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जमशेदपुर: झारखंड क्षत्रिय संघ महिला इकाई के तत्वावधान में आज बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में भव्य ‘क्षत्रिय प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली समारोह में शैक्षणिक और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली समाज की होनहार प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय, डिप्टी मेयर अंकुर सिंह, झारखंड प्रशासनिक सेवा की डिप्टी कलेक्टर पारूल सिंह, संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह, चंद्रगुप्त सिंह, प्रभाकर सिंह, महिला अध्यक्ष कविता परमार, महासचिव मंजू सिंह तथा युवा अध्यक्ष नीरज सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद देश के महान वीर योद्धाओं—महाराणा प्रताप एवं वीर कुंवर सिंह के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

महासचिव मंजू सिंह के कुशल मंच संचालन में आयोजित इस समारोह के दौरान विभिन्न बोर्डों के छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए मंच पर सराहा गया। सम्मान पाने वालों में ICSE, ISC, CBSE और झारखंड बोर्ड (JAC) के मेधावी विद्यार्थी शामिल थे।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथियों और विशिष्ट वक्ताओं ने सभी सफल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; वे भविष्य में भी इसी तरह निरंतर कठिन परिश्रम करें और अपने परिवार, समाज व राष्ट्र का नाम रोशन करें।
इस गरिमामयी समारोह में समाज के प्रबुद्ध नागरिक, बड़ी संख्या में अभिभावक और युवा छात्र-छात्राएं उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो
जमशेदपुर: गोलमुरी थाना क्षेत्र के आरडी टाटा गोलचक्कर के पास रविवार को सड़क दुर्घटना के बाद हुए हंगामे और सड़क जाम के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इन सभी पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, अवैध रूप से भीड़ जमा करने और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ठप करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, रविवार को हुए हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने आरडी टाटा गोलचक्कर को जाम कर दिया था। इस प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने न सिर्फ यातायात को पूरी तरह ठप किया, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम का घेराव कर जमकर नारेबाजी भी की। काफी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात सामान्य कराया, लेकिन तब तक आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
पुलिस का बयान: “मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज की मदद से हंगामा करने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पहचान होते ही सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

गौरतलब है कि रविवार दोपहर आरडी टाटा गोलचक्कर के पास एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने स्कूटी सवार महिला को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दिया था, जिसके बाद यह पूरा हंगामा खड़ा हुआ।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली:
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG की दोबारा होने वाली परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद कड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाया है। सरकार ने देश भर में लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) के इस्तेमाल पर 22 जून 2026 तक अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत लिया गया है।
21 जून को NEET UG की दोबारा परीक्षा (Re-examination) आयोजित होने जा रही है। परीक्षा के दौरान और उसके तुरंत बाद किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अफवाह या पेपर लीक के दावों को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यह निर्देश जारी किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का एक्सेस 22 जून 2026 तक पूरी तरह सीमित रहेगा, जिसमें परीक्षा का दिन और उसके ठीक बाद का संवेदनशील समय शामिल है।
इस प्रतिबंध के साथ ही सरकार ने टेलीग्राम को एक और कड़ा निर्देश दिया है। इसके तहत भारत में पहले से पोस्ट किए गए मैसेजेस के लिए ‘मैसेज-एडिटिंग’ (Message-Editing) फीचर को 30 जून 2026 तक के लिए ब्लॉक करने को कहा गया है।
जांच एजेंसियों और NTA के मुताबिक, इस खास फीचर का गलत इस्तेमाल राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के बाद ‘बैकडेट’ में मैसेज एडिट करके फर्जी तरीके से ‘पेपर लीक’ के झूठे सबूत गढ़ने और भ्रम फैलाने के लिए किया जाता रहा है। इसी तकनीकी खामी को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: शहर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधी के बीच मुठभेड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चेन स्नैचिंग के आरोप में गिरफ्तार शातिर अपराधी जसप्रीत सिंह उर्फ गबरू ने सामान बरामदगी के दौरान पुलिस अधिकारी की सर्विस पिस्टल छीनकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ चलाई गई जवाबी गोली गबरू के बाएं पैर में लगी है, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे तुरंत इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया है।
यह पूरी घटना सोमवार की शाम कचरा डिपो के पास की बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम को सिदगोड़ा थाना पुलिस ने एक महिला से सोने की चेन छीनकर भाग रहे दो अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसमें एक आरोपी जसप्रीत उर्फ गबरू भी शामिल था। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ के दौरान गबरू ने कुबूल किया कि उसने छिनतई किए गए गहने, बाइक और एक फर्जी नंबर प्लेट को सिदगोड़ा के कचरा डिपो के पास छिपाकर रखा है।
गबरू के कबूलनामे के आधार पर सिदगोड़ा पुलिस की टीम उसे सामान बरामद कराने के लिए कचरा डिपो लेकर पहुंची। पुलिस ने मौके से बाइक और फर्जी नंबर प्लेट बरामद कर ही रही थी कि तभी गबरू ने अचानक सिदगोड़ा थाना के एक पुलिस पदाधिकारी को निशाना बनाते हुए उनकी पिस्टल छीन ली। इससे पहले कि पुलिस टीम कुछ समझ पाती, गबरू ने पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
अपराधी द्वारा अचानक किए गए इस हमले के बाद पुलिस जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद का बचाव किया और जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाईं। पुलिस की एक गोली सीधे गबरू के बाएं पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे अपनी कस्टडी में लिया और इलाज के लिए साकची स्थित एमजीएम अस्पताल पहुंचाया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही सिटी एसपी, एएसपी समेत टेल्को, सीतारामडेरा, गोलमुरी, बर्मामाइन्स, बिस्टुपुर, बिरसानागर और कदमा थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर वहां से खाली खोखे बरामद किए हैं। पुलिस मामले की आगे की कानूनी जांच में जुट गई है।
– तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर:
लौहनगरी जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। गोलमुरी थाना क्षेत्र के देबुन बागान चौक के पास रविवार देर रात अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस गैंगवार और आपसी विवाद की गोलीबारी के बीच वहां से गुजर रहा एक निर्दोष राहगीर युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान टाटा लाइन निवासी दीपक झा के रूप में की गई है। अपराधियों द्वारा चलाई गई गोली सीधे दीपक के दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात के तुरंत बाद उसे गंभीर अवस्था में टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया, जहाँ फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।
अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे घायल दीपक झा ने घटनाक्रम की रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारी दी। दीपक ने बताया कि वह पहले एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और सोमवार (आज) को एक नई नौकरी के इंटरव्यू के सिलसिले में उसे कोलकाता जाना था। इंटरव्यू की तैयारियों के बीच रविवार देर रात वह घर से कुछ मिठाई खरीदने के लिए गोलमुरी बाजार की तरफ जा रहा था।
दीपक अभी देबुन बागान चौक के पास पहुँचा ही था कि वहाँ पहले से मौजूद कुछ युवक आपस में किसी बात को लेकर हिंसक विवाद कर रहे थे। विवाद इतना बढ़ा कि युवकों ने अचानक हथियार निकालकर एक-दूसरे पर फायरिंग शुरू कर दी। दीपक संभल पाता, इससे पहले ही अपराधियों की एक भटकी हुई गोली सीधे उसके पैर में आकर धंस गई।
अचानक गोली लगने के बाद भी दीपक ने हिम्मत नहीं हारी और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपने एक परिचित को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया। इसके बाद उसे आनन-फानन में इलाज के लिए टीएमएच (TMH) पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक्स-रे और अन्य जरूरी जांच के बाद दीपक के पैर में गोली लगने की आधिकारिक पुष्टि की है और उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
गोलमुरी पुलिस की कार्रवाई:
इलाके में सरेराह हुई इस फायरिंग की घटना के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही गोलमुरी थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि रात में उत्पाद मचाने वाले और गोलीबारी करने वाले अपराधियों की पहचान की जा सके। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
– तीसरी धारा न्यूज
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट के प्रमुख नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने पत्रकारों से बात करते हुए एक चौंकाने वाला एलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि उनका पूरा बागी गुट ‘नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी’ में शामिल हो गया है और दोनों धड़ों का विलय हो चुका है।
सुदीप बंदोपाध्याय ने दावा किया कि यह एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय (Regional) पार्टी है। हालांकि, इस घोषणा के तुरंत बाद उन्होंने एक विरोधाभासी बयान भी दिया। बंदोपाध्याय ने कहा कि वे खुद को ही ‘असली तृणमूल’ बताएंगे और असली-नकली का फैसला अदालत के दरवाजे पर होगा। दूसरी ओर, बागी गुट की एक और प्रमुख नेता शताब्दी रॉय के बयानों में भी यही दुविधा साफ दिखी; उन्होंने कहा कि वे तृणमूल के मूल सिंबल (चुनाव चिह्न) पर दावा नहीं करेंगी, लेकिन अंतिम फैसला विधानसभा स्पीकर पर छोड़ती हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुदीप बंदोपाध्याय ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी’ का नाम लेते वक्त काफी असहज दिखे और नाम को लेकर संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने इसे ‘मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल’ बताया, जबकि चुनाव आयोग (ECI) के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस नाम की पार्टी पूरी तरह से ‘गैर-मान्यता प्राप्त’ (Unrecognized) श्रेणी में आती है। ऐसी पार्टियों के पास कोई निश्चित और स्थायी चुनाव चिह्न नहीं होता है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि अभी तक इस कथित मुख्य पार्टी (NCPI) की तरफ से कोई भी पदाधिकारी सामने नहीं आया है। इस संगठन का मुखिया कौन है, इसका वास्तविक ढांचा क्या है और क्या इस पार्टी को इस विलय की भनक भी है या नहीं—इसे लेकर स्थिति पूरी तरह धुंधली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जल्दबाजी में किए गए विलय के कारण बागी गुट और उन्हें परोक्ष रूप से समर्थन दे रही भाजपा के लिए आगे की राह कानूनी अड़चनों से भरी हो सकती है।
पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शनेरल ऑफिसर (CEO) की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद ‘नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) के दस्तावेज़ कई हैरान करने वाले खुलासे करते हैं।
वित्त वर्ष 2022-2023 की ऑडिट रिपोर्ट और फॉर्म 24A (जो टैक्स छूट के लिए चंदों का ब्योरा होता है) के अनुसार:

पार्टी के वित्तीय दस्तावेजों में नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर पैटर्न भी दिखाई देता है:
निष्कर्ष:
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस भले ही इस वक्त बगावत के संकट से घिरी नजर आ रही हो, लेकिन बागियों का यह नया ठिकाना खुद कानूनी और प्रक्रियात्मक विवादों के घेरे में है। मात्र 75 रुपये की वित्तीय हैसियत और नियमों के उल्लंघन के आरोपों से घिरी एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी को ढाल बनाकर बागी गुट अपनी विधानसभा सदस्यता बचा पाएगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में कोर्ट और विधानसभा अध्यक्ष के फैसले से साफ होगा।
– तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली:
भारत को प्रदूषण मुक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में 100 फीसदी इथेनॉल यानी E100 ईंधन के नियमों को औपचारिक रूप से हरी झंडी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद अब भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक अभूतपूर्व क्रांति आने का रास्ता साफ हो गया है। देश की दिग्गज कार और बाइक कंपनियां अब ऐसे इंजन बनाने की तैयारी में पूरी तरह जुट गई हैं, जो बिना एक बूंद पेट्रोल के, सिर्फ और सिर्फ इस स्वदेशी ईंधन पर चलेंगे।
सरल शब्दों में कहें तो E100 एक ऐसा ईंधन है जिसमें 100 फीसदी इथेनॉल होता है और पारंपरिक पेट्रोल की मात्रा शून्य होती है। इथेनॉल एक रिन्यूएबल (नवीकरणीय) ईंधन है, जिसे गन्ने के रस, मक्के, खराब हो चुके अनाज और खेती के बचे-कुचे कचरे से तैयार किया जाता है।
वर्तमान में भारतीय सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों में 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल के मिश्रण (E20) का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन E100 इस सफर का अगला और सबसे बड़ा चरण है, जिसे पूरी तरह से शुद्ध इथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियों के लिए ही डिजाइन किया गया है।
भारत फिलहाल अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिससे देश का लाखों-करोड़ों रुपया बाहर चला जाता है। E100 के आने से इस विदेशी निर्भरता पर लगाम लगेगी।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इथेनॉल ब्लेंडिंग (मिश्रण) नीति की वजह से अब तक कच्चे तेल के आयात में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर, इस मुहिम से देश के अन्नदाताओं को 80,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हुई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इथेनॉल से न सिर्फ आम जनता के लिए ईंधन सस्ता होगा, बल्कि देश के ग्रामीण अर्थतंत्र और किसानों की जेब भी मजबूत होगी।
E100 ईंधन पर गाड़ियां चलाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों को विशेष रूप से ‘फ्लेक्स-फ्यूल इंजन’ तैयार करने पड़ रहे हैं। इस रेस में ऑटो कंपनियां काफी आगे बढ़ चुकी हैं:
इस नए ईंधन के आने से जहां देश को बड़े फायदे होंगे, वहीं कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आएंगी।
निष्कर्ष:
नितिन गडकरी का यह फैसला देश को ‘हरित भविष्य’ (Green Future) की ओर ले जाने वाला है। हालांकि पुरानी गाड़ियों के लिए सड़कों पर सामान्य पेट्रोल बिकता रहेगा, लेकिन भविष्य पूरी तरह से फ्लेक्स-फ्यूल और E100 ईंधन का होने वाला है।
– तीसरी धारा न्यूज
मुंबई: टीवी और फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद ही चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आ रही है। ‘कुमकुम भाग्य’ और ‘वागले की दुनिया’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में अपनी अदाकारी से पहचान बनाने वाली 30 वर्षीय अभिनेत्री संचिता उगले ने आत्महत्या कर ली है। यह घटना रविवार (14 जून) की शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। संचिता के अचानक निधन की खबर से पूरी टीवी इंडस्ट्री और उनके प्रशंसक गहरे सदमे में हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, संचिता उगले मुंबई से सटे नालासोपारा (पूर्व) के आचोले गांव स्थित एक घर में अपने माता-पिता और 15 वर्षीय छोटी बहन अंजलि के साथ रहती थीं। रविवार शाम करीब 5:30 बजे उनकी छोटी बहन किसी काम से घर से बाहर गई हुई थी और माता-पिता भी घर पर मौजूद नहीं थे।
जब घर पर कोई नहीं था, उसी दौरान संचिता ने अपने बेडरूम में सीलिंग फैन से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। जब परिजन और स्थानीय लोग घर पहुंचे, तो घटना का पता चला। आनन-फानन में उन्हें तत्काल महानगरपालिका के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आचोले थाना पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस को मौके से किसी भी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके कारण आत्महत्या की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं और कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों व करीबी दोस्तों से पूछताछ की जा रही है।
संचिता उगले मनोरंजन जगत का एक उभरता हुआ और जाना-पहचाना चेहरा थीं। उन्होंने टीवी से लेकर बॉलीवुड फिल्मों तक में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया था:

निधन से कुछ घंटे पहले शेयर की थी रील
संचिता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं और इंस्टाग्राम पर उनके 1.39 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अपनी मौत से महज कुछ घंटे पहले उन्होंने मुस्कुराते और डांस करते हुए एक वीडियो रील पोस्ट की थी, जिसका कैप्शन था— “मैं नाचूं तू नाचा”। इस हंसते हुए चेहरे के पीछे क्या दर्द छिपा था, अब पुलिस इसी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कर रही है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: केन्द्रीय युवा मुखी समाज के पूर्व वरिष्ठ महासचिव एवं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व सहायक प्रबंधक दिलीप महानंद के श्राद्ध कर्म के अवसर पर आज पूरा मुखी समाज और शहर के गणमान्य लोग शोकाकुल नजर आए। कदमा उलियान स्थित उनके आवास पर आयोजित श्राद्ध कर्म में समाज के विभिन्न पदाधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मुखी समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष श्रीहरि मुखी ने गहरे शोक व्यक्त करते हुए कहा:
”दिलीप महानंद के रूप में आज हमने समाज का एक अत्यंत जुझारू, कर्मठशील और जागरूक कार्यकर्ता खो दिया है। समाज हित में उनके द्वारा किए गए कार्यों और उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा, यह कमी हमेशा महसूस होगी।”

वहीं, मूलनिवासी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुग्रीव मुखी ने उनके साथ बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि दिलीप जी उनके सहपाठी थे। वे समाज के बच्चों को शिक्षित करने के लिए हमेशा हरसंभव मदद को तैयार रहते थे और सामाजिक जागरूकता फैलाने में सदैव अग्रसर भूमिका निभाते थे।
मूलवासी कारुवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी ने भी उनके सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वे समाज के विकास कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। इस दौरान जमशेदपुर लोकसभा प्रत्याशी आनन्द मुखी ने भी सभा को संबोधित कर दिलीप महानंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
स्व. दिलीप महानंद को नमन करने और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग और समाज के गणमान्य नागरिक शामिल थे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर, 14 जून: सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी के शहादत दिवस के पावन अवसर पर आज सोनारी में श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। सोनारी समूह साध संगत एवं जोड़ी राइडर्स द्वारा साल 2013 से चली आ रही अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए, एसबीआई (SBI) बिल्डिंग, कागलनगर (सोनारी) के समीप एक वृहद छबील सेवा का सफल आयोजन किया गया।
भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजित इस सेवा केंद्र पर राहगीरों और श्रद्धालुओं के बीच ठंडा-मीठा पानी (छबील) एवं चने का प्रसाद पूरी श्रद्धा के साथ वितरित किया गया।
सोनारी समूह साध संगत और जोड़ी राइडर्स की पूरी टीम व समर्पित सेवादारों ने इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई। सुबह से ही सेवादार राहगीरों को रोक-रोककर पूरी आत्मीयता के साथ मीठा जल और प्रसाद ग्रहण कराते नजर आए। स्थानीय नागरिकों ने इस भीषण गर्मी में संस्था द्वारा किए गए इस कार्य की खूब सराहना की।
”सतगुरु की असीम कृपा से यह सेवा पूरी तरह सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। संस्था पिछले 13 वर्षों (साल 2013) से लगातार इस परंपरा का निर्वहन करती आ रही है और आगे भी गुरु घर के आशीर्वाद से समाज सेवा का यह क्रम इसी तरह जारी रहेगा।”
— आयोजक मंडली
इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन को सफल बनाने में शहर की प्रमुख सिख संस्थाओं का भी भरपूर सहयोग मिला। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से:

सहित उनकी पूरी टीम ने विशेष रूप से उपस्थित होकर सेवादारों का हौसला बढ़ाया और इस सामूहिक छबील सेवा में अपना सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने इस सेवा कार्य में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवादारों एवं सहयोगियों का सहृदय आभार व्यक्त किया।
तीसरी धारा न्यूज