याचिका लंबित है, जहाँ हाल ही में एक जज ने सुनवाई से इनकार कर दिया था। अब मामला दूसरी बेंच में लिस्ट होने की प्रक्रिया में है।
मोकामा में जीत का ‘रिकॉर्ड’
अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए भी मोकामा सीट पर अपना दबदबा कायम रखा। उन्होंने राजद की वीणा देवी को 28,206 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। यह लगातार दूसरी बार है जब वे जेल की सलाखों के पीछे से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुँच रहे हैं। इससे पहले 2020 में भी उन्होंने इसी तरह कोर्ट की अनुमति लेकर शपथ ली थी।
मुख्य बिंदु:
- अनंत सिंह मोकामा से विधायक निर्वाचित हुए हैं।
- दुलारचंद हत्याकांड में 1 नवंबर 2025 से जेल में बंद हैं।
- कोर्ट के आदेश पर केवल शपथ के लिए बाहर आने की अनुमति मिली है।











