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बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी को वाराणसी की MP-MLA कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के मामले में सजा सुना दी है. कोर्ट ने माफिया मुख्तार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
कोर्ट ने बीते मंगलवार को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसके बाद आज फैसला सुनाया गया है. 36 साल पुराने मामले में वाराणसी की अदालत ने फैसला सुनाया है.
मंगलवार को फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में मुख्तार अंसारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे. बता दें कि फर्जी लाइसेंस लाइसेंस में मुख्तार के खिलाफ यह 8वां मामला है जिसमें कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. इससे पहले माफिया पर सात मामलों में सजा हो चुकी है. इन सात मामलों में से तीन मामलों पर सजा वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने ही सुनाई थी.

किस मामले में आरोपी?
माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ, 10 जून 1987 को दोनाली बंदूक के लाइसेंस के लिए जिला मजिस्ट्रेट के सामने प्रार्थना पत्र दिया गया था. जिसके बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर लेने के बाद अंसारी ने लाइसेंस प्राप्त कर लिया था. लेकिन जब ये फर्जीवाड़ा सामने आया तो CB CID ने 1990 में मुख्तार, डिप्टी कलेक्टर सहित पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

गौरीशंकर श्रीवास्त की हो गई थी मौत
यूपी के बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के खिलाफ जब कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, इसी दौरान तत्कालीन आयुध लिपिक गौरीशंकर श्रीवास्तव की मौत हो गई थी. लेकिन मुख्तार के खिलाफ मामले की सुनवाई जारी रही. जिसके बाद आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.
वाराणसी कोर्ट में इस मामले की लंबे समय से सुनवाई चल रही थी. वहीं, अभियोजन पक्ष की तरफ से मुख्तार के खिलाफ गवाही देने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन,पूर्व डीजीपी देवराज नागर समेत दस गवाह पेश किए गए थे. इसके अलावा, ADGC विनय कुमार सिंह और CB CID की ओर से पेश अधिकारी उदय राज शुक्ला ने मामले में पैरवी भी की.


जमशेदपुर के परसुडीह थाना अंतर्गत करनडीह स्थित विद्युत कार्यालय के विद्युत केंद्रीय भंडार में आग लगने से पूरे कार्यालय परिसर के साथ-साथ क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया. इस आगजनी की घटना में लाखों के विद्युत उपकरण जलने की संभावना है, हालांकि अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों की तत्परता से आगजनिक की इस घटना पर काबू पाया गया।

घटना के पीछे शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. सुबह का वक्त होने की वजह से कार्यालय बंद था. आगजनी की इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया. 2 किलोमीटर तक आग की लपटें दिखाई दे रही थी, जैसे ही स्थानीय लोगों ने आग की लपटों को देखा पहले स्वयं आग बुझाने का प्रयास किया और उसके बाद अग्निशमन विभाग साथ ही कार्यालय के पदाधिकारी और कर्मचारियों को इसकी सूचना दी।

जानकारी मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया. स्थानीय और अग्निशमन विभाग की कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 1 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया. जानकारी देते हुए विद्युत विभाग के पदाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जितने भी पुराने ट्रांसफार्मर हैं और केबल है. वही आग की चपेट में आए हैं. अभी अनुमान लगाना मुश्किल है कि कितने का नुकसान हुआ है. उन्होंने आगजनी की घटना के पीछे शॉर्ट सर्किट कारण बताया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को बाहरी के मुद्दे पर राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को घेरा। शुभेंदु ने तृणमूल के तीन राज्यसभा सदस्यों और तीन लोकसभा उम्मीदवारों यानी छह नेताओं को बाहरी करार दिया।

उन्होंने मंगलवार को एक्स हैंडल पर लिखा, ”भारत के संविधान के मुताबिक, कोई भी भारतीय नागरिक, चाहे वह किसी भी प्रांत का हो, किसी अन्य प्रांत में बाहरी व्यक्ति नहीं कहा जा सकता। हमने कभी किसी को बाहरी नहीं कहा। लेकिन तृणमूल नेतृत्व ने अखिल भारतीय स्तर के नेताओं को हमेशा अपनी सुविधा के अनुसार विभिन्न समयों पर बाहरी कहा है। आज मैं उन्हें आईना दिखा देता हूं।”
शुभेंदु अधिकारी ने यह टिप्पणी तृणमूल के तीन राज्यसभा सदस्यों दिल्ली से साकेत गोखले, असम से सुष्मिता देव और दिल्ली से सागरिका घोष सरदेसाई और तीन लोकसभा उम्मीदवारों बिहार/दिल्ली से कीर्ति आजाद, गुजरात से यूसुफ पठान और बिहार से शत्रुघ्न सिन्हा के नाम और तस्वीरों के साथ की।

दरअसल, कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अलीपुरद्वार में एक सार्वजनिक सभा के मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा था, ”वे बाहर से लोगों को ला रहे हैं। वे लोगों का भविष्य बर्बाद करना चाहते हैं।” हालांकि, उसी दिन प्रदेश भाजपा सुकांत मजूमदार ने नड्डा के मंच से जवाबी सवाल उठाया था कि बाहरी कौन है?
उन्होंने कहा कि वह (नड्डा) बंगाल के दामाद हैं। मैं उनसे दो दिन पहले मिला और बांग्ला में बात की। वह आपके (मुख्यमंत्री के) भतीजे की पत्नी से भी अधिक बंगाली हैं!”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के कई सीनियर नेताओं के लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार करने संबंधी खबरों को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि अगर कार्यकर्ता बोलेंगे, तो वह भी चुनाव लड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ये गलत है कि हम (चुनाव लड़ने से) पीछे हट रहे हैं। मेरी उम्र 83 साल है, आपको (पत्रकार) तो 65 में सेवानिवृत्त कर देते हैं। मैं 83 साल का हूं। अगर आप मौका दिए, सब (कार्यकर्ता) बोलेंगे, तो जरूर लडूंगा।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस में एक सीट पर टिकट के 10 दावेदार हैं।

हालांकि, उन्होंने 83 वर्ष की आयु होने का जिक्र करते हुए इस बात का संकेत दिया कि संभवत: वह चुनाव नहीं लड़ें। यह पूछे जाने पर कि सोनिया गांधी, वह और कई अन्य वरिष्ठ नेता चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, तो इस पर खरगे ने कहा, ” नहीं, ये गलत है कि हम (चुनाव लड़ने से) पीछे हट रहे हैं। मेरी उम्र 83 साल है, आपको (पत्रकार) तो 65 में सेवानिवृत्त कर देते हैं। मैं 83 साल का हूं।
कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की
बता दें कि कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपने 43 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ के नाम शामिल हैं। कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए अब तक 82 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। उसने गत शुक्रवार को 39 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी जिसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम भी शामिल था। राहुल गांधी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जहां का वह वर्तमान में प्रतिनिधित्व करते हैं।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इस सूची में असम से 12, गुजरात से सात, मध्य प्रदेश से 10, राजस्थान से 10, उत्तराखंड से तीन और दमन एवं दीव से एक उम्मीदवार का नाम शामिल है। वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस उम्मीदवारों की दूसरी सूची में 10 उम्मीदवार सामान्य वर्ग से हैं जबकि 33 प्रत्याशी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों से हैं। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पांच राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के लिए सोमवार को 60 से अधिक उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की थी जिनमें 43 पर मुहर लगाई थी।
वैभव गहलोत को राजस्थान के जालोर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। राजस्थान किक्रेट संघ के पूर्व अध्यक्ष वैभव गहलोत पिछले लोकसभा चुनाव में जोधपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार थे, हालांकि उन्हें केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गजेंद्र सिंह शेखावत से हार का सामना करना पड़ा था। नकुल नाथ को मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट से एक बार फिर उम्मीदवार बनाया गया है। वह 2019 में इसी सीट से पहली बार निर्वाचित हुए थे। उनके पिता कमलनाथ नौ बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची में 15 उम्मीदवार सामान्य वर्ग और 24 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के थे।

राजस्थान में यहां मंगलवार को ‘भारत शक्ति’ अभ्यास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पोखरण भारत की ”आत्मनिर्भरता, विश्वास और आत्म-गौरव” का गवाह बन गया है।

सेना के तीनों अंगों का समन्वित अभ्यास पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में करीब 50 मिनट तक हुआ, जहां भारत ने अपने स्वदेशी रक्षा उपकरणों की उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया। हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने आसमान में गर्जना की और अत्याधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर एमके-4 ने उड़ान भरी, जबकि मुख्य लड़ाकू टैंक अर्जुन और के-9 वज्र, धनुष तथा सारंग तोपखाना प्रणालियों ने जमीन पर गोलाबारी की। पिनाक उपग्रह प्रणाली जैसे प्लेटफॉर्म और कई ड्रोन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा, ‘‘भारत शक्ति अभ्यास के दौरान आसमान में विमान की गर्जना और जमीन पर प्रदर्शित किया गया पराक्रम नये भारत का आह्वान है।” उन्होंने याद किया कि यह पोखरण ही था, जहां अतीत में भारत का परमाणु परीक्षण किया गया।

मोदी ने कहा, ‘‘पोखरण भारत की आत्मनिर्भरता, विश्वास और आत्म-गौरव का गवाह बन गया है।” यह अभ्यास जैसलमेर शहर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर किया गया, जिस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे। रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि इतने व्यापक स्तर पर किया गया अपनी तरह का यह पहला अभ्यास है जो किसी (उत्तरी या पश्चिमी सीमा की) दिशा या किसी विरोधी के प्रति निर्देशित नहीं था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को कहा था, ‘‘यह स्वदेश में तैयार किये गए समाधानों के जरिये समकालिक और भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने एवं उनसे निपटने की भारत की तैयारियों का एक स्पष्ट संकेत देते है। साथ ही, ‘भारत शक्ति’ वैश्विक स्तर पर देश की रक्षा क्षमताओं की मजबूती और इसमें नवाचार को प्रदर्शित करता है।”

सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद भारतीय स्टेट बैंक ने सोमवार शाम भारत के चुनाव आयोग के पास चुनावी बॉन्ड के बारे में डेटा जमा कर दिया. बैंक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने अदालत के आदेश के अनुपालन की पुष्टि करते हुए एक हलफनामा भी पेश किया, जैसा कि अदालत ने आदेश दिया था, डेटा शुक्रवार शाम 5 बजे तक पोल पैनल द्वारा एकत्रित और जारी किया जाएगा.

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को चुनावी बॉन्ड के विवरण 12 मार्च तक निर्वाचन आयोग को देने का आदेश दिया था और एसबीआई को चेतावनी दी थी कि इसके निर्देशों एवं समय सीमा का पालन करने में यदि वो नाकाम रहता है तो ”जानबूझ कर अवज्ञा” करने को लेकर अदालत उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है.
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने विवरण का खुलासा करने के लिए समय सीमा 30 जून तक बढ़ाने संबंधी एसबीआई की अर्जी खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत ने निर्वाचन आयोग को भी एसबीआई द्वारा साझा की गई जानकारी 15 मार्च को शाम पांच बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया है.
पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे.

इसी पीठ ने 15 फरवरी को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केंद्र की चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था और इसे ”असंवैधानिक” करार देते हुए निर्वाचन आयोग को चंदा देने वालों, चंदे के रूप में दी गई राशि और चंदा प्राप्तकर्ताओं का 13 मार्च तक खुलासा करने का आदेश दिया था.
लोकसभा चुनाव से पहले आए इस फैसले में न्यायालय ने चुनावी बॉण्ड योजना को तत्काल बंद करने तथा इस योजना के लिए अधिकृत वित्तीय संस्थान (एसबीआई) को 12 अप्रैल, 2019 से अब तक खरीदे गए चुनावी बॉण्ड का विस्तृत ब्योरा छह मार्च तक निर्वाचन आयोग को सौंपने का निर्देश दिया था.
विपक्षी नेताओं ने सोमवार को पारित शीर्ष अदालत के आदेश की सराहना की और कहा कि देश जल्द ही जान जाएगा कि किसने किस पार्टी को चुनावी बॉन्ड के जरिए कितना चंदा दिया है.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने मंगलवार सुबह झारखंड में कांग्रेस पार्टी की विधायक के घर छापा मारा है. ED ने कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के घर पर छापेमारी की है.
रांची वाले घर पर ईडी के 4 अधिकारी भी
ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के रांची स्थित आवास की जांच की जा रही है. उनके घर पर ईडी की टीम के साथ चार अधिकारी मौजूद हैं. इसके अलावा भी रांची के तीन अलग-अलग लोकेशनों पर ईडी की छापेमारी की सूचना है.

मंगलवार को अचानक पहुंची टीम
बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के घर सहित उनके अन्य रिश्तेदारों के घर पर भी ईडी की टीम ने छापा मारा है. मंगलवार अचानक ईडी की रेड से अफरातफरी मच गई. ईडी की टीम को अभी और सबूतों का इंतजार है.
हेमंत सोरेन के खिलाफ CJM की अदालत से समन जारी
इससे पहले सोमवार (11 मार्च) को समन की अवहेलना में दायर शिकायत पर सीजेएम की अदालत ने पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ जारी किया और उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा. अब हेमंत सोरेन पर इस मामले में मुकदमा चलेगा. सीजेएम कोर्ट ने आईपीसी की धारा-174 के तहत इस पर संज्ञान लिया है. जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए 10 समन जारी किए थे, लेकिन ईडी की टीम सीएम आवास जाकर सिर्फ दो बार ही उनसे पूछताछ कर सकी थी. फिलहाल हेमंत सोरेन न्यायिक हिरासत में रांची की होटवार जेल में बंद हैं.



जमशेदपुर : पोटका प्रखंड के बीडीओ अभय कुमार द्विवेदी के द्वारा पत्रकार बीरेंद्र कुमार सिंह पर पोटका थाना में मामला दर्ज कराये जाने को लेकर। आज प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के पत्रकारों ने उपायुक्त और एसएसपी से मिलें और उचित और निष्पक्ष जाँच की मांग किया।


प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष प्रशांत सिंह पुतुल ने कहा कि पत्रकार के ऊपर मामला दर्ज कराना गलत है, इस मामले को लेकर आज हमलोगो ने उपायुक्त और एसएसपी से मुलकात किया और निष्पक्ष जाँच के मांग किया। वहीं उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा की मामले का उचित और निष्पक्ष जाँच किया जायेगा।
एसएसपी कौशल किशोर ने पत्रकारों को विश्वास दिलाया और कहा कि निष्पक्ष और उचित जाँच किया जायेगा।


जमशेदपुर : जमशेदपुर बार एसोसिएशन के वरीय अधिवक्ता एवं उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुधीर कुमार पप्पू ने प्रत्याशी के फोटो युक्त उम्मीदवार की अंतिम सूची एवं मतपत्र का प्रावधान चुनाव में करने की मांग की है। उन्होंने इस आशय का एक मांग पत्र जमशेदपुर बार एसोसिएशन चुनाव समिति 2024 के वरीय सदस्य अधिवक्ता अर्जुन सिंह एवं अधिवक्ता एनवी सिंहदेव के सुपुर्द किया है और इसकी प्रतिलिपि झारखंड बार काउंसिल कार्यकारिणी सदस्य एवं जमशेदपुर बार एसोसिएशन प्रभारी व वरीय अधिवक्ता राम सुभग सिंह को प्रेषित की है।

अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू के अनुसार 1500 से ज्यादा आजीवन सदस्य मताधिकार का उपयोग करेंगे और इनमें से कईयों के नाम में समानता है। प्रत्याशी की अंतिम सूची का प्रकाशन प्रत्याशी के फोटो युक्त होना चाहिए। जिससे मतदाता में भ्रम की स्थिति नहीं रहे और इसी तरह बैलट पेपर में भी प्रत्याशी का तस्वीर होना चाहिए।

मतदान प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पूर्ण होनी चाहिए और यह उसकी मौलिक एवं वैधानिक शर्त है।
इधर सुधीर कुमार पप्पू की इस मांग से आजीवन सदस्यों का बड़ा तबका सहमत है और उन्होंने भी इस प्रावधान को शुमार करने की जरूरत पर बल दिया है। वरीय सदस्य एवं पूर्व लोक अभियोजक अधिवक्ता पीएन गोप के अनुसार यह सराहनीय कदम है और इसका पालन अवश्य होना चाहिए।


चंडीगढ़ : हरियाणा में सीएम मनोहर लाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चंडीगढ़ में सीएम आवास पर मीटिंग के बाद यह फैसला हुआ। हरियाणा में अब भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है। मनोहर लाल के अलावा, पूरी कैबिनेट ने सीएम आवास में मीटिंग के बाद राजभवन में राज्यपास से मुलाकात की और फिर सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ पूरी कैबिनेट ने भी अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा है।

जानकारी के अनुसार, सीएम मनोहर लाल खट्टर इस्तीफा देने के बाद अब दोपबर बाद भाजपा विधायक दल के साथ मीटिंग के लिए सीएम आवास पहुंचे हैं। इससे पहले, उन्होंने हरियाणा के राज्यपाल से मुलाकात की और कैबिनेट के साथ इस्तीफा दे दिया। सीएम की गाड़ी में गृहमंत्री भी मौजूद थे। साथ ही मंत्री भी राज्यपाल से मुलाकात के लिए गए हैं। विज हाथ हिलाते और मुस्कुराते हुए नजर आए।

दरअसल, हरियाणा सीएम आवास मनोहर लाल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ मीटिंग की और फिर वहां से मनोहर लाल राजभवन के लिए रवाना हुए। यहां पर अहम बात यह है कि अनिल विज भी सीएम की गाड़ी में मौजूद थे। विज के चेहरे में मुस्कान थी। ऐसे में संभावना है कि विज भी हरियाणा के नए सीएम हो सकते हैं। सीएम के अलावा, अन्य सभी मंत्री भी अपनी-अपनी गाड़ियों में हुए राजभवन पहुंचे और रिजाइन कर दिया।

उधर, जानकारी है कि हरियाणा के नए सीएम का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार दोपहर को ही होगा। राजभवन में शपथ ग्रहण को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि, सीएम कौन होगा, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। 5 बजे के करीब शपथ ग्रहण समारोह होने जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि एक बजे हरियाणा के नए सीएम शपथ लेंगे और राजभवन में समारोह होगा। उधर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और तरुण चुघ बतौर पर्यवेक्षक चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे हैं और यहां पर ऑब्जर्बर बनकर सभी पहुंचे। राज्यसभा सासंद सुभाष बराला ने इन सभी का स्वागत हवाई हड्डे पर किया है। मीडिया से बातचीत में पूर्व शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि फिलहाल, सीएम तो मनोहर लाल खट्टर ही होंगे। पूर्व कैबिनेट मंत्री मूलचंद ने भी कहा कि सीएम मनोहर लाल ही रहेंगे।