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जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र के जोन नंबर 4 में वाशिंग सेंटर के पास संदीप कुमार के घर पर शनिवार दोपहर अचानक एक गैस सिलेंडर में आग लग गयी. जब तक संदीप कुछ समझ पाते तब तक गैस सिलेंडर धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया. संदीप ने इसकी सूचना बिरसानगर पुलिस और झारखंड अग्निशमन विभाग को दी. सूचना पाकर एक दमकल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गया. आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, परंतु तब तक घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया.

संदीप ने बताया कि सुबह 11 बजे उसके घर सिलेंडर डिलीवर हुआ. उन्होंने नया सिलेंडर लगाकर उसे चालू ही किया था कि सिलेंडर में लीकेज की वजह से आग लग गयी. उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास किया पर आग धीरे-धीरे बढ़ती गयी. सिलेंडर को कमरे में बंद कर अग्निशमन विभाग को सूचित किया. इसी बीच जोर के धमाके के साथ सिलेंडर फट गया. संदीप ने बताया कि आग से उनके घर में लगा एसी, टीवी समेत सारे सामान जल गए.

साथ ही घर पर 20 हजार रुपये नकद थे वह भी जल गया. इसके अलावा सिलेंडर ब्लास्ट होने से दीवारों पर दरारें पड़ गयी है. संदीप ने बताया कि जिस कंपनी की सिलेंडर उनके घर आती है उससे गैस कटिंग होता है. कई बार वजन से कम गैस मिलता है. शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती. गैस कटिंग के कारण सिलेंडर के नोजल में लगी सील भी खराब हो जाती है. इसी वजह से गैस लीक हुआ और आग लग गयी. संदीप ने बताया कि इस दौरान 4 से 5 लाख का उनका नुकसान हुआ है.

दिल्ली शराब घोटाले के जुड़े मनी लॉन्डिंग के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुसीबत बढ़ गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम केजरीवाल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां जज ने उन्हें 28 मार्च तक के लिए ईडी की रिमांड में भेज दिया।
इसे लेकर झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन ने सीएम केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल से बात की।
क्या बोलीं कल्पना सोरेन
कल्पना मुर्मू सोरेन ने पति हेमंत सोरेन के एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल से अभी बात कर उन्हें साहस देने का प्रयास किया। मैं एक साथी के रूप में उनकी परेशानियों को समझ सकती हूं। निर्वाचित मुख्यमंत्रियों की गैरकानूनी ढंग से गिरफ्तारी और वह भी तब जब देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, एक लोकतांत्रिक देश के लिए यह सामान्य घटना नहीं है। संकट की इस घड़ी में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पूरा झारखंड केजरीवाल के साथ खड़ा है। इंडिया झुकेगा नहीं।

AAP को लगा झटका
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ईडी की रिमांड में हैं। ऐसे में दिल्ली में सरकार और पार्टी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगाने से मना करने के बाद ईडी की टीम गुरुवार की शाम को सीएम हाउस पहुंची थी।
HC पहुंचे सीएम अरविंद केजरीवाल
ईडी के अधिकारियों ने पहले सीएम अरविंद केजरीवाल के घर की तलाशी ली और फिर लंबी पूछताछ के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया। इसे लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जमानत की गुहार लगाते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित रिमांड के आदेश को चुनौती दी है।



लोकसभा चुनाव के दौरान झारखंड में काले धन का प्रवाह-प्रसार रोकने के लिए आयकर विभाग ने खास रणनीति तैयार की है। अवैध तरीके से नगदी इधर-उधर ले जाने की सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष दस्ते बनाए गये हैं।
रांची स्थित मुख्यालय में 24 घंटे कार्य करने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है।
आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 18003455018 और व्हाट्सएप नंबर 9693510277 पर कोई भी व्यक्ति किसी भी वक्त काले धन के संबंध में सूचना दे सकता है। सूचना देने वालों के नाम-पता गुप्त रखे जाएंगे।

दस लाख रुपये से अधिक नकदी की सूचना पर क्विक रिस्पांस टीम तुरंत एक्शन मोड में रहेगी। नकदी के स्रोत एवं उसकी सत्यता की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। संबंधित व्यक्ति को बताना होगा कि राशि कहां से मिली है, कहां ले जाई जा रही है और किस मकसद से ले जाई जा रही है। स्पष्ट और वैध जानकारी नहीं मिलने पर धन जब्त कर लिया जाएगा।
झारखंड में आयकर विभाग के सभी रेंज और जिलों में नोडल ऑफिसर प्रतिनियुक्त किए गए हैं। क्विक रिस्पांस टीम को सपोर्ट करने के लिए सप्लीमेंट्री रिस्पांस टीम रिजर्व रहेगी।



अगर आप शेयर बाजार में पैसा निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. कंपनी का फर्जी एप बनाकर साइबर ठग लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं. गोपालगंज में एक ऐसा ही मामला सामने आया है अफ्रिका में रहकर जॉब करनेवाले गोपालगंज के एक नागरिक से साइबर ठगों ने इंस्टाग्राम पर ग्रुप बनाकर इंटरनेशनल ट्रेडिंग के नाम पर 15 लाख की ठगी कर ली है.
शनिवार को पीड़ित ने साइबर थाना पहुंचकर पुलिस अधीक्षक की ऑनलाइन जनसुनवाइ में इसकी शिकायत की.
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने पीड़ित की शिकायत को सुनने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी दिलीप अवंतिका को तत्काल इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. साथ ही पीड़ित की राशि को रिकवरी कराने को कहा. पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद साइबर थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

तीन बार में 15 लाख की हुई ठगी
नगर थाना क्षेत्र के हजियापुर गांव के रहनेवाले अनिल कुमार ने बताया कि वे अफ्रिका में सप्लाइ चेन ऑफिसर हैं. इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप बनी थी, जिसका नाम वेल्स कैपीटल्स ग्रुप था. इंटरनेशनल ट्रेडिंग के लिए उनको प्रलोभन दिया गया. शुरुआती दौर में उन्होंने जांच किया तो पता चला कि कंपनी हुबहू असली जैसी लगी. उन्होंने बताया कि पहली बार 15 जनवरी को पांच लाख लगा दिया. उसके बाद 18 और 30 जनवरी को पांच-पांच लाख रुपये निवेश किया, लेकिन बाद में पैसा बढ़कर 93 लाख दिखाने लगा. जब कैश विड्रोल करने की कोशिश किया तो पैसा खाते में नहीं आया और उन्हें जानकारी हुई कि वे ठगी के शिकार हो गये.

बरतें ये सावधानी
-किसी ऐप की समीक्षा देखकर ही डाउनलोड करें.
-विश्वसनीय कंपनियों के ऐप को ही इंस्टॉल करें.
-व्यावसायिक ट्रांजेक्शन से पहले अच्छी तरह जांच लें.
-अज्ञात टेलीग्राम ग्रुप के जरिए पैसा निवेश न करें.
-अगर बन गए हैं तो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं.
-वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें.
ऐसे किया जाता है ऑनलाइन फर्जीवाड़ा
साइबर डीएसपी अवंतिका दिलीप बतातीं हैं कि साइबर ठगों ने ट्रेनिंग कंपनी में निवेश के नाम पर लोगों को झांसा देने के लिए एप, वेबसाइट और कंपनी बनायी है. वे नामी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों से निवेश करने के लिए संपर्क करते हैं. साइबर ठग उन्हें बातों में फंसाने के लिए फर्जी कंपनी की वेबसाइट दिखाते हैं. इसे देखकर लोग ट्रेडिंग कंपनी पर विश्वास कर लेते हैं. फिर साइबर ठग उन्हें अपना अकाउंट खुलवाने के लिए कहते हैं. इसके बाद शुरू हो जाता है ठगी का खेल.

अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होने के बाद से रोजाना लाखों लोग रामलला का दर्शन करने पहुंच रहे हैं। इस दौरान रामलला के भक्तों को तरह तरह से ठगा और लूटा भी जा रहा है। ताज्जुब की बात तो यह है कि जिन लोगों पर श्रद्धालुओं को लूट से बचाने की जिम्मेदारी है, वही पुलिस वाले लूट-खसोट में शामिल हैं।
रामलला का वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर एक पुलिस वाले ने विदेशी श्रद्धालु से दो हजार रुपए वसूल लिए। इसका खुलासा खुद रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने किया है। चंपत राय ने बताया कि दर्शन करने आया विदेशी उनका करीबी था। चंपत राय ने अधिकारियों को पुलिस की शिकायत की है। इसके साथ ही लोगों से सुगम दर्शन और वीआईपी दर्शन के चक्कर में नहीं पड़ने की अपील भी की है।

चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में किसी भी मंदिर में कभी भी पैसा लेकर दर्शन करने की कोई परंपरा नहीं रही है। हनुमानगढ़ी में सदा सर्वदा लाखों लोग आते हैं। यहां कोई पैसा लेकर दर्शन नहीं होता। राम जन्मभूमि का मंदिर अभी कुल दो महीने का है लेकिन लोगों ने तरह-तरह के रास्ते निकाल लिए हैं। अनेक लोगों ने कुछ गैर कानूनी काम करने शुरू कर दिए हैं।
चंपत राय ने बताया कि एक विदेश का नागरिक जो भगवान की कृपा से मेरा पुराना परिचित था वह आकर खड़ा हो गया और कहता है मैंने दो हजार देकर दर्शन किया है। पता चला कि पुलिस वाले को दो हजार देकर उसने दर्शन किया था। चंपत राय ने लोगों से अपील की कि किसी के बहकावे में न फंसें। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ऐसी कोई योजना नहीं बनाई और किसी को वीआईपी दर्शन का अधिकार नहीं दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे अपराधिक कृत्य करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने का भी आग्रह किया।

चंपत राय ने बताया कि सामान्यतया प्रतिदिन सवा लाख लोग दर्शन करने आ रहे हैं। टेक्नोलॉजी के आधार पर हेड अकाउंट के सॉफ्टवेयर सीसीटीवी कैमरा में फिट है। उनके आंकड़े बताते हैं कि यहां 14 घंटे में सवा लाख से डेढ़ लाख लोग आ रहे हैं। किसी भी सामान्य नागरिक को अधिक से अधिक एक घंटा लाइन में लगता है और दर्शन करके बाहर आ जाता है।
सामान्य दर्शनार्थियों को भगवान के दर्शन ज्यादा अच्छे होते हैं। उन्होंने कहा कि सुगम दर्शन व वीआईपी दर्शन की अपेक्षा करने वालों से अपील की कि दोनों प्रकार के दर्शनों से अपने को बचाएं। राम मंदिर में नि: शुल्क दर्शन की व्यवस्था है। एक घंटे में आराम से दर्शन कर सकते हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोई भी कानून से बड़ा नहीं हो सकता.
उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र कायम है, इसीलिए अरविंद केजरीवाल बार-बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बन सके. मगर लोकतंत्र किसी व्यक्ति, पार्टी या संस्था को डकैती डालने की छूट नहीं देता.
योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश का मालिक नहीं होता. हमारा काम जनसेवक और कस्टोडियन का होता है. कोई भी, फिर चाहे मैं ही क्यों न हूं, अगर नियम विरुद्ध आचरण करेगा तो उस पर देश का कानून लागू होगा. कोई व्यक्ति या सरकार खुद को कानून से ऊपर मानने लगे तो यह गलत है. ईडी एक स्वायत्त निकाय है. केजरीवाल का मामले में कोर्ट में है, और इसे अब कोर्ट ही तय करेगा.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो भी परिवर्तन दिखाई देता है उसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूपी की जनता को दिया जाना चाहिए. प्रदेश के बारे में आज देश और दुनिया की धारणा बदली है. भारतीय जनता पार्टी विकास की बात करती है, ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं करती. हम लोकआस्था का सम्मान करते हैं. हम कर्फ्यू नहीं लगाते, कांवड़ यात्रा का मार्ग प्रशस्त करते हैं. स्प्रिचुअल टूरिज्म में यूपी में बहुत संभावनाएं हैं.
सीएम ने कहा कि वह जितनी बार अयोध्या, मथुरा और काशी गये हैं, उतना कोई भी मुख्यमंत्री नहीं गया. यही कारण है कि 2017 से पहले की अयोध्या और अब की अयोध्या में संभावनाओं के मामले में 100 गुना ज्यादा बढ़ोतरी हुई है.

मुख्यमंत्री ने बदायूं की घटना को वीभत्स बताया. उन्होंने कहा बुलडोजर अन्यायियों और अत्याचारियों के साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए चलता है. हम हिन्दू आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाए, इसलिए शायद मुसलमानों के मन में जगह नहीं बना पाए. हिन्दुस्तान में हमें यहां की मूल आत्मा का सम्मान करना पड़ेगा. हिन्दू देश की मूल आत्मा है.
पेपर लीक के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें सख्त कार्रवाई की गई है. जो युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, आजम खां के मामले में सीएम ने कहा कि उनके कर्मों के कारण उन्हें न्यायालय से सजा मिली है. भारत की न्यायपालिका स्वतंत्र है.


छोटा राजन, दाउद इंब्राहिम, नाम तो जानते ही होंगे. इनके बाद मुंबई में खौफ का दूसरा रूप माना जाता था गैंगस्टर प्रसाद पुजारी. विदेश की धरती से बॉलीवुड के फिल्म डायरेक्टर, प्रेड्यूसर या फिर एक्टर्स को जान से मारने की घमकी देकर पैसों की वसूली करना और वहीं से गैंग ऑपरेट करना काम था, हालांकि वह छोटा राजन गैंग का भी सदस्य रह चुका है.
उस पर मुंबई में हत्या, जबरन वसूली और अपहरण सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं. कई साल पहले ही वह मुंबई छोड़ चुका था. शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात चीन से निर्वासन के बाद भारत वापस लाया गया. भारत लाए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.
मालूम हो कि गैंगस्टर पुजारी उर्फ सुभाष विट्ठल पुजारी उर्फ सिद्धार्थ शेट्टी उर्फ सिद्धू उर्फ सिद्ध उर्फ जॉनी गैंगस्टर, कुमार पिल्लई और छोटा राजन के गिरोह का भी सदस्य रह चुका है. काफी सालों से वह चीन में रह रहा था और पिछले साल उसे वहीं गिरफ्तार किया गया था. मुंबई पुलिस की क्राइम विभाग लगातार उसे देश वापस लाने की कोशिश कर रही थी. पुजारी ने एक चीनी नागरिक से शादी की है, गिरफ्तारी के समय अपनी पत्नी और बच्चे के साथ शेनझेन में रह रहा था.

पुलिस ने बाताया कि इंटरपोल से मिले गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुजारी को फर्जी पासपोर्ट के साथ पिछले साल मार्च में हांगकांग में गिरफ्तार किया गया था. उसे तब पकड़ा गया जब वह हांगकांग से शेनझेन (चीन का शहर) के विमान में सवार होने की तैयारी कर रहा था.
क्राइम विभाग ने बताया कि पुजारी मुंबई में कथित तौर पर गोलीबारी, जबरन वसूली और हत्या सहित आठ गंभीर मामलों में वांटेड है. वह विक्रोली के टैगोर नगर का रहने है और सालों पहले विदेश भाग गया था. उन्होंने बताया कि वह कथित तौर पर पूर्वी मुंबई में बिल्डर और व्यापारियों को निशाना बनाता था. दिसंबर 2019 पुजारी का नाम में विक्रोली इलाके में रहने वाले शिवसेना कार्यकर्ता चंद्रकांत जाधव पर गोलीबारी के मामले में भी आया था.

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने 2020 में पुजारी की मां इंदिरा विट्ठल पुजारी को विक्रोली के एक बिल्डर से जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया था. एक डेवलपर से कथित तौर पर 10 लाख रुपये की उगाही करने के आरोप में इंदिरा के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत यह कार्रवाई की गई थी.
उन्होंने बताया कि पुजारी अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर से व्यवसायियों और जाने-माने लोगों को वसूली के लिए कॉल करता था और कुछ प्रमुख फिल्म निर्देशकों, निर्माताओं और बॉलीवुड अभिनेताओं को जान से मारने की दी थी. उसका गिरोह मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई इलाकों में बहुत सक्रिय है. मुंबई पुलिस ने विक्रोली पुलिस थाना में उसके खिलाफ 307 (हत्या का प्रयास), 120-बी (साजिश) और मकोका सहित सुसंगत धाराओं के तहत दर्ज मामलों में उसे गिरफ्तार किया.


मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह तो पीएम नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ भी खड़े हो सकते हैं लेकिन तब जब उन्हें पार्टी यह कहे.
दरअसल, दिग्विजय सिंह शनिवार को राजगढ़ जिले का दौरा कर रहे हैं जो कि उनका गृह क्षेत्र है. यहां उनसे पत्रकारों ने भोपाल से चुनाव न लड़ने को लेकर सवाल पूछा तो कहा कि पार्टी उन्हें जिसके खिलाफ चुनाव लड़ने बोलेगी वह तैयार हैं.

दिग्विजय सिंह ने कहा, ”मैं तो पार्टी में हूं और मुझसे अगर पार्टी कहती कि मोदी जी के खिलाफ लड़ो तो उनके खिलाफ लड़ लेता और अगर कहती कि शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ लड़ लो तो उनके खिलाफ लड़ लेता.”
राजगढ़ सीट पर दावेदारी के बाद बीजेपी का तंज
बीते दिनों दिग्विजय सिंह का एक वीडियो आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वह राजगढ़ से चुनाव लड़ेंगे. हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन वह इस क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं. इस बीच सीएम मोहन यादव ने तंज कर कहा था कि कांग्रेस को उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं इसलिए दिग्विजय सिंह को चुनावी मैदान में उतारा गया है उन्हें तो भोपाल से चुनाव लड़ना था. सीएम यादव के इसी बयान के संदर्भ में दिग्विजय सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वह तो पीएम मोदी के खिलाफ भी लड़ने के लिए तैयार हैं.

भोपाल सीट पर दिग्विजय सिंह को मिली थी बड़ी हार
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह को कांग्रेस ने भोपाल से टिकट दिया था जहां उन्हें साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने 364,822 के रिकॉर्ड वोटों से हराया था. बीजेपी ने इस बार प्रज्ञा ठाकुर को टिकट नहीं दिया है. बीजेपी ने इस बार आलोक शर्मा को टिकट दिया है. वहीं, शिवराज सिंह चौहान विदिशा और पीएम नरेंद्र मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ने वाले हैं.


जर्मनी, जापान और यूके जैसे देशों में पिछले कुछ वर्षों में जीडीपी (पीपीपी) रैंकिंग में गिरावट लगातार जारी है। वहीं रिपोर्ट की मानें तो भारत ने जीडीपी (पीपीपी) में इन सालों में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है।
जीडीपी (पीपीपी) का मतलब है खरीद की क्षमता पर आधारित सकल घरेलू उत्पाद। दिल्ली स्थित सोशल पॉलिसी रिसर्च फाउंडेशन (एसपीआरएफ) एक गैर-लाभकारी संस्था है। उसके शोध के अनुसार, 2024 तक पीपीपी के आधार पर मूल्यांकन किया जाए तो भारतीय अर्थव्यवस्था यूके की तुलना में 3.6 गुना, जापान की तुलना में 2.1 गुना और जर्मनी की तुलना में 2.5 गुना ज्यादा है।

जबकि 2022 तक चीन इसके शीर्ष रैंकिंग वाले देश के रूप में उभरा था। रिपोर्ट में कहा गया है, “पीपीपी पर वैश्विक जीडीपी के प्रतिशत को देखा जाए तो इसके अनुसार भारतीय जीडीपी (पीपीपी) की हिस्सेदारी काफी बढ़ी है, जबकि इस दौरान अमेरिका, जापान, रूस और अन्य देशों की हिस्सेदारी घटी है।”
क्या है पीपीपी
पीपीपी दो या दो से अधिक देशों में समान वस्तुओं और सेवाओं की कीमत को समझने और उसकी तुलना करने का माध्यम है। रिपोर्ट के अनुसार, “देश में उच्च पीपीपी का मतलब है कि भारतीय उपभोक्ता के लिए भारत के अंदर आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर जो खर्च हो रहा है वह जापान, जर्मनी या यूके के उपभोक्ताओं की तुलना में सस्ता है।”
भारत की अर्थव्यवस्था में तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2023) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जो आश्चर्यचकित करने वाली है, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के नवीनतम आंकड़ों की मानें तो वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए देश की आर्थिक विकास दर अब 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

जीडीपी में 8.4 प्रतिशत की उच्च वृद्धि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दोहरे अंक की वृद्धि के साथ 11.6 प्रतिशत, जबकि कंस्ट्रक्शन सेक्टर में अच्छी वृद्धि (9.5 प्रतिशत) की वजह से देखी गई है। सांख्यिकी मंत्रालय ने कहा, “भारतीय अर्थव्यवस्था में वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद 7.6 प्रतिशत की मजबूत स्थिति में रही, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 7 प्रतिशत थी।”
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी विकास गति को बरकरार रख रहा है, जिसे वैश्विक मंदी के बीच एक बेहतरीन सूचक के रूप में देखा जा सकता है। इस सप्ताह की शुरुआत में जारी आरबीआई के मासिक बुलेटिन के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति भले धीमी पड़ रही हो लेकिन, भारत की अर्थव्यवस्था में तेज वृद्धि साफ दिखाई दे रही है।

आम आदमी पार्टी (आप) ने यह आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकरा उन्हें चुनाव नहीं लड़ने देना चाहती है। ‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘हम लोग गाड़ी से आतिशी जी के घर जाने की कोशिश कर रहे थे।
वहां एक पुलिस अधिकारी ने आतिशी को पहचान लिया। बैरिकेड लगा हुआ था, सभी गाड़िया जा रही थीं, लेकिन हमारी गाड़ी को रोककर कहा गया कि आप नहीं जा सकते, गाड़ी साइड में लगाइए। क्यों नहीं जा सकते भाई? क्या अब हमलोग अपने घर भी नहीं जा सकते? इसके लिए भी पुलिस की परमिशन चाहिए होगी? आम आदमी पार्टी ऑफिस को चारों तरफ से बंद कर दिया गया है। हम पुलिस की शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे।’

हमें गोली मार दो…
‘आप’ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर आतिशी की कार रोके जाने का वीडियो पोस्ट किया है। कैप्शन में लिखा गया है कि ‘मंत्री आतिशी को पुलिस जगह-जगह रोक रही है।’ वीडियो में कार रोके जाने पर आतिशी के कुछ समर्थक सड़क पर लेट गए। वे लेटकर केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे और पुलिस से बोले कि ‘हमें गोली मार दो।’
सड़क पर जमकर बवाल
वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि आतिशी कार से उतर कर पुलिस अधिकारी से कह रही हैं कि आइए आप बैठिए हमारी गाड़ी में। इसपर पुलिस ने पूछा, ‘आपको जाना कहां है?’ आतिशी ने कहा, ‘मुझे अपने घर जाना है।’ इसके बाद वहां मौजूद ‘आप’ नेता और कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए। पुलिस ने उनसे कहा कि यहां पर धारा 144 लगी है। ‘आप’ नेताओं ने कहा कि हमें गोली मार दो। आतिशी ने कहा, ‘आपने (पुलिस) मेरी गाड़ी देखकर मुझे रोका। पार्टी ऑफिस जाने से हमें रोका गया। यह क्या तानाशाही है।’

आतिशी ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली में पार्टी का कार्यालय सभी ओर से ‘सील’ कर दिया गया है और पार्टी निर्वाचन आयोग के समक्ष इस मामले की शिकायत करेगी। दिल्ली की मंत्री ने कहा, ‘लोकसभा चुनाव के दौरान एक राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय को कैसे बंद किया जा सकता है? यह भारतीय संविधान में दिए ‘समान अवसर’ के खिलाफ है। हम इसके खिलाफ शिकायत करने के लिए निर्वाचन आयोग से वक्त मांग रहे हैं।’
