एक नई सोच, एक नई धारा

धनबाद : नये कनेक्शनधारियों को एक साल से नहीं मिला बिजली बिल, सता रही एकमुश्त भुगतान की चिंता

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल), धनबाद एरिया बोर्ड के एक हजार से ज्यादा नये उपभोक्ताओं को लगभग एक साल से बिजली का बिल नहीं मिल रहा है. सालभर पहले कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर विभाग ने कनेक्शन उपलब्ध कराकर मीटर भी लगा दिया है.

उपभोक्ता के घरों व प्रतिष्ठानों में बिजली का मीटर भी लग चुका है. इसके बाद से बिलिंग करने कोई नहीं पहुंचा. इतना ही नहीं कई उपभोक्ताओं काे कंज्यूमर नंबर तक नहीं मिला है. अब लोगों को एकमुश्त मोटी रकम के भुगतान की चिंता सताने लगी. इसे लेकर विभाग बेपरवाह है. उपभोक्ता अपने घर-प्रतिष्ठान में बिलिंग कराने को लेकर जेबीवीएनएल के कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कह कर लौटा दिया जाता है कि जल्द ऊर्जा मित्र उनके घर जाकर बिल निकालेंगे.

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इस वजहों से नहीं हो रही बिलिंग

बिलिंग एजेंसी व ऊर्जा मित्र में मतभेद : बता दें कि पिछले छह से सात माह से बिलिंग एजेंसी व ऊर्जा मित्र के बीच अनियमित मासिक भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है. बकाया की मांग को लेकर ऊर्जा मित्र कुछ लोगों का ही बिजली बिल निकाल रहे थे. नये उपभोक्ताओं के यहां बिल निकालने नहीं पहुंच रहे है. इस समस्या को देखते हुए जेबीवीएनएल ने एजेंसी को कार्य से हटा दिया है. वर्तमान में विभाग अपनी देखरेख में ऊर्जा मित्र से बिलिंग कार्य करा रहा है.

विवाद के बीच कई ऊर्जा मित्रों ने छोड़ा काम

एजेंसी और ऊर्जा मित्रों के बीच बकाया को लेकर उत्पन्न विवाद को देखते हुए कई इलाकों के ऊर्जा मित्रों ने काम छोड़ दिया है. इसके बाद से कई इलाकों में अबतक ऊर्जा मित्र की बहाली नहीं हुई है. दूसरे इलाकों के ऊर्जा मित्र से किसी तरह पुराने उपभोक्ताओं के घरों व प्रतिष्ठानों में बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है.

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कतरास के तिलाटांड़ हॉस्पिटल के पास रहने वाले शंकर पांडेय ने एक वर्ष पहले बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया. कनेक्शन के साथ उनके घर में बिजली का मीटर लगा दिया गया. इसके करीब सात माह के बाद उन्हें कंज्यूमर नंबर मिला. अब एक साल से ज्यादा हो गया है, उनके घर की बिलिंग नहीं हुई है.

कोलाकुसमा के राजदीप धीवर ने 11 माह पूर्व कनेक्शन लिया है. उसके बाद उनके घर में मीटर लगा दिया गया. कंज्यूमर नंबर नहीं मिला है. ऐसे में अबतक उनकी घर की बिलिंग शुरू नहीं हो पायी है.

नया कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को जल्द बिजली बिल मुहैया कराया जायेगा. सर्वर में उनका डाटा देर से फीड होने के कारण समस्या है. सभी एरिया के कार्यपालक अभियंता को डाटा इंट्री के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. डाटा इंट्री होने के साथ सभी का कंज्यूमर नंबर अलॉट हो जाता है. लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. सभी को इंस्टॉलमेंट में बिल भुगतान करने की सहूलियत दी जायेगी.

पवनदीप राजन और अरुणिता बिखेरेंगे मॉल ऑफ रांची की लॉन्चिंग में जादू, जानें क्या है खासियत

आकाशवाणी के सामने स्थित मॉल ऑफ रांची की औपचारिक लांचिंग 13 अगस्त की शाम पांच बजे होगी. खास बात यह है कि इस लांचिंग में इंडियन आइडल स्टार पवनदीप राजन और अरुणिता शामिल होंगे. दोनों अपनी सुरीली आवाज का जादू चलायेंगे.

उक्त बातें मॉल ऑफ रांची के निदेशक नीतिश अग्रवाल और ऋषभ लोहिया ने गुरुवार को मॉल परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही.

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मॉल में लोगों को अलग अनुभव होगा :

उन्होंने कहा कि मॉल में लोगों को अलग अनुभव होगा. पार्किंग व सुरक्षा से लेकर हर प्रकार की सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है. मॉल में देश-विदेश के नामी ब्रांड्स के शोरूम उपलब्ध हैं. मॉल में बड़े ब्रांड के शोरूम के अलावा मॉडर्न गेम जोन, फूड जोन, 4/4 सिनेमा स्क्रीन्स, लाइफस्टाइल, फैशन शॉप आदि उपलब्ध हैं.

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यहां ईस्ट इंडिया का सबसे बड़ा और लेटेस्ट गेमिंग जोन है. प्रकाश झा के सिनेमा स्क्रीन्स पीजेपी सिनेमा दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे. डॉल्बी एटमॉस साउंड सिस्टम है. जबकि, फूड कोर्ट में 300 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. मॉल में 60 प्रतिशत एंटरटेनमेंट और फूड एवं बेवरेज है. जबकि, 40 प्रतिशत रिटेल और शॉपिंग की सुविधा है.

800 से 1000 लोगों को रोजगार :

निदेशक ने बताया कि इस मॉल के खुलने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 800 से 1000 लोगों को रोजगार मिला है. जबकि, लगभग 50 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को मिलेगा. उन्होंने बताया कि इस मॉल में हर चीजें अलग नजर आयेंगी. लाइटिंग से लेकर हर चीजें इस मॉल को यूनिक बनाती है.

पेमेंट को लेकर सफाईकर्मी पहुँचे उपायुक्त कार्यालय, 2 माह से नहीं मिला पेमेंट

जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा के सफाई कर्मी गुरुवार को दो माह की पेमेंट की मांग करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे है। वही सफाई कर्मियों ने बताया कि वे टीएइएनटी के अंदर काम करते है। उन्हें जून और जुलाई का वेतन नहीं गया किया है। वेतन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक परेशानियां उत्पन्न होने लगी है। वे बहुत मेहनत से गुजारा कर पा रहे है। वहीं कर्मियों ने अशोक मंडल पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं सफाई कर्मियों ने उपायुक्त से मांग है कि उन्हें जल्द से बीते दो माह का वेतन उपलब्ध करवाया जाये।

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घाटशिला में मनाया गया मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का जन्मदिन, विधायक रामदास सोरेन ने काटा केक

घाटशिला स्थित निर्मल होटल परिसर में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का 48वां जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर घाटशिला विधायक रामदास सोरेन ने हेमंत सोरेन की तस्वीर रखकर उनके समक्ष केक काटा, जिसे झामुमो के उपस्थित नेता-कार्यकर्ताओं के बीच वितरित किया गया। इस अवसर पर विधायक रामदास सोरेन एवं झामुमो के अन्य कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफलता की कामना की। (जारी…)

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मौके पर विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत, घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष वकील हेंब्रम, मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, झारखंड श्रमिक संघ के प्रखंड अध्यक्ष काजल डॉन, झामुमो नेता अपा हेंब्रम, झामुमो सोशल मीडिया प्रभारी गौरांग माहली, झामुमो संगठन सचिव संदीप परीडा, गणेश टुडू, विकास मजुमदार, निमाई कालिंदी, सतीश शीट, काला सरकार, प्रताप दास, सिप्पू शर्मा, बबलू हुसैन आदि मौजूद थे।

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जुगसलाई : वाहन चेकिंग के नाम पर भयादोहन को लेकर आमलोगों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर : जुगसलाई के आम लोगों ने गुरुवार को जुगसलाई ट्रॉफिक पुलिस द्वारा नव निर्मित ओवर ब्रिज पर वाहन जांच के विरोध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और आम जनता के भयादोहन करने का विरोध किया। ज्ञापन में माध्यम से उपायुक्त से कहा गया कि जुगसलाई ओवर ब्रिज के निर्माण का उद्देश्य जुगसलाई, बागबेड़ा और अन्य क्षेत्र के लोगों को जाम से मुक्त करवाना था। जिससे लोगों का समय। परंतु जुगसलाई यातायात पुलिस की बर्बरतापूर्ण एवं मनमाना कार्यशैली एवं वाहन एवं हेलमेट जांच के नाम पर भयादोहन हो रहा है। (जारी…)

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जिसके कारण मजदूरों और आम नागरिकों को काम से अपने घर वापसी के समय संध्या 7 से रात्रि 9 बजे तक काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन पुल में जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। चेकिंग से बचने के लिए कई दुर्घटना भी हो चुकी हैं। ज्ञात है कि पुल से कुछ दूरी पर जुगसलाई ट्रॉफिक थाना है, जहां प्रतिदिन वाहन चेकिंग होती है। साथ ही यह भी कहा गया कि जुगसलाई चौक बाजार में हमेशा ट्रॉफिक जाम रहता है। जाम हटाने के लिए ट्रॉफिक पुलिस नहीं रहती। सभी ने उपायुक्त से आग्रह किया कि मामले की जांच करें और पुल पर चेकिंग रोकने की कृपा करें।

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने शहीद निर्मल महतो को दी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर : शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने उन्हें याद करते हुए उनका शहादत दिवस मनाया। भारतीय मानवाधिकार ऐसोशिएशन के कोल्हान उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह एवं संगठन के सदस्यों द्वारा शहीद निर्मल महतो जी को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर उनके बलिदान और समाज के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा को याद करते उनके बताए राह में चलने का संकल्प लिया गया।

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जमशेदपुर : एक दिन में चार लोगों ने खुद की जीवन लीला की समाप्त, कदमा, सोनारी, गोलमुरी और बिरसानगर का है मामला

जमशेदपुर : जमशेदपुर में आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। 9 अगस्त को चार लोगों ने अलग-अलग थाना क्षेत्र में ख़ुदकुशी कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद बन रहे हैं आत्महत्या की मुख्य वजह।

केस 1

जमशेदपुर के मेहरबाइ टाटा मेमोरियल अस्पताल (एमटीएमएच कैंसर अस्पताल) के लैब टेक्निशियन रवींद्र कुमार दास ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कदमा वर्कर्स फ्लैट निवासी रवींद्र दास 56 साल के थे और वे अस्पताल के कामगार यूनियन के उपाध्यक्ष थे। रवींद्र कुमार दास ने अपने घर में फांसी लगायी। उनकी पत्नी कदमा आंध्रा स्कूल की टीचर है जबकि दो बेटे है, जो बंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे है। बताया जाता है कि रवींद्र दास घर पर अकेले थे, पत्नी स्कूल गयी थी। स्कूल से लौटी तो अंदर से दरवाजा घर का बंद था। आत्महत्या के कारणों के बारे में पता नहीं चल पाया है। (जारी…)

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केस 2

जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के कारमेल स्कूल के पास भाड़े के मकान में रहने वाले 18 वर्षीय आदित्य राज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह सोनारी स्थित भारत सेवाश्रम संघ का 11वीं का स्टूडेंट था। उसके पिता संजय सिंह है, जो बनारस में रहते है जबकि उसकी मां सरिता देवी चांडिल के एक स्कूल की टीचर है, जो सोनारी में भाड़े के मकान लेकर अपने बेटे के साथ रहती है। बताया जाता है कि वह अकेले था। इसी दौरान उसने फांसी लगा ली। मां घर पर नहीं थी, जब वह घर लौटी तो देखा कि बेटा फांसी पर लटका हुआ है।

केस 3

जमशेदपुर के गोलमुरी में भी 50 वर्षीय मिथलेश कुमार झा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह केबुल बस्ती के रहने वाले थे, जो कारपेंटर का काम करते थे। वह आर्थिक परेशानी से त्रस्त होकर आत्महत्या कर ली। गोलमुरी पुलिस आत्महत्या के कारणों का तलाश कर रही है। (जारी…)

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केस 4

जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र के टीआरएफ कॉलोनी में एक सिक्योरिटी गार्ड 19 वर्षीय साहिल ने घरेलू विवाद में दुपट्टा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिजन उसे फंदे से उतारकर एमजीएम अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव एमजीएम अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया गया है। गुरुवार को इसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उसने एबीएम कालेज से पढाई की है। वह बाराद्वारी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। बिरसानगर पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले को जांच कर रही है।

तख्त श्री हरमिंदर साहिब में झारखण्ड के सिखों की सदस्यता एवं मताधिकार बरकरार

भगवान सिंह-शैलेन्द्र सिंह का प्रयास रंग लाया, बैठक में बन गयी बात

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सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह और झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा कमिटी के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह का प्रयास आख़िरकार रंग लाया वे तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना में दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र में झारखंड के सिखों की सदस्यता और मताधिकार को बरकरार कराने में कामयाब हो गए हैं। चार से पांच दौर की बातचीत और बैठकों के बाद झारखण्ड के सिखों का मान सम्मान बचाने दोनों धार्मिक नेता सफल हो ही गए।
बुधवार को पटना साहिब से पुष्टि करते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रधान सरदार भगवान सिंह और झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा कमिटी (जेरजीसी) के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि तख्त श्री हरमंदिर साहिब पटना के संचालन समिति के सदस्यों विशेषकर अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही, महिंद्रपाल सिंह ढिल्लों और हरपाल सिंह जोहल के साथ काफी सौहाद्रपूर्ण माहौल में बैठक हुए और सदस्यों ने झारखण्ड के सिखों के साथ किसी भी तरह के भेद-भाव से इंकार करते हुए झारखण्ड की सदस्यता और मताधिकार बरकरार रखने की बात कही है।

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सरदार शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी), झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा कमिटी (जेरजीसी) और झारखण्ड सिख प्रतिनिधि बोर्ड की ओर से एक-एक ज्ञापन बिहार उच्च न्यायालय एवं कस्टोडियन जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन सिंह को भी सौंपा गया उन्होंने अपने कार्यालय कच्छ में बुलाकर प्रतिनिधिमंडल से बात की और उन्होंने राजीव रंजन सिंह ने आश्वस्त किया है झारखण्ड से सिखों के साथ किसी भी प्रकार भेद-भाव और नाइंसाफी नहीं होगी और जैसा चल रहा रहा है यथावत चलता रहेगा। भगवान सिंह का कहना है कि इसको तूल देना अब व्यर्थ होगा क्योंकि इस प्रकरण का अब पटाक्षेप हो गया है। सीजीपीसी प्रतिनिधिमंडल कल जमशेदपुर लौटेगा। जमशेदपुर से तख्त श्री हरमंदिर साहिब गए प्रतिनिधिमंडल में भगवान सिंह, शैलेन्द्र सिंह, गुरमीत सिंह तोते, अमरजीत सिंह, गुरचरण सिंह बिल्ला, चंचल सिंह, कुलदीप सिंह बुग्गे, रविंदर सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, सुरेंद्र सिंह छिंदे, रणजीत सिंह मथारू, जसविंदर सिंह जस्सी और राजू पांडे शामिल थे।

सोमवारी पर देवघर में आस्था का उल्लास, तस्वीरों में देखें बाबाधाम का नजारा
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सावन सोमवारी पर बोल बम और हर हर महादेव से नारों से बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर गुंजायमान हो गया है. बाबा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के रंग से सराबोर हो गया है.सरकारी पूजा के बाद अहले सुबह 03 बजकर 48 मिनट से श्रद्धालु अर्घा के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण कर रहे हैं.

सावन की पांचवीं और पुरुषोत्तम मास व बांग्ला सावन की तीसरी सोमवारी पर भारी संख्या में कांवरिये बाबा मंदिर पहुंचे हैं. इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भगवा रंग से पटा है और चारों ओर बोल-बम के जयकारे लग रहे हैं, पूरा माहौल भक्तिमय है.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को लेकर उपायुक्त लगातार मंदिर प्रांगण व रुटलाइन का निरीक्षण कर रहे हैं. शिवगंगा में एनडीआरएफ की टीम उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रख रही है. सम्पूर्ण रूट लाइन के साथ-साथ सभी होल्डिंग पॉइंट व महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा बल एवं दंडाधिकारी उपस्थित हैं. इस बीच पुलिस का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला. सूचना सहायता कर्मी अपने कर्तव्य स्थल पर उपस्थित हैं और श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग कर रहे हैं.

बाबा मंदिर में रविवार से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी गयी. वहीं सोमवारी पर जलार्पण के लिए रविवार देर रात से ही कांवरिये रूटलाइन में कतार में लग गये थे. इस बार श्रावणी मेला दो माह का होने के बाद भी हर दिन भारी संख्या में कांवरियों का आगमन जारी है.

इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी विशाल सागर रुटलाइन के अलावा अहले सुबह से बाबा मंदिर प्रांगण में उपस्थित हैं. सोमवारी को जलार्पण को लेकर रात्रि पहर में ही श्रद्धालुओं की कतार बीएड कॉलेज तक पहुंच गयी. कड़ी सुरक्षा के बीच कतारबद्ध होकर श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का सुलभ व सुरक्षित जलार्पण कर रहे हैं.

बाबा मंदिर आने वाले कांवरिये जलार्पण के बाद कांवर यात्रा की यादों में समेट कर ले जाने का मौका छोड़ना नहीं चाहते हैं. इस कारण बाबा मंदिर परिसर में कांवरियों को सेल्फी लेते देखा जा रहा है.

सावन के पावन महीने में हमेशा की तरह आज भी बाबा धाम का दृश्य काफी मनमोहक है.

झारखंड की कंचन उगुरसंडी ने बाइक से की दुनिया की सबसे ऊंची सड़क की यात्रा

2021 के जून में शून्य से माइनस 40 डिग्री से भी कम ठंड वाले इलाके में दुनिया की सबसे ऊंची सड़क पर यात्रा पूरी करनेवाली सरायकेला के बिदरी गांव की कंचन उगुरसंडी ने कहा कि यह साहसिक यात्रा काफी रोमांचकारी थी.

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उन्होंने अब भारत-चीन सीमा पर 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सड़क तक सोलो बाइक राइड (एकल बाइक की सवारी) करने का मन बनाया है.

आदिवासी किसी से पीछे नहीं : कंचन उगुरसंडी

उन्होंने कहा कि आदिवासी किसी से पीछे नहीं हैं. वह मेहनती होते हैं. अपनी मेहनत के बल पर किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं. पहले से सोच भी बदली है, लेकिन अब भी कई सारी रुढ़ियों को तोड़ने की जरूरत है, ताकि आदिवासी समुदाय की लड़कियां भी आगे आ सकें. आदिवासियों के लिए दुनिया काफी बड़ी है.

भारत-चीन सीमा की सड़क यात्रा पर निकल चुकीं थीं कंचन उगुरसंडी

कंचन उगुरसंडी ने बताया कि सबसे ऊंची सड़क की यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण काम था. इसके लिए परिवार को समझाना पड़ा कि उन्हें सफलता मिलेगी, इसके बाद यात्रा पूरी कर पायी. वहीं, इस यात्रा के बाद के बाद आगे की भी तैयारी जारी है. वह भारत-चीन सीमा की सड़क की यात्रा पर भी निकल चुकी थीं, लेकिन सेना ने भू-स्खलन के कारण उन्हें फिलहाल जाने से रोक दिया है.

कंचन उगुरसंडी को बाइक चलाने का शौक था, जिसने उनका आत्मबल बढ़ाने का काम किया. उन्होंने कहा कि वह नामुमकिन नहीं, बस मुमकिन करना जानती हैं. वह अकेले बाइक से चारों धाम की यात्रा भी कर चुकी हैं.बाइक से चार धाम यात्रा

बाइक चलाने के शौक ने बढ़ाया आत्मबल

कंचन उगुरसंडी को बाइक चलाने का शौक था, जिसने उनका आत्मबल बढ़ाने का काम किया. उन्होंने कहा कि वह नामुमकिन नहीं, बस मुमकिन करना जानती हैं. वह अकेले बाइक से चारों धाम की यात्रा भी कर चुकी हैं.

बच्चों व बड़ों को सिखा रहीं ओलचिकी लिपि

लौहनगरी जमशेदपुर के कदमा निवासी कारना मुर्मू झारखंड, बंगाल व ओडिशा में किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. उन्हें छोटे से लेकर बड़े, हर आयु वर्ग के लोग भलीभांति जानते हैं. उन्हें हर कोई प्यार से दीदी कहकर पुकारते हैं. दरअसल कारना मुर्मू करीब पिछले 30 सालों से संताली भाषा, लिपि व साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं. वह झारखंड, बंगाल व ओडिशा के सुदूर आदिवासी बहुल गांव में जाकर बच्चों व बड़ों को ओलचिकी लिपि को लिखना व पढ़ना सिखाती हैं. वर्तमान समय के साथ कदमताल करते हुए कारना मुर्मू अब ऑनलाइन भी संताली पढ़ाती हैं. इसके अलावा वह कदमा बीएसएस व करनडीह दिशोम जाहेरथान में संचालित संताली शिक्षण केंद्र में भी जाकर बच्चों को ओलचिकी लिपि लिखना व पढ़ना सिखाती हैं.

कारना मुर्मू करीब पिछले 30 सालों से संताली भाषा, लिपि व साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं. वह झारखंड, बंगाल व ओडिशा के सुदूर आदिवासी बहुल गांव में जाकर बच्चों व बड़ों को ओलचिकी लिपि को लिखना व पढ़ना सिखाती हैं.

चार दशकों से भाषा-साहित्य को कर रहे हैं समृद्ध

पोटका के बालीजुड़ी निवासी ईश्वर सोरेन आदिवासी समाज के भाषा-साहित्य व संस्कृति को समृद्ध व विकसित करने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं. वे साहित्य सृजन व ड्रामा के माध्यम से लोगों को जागृत कर रहे हैं. वे एक साहित्यकार व नाटककार हैं. वे पिछले चार दशक से संताली नाटक को लिख रहे हैं. उनका अपना एक नाट्य संस्था बंगी आसरा है. इसके बैनर तले वे झारखंड, बंगाल, ओडिशा व बिहार में सैकड़ों नाटकों का मंचन कर चुके हैं. वे हमेशा समाज के ज्वलंत मुद्दों को लेकर नाटक तैयार करते हैं और प्रभावी तरीके से मंचन करते हैं. वर्तमान समय में पोटका के बालीजुड़ी में वर्कशॉप का आयोजन कर ड्रामा को तैयार करवा रहे हैं. ईश्वर सोरेन ड्रामा खुद लिखते हैं और उसका निर्देशन भी खुद ही करते हैं.

ईश्वर सोरेन आदिवासी समाज के भाषा-साहित्य व संस्कृति को समृद्ध व विकसित करने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं. वे साहित्य सृजन व ड्रामा के माध्यम से लोगों को जागृत कर रहे हैं. वे एक साहित्यकार व नाटककार हैं. वे पिछले चार दशक से संताली नाटक लिख रहे हैं.

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