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एक मैकेनिक की सलाह और पूरा परिवार खत्म: बंद कमरे में रातभर चलती रही बाइक, जहरीली गैस से पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत

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चित्तूर/पुंगनूर: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा मानकों को लेकर सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है। पुंगनूर कस्बे के त्यागराजू स्ट्रीट इलाके में एक घर के अंदर रातभर बाइक का इंजन चालू रहने से निकली जहरीली गैस ने एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान ले ली। मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं।

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मैकेनिक की एक सलाह बनी ‘काल’

​जानकारी के अनुसार, परिवार के मुखिया ने हाल ही में अपनी बाइक के इंजन का बोर (Repairing) करवाया था। मैकेनिक ने सलाह दी थी कि इंजन के नए पुर्जों को सेट करने के लिए बाइक को कुछ घंटों तक लगातार स्टार्ट रखना होगा। इसी सलाह को मानते हुए उन्होंने शनिवार की रात अपनी बाइक को घर के अंदर ही स्टार्ट (Idling mode) करके छोड़ दिया।

ठंड के कारण बंद थे खिड़की-दरवाजे

​रात में ठंड अधिक होने की वजह से परिवार ने घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां कसकर बंद कर दिए थे। बंद कमरे में बाइक से निकलने वाला धुआं और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसी जहरीली गैस जमा होती रही। चूंकि कार्बन मोनोऑक्साइड रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए सोते हुए परिवार को खतरे का आभास तक नहीं हुआ।

सुबह दरवाजा तोड़कर घुसी पुलिस

​रविवार सुबह जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा भयावह था। कमरे में दमघोंटू माहौल था और परिवार के चारों सदस्य बेसुध पड़े थे। मेडिकल टीम ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया।

विशेषज्ञों की चेतावनी: कभी न करें ऐसी गलती

​विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल या डीजल के जलने से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को रोक देती है, जिससे व्यक्ति की नींद में ही मौत हो जाती है। पुलिस और प्रशासन ने इस घटना के बाद आम जनता से अपील की है:

  • ​कभी भी बंद कमरे या गैरेज के अंदर वाहन या जनरेटर चालू न छोड़ें।
  • ​मैकेनिक की ऐसी किसी भी सलाह को बंद कमरे में न अपनाएं।
  • ​घर में वेंटिलेशन (हवा आने-जाने का रास्ता) हमेशा सुनिश्चित करें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़