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लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी की लिस्ट में कई बड़े चेहरों को जगह दी गयी है. बीजेपी की तरफ से कुछ मंत्रियों और कुछ सांसदों का टिकट काट लिया गया है.
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, अश्विनी चौबे का टिकट कट गया है. वहीं पार्टी ने वरूण गांधी (Varun Gandhi) को भी बेटिकट कर दिया है. वहीं कुछ सीटों पर उम्मीदवार भी बदले गए हैं. पार्टी की तरफ से झारखंड के दुमका सीट पर पहले घोषित उम्मीदवार सुनील सोरेन का टिकट काटकर सीता सोरेन को उम्मीदवार बनाया गया है.

प्रमुख चेहरे जिन्हें बीजेपी ने दिया टिकट
भारतीय जनता पार्टी की पांचवी लिस्ट में पार्टी ने बिहार के बेगूसराय से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के नाम का ऐलान किया है. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव को पाटलीपुत्रा और रविशंकर प्रसाद को पटना साहिब से उम्मीदवार बनाया गया है. पूर्वी चंपारण से पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह को भी पार्टी की तरफ से उम्मीदवार बनाया गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर के पुत्र और राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर को नवादा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.नित्यानंद राय उजियारपुर से चुनाव लडेंगे.
हिमाचल के मंडी लोकसभा सीट से कंगना रनौत को उम्मीदवार बनाया है. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का टिकट कट गया है उनकी जगह पर अतुल गर्ग को उम्मीदवार बनाया गया है. पीलीभीत से वरूण गांधी की जगह जितिन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया गया है. सुल्तानपुर से मेनका गांधी को एक बार फिर से उम्मीदवार बनाया गया है.

यूपी में किसे मिला टिकट?
बीजेपी ने यूपी के 13 और प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है. पहले 51 और अब 13 मिलाकर कुल 64 नाम घोषित हो गए है. सहयोगियों को सीटें देने के बाद बीजेपी ख़ुद 75 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बरेली से वरिष्ठ नेता संतोष गंगवार की जगह छत्रपाल गंगवार को टिकट मिला है. बाराबंकी से वीडियो वाइरल होने के बाद नए प्रत्याशी को मौका दिया गया है. बदायूं से संघमित्रा मौर्या का भी टिकट कट गया है. हाथरस से मौजूदा सांसद राजवीर सिंह की जगह अनूप वाल्मीकि को टिकट बीजेपी की तरफ से दिया गया है.
के सुरेंद्रन राहुल गांधी के खिलाफ होंगे उम्मीदवार
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ वायनाड़ सीट से भाजपा ने केरल इकाई के पूर्व अध्यक्ष के सुरेंद्रन को उम्मीदवार बनाया है. भाजपा अब तक 291 लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है. इनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, केरल और तेलंगाना समेत अन्य राज्यों के उम्मीदवार शामिल हैं. भोजपुरी गायक पवन सिंह सहित घोषित उम्मीदवारों में से तीन ने विवाद होने के बाद अपने नाम वापस ले लिए हैं.चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी सहित पार्टी के प्रमुख चेहरों के नामों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है और वे सभी अपने मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं. लोकसभा की 543 सीट के लिए 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरण में चुनाव होना है. मतगणना चार जून को होगी.

यहां देखे पूरी लिस्ट




भाजपा नीत केंद्र सरकार लोकतंत्र को पिंजरे में कैद और विपक्ष को पंगु बना कर फिर से सत्ता हथियाना चाहती है. केंद्र सरकार इतनी भयभीत हो चुकी है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल भेज दिया.
लोकतंत्र में वैचारिक मतांतर का स्थान होता है विद्वेष मतांतर का स्थान नहीं होता. होता बावजूद भाजपा की मोदी सरकार वैचारिक के बजाय विद्वेष मतांतर की नीति अपना कर विपक्षियों को परेशानी कर रही है, ताकि कांग्रेस समेत विपक्षी दल न तो चुनाव सामग्री खरीद सकें, न प्रचार प्रसार कर सकें और न ही चुनावी मैदान में उम्मीदवार उतार सकें. यह बात राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कही. वह यहां बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय में जिला कांग्रेस की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जहां पर केंद्र सरकार के पक्ष में सत्ता और शासन नहीं होता है, वहां वह संवैधानिक एजेंसियों का इस्तेमाल कर विरोधियों को बेवजह परेशान करती है. बदनाम और अपदस्थ करने की नीति अपनाती है.

मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हमें लोकतांत्रिक अस्त्र-शस्त्र से निहत्था कर सत्ता पर काबिज होना चाहती है. लोकतंत्र में चुनावी समर में किसी भी दल का अस्त्र-शस्त्र पैसा होता है, जिसे चुनाव आयोग द्वारा तय सीमा के अंदर खर्च करना होता है. उन्होंने कहा कि इसी नीति के तहत केंद्र सरकार ने कांग्रेस पार्टी के लगभग 285 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिया है, जबकि वह एक नंबर की राशि है. यदि उसके टैक्स की बात की जाये, तो वह भी 14 लाख 40 हजार रुपये होता है, उस पर 210 करोड़ रुपये पैनाल्टी लगायी गयी है. यह कहां का न्याय है.
मंत्री ने इलेक्ट्रॉल बांड की बात करते हुए कहा कि कुल 16 हजार 518 करोड़ के इलेक्ट्रॉल बांड में से 8 हजार 252 करोड़ भाजपा को मिले हैं. इलेक्ट्रॉल बांड में कई ऐसे दानदाता हैं, जिनकी हैसियत दो करोड़ की भी नहीं है और उन्होंने 200 करोड़ दिया है. इसमें ऐसी कई कंपनियां हैं, जिनका न कोई कार्यालय है और न ही बोर्ड और न कोई पहचान. इसके माध्यम से ऐसे कई लोगों को करोड़ों रुपये लाभ पहुंचाने का कार्य किया गया है.
मंत्री बन्ना गुप्ता ने मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सर्वोच्च न्यायालय का आभार जताया. उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इलेक्ट्रॉल बांड मामले में संज्ञान लेते हुए इसे प्रकाश में लाया. हालांकि एसबीआई इस मामले में जांच आरंभ करने को लेकर टाल-मटोल कर रहा था. बावजूद सर्वोच्च न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने का आदेश दिया है. अतः निकट भविष्य में दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा.

मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार लोकतंत्र के इस महापर्व में एकाधिकार व अधिपत्य कायम करना चाहती है. उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के 285 करोड़ रुपये फ्रीज करने के पीछे क्या कारण है, इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार नहीं चाहती है कि देश में निष्पक्ष व निर्भीक चुनाव हो और मतदाता भी स्वेच्छा से मतदान न कर सकें. एक तरफ भाजपा खुद को ईमानदार बताती है, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार का एक पैमाना खड़ा कर दिया है.यह जल्द ही जनता के सामने आयेगा.
इससे पूर्व जिला कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय पहुंचने पर मंत्री बन्ना गुप्ता का भव्य स्वागत किया गया. पार्टी के जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दूबे ने शॉल ओढ़ा कर उन्हें सम्मानित किया. इस अवसर पर पार्टी के जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह आजाद, सुनील समेत अन्य उपस्थित थे.

चक्रधरपुर के डीआरएम अरुण जे राठौर ने टाटानगर स्टेशन निरीक्षण में इंजीनियरिंग विभाग को नए फुटओवर ब्रिज का काम जल्द खत्म करने का आदेश दिया है ताकि एस्केलेटर की सुविधा शुरू हो सके।
डीआरएम ने स्टेशन पर यात्री सुविधा और सुरक्षा संसाधनों की जांच की। डीआरएम ने कहा कि होली को लेकर ट्रेनों में भीड़ उमड़ रही है। इससे आरपीएफ और वाणिज्य अधिकारियों को चाहिए कि यात्रियों को कतार से कोच पर चढाए ताकि सीट कब्जे की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने गर्मी को देखते हुए पानी की व्यवस्था की जानकारी इंजीनियरिंग विभाग से ली। इधर डीआरएम निरीक्षक को लेकर सभी विभागों के रेल अधिकारी स्टेशन पर मौजूद थे।



झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में सीटों व उम्मीदवारों को लेकर मंथन चल रहा है. पार्टी को गठबंधन के तहत राजमहल, दुमका, गिरिडीह व सिंहभूम लोकसभा सीट मिलने की बात कही जा रही है. राजमहल से वर्तमान सांसद विजय हांसदा को ही दोबारा टिकट मिलने की संभावना है.
दुमका लोकसभा सीट पर फैसला हेमंत सोरेन के लिए छोड़ा
दुमका लोकसभा सीट पर फैसला हेमंत सोरेन के लिए छोड़ दिया गया है. वही तय करेंगे कि कौन वहां से उम्मीदवार होगा अथवा वे स्वयं लड़ेंगे. गिरिडीह लोकसभा सीट से टुंडी विधायक मथुरा महतो पर पार्टी दावं लगाने जा सकती है. हालांकि अधिकृत रूप से किसी सीट की घोषणा नहीं की गयी है.

सिंहभूम में गीता के बाद बदली स्थिति
कांग्रेस की सांसद गीता कोड़ा के भाजपा में जाने के बाद सिंहभूम सीट पर झामुमो ने दावेदारी पेश की है. इसके पीछे वजह है कि इस सीट के छह विधानसभा में से पांच पर झामुमो के विधायक हैं और एक पर कांग्रेस के. पूर्व से विधायक लगातार लोकसभा सीट पर दबाव बना रहे थे.
सिंहभूम लोकसभा सीट पर झामुमो का लड़ना तय
गठबंधन में अब सहमति बन गयी कि सिंहभूम लोकसभा सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रत्याशी खड़े होंगे. इधर झामुमो की ओर से प्रबल दावेदार चाईबासा के विधायक दीपक बिरुवा अब राज्य सरकार के मंत्री बन गये हैं. तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे.

निरल पुरती और जोबा मांझी भी चुनाव लड़ने के लिए हैं तैयार
वहीं मझगांव के विधायक निरल पुरती व मनोहरपुर की विधायक जोबा मांझी ने कहा कि पार्टी कहेगी तो चुनाव लड़ेंगे ही पर यदि कोई और विकल्प है, तो उसे देखा जाये. वहीं चक्रधरपुर से विधायक सुखराम उरांव ने पार्टी को सूचित किया है कि वे चुनाव लड़ना चाहते हैं.
दशरथ गगराई भी लड़ना चाहते हैं लोकसभा चुनाव
दूसरी ओर, खरसावां विधायक दशरथ गगराई ने भी कहा है कि वह लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. दोनों को बैठा कर कई दौर की वार्ता हो चुकी है. दोनों कह रहे हैं कि दोनों में से किसी को टिकट दे दीजिए हमें कोई एतराज नहीं है.
जमशेदपुर लोकसभा सीट पर अभी भी संशय
जमशेदपुर लोकसभा सीट को लेकर भी संशय की स्थित बनी हुई है. इस सीट पर कौन लड़ेगा, इसका फैसला मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन करेंगे. 2019 का लोकसभा चुनाव वह खुद प्रत्याशी थे. इस बार मुख्यमंत्री होने की वजह से किसी और को लड़ाया जायेगा. पर चेहरा कौन होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है.

एमजीएम अस्पताल में मरीजों से मुलाकात का समय एक बार फिर निर्धारित किया गया है। अब 24 घंटे में मात्र तीन घंटे ही परिजन मरीज से मिल सकेंगे। सुबह में 7 से 8 और शाम में 5 से 7 बजे तक मुलाकात का समय निर्धारित किया गया है।

इस दौरान एक परिजन को ही वार्ड में जाकर मुलाकात की अनुमति होगी।
नव पदस्थापित एसडीओ पारुल सिंह की सख्ती के बाद वार्डों में अनावश्यक भीड़ को कम करने के लिए यह पहल की गई है। डेढ़ साल पहले भी एमजीएम में मुलाकात का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन तत्कालीन प्रशासक एनके लाल के तबादले के बाद इसका अनुपालन नहीं हो रहा था। अब फिर से इसपर सख्ती शुरू कर दी गई है। हरेक वार्ड के बाहर होमगार्ड जवान को तैनात कर दिया गया है और मुलाकात को लेकर निर्धारित समय का बोर्ड भी लगा दिया गया है। वार्ड का मुख्य दरवाजा भी निर्धारित समय के बाद बंद रहता है। अस्पताल के आर्थो, गायनी, शिशु, सर्जरी, नेत्र, ईएनटी, बर्न, इमरजेंसी समेत अन्य 14 विभागों के वार्डों में उक्त व्यवस्था लागू की गई है। हर दिन अधीक्षक और उपाधीक्षक इसकी मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं।

भर्ती करने के समय दिया जा रहा पास
एमजीएम अस्पताल में भर्ती मरीज के एक परिजन को मुलाकात की अनुमति होगी। इसके लिए भर्ती होने के साथ ही परिजन को पास जारी किया जा रहा है। पास दिखाने के बाद ही परिजन निर्धारित समय में मरीज से मिल सकेंगे। यह पास 24 घंटे के लिए वैध होगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार, दूसरा पास जारी किया जाएगा। वार्ड में अटेंडेंट की भीड़ को कम करने के लिए मरीज से मुलाकात का समय निर्धारित किया गया है। कई बार वार्ड के खाली बेड पर मरीज के परिजनों को कब्जा हो जाता था, जिससे मरीजों को परेशानी होती थी।
निर्धारित समय में परिजनों को वार्ड में जाकर मरीज से मिलने की अनुमति होगी। इसके लिए पास सिस्टम को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। हर वार्ड में इसकी मॉनीटरिंग के लिए होमगार्ड जवानों की ड्यूटी लगाई गई है

उत्पाद विभाग की टीम ने एमजीएम थाना क्षेत्र के भिलाई पहाड़ी में छापेमारी कर नकली शराब के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

मामले में सहायक आयुक्त उत्पाद रामलीला रवानी ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध मिनी शराब फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है.

सूचना पर गठित टीम ने छापेमारी करते हुए मौके से नकली शराब के साथ 2 लोगों को पकड़ा है. गिरफ्तार आरोपियों में मुखिया डांगा निवासी मुकेश गिरी और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बड़ा बाजार निवासी पशुपति महतो शामिल है. पुलिस ने मौके से600लीटर नकली शराब,ब्रांडेड कंपनी को खाली बोतलें,ढक्कन,स्टिकर,कैरेमल,स्प्रिट समेत शराब ढोने में प्रयुक्त होने वाली मिनी ट्रक और एक बाइक बरामद की है.

टीम में निरीक्षक प्रमप्रकाश उरांव, निरीक्षक रामदास भगत, एसआई ओम प्रकाश, एसआई सुप्रभात दत्ता समेत सशस्त्र बल ने छापेमारी की और सभी को गिरफ्तार करते हुए नकली शराब बरामद किया. बरामद शराब की कीमत लगभग 7 लाख रुपए आंकी गई है.

रक्षा मंत्री ने लेह में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि लद्दाख भारत माता का चमकता हुआ मुकुट है। यह राष्ट्रीय संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है। देश की राजनीतिक राजधानी दिल्ली है। आर्थिक राजधानी मुंबई है और तकनीकी राजधानी बेंगलुरु है, उसी तरह लद्दाख शौर्य और पराक्रम की राजधानी है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि मौसम खराब होने के कारण सियाचिन में तैनात जवानों से नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह फिर विश्व के सबसे ऊंचे युद्धस्थल पर जाने की जरूर कोशिश करेंगे।

रविवार को होली के पर्व पर केंद्रीय रक्षा मंत्री केंद्र शासित प्रदेश के लद्दाख के लेह में जवानों संग होली मनाने के लिए पहुंचे। लेह हवाई अड्डे पर रक्षा मंत्री का लद्दाख के उपराज्यपाल बीडी मिश्रा, प्रशासन व सेना के उच्च अधिकारियों ने स्वागत किया। राजनाथ सिंह के साथ सेना प्रमुख मनोज पांडे भी पहुंचे हुए हैं।
रक्षा मंत्री ने लेह में ‘हॉल ऑफ फेम’ पर देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को याद करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने जवानों के साथ होली मनाई। उन्हें गुलाल लगाते हुए मिठाई भी खिलाईं। देश के नागरिक अपने घरों में सुरक्षित तरीके से होली मना सकें, इसलिए सीमा पर देश की रक्षा में तैनात वीर सैनिक तैनात हैं। ऐसे में उनका मनोबल बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्री यहां पहुंचे। होली का पर्व मनाते हुए जवानों ने खूब गुलाल उड़ाया और एक-दूसरे को मिठाइयां भी खिलाई।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में जवानों के साथ होली मनाने के लिए पहुंचाने वाले थे। लेकिन मौसम में हुए बदलाव के कारण उन्हें सियाचिन दौरे में बदलाव करना पड़ा।
बता दें कि काराकोरम रेंज में लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया के सबसे ऊंचे सैन्यीकृत क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, जहां सैनिकों को जमा देने वाली सर्दी और तेज हवाओं से जूझना पड़ता है।

जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, नेताओं और अधिकारियों का राजनीतिक दलों में शामिल होने का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है. आज रविवार, 24 मार्च को पूर्व वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता वरप्रसाद राव वेल्लापल्ली भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए.
दोनों लोगों ने केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर वरप्रसाद राव वेल्लापल्ली ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने बीजेपी को ज्वाइन किया है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा की. आरकेएस भदौरिया ने कहा कि मोदीजी के नेतृत्व में भारत के लोगों में नया आत्मविश्वास आया है और सेना में सुरक्षा की दृष्टि से ये बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि मोदीजी का अद्भुत नेतृत्व विकसित भारत बनाने में मदद करेगा.

इस मौके पर अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और वारा प्रसाद राव का दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी में स्वागत है. उन्होंने कहा कि भदौरियाजी को वर्दी में देखता था तो बहुत प्रेरणा मिलती थी.

भदौरिया 2019 से 2021 तक वायुसेना प्रमुख के पद पर तैनात रहे थे. मूल रूप से आगरा जिले की बाह तहसील के रहने वाले भदौरिया ने वायुसेना प्रमुख रहते हुए अपने नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण दिए. यह भी चर्चा है कि आरकेएस भदौरिया को बीजेपी गाजियाबाद लोकसभा सीट से टिकट दे सकती है. क्योंकि बीजेपी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अभी तक गाजियाबाद और मेरठ सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं.


आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी कर दी है। 45 नामों वाली इस लिस्ट में कांग्रेस ने यह भी साफ कर दिया है कि वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कौन सा नेता खड़ा होगा।
वाराणसी से कांग्रेस ने पांच बार के विधायक रहे अजय राय को टिकट दिया है। इसके अलावा इस लिस्ट में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कार्ति चिदंबरम और दानिश अली का नाम भी शामिल है। दानिश अली बीते बुधवार को ही कांग्रेस में शामिल हुए थे।
अजय राय कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में वह लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री मोदी को वाराणसी से चुनौती देंगे। हालांकि, पिछले दोनों चुनावों में राय को पीएम मोदी के सामने करारी हार का सामना करना पड़ा था। खास बात यह है कि राय ने अपना पहला विधानसभा चुनाव साल 1996 में भाजपा के टिकट पर ही लड़ा था। लेकिन, साल 2009 में उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी ने उन्हें वाराणसी से लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था। इसके बाद वह सपा में गए। साल 2012 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

दिग्विजय सिंह राजगढ़ सीट से लड़ेंगे चुनाव
दिग्विजय सिंह को उनके पूर्व संसदीय क्षेत्र राजगढ़ (मध्य प्रदेश) से टिकट मिला है। उन्होंने साल 1991 में यहीं से जीत हासिल की थी। पिछले साल सिंह भोपाल से चुनाव लड़े थे। उनके सामने भाजपा की प्रज्ञा सिंह ठाकुर थीं। इस चुनाव में दिग्विजय सिंह को बड़े अंतर से हार मिली थी। इसके अलावा कार्ति चिदंबरम को तमिलनाडु के शिवगंगा लोकसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में कार्ति ने इसी सीट पर जीत हासिल की थी। इस सीट को चिदंबरम परिवार का गढ़ माना जाता है। कार्ति वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे हैं।

बसपा से आए दानिश को अमरोहा से टिकट
मायावती की बसपा से निलंबित किए गए दानिश अली हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्हें पार्टी ने यूपी की अमरोहा सीट से प्रत्याशी बनाया है। बसपा में रहते हुए भी वह इसी सीट से चुनाव लड़े थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को मध्य प्रदेश की रतलाम, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत को हरिद्वार और मणिकम टैगोर को कांग्रेस पार्टी ने तमिलनाडु की विरुधनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले कांग्रेस तीन लिस्ट और जारी कर चुकी है। कुल मिलाकर उसने 183 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
अमेठी और रायबरेली से कौन लड़ेगा चुनाव?
कांग्रेस उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगा चुकी है। लेकिन उसने अभी तक अमेठी और रायबरेली पर सस्पेंस से पर्दा नहीं उठाया है। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले अमेठी से पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को भाजपा की स्मृति ईरानी ने हरा दिया था। माना जा रहा है कि राहुल इस बार भी केरल की वायनाड सीट के अलावा अमेठी से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, रायबरेली सीट को लेकर चर्चा है कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मैदान में उतर सकती हैं। बता दें कि चुनाव को लेकर कार्यक्रम जारी हो चुका है।


लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की शनिवार देर रात तक बैठक चलती रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत सीईसी के सदस्य इस बैठक में शामिल हुए, जिसमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और राजस्थान के उम्मीदवारों के नामों पर भी चर्चा हुई. सूत्रों ने बताया कि करीब 3 घंटे चली इस बैठक में पार्टी आलाकमान ने कई बड़े नामों का टिकट काटते हुए उनकी जगह नए चेहरों को मौका देने का फैसला किया है.

इन हाई प्रोफाइल चेहरों का कटा टिकट
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति ने जिन बड़े नामों का टिकट काटने का फैसला किया है, उनमें गाजियाबाद से सांसद एवं पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, पीलीभीत से वरुण गांधी और प्रयागराज सीट से रीता बहुगुणा जैसे हाई प्रोफाइल चेहरे शामिल हैं. इनके अलावा बलिया से वीरेंद्र सिंह मस्त, हाथरस से राजवीर दिलेर, जयपुर से रामचरण बोहरा, गंगानगर सीट से निहाल चंद और बंदायू से संघमित्रा मौर्य का टिकिट कट सकता है.

इन लोगों का टिकट पक्का
सूत्रों ने बताया कि बीजेपी ने इनकी जगह गाज़ियाबाद से अतुल गर्ग, पीलीभीत से जितिन प्रसाद, हाथरस से अनूप बाल्मिकी, सहारनपुर से राघव लखनपाल, अलीगढ़ से सतीश गौतम, जयपुर शहर सीट से पूजा कपिल मिश्रा, सुल्तानपुर से मेनका गांधी, मुरादाबाद से सर्वेश कुमार को देने का फैसला किया. इसके अलावा ओडिशा की संभलपुर सीट से धर्मेंद्र प्रधान, पुरी से संबित पात्रा और भुवनेश्वर से अपराजिता सारंगी को टिकिट मिल सकता है.
