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सरायकेला/चांडिल। चांडिल वन क्षेत्र के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत मैसाड़ा और कालीचामदा गांव में पिछले 15-20 दिनों से एक जंगली टस्कर हाथी ने भारी आतंक मचा रखा है। हाथी के डर से ग्रामीणों की रात की नींद और दिन का चैन छिन गया है। इस भयावह स्थिति से परेशान होकर जब सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण चांडिल स्टेशन बस्ती स्थित वन विभाग कार्यालय पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
हाथी से स्थायी निजात दिलाने की गुहार लगाने पहुंचे ग्रामीणों को कार्यालय में न तो कोई पदाधिकारी मिला और न ही कोई कर्मचारी। सभी के नदारद रहने से आक्रोशित ग्रामीणों ने वनपाल (फॉरेस्टर) और वनरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) के इस उदासीन रवैए के खिलाफ कार्यालय परिसर में ही जमकर नारेबाजी की और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन सप्ताह से यह बिछड़ा हुआ टस्कर हाथी शाम ढलते ही मैसाड़ा और कालीचामदा गांवों में दाखिल हो जाता है। हाथी अब तक कई घरों को क्षतिग्रस्त कर चुका है और घरों के अंदर रखे धान, चावल, कटहल तथा आम को अपना निवाला बना रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि ग्रामीण पूरी-पूरी रात जागकर अपने और अपने परिवार के जान-माल की रखवाली करने को विवश हैं।
आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की नीतियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा जंगल से शून्य दूरी (जीरो डिस्टेंस) पर बालू भंडारण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया गया है। जिस जगह पर बालू का अवैध रूप से भंडारण किया जा रहा है, वह असल में हाथियों का आवासीय और मुख्य विचरण क्षेत्र है। उनका आशियाना उजड़ने के कारण ही हाथी भोजन और पानी की तलाश में मजबूरन आबादी वाले गांवों की ओर रुख कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द ही इस टस्कर हाथी को गांव से खदेड़ने और समस्या का समुचित व स्थायी समाधान करने के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या जान-माल के नुकसान की सारी जवाबदेही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।
(रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज)
जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर में एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। मोहर्रम के मुकद्दस अवसर पर सिख नौजवान सभा, टुईलाडुंगरी द्वारा सामाजिक और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सभा की ओर से गोलमुरी मस्जिद कमेटी के सदस्यों को सम्मानित कर समाज में प्रेम, भाईचारे और मानव सेवा का कड़ा संदेश दिया गया।
मोहर्रम जुलूस के दौरान सिख नौजवान सभा द्वारा अखाड़े में हैरतअंगेज करतब दिखा रहे मुस्लिम भाइयों, अखाड़े के खिलाड़ियों और जुलूस में शामिल अन्य श्रद्धालुओं के लिए बड़े पैमाने पर ठंडे शरबत की सेवा (छबील) भी लगाई गई।
इस मौके पर सिख नौजवान सभा के सदस्यों ने कहा कि कोई भी धर्म आपस में बैर रखना नहीं सिखाता। सभी धर्म हमें आपस में प्रेम, सेवा और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का संदेश देते हैं। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए सिख नौजवान सभा वर्षों से समाज में भाईचारे और मानवता की सेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाती आ रही है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से गोलमुरी थाना प्रभारी सुमन कुमार और गोलमुरी मस्जिद के सदर मुन्ना ईबराहिम की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए थाना प्रभारी सुमन कुमार और सदर मुन्ना ईबराहिम ने कहा कि इस प्रकार के सामाजिक एवं धार्मिक सद्भाव के कार्यक्रम समाज में एकता, आपसी विश्वास और आपसी ताने-बाने को और मजबूत करते हैं।
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में सिख नौजवान सभा के प्रधान रंजीत सिंह, जसबीर सिंह गिल, सतवंत सिंह रौशन, चरणजीत सिंह नवापिंड, जोरावर सिंह, सोनी सिंह, हरजीत सिंह बोजा, गुरदयाल सिंह, अवतार सिंह खालसा, नवजोत सिंह, हरमन गिल, सन्नी सिंह बल, दलजीत सिंह राजा, सागर सिंह, जसबीर सिंह कैप्टन, चमनदीप सिंह पदरी, गुरप्रीत सिंह सन्नी, शशि सिंह, वीरू सिंह, बलराज सिंह बॉबी, मनिंदर सिंह, बलजीत सिंह, जसबीर सिंह पदरी और दलबीर सिंह पदरी ने बेहद सक्रिय और महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभा की ओर से उपस्थित सभी अतिथियों, गोलमुरी मस्जिद कमेटी एवं मुस्लिम समाज का सहृदय आभार व्यक्त किया गया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में भी इसी प्रकार प्रेम, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा की भावना के साथ समाजहित के कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा।
(रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज)
जयपुर। माता-पिता अपने बच्चों को इस उम्मीद के साथ पालते-पोसते हैं कि वे बुढ़ापे की लाठी बनेंगे। खुद भूखे रहकर भी बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी करने वाले माता-पिता को क्या पता कि वही औलाद एक दिन उनकी जान की दुश्मन बन जाएगी। राजस्थान की राजधानी जयपुर के सांगानेर थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही कलयुगी और संवेदनहीन चेहरा सामने आया है, जहां एक कलयुगी बेटे ने चंद रुपयों की खातिर अपने 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता पर बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं।
बुजुर्ग पिता की बेरहमी से पिटाई का यह हैरान करने वाला वीडियो घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से टोंक रोड स्थित चंदलाई के रहने वाले 80 वर्षीय आनंदीलाल उचेनिया सांगानेर स्थित मकान में अपनी पत्नी, छोटे बेटे और बहू के साथ रहते हैं। उनका बड़ा बेटा धनपत लाल अलग रहता है। घटना वाले दिन रात करीब 8 बजे धनपत मोटरसाइकिल से अपने पिता के घर पहुंचा।
CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि जब बुजुर्ग पिता घर के गेट पर स्टूल पर बैठे थे, तभी धनपत ने जानबूझकर उन्हें बाइक से टक्कर मारने की कोशिश की, जबकि गेट के पास अंदर जाने के लिए पर्याप्त जगह थी। इसके बाद जब पिता उसके पीछे-पीछे घर के पोर्च और कमरे के अंदर गए, तो धनपत उन पर टूट पड़ा।
आरोपी धनपत ने अंदर घुसते ही अपने बुजुर्ग पिता को एक जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वे असंतुलित होकर फर्श पर गिर गए। इस दौरान आरोपी की मां और छोटा भाई भी बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन आरोपी गालियां बकते हुए लगातार बुजुर्ग पिता को पीटता रहा।
हद तो तब हो गई जब कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता की गर्दन पकड़कर उन्हें जमीन पर पटका और फर्श पर गिरने के बाद भी उन पर लातें बरसाता रहा। वह बुजुर्ग पिता को बेरहमी से घसीटता हुआ कमरे से बाहर पोर्च तक ले आया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी जमा हो गए, लेकिन बेशर्म औलाद लगातार पिता को गालियां बकता रहा।
बताया जा रहा है कि आरोपी धनपत अपने पिता से बार-बार रुपयों की मांग करता था। पिता पहले उसे पैसे देते रहे थे, लेकिन कुछ समय से उन्होंने पैसे देना बंद कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस कार्रवाई: पीड़ित पिता की शिकायत पर सांगानेर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी लिखमा राम के अनुसार, यह वारदात बीते 19 जून की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया था, हालांकि बाद में आरोपी को कोर्ट से जमानत मिल गई।
यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ी करती है कि आखिर संस्कारों और रिश्तों का यह पतन कब रुकेगा?
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
रांची/धनबाद।
झारखंड में स्कूली शिक्षा के स्तर और बच्चों की उपस्थिति को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने एक चौंकाने वाला और चिंताजनक डेटा जारी किया है। परिषद ने उच्च प्राथमिक स्तर (Upper Primary Level) पर स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की बड़ी संख्या, भारी ड्रॉपआउट (स्कूल छोड़ना), ट्रांजिशन रेट और कक्षाओं में बेहद कम उपस्थिति के आधार पर राज्य के 3,485 सरकारी विद्यालयों को रेड ज़ोन के रूप में चिह्नित किया है।
इस सूची में कोयलांचल धनबाद के भी 100 स्कूल शामिल हैं, जहां छात्रों की उपस्थिति का ग्राफ लगातार गिर रहा है और ड्रॉपआउट छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
शत-प्रतिशत दाखिले के लिए चलेगा विशेष अभियान
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग इन चिह्नित स्कूलों में एक व्यापक और विशेष नामांकन अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के शत-प्रतिशत (100%) बच्चों का स्कूलों या आंगनबाड़ियों में दाखिला सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
किस जिले में कितने स्कूल हुए चिह्नित?
राज्य भर में शिक्षा के मोर्चे पर पिछड़े और इस विशेष अभियान के लिए चुने गए स्कूलों का जिलावार आंकड़ा इस प्रकार है:
|
जिला |
चिह्नित स्कूलों की संख्या |
|---|---|
|
पाकुड़ |
609 |
|
दुमका |
536 |
|
पलामू |
428 |
|
गोड्डा |
341 |
|
पश्चिमी सिंहभूम |
270 |
|
देवघर |
232 |
|
खूंटी |
205 |
|
गिरिडीह |
171 |
|
गुमला |
157 |
|
साहिबगंज |
154 |
|
रांची |
112 |
|
धनबाद |
100 |
|
लोहरदगा |
99 |
|
गढ़वा |
40 |
|
लातेहार |
31 |
|
कुल स्कूल |
3,485 |

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली/देवघर।
देश के नागरिकों को डराकर बैंक खाते खाली करने वाले एक और बड़े संगठित साइबर अपराधी गिरोह पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने फर्जी ‘गैस कनेक्शन डिस्कनेक्शन’ का संदेश भेजकर मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल से चार आरोपियों को दबोचा है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में गैजेट्स और लग्जरी सामान बरामद किया है, जिसमें 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, सोने-चांदी के आभूषण, 61,900 रुपये नकद और ठगी के पैसों से खरीदी गई एक चमचमाती टाटा हैरियर कार शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल, रहीम, मोहसिन और दिलशाद के रूप में हुई है।
एक APK फाइल और साफ हो गए ₹2.64 लाख
दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) अमित गोयल ने शुक्रवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह जांच ई-एफआईआर संख्या 53/25 के तहत दर्ज एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी।
शिकायतकर्ता महिला को एक फर्जी मैसेज मिला था, जिसमें लिखा था कि उसका आईजीएल (IGL) गैस कनेक्शन बंद होने वाला है। घबराहट में महिला ने मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने मदद के बहाने महिला को व्हाट्सएप पर एक एपीके (APK) फाइल भेजी। जैसे ही महिला ने उस फाइल को अपने फोन में इंस्टॉल किया, साइबर अपराधियों ने उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस (नियंत्रण) हासिल कर लिया और उसके बैंक खाते व क्रेडिट कार्ड से करीब 2.64 लाख रुपये उड़ा दिए।
शाहीन बाग से कोलकाता और फिर झारखंड तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में इस गिरोह के काम करने के बेहद शातिर तरीके का पता चला है:

कोलकाता हब से देवघर तक ऐसे पहुंची पुलिस
कमीशन एजेंट से मिली लीड के आधार पर पुलिस ने कोलकाता के खिदिरपुर हब से पार्सल लेने पहुंचे एमडी साहिल को गिरफ्तार किया। साहिल से पूछताछ में एमडी रहीम का नाम सामने आया, जो ठगी के इन मोबाइलों को सस्ते दामों में खरीदकर विदेशों में बैठे अपने नेटवर्क और अवैध माध्यमों से बेचता था।
जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो इस गिरोह के तार झारखंड के देवघर से जुड़े मिले। पुलिस टीम ने तुरंत देवघर में छापेमारी कर एमडी मोहसिन और एमडी दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों देवघर में बैठकर इलेक्ट्रॉनिक सामान को ठिकाने लगाने और अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए पूरे गैंग के साथ तालमेल बिठाने का काम करते थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह द्वारा की गई अन्य ठगियों का भी पता लगाया जा सके।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो
विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली।
देश के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। हालांकि इस बदलाव की कोई आधिकारिक तारीख या नए मंत्रियों के नाम अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि कई कद्दावर मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कईयों के विभागों में बड़ा फेरबदल किया जाएगा।
इस सुगबुगाहट को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अलग-अलग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है। इस उच्च स्तरीय मुलाकात के बाद से ही दिल्ली का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
इन बड़े मंत्रियों पर गिर सकती है गाज, बदल सकते हैं विभाग
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के कुछ सबसे हाई-प्रोफाइल मंत्रालयों में बदलाव की तैयारी है:

केबिनेट में एंट्री की रेस में ये नए चेहरे
इस फेरबदल में कुछ चौंकाने वाले और नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है:
जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, बिट्टू और पंकज चौधरी पद पर बरकरार
इस बीच, केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा दे दिया है। वह अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। दूसरी तरफ, रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद भी मंत्री पद पर बने हुए हैं। वहीं पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा भी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बावजूद केंद्र में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
यूपी में मिशन-2027 की तैयारी: भाजपा की नई टीम घोषित
इस बड़े केंद्रीय फेरबदल के संकेतों के बीच, भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी नई सांगठनिक टीम का ऐलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में टीम का विस्तार किया गया है, जिसमें उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री के 6 नए पद बढ़ाए गए हैं।
इस नई टीम की खास बातें:
उत्तर प्रदेश के इस सांगठनिक बदलाव के बाद अब देश के अन्य राज्यों में भी संगठन स्तर पर ऐसे ही बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो
विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
अयोध्या।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ही ट्रस्ट के एक और प्रमुख सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) की सलाह के बाद दोनों पदाधिकारियों ने यह कदम उठाया है। चूंकि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वायत्त संस्था (Autonomous Body) है, इसलिए इन इस्तीफों पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की आगामी बैठक में लिया जाएगा।
SIT की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, दर्ज हुई FIR
सोमवार को SIT द्वारा सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर की दान प्रक्रिया और नकदी प्रबंधन में कई गंभीर खामियां और लापरवाही सामने आई हैं। हालांकि रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसके आधार पर गुरुवार को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए केस दर्ज किया और मामले में 8 लोगों को नामजद कर आरोपी बनाया।
आरोपियों की सूची में चंपत राय के करीबी और उनके ड्राइवर टिन्नू यादव का नाम भी शामिल है। इसके अलावा अन्य आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
सभी आरोपी पुलिस हिरासत में, कोर्ट में पेशी की तैयारी
अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद सभी 8 आरोपियों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस इन सभी आरोपियों की रिमांड हासिल करने के लिए इन्हें फैजाबाद की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश करेगी।
अब आगे क्या?
SIT की रिपोर्ट आने के बाद से ही चंपत राय के इस्तीफे के कयास लगाए जा रहे थे। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ये इस्तीफे दिए गए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में ट्रस्ट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों के इस्तीफे भी देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है ताकि आस्था के इस बड़े केंद्र में हुई वित्तीय अनियमितता की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो
स्थान: अयोध्या
श्रेणी: बड़ी ख़बर / अपराध
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
अयोध्या। भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और दान राशि में बड़े पैमाने पर हुई हेराफेरी के मामले में पुलिस और प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव समेत सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, इन सभी आठ आरोपियों को गुरुवार की शाम को पुलिस ने कस्टडी में लिया था। इसके बाद अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में रात भर इनसे गहन पूछताछ की गई। मैराथन पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने के बाद शुक्रवार की सुबह पुलिस ने इन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आज पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।
इस हाई-प्रोफाइल चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपी सीधे तौर पर राम मंदिर के दानपात्रों से निकलने वाली रकम की काउंटिंग (गिनती) और प्रबंधन के काम से जुड़े हुए थे। इनमें 6 पेशेवर कैशियर शामिल हैं:
राम मंदिर परिसर में चढ़ावे की राशि गायब होने की भनक लगते ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट हरकत में आया था। ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित तहरीर पर अयोध्या पुलिस ने तत्काल प्रभाव से गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फौरन SIT का गठन किया गया था।
अब तक की पुलिस और एसआईटी जांच में यह साफ हो गया है कि इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड रामकांत उर्फ टिन्नू यादव ही है। जांच में सामने आए मुख्य बिंदु:
मुख्य आरोपी रामकांत उर्फ टिन्नू यादव की फर्श से अर्श तक और फिर सलाखों के पीछे पहुंचने की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, टिन्नू यादव के पिता अयोध्या में एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे और टिन्नू खुद कुछ साल पहले तक शहर की सड़कों पर ऑटो रिक्शा चलाता था।
इसके बाद टिन्नू यादव को चंपत राय के ड्राइवर के रूप में काम मिला। ड्राइवर रहते हुए उसने धीरे-धीरे उनका भरोसा जीता, जिसके बाद उसे मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे की देखरेख की सबसे अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई।
ट्रस्ट में पैठ बनाने के बाद टिन्नू यादव ने बेहिसाब संपत्ति अर्जित की। वर्तमान में अयोध्या और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में उसकी अनुमानित संपत्ति 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसमें अयोध्या एयरपोर्ट के पास स्थित 70 कमरों का एक आलीशान हॉस्टल, कई प्रसिद्ध होटलों और रेस्टोरेंट में हिस्सेदारी (पार्टनरशिप), लग्जरी गाड़ियां और महंगी जमीनें शामिल हैं। पुलिस अब इसकी सभी संपत्तियों और बैंक खातों को अटैच (सीज) करने की तैयारी में है।
निष्पक्षता, सटीकता और विश्वसनीयता का नाम — तीसरी धारा न्यूज
सरायकेला: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीसी ने की प्रेस वार्ता, कहा- ‘कोई भी पात्र नागरिक न छूटे’
सरायकेला (तीसरी धारा न्यूज)। मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में एक विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) नीतीश कुमार सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर आगामी प्रक्रियाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान के तहत किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन (अपडेट) और त्रुटिहीन बनाना है। डीसी ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे समय पर अपना गणना प्रपत्र भरकर अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को उपलब्ध कराएं।
उपायुक्त ने बताया कि आगामी 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक ‘एन्यूमरेशन फेज’ (गणना चरण) चलाया जाएगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे।
मतदाताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश:
”चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम इसमें शामिल न हो।”
— नीतीश कुमार सिंह, उपायुक्त (सरायकेला)

इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम और प्रेस वार्ता के दौरान सरायकेला विधानसभा निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अभिनव प्रकाश, खरसावां विधानसभा निर्वाची पदाधिकारी सह अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती पारूल सिंह और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) अविनाश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: रंजन करवा, तीसरी धारा न्यूज, सरायकेला।
तीसरी धारा न्यूज (बिजनेस डेस्क):
देश में पासपोर्ट को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पासपोर्ट बनवाने और उससे जुड़ी अन्य सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जुलाई महीने से नया पासपोर्ट बनवाना हो या पुराने पासपोर्ट को रिन्यू (दुबारा) कराना हो, आम जनता को पहले के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने होंगे।
|
पासपोर्ट का प्रकार / सेवा |
पुरानी फीस (₹) |
नई फीस (₹) – 1 जुलाई से लागू |
|---|---|---|
|
सामान्य पासपोर्ट (36 पेज) |
1,500 |
2,500 |
|
सामान्य पासपोर्ट (60 पेज) |
2,000 |
3,500 |
|
पासपोर्ट खोने/खराब होने पर (36 पेज) |
3,000 |
5,000 |
|
पासपोर्ट खोने/खराब होने पर (60 पेज) |
3,500 |
6,000 |
|
तत्काल पासपोर्ट (36 पेज – कुल फीस) |
3,500 |
5,000 |
|
तत्काल पासपोर्ट (60 पेज – कुल फीस) |
4,000 |
6,000 |
|
बच्चों का पासपोर्ट (36 पेज) |
1,000 |
1,750 |
|
बच्चों का पासपोर्ट खोने/खराब होने पर |
2,000 |
4,250 |
|
PCC / सरेंडर सर्टिफिकेट / GEP सेवाएं |
500 |
750 |
यदि आपको आपातकालीन स्थिति में जल्दी पासपोर्ट चाहिए, तो तत्काल सेवा का लाभ लेने के लिए अब ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। ध्यान रहे कि तत्काल की नई फीस (36 पेज के लिए ₹5000 और 60 पेज के लिए ₹6000) में सामान्य फीस भी शामिल है। इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट की फीस में भी वृद्धि की गई है।
विदेश मंत्रालय ने इस बढ़ोतरी के बीच कुछ वर्गों को राहत देने की कोशिश भी की है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को नए पासपोर्ट की फीस पर 10 फीसदी की विशेष छूट दी जाएगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह छूट केवल ‘नए’ पासपोर्ट के आवेदन पर मिलेगी, पासपोर्ट दोबारा बनवाने (Re-issue) पर यह लागू नहीं होगी।
भले ही पासपोर्ट की फीस बढ़ा दी गई हो, लेकिन उसकी समय-सीमा (वैधता) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसके साथ ही, विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए डॉलर में तय की जाने वाली फीस को भी इसी अनुपात में बढ़ा दिया गया है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज