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रांची / जमशेदपुर:
बिष्टुपुर के पॉश इलाके में स्थित डीडी बार के बाहर सरेआम हुए दुस्साहसिक हत्याकांड ने जमशेदपुर पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घिरी हेमंत सोरेन सरकार ने आखिरकार कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री के कड़े तेवर के बाद लापरवाही के आरोपी जमशेदपुर के एसएसपी पियुष पांडेय और पड़ोसी जिले सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी पर गाज गिर गई है। दोनों को पद से हटाए जाने के बाद सरकार ने मंगलवार देर रात नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की अधिसूचना जारी कर दी।
जमशेदपुर की कमान अब 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. एहतेशाम बकारिब को सौंपी गई है। सीआईडी (CID) एसपी के तौर पर काम कर रहे डॉ. बकारिब को तत्काल प्रभाव से जमशेदपुर का नया वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नियुक्त किया गया है। शहर में बेखौफ होते जा रहे अपराधियों पर नकेल कसना और थथरा चुकी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना नए कप्तान के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
इसी फेरबदल के तहत सरायकेला-खरसावां जिले की कमान भी बदल दी गई है। जैप-5 (JAP-5) के कमांडेंट के रूप में तैनात मनोज स्वर्गियारी को अब सरायकेला-खरसावां का नया एसपी बनाया गया है।
दरअसल, वीआईपी इलाके में हुई इस अंधाधुंध चाकूबाज़ी और जानलेवा हमले ने सीधे तौर पर पुलिसिया इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही माना। यही वजह रही कि बिना वक्त गंवाए दोनों जिलों के कप्तानों को एक साथ चलता कर दिया गया। अब देखना यह है कि नए अधिकारियों की एंट्री के बाद कोल्हान में अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं या नहीं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर:
जमशेदपुर के चर्चित डबल डाउन बार हत्याकांड में मंगलवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मृतक हिमांशु सिंह के परिजनों और जिला प्रशासन के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद आखिरकार गतिरोध समाप्त हो गया। सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितीश कुमार तथा कोल्हान डीआईजी अनूपरंजन किस्पोट्टा के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में परिजनों की प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने शव लेने पर अपनी सहमति जताई। इसके तुरंत बाद परिजन टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के लिए रवाना हुए, जहां देर शाम तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित ‘डबल डाउन बार’ में हिमांशु सिंह और प्रत्यूष नामक युवकों की कुछ स्थानीय लड़कों से कहासुनी हो गई थी। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों युवक अपनी जान बचाने के लिए पास ही खड़ी पुलिस की पीसीआर (PCR) वाहन में जाकर बैठ गए। आरोप है कि हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ही वाहन के अंदर घुसकर दोनों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस पूरी खूनी वारदात के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां इलाज के दौरान सोमवार को टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में हिमांशु सिंह ने दम तोड़ दिया। हिमांशु की मौत की खबर फैलते ही पूरे शहर में आक्रोश भड़क उठा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। इस हंगामे के दौरान आक्रोशित भीड़ ने सिटी एसपी के वाहन में भी तोड़फोड़ की।
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सूबे के मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) तथा सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (SP) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वयं मृतक के परिजनों से फोन पर बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया, न्याय का पूरा भरोसा दिया और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
तीसरी धारा न्यूज (मनोहरपुर/चाईबासा): झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बड़े-बड़े दावों के बीच पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले के मनोहरपुर प्रखंड से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां के बिटकलसोय उत्क्रमित मध्य विद्यालय के महीने में महज दो से तीन दिन ही खुलने के कारण गरीब आदिवासी और स्थानीय बच्चे शिक्षा के मौलिक अधिकार से पूरी तरह वंचित हो रहे हैं। मामला प्रकाश में आते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
इस गंभीर स्थिति की जानकारी मिलते ही मानवाधिकार सहायता संघ के प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव राज हेसा ने खुद स्कूल का स्थलीय निरीक्षण किया और वस्तुस्थिति से अवगत हुए। ग्रामीणों और बच्चों की दुर्दशा देखने के बाद उन्होंने जिला उपायुक्त (डीसी) चाईबासा और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से आरोपी प्रधानाध्यापक अमित कुमार महतो को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की लिखित मांग की है।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने मानवाधिकार टीम को बताया कि प्रधानाध्यापक अमित कुमार महतो अपनी मर्जी से स्कूल बंद रखते हैं और घर बैठे-बैठे हर महीने सरकारी वेतन उठा रहे हैं। जब ग्रामीण इसका विरोध करते हैं, तो हेडमास्टर उन्हें खुलेआम धमकी देते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानाध्यापक का कहना है:
“मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मुझे ऊपर के बड़े अधिकारियों का पूरा संरक्षण प्राप्त है। मैं जब चाहूंगा विद्यालय खोलूंगा, जब चाहूंगा बंद रखूंगा।”
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक अमित कुमार महतो के इस मनमानी और अड़ियल रवैए के कारण उनके बच्चे अनपढ़ रहने को मजबूर हैं। हेडमास्टर खुलेआम सरकारी तंत्र और बच्चों के भविष्य के साथ धोखाधड़ी कर क्षेत्र के विकास में सबसे बड़े बाधक बन गए हैं।
मानवाधिकार सहायता संघ के प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव राज हेसा ने इस विषय को बेहद संजीदगी से लिया है। उन्होंने उच्च अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि इस दबंग और भ्रष्ट प्रधानाध्यापक को तुरंत पद से हटाया जाए और किसी योग्य व जिम्मेदार शिक्षक को स्कूल का प्रभार सौंपा जाए, ताकि बच्चों को उनका ‘शिक्षा का अधिकार’ वापस मिल सके।
अब देखना यह है कि इस खुली मनमानी की खबर सामने आने के बाद चाईबासा जिला प्रशासन इस भ्रष्ट व्यवस्था पर क्या एक्शन लेता है।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
तीसरी धारा न्यूज (आदित्यपुर/सरायकेला): सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र से सड़क हादसे के बाद जमकर हंगामे की खबर सामने आई है। घटना आदित्यपुर स्थित साईं नर्सिंग होम के समीप की है, जहां एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन (कार संख्या- JH05BX0051) ने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस सड़क दुर्घटना में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पाकर आदित्यपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद सड़क पर काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा, विवाद और हंगामा चलता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद बीच सड़क पर ही दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते बड़े हंगामे का रूप ले लिया। पुलिस टीम मौके पर मौजूद थी और स्थिति को शांत कराने का प्रयास कर रही थी, लेकिन इसके बावजूद हंगामा करने वाले लोग शांत नहीं हुए और सड़क पर काफी देर तक अराजकता की स्थिति बनी रही।
सड़क हादसे में चोटिल होने के बाद पीड़ित बाइक सवार किसी तरह आदित्यपुर थाना पहुंचा। पीड़ित ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी चार पहिया वाहन (कार संख्या- JH05BX0051) के चालक के खिलाफ आदित्यपुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और लिखित शिकायत के आधार पर कार मालिक और चालक की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

आदित्यपुर की सड़कों पर लगातार बेलगाम होते वाहनों की रफ्तार और आए दिन होने वाले ऐसे विवादों ने अब स्थानीय ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
तीसरी धारा न्यूज (जमशेदपुर): स्टील सिटी जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब यहां आम नागरिकों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। अभी होटल डबल डाउन पब के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड को कुछ घंटे भी नहीं बीते थे कि बर्मामाइंस क्षेत्र में एक और व्यक्ति पर चापड़ (धारदार हथियार) से जानलेवा हमला कर दिया गया। बैक-टू-बैक हुई इन वारदातों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है और पुलिस-प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।
दिवंगत हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थिति यह है कि आज जमशेदपुर का कोई भी नागरिक न तो अपने घर में सुरक्षित है, न रेस्तरां-पब में और न ही सड़कों पर। बेखौफ घूम रहे हत्यारे और अपराधी सरेआम कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं।
इस पूरे मामले पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सामाजिक संगठन ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति) के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। पीयूष ठाकुर ने दो टूक शब्दों में कहा:
“हमें सरकार से कोई मुआवजा या पैसा नहीं चाहिए। किसी मां का बेटा, किसी का भाई और किसी सुहागन का पति इस अपराध की वेदी पर चढ़ गया है। हमारी सिर्फ एक ही मांग है—हिमांशु के हत्यारों को फांसी की सजा हो।”

युवाशक्ति ने मांग की है कि घटना के वक्त डबल डाउन पब के बाहर पीसीआर (PCR) वैन में तैनात लापरवाह पुलिसकर्मियों को महज कागजी कार्रवाई के बजाय लाइफटाइम (आजीवन) निलंबित किया जाए, क्योंकि उनकी मौजूदगी के बावजूद अपराधी घटना को अंजाम देकर भागने में सफल रहे।
युवाशक्ति के प्रमुख ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य में प्रशासन और अधिकारियों का काम अब सिर्फ अवैध वसूली करने वाले माफियाओं को संरक्षण देना रह गया है। जब दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके में एक आम नागरिक की जान सुरक्षित नहीं है, तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पूरे कानून-व्यवस्था तंत्र का फेल होना (System Failure) है।

शहर की जनता अब इस आतंक के माहौल से आजिज आकर सीधे सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांग रही है:
तीसरी धारा न्यूज परिवार भी दिवंगत हिमांशु सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता है। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और इस कठिन समय में शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
तीसरी धारा न्यूज (जमशेदपुर): शहर में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और हाल ही में बिष्टुपुर में हुई गंभीर आपराधिक घटना पर जिला कांग्रेस कमेटी ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजीव रंजन ने देर रात मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बड़े प्रशासनिक अधिकारियों को नाकामी के चलते तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने का मुख्यमंत्री का फैसला यह साबित करता है कि राज्य में आपराधिक घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई की सराहना करने के साथ ही संजीव रंजन ने शहर की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर चिंता भी जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री से बेहद अहम मांग करते हुए कहा कि जमशेदपुर को इस समय शांत और सुरक्षित बनाने के लिए पूर्व आईपीएस डॉ. अजय कुमार जैसे बुलंद और बेहद सख्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) की सख्त जरूरत है।
संजीव रंजन ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “क्या पुलिस प्रशासन का काम अब केवल वाहन जांच के नाम पर आम लोगों को परेशान करना और धन उगाही करना ही रह गया है?” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का ध्यान मुख्य अपराधों को रोकने के बजाय आम नागरिकों को तंग करने पर ज्यादा है।
कांग्रेस महामंत्री ने रेखांकित किया कि जमशेदपुर में लगातार बढ़ रही नशे की लत ही आपराधिक घटनाओं की मुख्य वजह बनती जा रही है। युवा पीढ़ी को गर्त में धकेलने वाले इस रैकेट और बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए एक कड़क पुलिस कप्तान का होना अनिवार्य है।
उन्होंने याद दिलाया कि जमशेदपुर शुरू से ही अपनी शांति, सौहार्द और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है। इसी सुरक्षित माहौल के कारण ही बड़े-बड़े उद्योग घराने यहां लगातार फल-फूल रहे हैं और निवेश कर रहे हैं। अगर शहर की शांति भंग होती है, तो इसका सीधा असर यहां के औद्योगिक विकास पर पड़ेगा। संजीव रंजन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे जमशेदपुर की इस जरूरत को समझते हुए जल्द से जल्द कड़े कदम उठाएं।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर। अगर आप भी अपने स्मार्टफोन में डिजिटल आधार कार्ड रखने के लिए mAadhaar ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो आज यानी 30 जून 2026 से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पुराने mAadhaar ऐप को पूरी तरह से बंद (Phase Out) करने का फैसला किया है। इसकी जगह अब बिल्कुल नया, हाईटेक और सुरक्षित ‘Aadhaar App’ लॉन्च कर दिया गया है।
आइए जानते हैं कि इस नए ऐप में क्या खास है और आपको इसके लिए क्या कदम उठाने होंगे।
हर आधार कार्ड धारक के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है। इसका सीधा जवाब है— नहीं! UIDAI के मुताबिक, पुराना mAadhaar ऐप और नया Aadhaar ऐप तकनीकी रूप से आपस में जुड़े नहीं हैं। इसलिए आपका पुराना डेटा नए ऐप में ऑटोमैटिक ट्रांसफर नहीं होगा।
आपको तुरंत क्या करना होगा?
इस नए ऐप की सबसे बड़ी और शानदार खासियत इसका “One Family – One App” कॉन्सेप्ट है। अब आपको परिवार के अलग-अलग सदस्यों के डिजिटल आधार के लिए अलग-अलग स्मार्टफोन की जरूरत नहीं होगी। आप अकेले अपने एक ही स्मार्टफोन में परिवार के अधिकतम 5 आधार प्रोफाइल को आसानी से मैनेज और सुरक्षित रख सकते हैं।
यह नया ऐप पुराने के मुकाबले काफी तेज है और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के नियमों के तहत ‘प्राइवेसी-फर्स्ट’ डिजाइन पर तैयार किया गया है:
UIDAI के अनुसार, इस ऐप में दिखने वाला डिजिटल आधार पूरी तरह से वैध कानूनी आईडी प्रूफ है। आप इसका इस्तेमाल इन जगहों पर बेझिझक कर सकते हैं:
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
सरायकेला (तीसरी धारा न्यूज): सरायकेला में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के अवसर पर पारंपरिक देव स्नान पूर्णिमा का त्योहार बेहद ही भक्तिपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस दौरान सरायकेला स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में दारू ब्रह्म श्री जगन्नाथ महाप्रभु, भाई बलभद्र, माता सुभद्रा और सुदर्शन का विधि-विधान से महास्नान और जलाभिषेक रस्म पूरी की गई।
अनुष्ठान की शुरुआत अलसुबह मंगल आरती और विशेष पूजन के साथ हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रह्मानन्द महापात्र के नेतृत्व में पंडितों ने महाप्रभु के स्नान की रस्म को पूरा कराया, जिसमें सानो आचार्य और सुमित महापात्र ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
परंपरा के अनुसार महाप्रभु जगन्नाथ और उनके भाई-बहन को कुल 108 पवित्र कलशों के जल से स्नान कराया गया। इसमें:
इस पूरे धार्मिक महाआयोजन को सफल बनाने में जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष लिपू माहंती और सचिव शंकर सतपति के नेतृत्व में समिति के तमाम सदस्यों ने सराहनीय योगदान दिया। मंदिर परिसर दिनभर महाप्रभु के जयकारों से गूंजता रहा और श्रद्धालु भक्ति के सागर में सराबोर नजर आए।
क्षेत्र में पड़ रही अत्यधिक और प्रचंड गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। महाप्रभु के दर्शन करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने सरायकेला के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भी आनंद लिया।
खरकाई नदी तट पर मांजणाघाट स्थित मनोरम पार्क और श्मशान काली मंदिर में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई। इसके अलावा कुदरसाई शिव मंदिर के पास बने पार्क और प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पाउड़ी देवी स्थल (पाउड़ीमेल) में भी काफी संख्या में लोग पहुंचे। युवा और बच्चों ने दीवानसाई स्थित छऊ थीम पार्क का भी रुख किया और वहां समय बिताया।
दिनभर की तेज धूप और भीषण उमस के बाद शाम को हुई छिटपुट बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। इस बारिश से न सिर्फ मौसम सुहाना हुआ, बल्कि तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। महाप्रभु के इस पवित्र स्नान अनुष्ठान और शाम की फुहारों से पूरे सरायकेला क्षेत्र का प्राकृतिक व सामाजिक वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और खुशनुमा बना रहा।
– तीसरी धारा न्यूज रिपोर्ट
सरायकेला (तीसरी धारा न्यूज): सरायकेला-खरसावां जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को सुरक्षित करने की मुहिम पूरी तरह सफल रही। अभियान के दौरान जिले भर में कुल 1,61,030 बच्चों को पोलियो खुराक की दो बूंद पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस महाभियान को अंजाम देने के लिए कुल 9,285 वाइल्स (वैक्सीन की शीशियों) का उपयोग किया गया।
जिले के सुदूर और शहरी क्षेत्रों तक पहुंच बनाने के लिए कुल 1,366 पोलियो बूथ बनाए गए थे। जहां मुख्य केंद्रों पर भारी संख्या में अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंचे, वहीं बूथों तक नहीं पहुंच पाने वाले 1,159 बच्चों को विशेष रूप से ट्रांजिट पॉइंट, स्थानीय बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चिह्नित कर दवा पिलाई गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों में बच्चों के टीकाकरण की स्थिति इस प्रकार रही:
अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों, सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने बेहद सक्रिय भूमिका निभाई। बूथ स्तर पर कार्य पूरा होने के बाद छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए टीमें घर-घर भी पहुंचीं। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग की ताकि जिले का कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रह जाए। अधिकारियों का कहना है कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए यह रूटीन अभियान बेहद महत्वपूर्ण है।
इधर, मानवाधिकार सहायता संघ (महिला प्रकोष्ठ) की अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने जिले के तमाम नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए अपने बच्चों को समय पर खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने लोगों से दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया ताकि जिले में हमेशा शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके।
अभियान की इस शानदार सफलता पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी मेहनत करने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मियों, सामाजिक संगठनों और जागरूक अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
– तीसरी धारा न्यूज रिपोर्ट
जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): लौहनगरी जमशेदपुर के पॉश इलाके बिष्टुपुर स्थित ‘डबल डाउन’ क्लब के बाहर बीते दिनों हुई सनसनीखेज चाकूबाजी की घटना में गंभीर रूप से घायल युवक हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई है। हिमांशु का इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में चल रहा था, जहां स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी और आखिरकार सोमवार को उसने दम तोड़ दिया। हिमांशु की मौत की खबर फैलते ही शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोगों में आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 27 जून की देर रात करीब 11:30 बजे की है। बताया जा रहा है कि बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन क्लब के बाहर दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। शुरुआती सूचनाओं के मुताबिक, महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ का विरोध करने पर मामला बढ़ गया और देखते ही देखते इसने हिंसक रूप ले लिया। इसी दौरान हमलावरों ने हिमांशु सिंह और उसके साथी प्रत्युष सिंह पर धारदार हथियार (चाकू) से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को लहूलुहान हालत में तत्काल टीएमएच (TMH) अस्पताल ले जाया गया था। जहां प्रत्युष का इलाज जारी है, वहीं हिमांशु ने सोमवार को अंतिम सांस ली।
इस पूरी वारदात के बाद स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी और कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि जब यह हिंसक झड़प और हमला हो रहा था, उस वक्त मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन उनकी ओर से समय रहते कोई कड़ा हस्तक्षेप नहीं किया जा सका। इस खूनी खेल का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल है और पुलिस इसकी गहनता से जांच कर रही है।
हिमांशु सिंह की मौत के बाद अब पुलिस ने इस मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं। बिष्टुपुर थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस की कई टीमें फरार हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। शहर के बीचों-बीच हुई इस वारदात ने एक बार फिर देर रात तक चलने वाले क्लबों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त के दावों की पोल खोल कर रख दी है।