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चुनाव 2024 की तारीखों के ऐलान का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है, जोकि अब खत्म होने वाला है. दरअसल, चुनाव आयोग ने बताया है कि वह लोकसभा चुनाव 2024 और कुछ राज्य विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान शनिवार को करेगा.
इसके लिए चुनाव आयोग ने दोपहर तीन 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. इससे पहले आयोग ने चुनाव आयुक्तों के साथ बैठक की है. आज ही नए चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू और ज्ञानेश कुमार ने पदभार संभाला है.
इसके लिए चुनाव आयोग ने दोपहर तीन 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. इससे पहले आयोग ने चुनाव आयुक्तों के साथ बैठक की है. आज ही नए चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू और ज्ञानेश कुमार ने पदभार संभाला है.

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग की आज हुई बैठक के दौरान चुनाव को निष्पक्ष, शांति और बेहतर तरीके संपन्न करवाने के लिए कितनी फोर्स को संवेदनशील क्षेत्रों और राज्यों में तैनात करना है इस पर चर्चा की गई है. इसके अलावा कितने चरणों में चुनाव संपन्न करवाया जा सकता है और किन राज्यों में पहले और किन राज्यों में बाद में चुनाव हो सकता है जैसे तमाम पहलुओं पर चर्चा हुई है. दोनों नए चुनाव आयुक्त को पूरी चुनावी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई है.
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 6 से 7 चरणों में करवाए जा सकते हैं. इस दौरान आयोग प्रचार-प्रसार और नॉमिनेशन फाइल करने के लिए राजनीतिक पार्टियों को 30 से 32 दिनों का समय दे सकता है. चुनाव का पहला चरण 18 या 20 अप्रैल हो सकता है. मई के आखिरी हफ्ते नतीजे आ सकते हैं और उसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को हो रहा है खत्म
चुनाव के ऐलान के साथ ही आचार सहिंता लागू हो जाएगी. इस बीच राजनीतिक पार्टियां चुनावी अखाड़े में जमकर पसीना बहा रही हैं और मतदाताओं को आकर्षित करने में लगी हुई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए हैट्रिक लगाने की जुगत में है, जबकि विपक्ष ने पीएम मोदी को हराने के लिए इंडिया गठबंधन बनाया है और एनडीए को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए पूरी कोशिश में जुटा हुआ है.
आचार संहिता लागू होने के बाद मौजूद सरकार कोई भी नया नीतिगत फैसला नहीं कर सकेगी और नही उसका ऐलान कर सकेगी. मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को खत्म हो रहा है और उससे पहले नई सरकार का गठन करना होगा. पिछली बार लोकसभा चुनाव की घोषणा 10 मार्च को की गई थी और 11 अप्रैल से सात चरणों में चुनाव करवाए गए थे. नतीजे 23 मई को घोषित किए गए थे.


भारत ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पर अमेरिका की टिप्पणी का जवाब दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, CAA भारत का आंतरिक मामला है. CAA लागू होने पर अमेरिका का बयान गलत और अनुचित है.
भारतीय विदेश मंत्रालय का ये जवाब अमेरिकी विदेश विभाग के उस बयान पर आया, जिसमें कहा गया था कि हम 11 मार्च को नागरिकता संशोधन अधिनियम की अधिसूचना को लेकर चिंतित हैं. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा था, हम बारीकी से निगरानी कर रहे हैं कि यह अधिनियम कैसे लागू किया जाएगा? मिलर ने कहा था, धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान और सभी समुदायों के लिए कानून के तहत समान व्यवहार मौलिक लोकतांत्रिक सिद्धांत हैं.

भारत ने अमेरिका के बयान को बताया अनुचित
अमेरिका के बयान पर जवाब देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 भारत का आंतरिक मामला है और इसके कार्यान्वयन पर संयुक्त राज्य अमेरिका का बयान गलत, गलत जानकारी वाला और अनुचित है.



राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त चुनावी बॉन्ड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि उसे चुनावी बॉन्ड की संख्या (अल्फा-न्यूमेरिक नंबरों) का खुलासा भी करने को कहा गया था, जो उसने नहीं किया है।
मूल दस्तावेज वापस करने का निर्देश
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अपने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को मतदान पैनल द्वारा सीलबंद लिफाफे में दाखिल किए गए डेटा को स्कैन और डिजिटाइज किए जाने के बाद मूल दस्तावेज चुनाव आयोग को वापस करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने इसी के साथ इसे अधिमानतः शनिवार शाम 5 बजे तक पूरा किया जाने की बात कही।

अल्फा-न्यूमेरिक नंबरों का खुलासा नहीं
सुनवाई के दौरान, पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से मामले में पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर ध्यान दिया कि एसबीआई द्वारा चुनावी बॉन्ड के अल्फा-न्यूमेरिक नंबरों का खुलासा नहीं किया गया है। बता दें कि पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे।
पीठ ने बैंक को नोटिस जारी करने के बाद मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को तय की।
शीर्ष अदालत में दायर अपने आवेदन में चुनाव पैनल ने कहा कि 11 मार्च के आदेश में कहा गया था कि सुनवाई के दौरान सीलबंद लिफाफे में अदालत में जमा किए गए दस्तावेजों की प्रतियां चुनाव आयोग के कार्यालय में रखी जाएंगी। चुनाव आयोग ने कहा कि उसने दस्तावेजों की कोई प्रति नहीं रखी है और कहा कि उन्हें वापस किया जा सकता है ताकि वह अदालत के निर्देशों का पालन कर सके।



गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के बड़े फैसलों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी असंभव दिखने वाले कामों को पूरा किया है। फिर चाहें वह जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाना हो या वन रैंक वन पेंशन लागू करना हो।
गुजरात सरकार के एक कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए शाह ने पीएम मोदी के कार्यकाल को लेकर यह टिप्पणी की। उन्होंने इस दौरान अहमदाबाद और गांधीनगर जिलों में 3,012 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की अपेक्षा ये सभी काम समय पर पूरे होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीते पांच सालों में मैंने जिन परियोजनाओं के लिए भूमिपूजन किया, उनमें से 91 फीसदी काम पूरे हो चुके हैं। राजधानी दिल्ली से अपने वर्चुअल संबोधन में उन्होंने कहा कि यह भाजपा के काम करने का तरीका है।

अपने संबोधन में अमित शाह ने भाजपा के 2014 के घोषणापत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 में जब भाजपा की सरकार बनी थी। तब भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में अधूरे पड़े कई ऐसे कामों को शामिल किया था जो बीते 50 सालों से लंबित थे। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने के हमारे वादे पर विपक्ष हम पर हंसता था। लेकिन अब प्रधानमंत्री ने हाल ही में भगवान की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ करने के बाद सबके लिए राम मंदिर के दरवाजे खोल दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल में ऐसे सभी कामों को पूरा किया है, जो सबको असंभव दिखते थे। फिर चाहें वो कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना हो या वन रैंक वन पेंशन लागू करना हो।

शाह ने अपने संबोधन में मोदी सरकार की कई अन्य उपलब्धियों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में 80 करोड़ नागरिकों को मुफ्त राशन, गरीबों के लिए 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण, चार करोड़ नागरिकों को घरों का आवंटन, 10 करोड़ घरों को गैस कनेक्शन और 14 करोड़ नागरिकों को नल का पानी कनेक्शन दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज मैं कही भी जाता हूं वहां जनता के मन को देखकर यह साफ हो जाता है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।


गम्हरिया थाना अंतर्गत छोटा गम्हरिया में सरकारी नाले का अतिक्रमण कर कंपनी स्थापित करने की शिकायत पर जांच करने गए अंचल कर्मियों के साथ कंपनी कर्मियों ने दुर्व्यवहार किया. इस दौरान घटनास्थल पर खबर संकलन कर रहे दिव्यांग पत्रकार जगबंधु महतो के साथ मारपीट भी की गई. मारपीट का आरोप हरिश व संदीप समेत कंपनी के कर्मियों पर लगा है. सभी ने दबंगई से पेश आते हुए जगबंधु का मोबाइल छीन मारपीट कर घायल कर दिया. जगबंधु महतो ने इसकी सूचना गम्हरिया पुलिस को दी. जब तक पर पुलिस मौके पर पहुंची तब तक बदमाश भाग खड़े हुए.

जगबंधु महतो ने गम्हरिया थानेदार से इसकी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है. जानकारी के मुताबिक उक्त निर्माणाधीन कंपनी द्वारा सरकारी नाले का अतिक्रमण कर उसे रोक दिया गया है. जिससे नाले के गंदे पानी ग्रामीणों की खेतों में जा रहा है जिससे खेत बंजर हो रहा है. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत गम्हरिया सीओ से कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. इसके आलोक में सीओ ने अंचल अमीन व कर्मचारी को जांच के लिए भेजा था.



बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार के करीबी माने जाने वाले हरियाणा के रियल एस्टेट और शराब कारोबारी अमित कात्याल के साथ-साथ राजेश कत्याल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापेमारी की.
ईडी ने इस छापेमारी में दो करोड़ 41 लाख की ज्वैलरी और कोइन्स जब्त किए हैं. ईडी ने रेड के दौरान करीब 32 लाख रुपए का कैश, लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की हैं जिनमें बेंटले और मर्सेडीज भी हैं.

ईडी ने छापेमारी के दौरान कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड ड्राइव, पेन ड्राइव जिनमें इंक्रीमेंटिंग डेटा था, उन सभी को अपने कब्जे में लिया है. ईडी को कई कागजात भी हाथ लगे हैं जिनसे लंदन, श्रीलंका, सेंट किट्स एंड नेविस में बैंक अकाउंट्स का भी पता चला हैं जहां बायर्स के पैसे को ठिकाने लगाने का अंदेशा जताया गया है.
ईडी के मुताबिक, कत्याल के बेटे कृष्ण कात्याल ने 18 साल की उम्र में सेंट किट्स एंड नेविस की नागरिकता ले ली थी जिससे लगता है कि साजिशन नागरिकता लेकर प्लान तरीके से घर खरीदने का सपना देखने वाले खरीददारों का पैसा वहां ट्रांसफर कर फ्रॉड किया गया है.

श्रीलंका में शैल कंपनी के जरिए ठिकाने लगाए 200 करोड़
ईडी ने दावा किया है कि करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा श्रीलंका में एक शैल कंपनी की शेयर होल्डिंग लेकर ठिकाने लगाया गया है. ईडी ने मंगलवार (12 मार्च) को गुरुग्राम के बड़े बिल्डर अमित कात्याल की एमएस कृष रियल टेक प्राइवेट लिमिटेड और ब्रह्मा सिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर छापेमारी की थी. ईडी का यह सर्च ऑपरेशन कंपनी से जुड़ी 17 लोकेशंस दिल्ली, गुरुग्राम और सोनीपत में चला था.
एफआईआर पर ईडी ने दर्ज की थी ECIR
जांच एजेंसी ईडी का आरोप है कि उक्त कंपनी ने घर और जमीन खरीदने वाले ग्राहकों के 400 करोड़ रुपये को शैल कंपनी के जरिए विदेश भेज दिया है. यह छापेमारी गुरुग्राम पुलिस और ईओडब्लू की ओर से दर्ज की गयी कि एफआईआर पर इसीआईआर (ECIR) दर्ज कर ईडी ने छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान ईडी को सबूत मिले हैं कि सैकडों करोड़ रुपये को गलत तरीके से ठिकाने लगाकर अमित कात्याल, राजेश कात्याल, कृष्ण कात्याल और परिवार के दूसरे सदस्यों को फायदा पहुंचाया गया. अमित कत्याल को इससे पहले ईडी ने रेलवे में जमीन के बदले नौकरी घोटाले में गिरफ्तार किया था.


लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में कटौती का ऐलान किया है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2-2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है.
नई कीमतें 15 मार्च 2024 सुबह 6 बजे से प्रभावी होंगी.
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर कहा, पेट्रोल और डीजल के दाम में 2 रुपये की कमी करके देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि करोड़ों भारतीयों के अपने परिवार का हित और सुविधा सदैव उनका लक्ष्य है.

उन्होंने महाकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता की पंक्तियां भी शेयर कीं. उन्होंने कहा, जब विश्व मुश्किल दौर से गुजर रहा था कि विकसित और विकासशील देशों में पेट्रोल के दामों में 50-72 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई और हमारे आसपास के कई देशों में तो पेट्रोल मिलना ही बंद हो गया तब भी 1973 के बाद आए पचास साल के सबसे बड़े तेल संकट के बावजूद पीएम मोदी के दूरदर्शी और सहज नेतृत्व के कारण मोदी के परिवार पर आंच नहीं आई. भारत में पेट्रोल के दाम बढ़ने के बजाय पिछले ढ़ाई सालों में 4.65 प्रतिशत कम हुए!
39 देशों से खरीद रहे कच्चा तेल- हरदीप पुरी
हरदीप पुरी ने आगे लिखा, भारत में ईंधन की सप्लाई निरंतर बनी रही, सस्ते दामों पर बनी रही और हमारे कदम निरंतर हरित ऊर्जा की ओर भी बढ़ते रहे. यानि भारत ने Energy Availability, Affordability और Sustainability को बरकरार रखा. भारत इकलौता ऐसा देश था जहां पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े नहीं, बल्कि कम हुए. हमने जहां से हुआ अपने देशवासियों के लिए तेल खरीदा. पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पहले हम 27 देशों से कच्चा तेल खरीदते थे, लेकिन उनके नेतृत्व में अपने देशवासियों को सस्ता पेट्रोल, डीजल और गैस पहुंचाने के लिए इस दायरे को बढ़ाया और अब हम 39 देशों से मोदी के परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए कच्चा तेल खरीदते हैं.

कई देशों की तुलना में भारत में पेट्रोल के दाम कम
हरदीप पुरी ने लिखा, 14 मार्च 2024 को रुपये के आधार पर भारत में पेट्रोल औसतन ₹94 प्रति लीटर है लेकिन इटली में ₹168.01- यानी 79% अधिक; फ्रांस में ₹166.87 यानी 78% अधिक; जर्मनी में ₹159.57 यानी 70% अधिक और स्पेन में ₹145.13 यानी 54% अधिक और ऐसे ही डीजल के दामों की तुलना कीजिए तो यदि भारत की औसत ₹87 प्रति लीटर है तो इटली में ₹163.21 यानी 88% अधिक; फ्रांस में ₹161.57 यानी 86% अधिक; जर्मनी में ₹155.68 यानी 79% अधिक और स्पेन में ₹138.07 यानी 59% अधिक!


टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को आज यानी गुरुवार को बड़ी चोट आई है। बता दें कि टीएमसी ने अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी दी है। टीएमसी ने लिखा कि हमारी चेयरपर्सन को गंभीर चोट आई है, उनके लिए दुआ करें।
इस दौरान, सीएम ममता की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें उनके माथे से खून निकलता दिखाई दे रहा है। उन्हें कोलकाता के SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

घर में गिरने से लगी चोट
दरअसल, बताया जा रहा है कि सीएम ममता अपने घर पर टहल रही थी, उसी दौरान गिरने के कारण उन्हें चोट लग गई। इसके बाद अभिषेक बनर्जी उन्हें अस्पताल ले गए। बता दें कि इससे पहले भी सीएम ममता बनर्जी हादसे का शिकार हो चुकी हैं। इसी साल जनवरी में भी वो एक सड़क हादसे का शिकार हुई थी। उस समय वो बर्धमान से कोलकाता वापस लौट रही थीं।
टीएमसी ने की प्रार्थना की अपील
वहीं दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने सभी से मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की अपील की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गंभीर रूप से घायल होने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और भाजपा सांसद दिलीप घोष ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।


अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्स की भारी डिमांड है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था और अमेरिकी राजनीति में भारतीयों का वर्चस्व किसी से छिपा नहीं है। अमेरिका में बसे भारतीयों का स्टेटस और उनकी पोजिशन यह बताने के लिए काफी है कि भारत से अमेरिका कितना प्रभावित है।
अब तो अमेरिका के जनप्रतिनिधि भी भारत का लोहा मानने लगे हैं। वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती धाक की गूंज अब अमेरिका में भी सुनाई दे रही है। यही कारण है कि अमेरिका में पेन्सिल्वेनिया के 8वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सांसद मैट कार्टराइट ने कहा कि अमेरिका को भारतीय प्रोफेशनलों की सख्त आवश्यकता है। इसी वजह से कार्टराइट ने ग्रीन कार्ड जारी करने की 7 प्रतिशत के कोटा को हटाने की मांग भी की है।

वैसे तो अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं। यही कारण है कि अमेरिका को और भारतवंशियों की आवश्यकता है जो वहां रहकर अमेरिका के विकास में और योगदान कर सकें। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में अमेरिकी सांसद मैट कार्टराइट ने भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड की कैप को खत्म करने की अपील भी की है।?
7 फीसदी ग्रीनकार्ड के कोटे को हटाने की मांग
अमेरिका हर साल सिर्फ 7% भारतीयों को ही ग्रीन कार्ड जारी करता है। कार्टराइट ने इस कोटे को हटाने की मांग की है। कार्टराइट ने कहा कि ये बहुत जरूरी है कि जब भारतीय नौकरी की तलाश में हों तो वो अमेरिका आकर बसें, क्योंकि अमेरिका को हाई क्वालिटी, हाई स्किल्ड और स्मार्ट लोगों की जरूरत है।
मैट कार्टराइट पेन्सिल्वेनिया के 8वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सांसद हैं। कार्टराइट लंबे समय से ग्रीन कार्ड का कोटा हटाने की गुहार लगाते रहे हैं।
भारतीयों की बहुत जरूरत
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हर देश के लिए 7 फीसदी कोटा सीमित कर दिया है, लेकिन इस वजह से भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक और मित्र देशों को नुकसान होता है। भारत में बहुत सारे लोग उच्च शिक्षित हैं और अमेरिका में 7 फीसदी कोटे की सीमितता की वजह से इन्हें मौका नहीं मिल पाता है। यदि ऐसे लोगों को अमेरिका में मौका नहीं मिला, तो यह अमेरिका की बेवकूफी होगी।

अमेरिका में हाई स्किल्ड भारतीयों की जरूरत
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हमेशा तेज बुद्धि और हाई स्किल्ड लोगों को यहां आने और हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वागत किया है। और ऐसा सैकड़ों साल से जारी है। इसलिए ये 7 प्रतिशत का मनमाना कोटा लगाना गलती है। कार्टराइट ने कहा कि दोनों देशों के बीच होने वाला अंतर्राष्ट्रीय कारोबार बहुत जरूरी है। और भारत से ज्यादा से ज्यादा लोग यहां आएं, ये भी बहुत जरूरी है।
क्या है ग्रीन कार्ड
ग्रीन कार्ड को अमेरिका में आधिकारिक तौर पर स्थायी निवास कार्ड के तौर पर जाना जाता है। यह अमेरिका में प्रवासियों को जारी किया जाने वाला दस्तावेज है, जिसके तहत वीजाधारक को स्थायी रूप से रहने का अधिकार दिया जाता है। ग्रीन कार्ड जारी करने के लिए प्रति देश के हिसाब से एक तय सीमा होती है। अनुमान है कि अमेरिका में 2.35 करोड़ लोग एशियाई मूल के हैं। सबसे ज्यादा 52 लाख नागरिक चीनी मूल के हैं। दूसरे नंबर पर 48 लाख भारतीय मूल के हैं।


जमशेदपुर :जमशेदपुर के राजेन्द्र विद्यालय में उस समय हंगामा तेज हो गया जब राजेंद्र विद्यालय के कक्षा 9 वीं तथा 11 वीं कक्षा के अधिकतर छात्रों कों फेल कर दिये जाने की खबर आयी। विद्यालय परिसर में इसके विरोध मे छात्रों तथा अभिभावकों ने मिलकर खूब बवाल काटा, साथ ही इसका पूरा दोष स्कूली शिक्षकों तथा स्कुल प्रबंधन पर लगाया।


बता दें विगत दिनों स्कूलों की परीक्षा संपन्न हुई थी और परिणाम आने पर स्कुल के दोनों ही कक्षा के अधिकतर छात्रों कों 2 से लेकर 10 अंकों के लिए फेल कर दिया गया। ऐसे में छात्रों तथा अभिभावकों ने विद्यालय में जमकर बवाल काटा, अभिभावकों की माने तो वें अपने बच्चों कों विद्यालय पढ़ने के लिए भेजते हैं और उन्हें शिक्षित करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है और वो उसे नहीं निभा रहें हैं और छात्रों कों फेल किया जा रहा है।
