जमशेदपुर के घाघीडीह मंडल कारा, साकची जेल और घाटशिला जेल में कैदियों की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) ने सीएसआर मद से तीन एंबुलेंस उपलब्ध कराए हैं। समाहरणालय में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने तीनों एंबुलेंसों की चाबियां संबंधित जेल काराध्यक्षों को सुपुर्द करते हुए कहा कि इन वाहनों का संचालन पूर्ण जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हो। किसी भी बीमार कैदी को समय पर उपचार प्रदान किया जाना आवश्यक है। कई बार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति में कैदियों को एमजीएम अस्पताल या रांची रेफर करना पड़ता है, ऐसे में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होने से सहूलियत होगी।
उपायुक्त ने यूसीआईएल प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सहयोग जिला प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा कदम है। इन एंबुलेंसों के माध्यम से कैदियों को आपात स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इलाज में होने वाली अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा। सभी तीनों जेलों की स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत आरपीएफ उड़नदस्ता दल चक्रधरपुर मंडल और जीआरपी टाटानगर की संयुक्त कार्रवाई में रविवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन से एक बड़े गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया गया. टीम ने आरोपी के पास से 17 किलो अवैध गांजा बरामद किया है. गिरफ्तार युवक की पहचान उदय कुमार उर्फ मंटू, निवासी हरिहरगंज, पलामू (झारखंड) के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि उड़ीसा के जरपाड़ा रेलवे स्टेशन से अवैध गांजे की एक बड़ी खेप टाटानगर पहुंचने वाली है. इस सूचना के आधार पर आरपीएफ उड़नदस्ता दल और जीआरपी टाटानगर की टीम ने संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में विशेष निगरानी अभियान चलाया. इसी दौरान संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की गई. तलाशी में उसके बैग से 17 किलो गांजा बरामद हुआ. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यह गांजा उड़ीसा से लेकर आया था और यहां से बस के रास्ते डाल्टनगंज पहुंचाने वाला था.
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), रेल जमशेदपुर के नेतृत्व में की गई. टीम में आरपीएफ और जीआरपी के कई अधिकारी और जवान शामिल थे. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में है कि इस खेप को डाल्टनगंज में किसे सप्लाई किया जाना था तथा इसके पीछे और कौन-कौन से लोग शामिल हैं. पुलिस ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.
सिद्धू कानू मैदान के पास स्थित आवासीय इलाके में शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 13 वर्षीय किशोर नवनीत कुमार ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नवनीत संजीवियर्स स्कूल में कक्षा 4 का छात्र था।
जानकारी के अनुसार, नवनीत शनिवार दोपहर करीब 1 बजे स्कूल से घर लौटा। वह सामान्य दिनों की तरह सीधे अपने कमरे में चला गया। घर के सदस्य अपनी-अपनी दिनचर्या में व्यस्त थे, जबकि उसकी छोटी बहन घर के बाहर खेल रही थी। कुछ देर बाद जब वह अंदर आई, तो उसने धीरे-धीरे दरवाज़ा खोलकर देखा। भीतर का दृश्य देखकर वह घबरा गई—नवनीत रस्सी के सहारे पंखे से लटका हुआ था। उसने तुरंत बाहर जाकर पिता को जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पिता घर पहुंचे और बेटे को फंदे से उतारकर आनन-फानन में टाटा मुख्य अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद नवनीत को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल बागबेड़ा थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस इस दर्दनाक घटना की गंभीरता से जांच कर रही है। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि नवनीत पढ़ाई में सामान्य था और पिछले दिनों किसी तनाव या परेशानी का कोई संकेत घरवालों ने नहीं देखा था। पुलिस बच्चे की दिनचर्या, स्कूल, दोस्तों और हालिया गतिविधियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।
सरायकेला खरसावां : कारूवा समाज ने पोस्तुनगर में महान् समाज सुधारक ज्योतिबाफुले जी की पुण्यतिथि, मूलनिवासी कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी की अध्यक्षता में मनाया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अनूसूचित जाति जनजाति एकता मंच सरायकेला खरसावां के संरक्षक रंजन कारूवा ने कहा कि समाजिक क्रांति के प्रणेता, महान समाज सुधारक ज्योतिबाफुले जी दार्शनिक लेखक एवं महिलाओं के लिए पहला विद्यालय 1848 में पुणे में स्थापना किए और लड़कियों को शिक्षित करने के उद्देश्य से 1873 में सत्य शोधक समाज की स्थापना और गुलामगिरि, किसान की चाबुक पुस्तक से जातिगत व्यवस्था और ब्राह्मणों की शासन आलोचना की। इन्हें 1888 को विथलराव कृष्णजी वांदेकर ने महात्मा की उपाधि से सम्मानित किया। इनकी मृत्यु 28 नवंबर 1890 को पुणे में हो गया। इस मौके पर रंजन कारूवा, समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी, राजकुमार बेहरा, संतोष कारूवा, मनोज मुखी, कन्हाई मुखी,अजय मुखी, संतोष मुखी, रवि मुखी, संजय मुखी, सुरेश कारूवा मुख्य रूप से उपस्थित थे।
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि सरकार महज विज्ञापनों और बड़े आयोजनों पर करोड़ों रुपए खर्च कर अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने में लगी है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है.
साहू ने आरोप लगाया कि सरकार जिन लगभग दस हजार नियुक्तियों का जिक्र कर रही है, उनमें अधिकतर रिक्तियां पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय निकाली गई थीं. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने इन नियुक्तियों को वर्षों तक कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाए रखा और अब इन्हें अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “महागठबंधन की सरकार योजनाओं को लटकाने, भटकाने और अटकाने में ही ज्यादा विश्वास रखती है. जनता के कल्याण से इसका कोई लेना-देना नहीं है.”
भाजपा नेता ने कहा कि जो सरकार चुनाव से पहले 10 लाख नौकरियों का वादा कर सत्ता में आई, वह अब 10 हजार से भी कम नियुक्ति पत्र वितरण को उपलब्धि के रूप में मना रही है. उन्होंने दावा किया कि सत्ता संभालने के बाद राज्य सरकार ने दो लाख से अधिक सरकारी पद समाप्त कर दिए. साहू ने कहा कि आज सरकार को नियुक्ति पत्र नहीं, बल्कि पद समाप्ति पत्र बांटना चाहिए था.
उन्होंने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवा हताश और निराश हैं. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताएं हुईं, लेकिन सरकार इस पर ठोस कार्रवाई और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ते की चर्चा तक सरकार नहीं कर रही, जबकि यह उनकी चुनावी घोषणा का महत्वपूर्ण हिस्सा था.
साहू ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित परीक्षा कैलेंडर का कोई अता-पता नहीं है. उन्होंने कहा कि इस स्थिति में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह बेरोजगार युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को ठोस नीति, स्पष्ट रोडमैप और समयबद्ध नियुक्तियों की उम्मीद है, न कि ऐसे समारोहों और सरकारी विज्ञापनों की. भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार प्रचार-प्रसार से बाहर निकलकर रोजगार सृजन और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीरता से काम करे, ताकि राज्य के युवाओं का भरोसा बहाल हो सके.
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष शुक्रवार को पूरा हो गया. इस मौके पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में चयनित 8,792 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे. ये नियुक्तियां उपसमाहर्ता, पुलिस उपाधीक्षक, काराधीक्षक, झारखंड शिक्षा सेवा, जिला समादेष्टा, श्रम अधीक्षक, प्रोबेशन पदाधिकारी, निरीक्षक उत्पाद, दंत चिकित्सक, सहायक आचार्य और कीटपालक सहित अन्य पदों पर की गई हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘अबुआ सरकार’ (अपनी सरकार) के प्रथम वर्ष के साथ ही झारखंड अपने निर्माण के 25 वर्ष पूरे कर गर्व का अनुभव कर रहा है. उन्होंने कहा कि आज राज्य के हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में प्रवेश का अवसर मिला है.
सोरेन ने कहा कि सिर्फ इस वर्ष लगभग 9 हजार नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं, जबकि 2024 में कुल 16 हजार सरकारी नियुक्तियां पूरी की गईं. वहीं, निजी क्षेत्र में 8 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच राज्य में 24-25 हजार सरकारी नियुक्तियां और करीब 28 हजार निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराए गए.
उन्होंने कहा कि आज यहां जुटा युवा जनसमूह सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और बढ़ते विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने कहा, “25 साल के हमारे युवा राज्य में शायद पहले कभी एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति नहीं दी गई होगी.” उन्होंने कहा कि यह अवसर भावुक करने वाला है, क्योंकि राज्य गठन के प्रेरणा स्रोत दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन आज हमारे बीच नहीं हैं.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सरकार के कामकाज में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई स्तरों पर भ्रम फैलाने और नियुक्ति प्रक्रियाओं को रोकने की साजिश की गई, लेकिन सरकार ने सभी बाधाओं के बावजूद युवाओं को अवसर देने का काम जारी रखा. उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी प्रकार के ‘पैसे या पैरवी’ का इसमें कोई स्थान नहीं है.
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान नियुक्तियों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बेटियां शामिल हैं, जो राज्य में सामाजिक बदलाव का संकेत है. उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से राज्य के विकास में साझेदार बनने की अपील की और कहा कि सभी नवपदस्थ अधिकारी अपने-अपने जिलों में जाकर एक-एक युवक को अपने जैसा सक्षम बनाने का संकल्प लें. उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार से राज्य की आने वाली पीढ़ियां विकास की मुख्यधारा में तेजी से शामिल होंगी.
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी, योगेंद्र प्रसाद, शिल्पी नेहा तिर्की, संजय प्रसाद, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, हफीजुल अंसारी, चमरा लिंडा, दीपक बिरूआ, सांसद महुआ माजी और विधायक कल्पना सोरेन सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.
शहर में सड़कों के किनारे फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन कल से एक सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करने जा रहा है. इसे लेकर गुरुवार को ADC भगीरथ प्रसाद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें टाटा स्टील, यूसिल, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति और जुगसलाई नगर परिषद के अधिकारी उपस्थित थे.
बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकारी और कंपनी लीज वाली जमीन पर किए गए सभी अतिक्रमणों को कड़ाई से हटाया जाएगा. विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जहाँ सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है. प्रशासन ने साफ कहा है कि ट्रैफिक सुचारू करने के लिए सड़क किनारे किए गए सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे.
इसके लिए जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी क्षेत्रों के लिए दो अलग-अलग कमेटियाँ बनाई गई हैं. ये कमेटियाँ हर 15 दिनों में ADC के साथ समीक्षा बैठक करेंगी और अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी.
इसके अलावा, नगर निकायों और टाटा स्टील की टीम पूरे शहर में भ्रमण कर अतिक्रमण की सूची तैयार करेगी, जिसके आधार पर अभियान चलाया जाएगा. उधर, साकची क्षेत्र में माइकिंग कर लोगों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है कि प्रशासन कल से बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू करने वाला है.
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने जन शिकायत निवारण दिवस में विभिन्न प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं/ सुझावों को सुना । इस दौरान पेंशन, आर्थिक सहयोग, दुकान आवंटन, लंबित वेतन भुगतान, घरेलू विवाद, जमीन विवाद, चिकित्सा सहयोग, अवैध जमाबंदी को रद्द करने, आधार सीडींग, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति, स्थानांतरण संबंधी, नाली निर्माण, म्यूटेशन, ऋण माफी, रास्ता निर्माण सहित जनहित के अन्य मुद्दों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
उपायुक्त द्वारा प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अग्रसारित करते हुए निदेशित किया गया कि प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध कार्रवाई हो, इसके लिए सभी विभाग जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं हो। जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य लोगों की समस्या को सीधे सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने पदाधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत झारखंड मुक्ति मोर्चा को वरिष्ठ नेता सह झारखंड आंदोलनकारी और भोक्ता समाज के केंद्रीय संरक्षक युद्धेश्वर सिंह भोक्ता का रांची के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को निधन हो गया l
इस खबर से पूरे कोयलांचल में शोक की लार दौड़ गई l सूत्रों से पता चला है योगेश्वर सिंह गुप्ता लंबे समय से बीमार चल रहे थे किडनी और हार्ट की बीमारी से ग्रसित थे l योगेश्वर सिंह भोक्ता की उम्र 72 वर्ष थी l
इनका इलाज रांची के मेदांता अस्पताल में चल रहा था l इनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव वेस्ट बोकारो ओपी अंतर्गत फकोडीह के श्मशान घाट में किया जाएगा
जमशेदपुर। समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू छपरा तरैया निवासी ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर आरोप लगाया है कि यह रिमोट से संचालित हो रही है। इसका नियंत्रण दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह तथा नागपुर से आरएसएस कर रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवास खाली करने की नोटिस और नोटिस की भाषा से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में जो सरकार बनी है, वह सामंतवादी एवं मनुवादी सोच से प्रेरित है।
दिखावे के तौर पर पिछड़ा वर्ग के नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री तथा पिछड़ा वर्ग के सम्राट चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है, लेकिन नौकरशाही के माध्यम से पूरा नियंत्रण दिल्ली और नागपुर से किया जा रहा है।
मंडल आयोग लागू होने के बाद जो सामंतवादी और सांप्रदायिक शक्तियाँ बिहार में कमजोर पड़ गई थीं, उन्हें फिर से शक्ति प्रदान करने का काम तथाकथित ‘सामाजिक न्याय’ के नेता—नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा और चिराग पासवान—ने किया है। आने वाला इतिहास और वंचित–शोषित वर्ग इन्हें कभी क्षमा नहीं करेगा।
राष्ट्रीय जनता दल, विशेषकर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव, दलित, महादलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा, वंचित–शोषित एवं प्रगतिशील वर्ग के मसीहा हैं, और इसलिए उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे खड़े किए जाते हैं, ताकि उनका समय न्यायालयों में बीतता रहे और वे जनता की आवाज न बन सकें।
बीजेपी और नीतीश कुमार जितनी मनमानी करना चाहें कर लें; आने वाला समय और बिहार की जनता उन्हें उचित सबक सिखाएगी।