जमशेदपुरः पिछले दिनों कदमा शास्त्री नगर में दो गुटों के हिंसा के बाद उस इलाके में धारा 144 लगा दी गई थी। उसी परिपेक्ष में भाजपा के वरिष्ठ नेता अभय सिंह सहित कई लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभय सिंह के गिरफ्तारी के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार इसका विरोध कर रहे हैं, साथ ही साथ अब क्षत्रिय संघ भी इस मैदान में आ गया है। उसी के तहत आज सभी दल के क्षत्रियों संघ ने एक बैठक काशीडीह दुर्गा मंदिर में की।
जिसमें क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू सिंह ने कहा है कि वास्तव में यह दो गुट या दो संप्रदाय का झगड़ा नहीं था, बल्कि पुलिस प्रशासन और टाटा स्टील के साथ स्थानीय विधायक सह मंत्री की मिली भगत से यह कार्य किया गया है। जब एक छोटी सी घटना और एक छोटे से स्थान पर हुई है और पुलिस ने उसे इतना विकराल रूप दिया है और धारा 144 लगा दी है। तब टाटा स्टील के सैकड़ों मजदूर वहां काम कैसे कर रहे हैं? सड़क का निर्माण अवैध अतिक्रमण हटाकर किस प्रकार कर रहे हैं?
भाजपा नेता अभय सिंह की गिरफ्तारी और उस पर भाजपा की अब तक कि गतिविधियों पर सवालिया निशान खड़ी करती हुई ‘गौरव हिन्दुस्तानी’ की यह लेख
भारत की ही नहीं अपितु विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप जानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी का नारा ‘सबका साथ – सबका विकास’ और पार्टी के आलाकमान की बातें कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है, इस बात पर जमशेदपुर महानगर की जिला कमेटी और कुछ हद तक प्रदेश कमेटी सवालिया निशान लगा रही। जो पार्टी अपने नेता के पक्ष में खुलकर सामने नहीं आ रही वह कार्यकर्ताओं को लेकर चलने वाली कितनी बड़ी पार्टी होगी यह विचारणीय है। विगत दिनों कदमा में घटित सांप्रदायिक दंगों के मामले में गिरफ्तार हुए भाजपा नेता अभय सिंह की गिरफ्तारी से लेकर अब तक किसी भी बड़े नेता का कार्यकर्ताओं को तो छोड़िए आम जनता को संतुष्ट करने वाला कोई भी बयान नहीं आया। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में भाजपा के केंद्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास तो ऐसे चुप बैठे हैं जैसे दही जमी हुई हो और यह पहली बार नहीं है, रामनवमी के समय प्रशासन के नियमों के विरुद्ध भी जब आवाज़ उठा तब भी महाशय द्वारा एक बयान तक जारी नहीं हुआ। हिंदुत्व के नाम पर भाजपा को मतदान करने वाली जनता के लिए भी यह चिंतनीय है कि क्या भाजपा सच में हिंदुत्व की आवाज़ उठाने वाली राष्ट्रीय पार्टी है या सिर्फ कथनी ही है, क्योंकि हिंदुओं की आवाज़ उठाने वाले नेताओं के पक्ष में तो भाजपा मौन धारण की हुई रहती है और यह पहला मामला भी नहीं है।
सोचने वाली बात यह भी है कि विगत 1 साल पहले पटमदा डीएसपी द्वारा जब बोड़ाम मंडल के महामंत्री को झूठे आरोप में गिरफ्तार किया गया था तब इसी भाजपा ने जनआक्रोश रैली निकाल कर थाना का घेराव किया था, तो अब ऐसी क्या बात हो गयी है कि भाजपा अपने इतने कदावर नेता के पक्ष में सिर्फ जुबानी फायरिंग कर रही है वो भी दबे ज़ुबान में। जब कि चर्चाओं का माहौल साफ तौर पर यह बयाँ कर रहा है कि अभय सिंह पर लगी धाराएं गलत है और अभय सिंह घटना के दिन कदमा तो छोड़िए उसके आस पास भी नहीं गए थे, तो फिर आखिर भाजपा कि कार्यशैली इस प्रकार क्यों है यह बात कार्यक्रताओं और जनता को समझ नहीं आ रही है।
गुटबाज़ी तो हर राजनीतिक पार्टी के अंदर है किंतु जमशेदपुर महानगर के जिला कमेटी सहित सम्पूर्ण झारखंड के भाजपा पार्टी का यह सौतेला व्यवहार कई सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या जेवीएम से पहले की जो खट्टास थी वह अब भी बरकरार है? क्या जेवीएम के विलय के बाद भी अंदरूनी लय अभी तक नहीं बन पाई ? क्या 2024 के चुनाव में अपने अपने वर्चस्व को लेकर एक अंदरूनी राजनीति का खेला चल रहा है ? यदि यह सब है तो यह कहना कतई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि भाजपा का 2024 में वापस झारखंड के सत्ता पर काबिज़ होने का ख़्वाब चकनाचूर होने वाला है। आज अभय सिंह का मुद्दा हर चौराहे पर चाय पे चर्चा वाला मुद्दा बना हुआ है और पूर्वी के निर्दलीय विधायक सरयू राय का खुलकर अभय सिंह के समर्थन में आने से राजनीतिक हवाएं अपना रुख बदल रही हैं। वहीं भाजपा के टुकड़े टुकड़े में अभय सिंह के समर्थन पर दीवाली में मिर्ची पटाखे की तरह फूटना बेअसर दिख रही है। यदि भाजपा अभय सिंह और हिन्दू नेताओं के पक्ष में खुलकर नहीं आती है तो यह कहना गलत नहीं होगा कि 2024 में भाजपा को बुरी तरह से मुँह की खाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
जमशेदपुर : झारखंड प्रदेश पान (तांति ) स्वांसी समाज, जमशेदपुर के तत्वाधान में बिष्टूपुर में भारत रत्न डॉ. भीम राव अम्बेडकर जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में बाबा साहेब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गया। तदुपरांत उनके जीवन के महत्वपूर्ण घटनाओं व राष्ट्र को दिए गए उनके योगदान पर चर्चा की गई । दलितों के मसीहा मज़दूरों के तथा महिलाओं के तारणहार तथा संविधान के निर्माता के रूप में राष्ट्र उनका कृतज्ञ रहेगा और हम संविधान तथा उनके द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा कर अपना ऋण उतारने का प्रयास करते रहेंगे । उक्त बातों के समर्थन में श्री दामोदर दास, श्री महेश्वर दास, श्री याम दास, श्री दिलीप त्यागी, श्री ओम प्रकाश ताँति, श्री विपिन कुमार ,श्री निर्मल साहू, श्री द्वारका प्रसाद , श्री राजेन्द्र प्रसाद एवं उपस्थित अन्य सदस्यों ने सहमति जतायी।
पलविंदर कौर को स्त्री सत्संग सभा व रजिंदर सिंह को नौजवान सभा की मिली कमान
बैसाखी के अवसर पर मनीफिट गुरुद्वारा साहिब में बहुत ही शालीन तरीक़े से अमरीक सिंह को प्रधान चुनकर संगत ने एक उदाहरण पेश किया। शुक्रवार को बीबी पलविंदर कौर को स्त्री सत्संग सभा और रजिंदर सिंह को नौजवान सभा का प्रधान भी मनीफिट गुरुद्वारा में मनोनीत कर लिया गया।
गुरुद्वारा साहिब में संगत के बीच अमरीक सिंह प्रधान बने जबकि चेयरमैन करम सिंह व गुरमेज़ सिंह को और कोषाध्यक्ष सोहन सिंह को बनाया गया । वहीं स्त्री सत्संग सभा के चुनाव में पलविंदर कौर को प्रधान, सुखविंदर कौर को उपाध्यक्ष और जसबीर कौर को कोषाध्यक्ष चुना गया। रजिंदर सिंह को गर्मजोशी के साथ नौजवान सभा का प्रधान बनाया गया जबकि महासचिव सुरजीत सिंह बिल्ला को वि कोषाध्यक्ष अमरीक सिंह वीरू को चुना गया। इस अवसर और गुरुद्वारा परिसर के साथ वाले प्लॉट को गुरुद्वारा परिसर में शामिल करने के लिए कार्य भी आरंभ किया गया।
साकची गुरुद्वारा में सजा महान कीर्तन दरबार, संगत ने एक दूसरे को दी बैसाखी बधाइयाँ
बैसाखी व खालसा सृजन दिवस के पावन मौक़े पर साकची गुरुद्वारा परिसर में 60 सिख अमृतपान कर खालसा सजे। शुक्रवार को साकची गुरुद्वारा परिसर में महान कीर्तन दरबार का भी आयोजन भी मौक़े पर किया गया।
बैसाखी पर अकाली दल, जमशेदपुर द्वारा साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के सहयोग से अमृत संचार कराया गया जहां 60 सिख अमृत छक कर खालसा रूप में सजे। अकाली दल के जत्थेदार ज्ञानी सुखदेव सिंह, भाई रवीन्द्र सिंह, भाई भूपिन्दर सिंह, भाई गुरदीप सिंह, भाई रविन्द्रपाल सिंह भाई जसबीर सिंह (ग्रंथी), भाई प्रीतपाल सिंह, भाई चरणजीत सिंह के अलावा सेवादार अमृतपाल सिंह की देखरेख में अमृतपान कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
इससे पूर्व महान कीर्तन दरबार में प्रचारक बाबा अमृतपाल सिंह अमृतसर वाले ने संगत को गुरमत विचारों से रू ब रू कराया। वहीं भाई साहिब भाई मनदीप सिंह अमृतसरवाले हज़ारी रही जत्था गुरद्वारा साहिब साकची ने अपने मधुर शब्द कीर्तन से संगत को निहाल किया। इस अवसर पर साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह ने संगत को बैसाखी व खालसा सृजन दिवस की बधाई देते हुए गुरु महाराज से सदैव जुड़े रहने की अपील कि।
कदमा के शास्त्रीनगर में 10 अप्रैल को हुए सांप्रदायिक उपद्रव मामले में जो कार्रवाई हो रही है, उससे जिला पुलिस और जिला प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और पूर्व अध्यक्ष रवींद्र राय ने अभय सिंह, सुधांशु ओझा और विहिप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई है। भाजपा नेता का कहना है कि ये गिरफ्तारियां प्रशासन ने एक मंत्री के इशारे पर की हैं।
नौ अप्रैल की घटना को हल्के में लेने का आरोप
भाजपा के मुताबिक, नौ अप्रैल को जब महावीरी झंडे में मांस का टुकड़ा बंधा हुआ मिला और इसे लेकर जो हंगामा हुआ, उसे लेकर पुलिस ने लापरवाही बरती। पुलिस ने वहां जवानों की तैनाती नहीं की, जिसके बाद उपद्रवियों ने दूसरे दिन हमला कर दिया। मंदिर और हिंदुओं के साथ-साथ पुलिस पर भी उपद्रवियों ने पथराव किया। इस मामले में पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल दिखा।
बौखलाहट में की गई कार्रवाई
भाजपा के मुताबिक, अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने बौखलाहट में आक्रामक कार्रवाई शुरू कर दी। इसमें ऐसे-ऐसे लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिनका इस घटना से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध नहीं था। भाजपा नेता अभय सिंह कदमा नहीं गए, न किसी से मिले थे। इसके बावजूद उन्हें कुख्यात आतंकवादी की तरह सुबह-सुबह घर में घुसकर दरवाजा तोड़कर गिरफ्तार किया। अभय सिंह उस वक्त नींद में थे। इस कार्रवाई से यही सवाल उठ रहा है कि क्या अभय सिंह ऐसे दुर्दांत अपराधी थे, जो पुलिस से मुठभेड़ कर सकते थे। अभय सिंह और हिन्दू संगठनों के नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए प्रशासन ने रात 2 बजे से पूरे शहर का इंटरनेट बंद कर दिया गया और साकची जेल से घाघीडीह जेल के लिए निकलते ही संध्या 7 बजे के करीब इंटरनेट को पुनः बहाल कर दिया गया, आखिर पूरे शहर का नेट बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी।
भाजपा नेता पर लगी 18 धाराएं
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और धनबाद के संगठन प्रभारी अभय सिंह को पुलिस 11 अप्रैल को सुबह करीब छह बजे घर से दरवाजा तोड़कर गिरफ्तार कर ले गई। जब कार्यकर्ता थाने का घेराव करने लगे, तो थानेदार ने उन्हें धमकी दी कि 10 मिनट में यहां से नहीं गए, तो सबको अंदर कर दिया जाएगा। अभय सिंह पर 18 धाराएं लगाई गई हैं।
क्या बोले दीपक प्रकाश
इस बारे में दीपक प्रकाश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मैं स्वयं कानून का छात्र रहा हूं, प्राथमिकी में दर्ज विवरण और धाराओं में कोई तालमेल नहीं है। जमशेदपुर में पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई आपातकाल जैसी है।
गिरफ्तारी पर क्या बोले सरयू राय
विधायक सरयू राय ने विहिप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर कहा कि आश्चर्य है कि इनमें से एक अधिवक्ता हैं, जो सीधे कोर्ट से एसएसपी कार्यालय गये थे। एक अपनी मां के श्राद्धकर्म से एक दिन पहले जमशेदपुर लौटा था। इनमें से कोई दो दिन के भीतर कदमा नहीं गया था लेकिन पुलिस की नजर में वह भी अभियुक्त हो गया। गुहार लगाने वालों पर आर्म्स एक्ट लगा दिया गया, जबकि ये नामजद भी नहीं थे।
अधिवक्ताओं ने गिरफ्तारी के खिलाफ की हड़ताल
इनमें से एक अधिवक्ता चंदन चतुर्वेदी को हथकड़ी लगाने के विरोध में दो दिन तक कलमबंद हड़ताल पर रहे। इस मामले में एसएसपी ने हथकड़ी लगाने वाले सिपाही को निलंबित और एएसआई को शोकाज किया, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने हड़ताल समाप्त कर दिया।
दीपक प्रकाश ने अभय सिंह के परिवार से की मुलाकात
दो दिन बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय शहर आए। उन्होंने अभय सिंह के स्वजनों से मुलाकात की। दीपक प्रकाश जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. दिनेशानंद गोस्वामी व भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव के साथ घाघीडीह जेल गए, लेकिन जेल प्रशासन ने इन्हें डेढ़ घंटे तक इंतजार कराने के बाद लौटा दिया। रवींद्र राय ने भी अभय सिंह के स्वजनों से मुलाकात की।
हिंदुओं की ओर से खड़े हुए सरयू राय
इस पूरे प्रकरण में भाजपा से निष्कासित विधायक सरयू राय हिंदुओं की ओर से खड़े दिख रहे हैं। जब अभय सिंह की गिरफ्तारी हुई, सबसे पहले सरयू बिष्टुपुर थाना पहुंचकर उनसे बात की। इसी तरह जमशेदपुर कोर्ट परिसर से जब विहिप कार्यकर्ताओं को जेल भेजा रहा था तो वहां भी सिर्फ सरयू राय मौजूद थे।
रखंड में गर्मी का सितम शुरू हो चुका है. 24 जिले में जमशेदपुर का पारा सबसे अधिक दर्ज किया गया. जिले का पारा गर्मी के शुरू होते ही 40 के पार पहुंच चुका है.
लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है.वहीं, गर्मी के आते ही मिट्टी के घड़े, मिट्टी के बोतल मिट्टी के जग लोगों के बीच वरदान बन रहे हैं इसकी मांग भी बढ़ती नजर आ रही है. फ्रिज, वाटर कूलर, एसी के जमाने में भी लोगों का दिल मटके पर अटका हुआ दिख रहा है. यह तस्वीर जो आप देख रहे हैं, वह लौहनगरी जमशेदपुर शहर का है. महीने की शुरुआत में ही शहर का पारा 40 के पार पहुंचा, वहीं जमशेदपुर शहर के साकची बाजार मिट्टी के बर्तनों से सजा हुआ दिख रहा है. इस बार शहर के लोगों को मिट्टी का मॉडल घड़ा, मॉडल बोतल मॉडल जग खूब लुभा रहा है. क्या बच्चे क्या बड़े सभी लोग इसे खरीदने के लिए दुकानों में नजर आ रहे हैं.
मिट्टी के बर्तन की बढ़ी डिमांड
लोगों का कहना है कि कोरोना के बाद लोग ज्यादातर मिट्टी के घड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं. स्कूल, कॉलेज, ऑफिस सभी जगह पर लोगों ने प्लास्टिक की बोतलों को दरकिनार कर मिट्टी के बोतलों का उपयोग कर रहे हैं. इस बार कुम्हार भी बोतलों में अलग-अलग पेंटिंग व डिजाइन बनाकर लोगों को खूब लुभा रहे हैं. मिट्टी के बर्तन में पानी रखना या उससे पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है.
गर्मी में बिक रहे मिट्टी के बर्तनों के दाम
1. मिट्टी का मॉडल घड़ा= 100, 150, 200 तक.
2. मिट्टी का मॉडल सुराई= 80, 100, 150 तक .
3. मिट्टी का मॉडल बोतल= 70, 100 तक .
4. मिट्टी का मॉडल जग= 60, 80 तक .
जमकर हो रही बिक्री से कुम्हार खुश
वहीं, गर्मी की तैयारी को लेकर कुम्हार परिवार 2 महीने पहले से इसे बनाने में जुटे हुए हैं. इस बार जमशेदपुर के बाजारों में कुम्हार द्वारा मॉडल घड़े, मॉडल बोतल मॉडल जग बनाए गए हैं, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. अलग-अलग डिजाइन के घड़े में नल लगाया गया है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं. इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज ऑफिस जाने वाले लोग इस बार कलरफुल मिट्टी के बोतल भी जमकर खरीदा रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि गर्मी में इस बार अच्छी कमाई हो रही है हमारी मेहनत भी रंग लाई है. इस बार नए तरीके के मिट्टी के बोतल, घड़े जग की खूब खरीदारी हो रही है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिल रहा है.
मिट्टी के बर्तन खरीदारों की बनी पहली पसंद
वहीं, खरीदारों का कहना है कि जहां एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे रहे हैं, तो हम लोग भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर अपने शहर के कुम्हारों के हाथों से बने मिट्टी के बर्तन घड़े का इस्तेमाल कर इनके व्यापार को बढ़ावा दे रहे हैं. जहां ठंड पानी पीने की बात हो तो फ्रिज के पानी से तबीयत के साथ गला भी खराब होता है इस मिट्टी के बर्तन का पानी पीकर शरीर स्वस्थ रहता है. इसलिए हम हर साल अपने घर में मिट्टी के घड़े को ले जाकर अपने युवा पीढ़ी को इस पानी की अहमियत बताते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक सामानों में रखे ठंडे पानी इस मिट्टी के घड़े में अमृत जैसा मीठा ठंडा पानी में क्या अंतर है.
झारखंड में कोरोना जांच बढ़ते ही बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज मिलने लगे. पिछले 24 घंटे में 30 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि 22 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं. पिछले 24 घंटों में जैसे ही जांच की संख्या बढ़ी, 30 कोरोना पॉजिटिव मिल गए. सबसे अधिक 16 कोरोना संक्रमित रांची में मिले हैं जबकि जमशेदपुर में 07 नए संक्रमितों की पहचान हुई है. हजारीबाग में 01, कोडरमा में 01, लातेहार में 02, लोहरदगा में 01, रामगढ़ में 01 और पश्चिम सिंहभूम में 01 नया केस कोरोना का मिला है. वर्तमान में राज्य के 24 में से 15 ऐसे जिले हैं, जहां कोरोना के एक्टिव केस हैं. राहत की बात यह है कि इस दौरान 22 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक भी हुए हैं. राज्य में अभी कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 132 है.
झारखंड के 24 में से 15 जिलों में अभी कोरोना के एक्टिव केस हैं. सबसे ज्यादा 50 एक्टिव केस रांची में है. जमशेदपुर में 22, देवघर में 16, हजारीबाग में 08, लोहरदगा में 08, कोडरमा में 07, लातेहार में 06, रामगढ़ में 04, पश्चिम सिंहभूम में 03, खूंटी में 01, गढ़वा में 01, दुमका में 02, चतरा में 01, गुमला में 01 और बोकारो में 02 कोरोना के एक्टिव केस है.
पिछले 24 घंटों में इन जिलों में मिले नए संक्रमित:
झारखंड में पिछले 24 घंटें में 2810 कोरोना संदिग्धों के सैम्पल टेस्ट किए गए, जिसमें से 30 सैम्पल में कोरोना वायरस का संक्रमण मिला है. रांची में 14, लोहरदगा में 05, जमशेदपुर में 03 कोरोना संक्रमित ठीक भी हुए हैं. राज्य में कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच राहत वाली बात यह है कि कुछेक बुजुर्ग कोरोना संक्रमितों को छोड़कर बाकी का इलाज घर पर ही आइसोलेशन में चल रहा है.
राज्य में कोरोना के हर दिन नए केस मिलने की वजह से 7 डेज डबलिंग रेट और भी घटा है और यह 623212 दिन का रह गया है. राज्य में कोरोना का रिकवरी रेट भी 98.78% से घटकर 98.76% हो गया है और मोर्टेलिटी रेट 1.20% है. सरकारी आंकड़ें के अनुसार राज्य में अब तक 04 लाख 42 हजार 791 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से 04 लाख 37 हजार 327 लोग संक्रमण मुक्त हो गए हैं. अबतक 5332 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने माफिया अतीक अहमद के बेटे के एनकाउंटर को लेकर यूपी के सीएम योगी पर तंज कसा है.
उन्होंने गुरुवार (13 अप्रैल) को कहा, “अजय बिष्ट का दूसरा नाम ‘मिस्टर ठोक दो’ था. इसलिए उनके राज में इस तरह की पूर्ण अराजकता, जंगल राज, एनकाउंटर किलिंग हो रही है और आगे भी जारी रहेगी.”
उन्होंने आगे कहा, “माननीय ठोक दो मुख्यमंत्री की हालिया एनकाउंटर किलिंग फिर से जंगल राज का जश्न मना रही हैं जिसे बीजेपी राम राज्य के रूप में पेश कर रही है.” उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार को अतीक अहमद के बेटे और उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी असद को एनकाउंटर में मार गिराया. इस दौरान असद का साथी और हत्याकांड का अन्य आरोपी गुलाम भी मारा गया.
झांसी में एसटीएफ ने एनकाउंटर में मारा
इस मामले को लेकर यूपी के विशेष अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद अहमद और गुलाम पांच-पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश थे. दोनों की झांसी में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई. मुठभेड़ में शामिल उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार और विमल कुमार सिंह ने किया.
सीएम योगी ने दी बधाई
उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए गए हैं. इनमें ब्रिटिश बुलडाग रिवॉल्वर तथा वाल्थर पिस्तौल शामिल है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने कार्रवाई में शामिल एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों को बधाई दी है. इस एनकाउंटर की कई नेताओं ने आलोचना करते हुए सवाल भी उठाया है.
विपक्षी नेताओं ने की आलोचना
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि झूठे मुठभेड़ करके बीजेपी सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाह रही है. मुठभेड़ की भी गहन जांच-पड़ताल हो और दोषियों को नहीं छोड़ा जाए. वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि अतीक अहमद के बेटे व एक अन्य की आज पुलिस मुठभेड़ में हुई हत्या पर अनेकों प्रकार की चर्चायें गर्म हैं. लोगों को लगता है कि विकास दुबे कांड के दोहराए जाने की उनकी आशंका सच साबित हुई है. इसकी उच्च-स्तरीय जांच जरूरी है.
शराब नीति घोटाले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालभी मुश्किलों में घिरते हुए नजर आ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने इस मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया है.
इसी मामले पर पहले से ही दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तिहाड़ जेल में बंद है. उनसे सीबीआई और ईडी लगातार इस मामले में पूछताछ कर रही है. वहीं, अब दिल्ली के मुख्यमंत्री से भी इस मामले में सीबीआई कुछ अहम राज उगलवा सकती है. इसलिए मुख्यमंत्री को सीबीआई द्वारा समन भेजा गया है.
अत्याचार को होगा अंत: संजय सिंह
शराब घोटाले पर सीएम को पूछताछ के लिए बुलाने पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह इस मामले पर शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि अत्याचार का अंत जरूर होगा.
मुख्यमंत्री केजरीवाल को इसलिए भेजा गया समन
सूत्रों के अनुसार शराब घोटाले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप है कि आबकारी विभाग के एक ब्यूरोक्रेट ने घोटाले में पूछताछ के दौरान सीबीआई को बयान दिया कि सिसोदिया ने उन्हें केजरीवाल के घर बुलवाया था. उस दौरान वहां सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे. इस बैठक में मनीष सिसोदिया ने उन्हें मौखिक रूप से शराब कारोबारियों के लिए कमीशन बढ़ाने के लिए ड्राफ्ट तैयार करने को कहा था. सूत्रों का दावा है कि शराब नीति में हुए घोटाले से आए पैसों का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा चुनाव में किया था.
सी बी आयी की पूछताछ के बाद गिरफ्तार हुए थे सिसोदिया
बता दें कि इसी साल के फरवरी महीने में सीबीआई ने दिल्ली के पूर्वउपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने शराब घोटाले में आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.