धनबाद: होली के त्योहार से ठीक पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आय से अधिक संपत्ति मामले में रिटायर्ड जमादार लालेश्वर सिंह (63) को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की धनबाद टीम ने मंगलवार को हीरापुर एक्स कोल बोर्ड कॉलोनी स्थित उनके आवास पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री के बॉडीगार्ड से 15 करोड़ के मालिक तक का सफर
गिरफ्तार लालेश्वर सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। बताया जाता है कि सिपाही के पद पर तैनाती के दौरान वे पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा के अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) भी रह चुके हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवा में रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और अपनी वैध आय से कहीं अधिक, लगभग 15 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति बनाई।
2016 से चल रही थी जांच की तलवार
लालेश्वर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की फाइल पिछले कई वर्षों से घूम रही थी:
- 2016: मामले की शुरुआती गोपनीय जांच शुरू हुई।
- 2019: फरवरी में उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज की गई।
- 2020: सितंबर में तत्कालीन एसपी ने 191 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी, जिसमें आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई।
- 2023: 4 जनवरी को कांड संख्या 1/2023 के तहत औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई।
गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
एसीबी की टीम गिरफ्तारी के बाद लालेश्वर सिंह को मेडिकल जांच के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) लेकर पहुंची। जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ पाया गया। डॉक्टरों की सलाह पर एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिलेगी, उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की रिमांड प्रक्रिया शुरू होगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश
होली के ठीक पहले हुई इस गिरफ्तारी ने पुलिस महकमे और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। एसीबी की यह कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि रिटायरमेंट के बाद भी भ्रष्टाचार के पुराने मामले पीछा नहीं छोड़ते।
तीसरी धारा न्यूज की विशेष रिपोर्ट।










