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अमरावती/काकीनाडा: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक पटाखा निर्माण इकाई (फैक्ट्री) में अचानक हुए जोरदार विस्फोट ने कोहराम मचा दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 18 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और आसपास के क्षेत्र में भी कंपन महसूस किया गया। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। मलबे में अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री अनीता ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में जुटा है, लेकिन हताहतों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है।
काकीनाडा के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट सगीली शान मोहन ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद बताया:
”घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े केंद्रों में रेफर किया जा रहा है।”

नई दिल्ली: ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति) संस्था के संस्थापक श्री पीयूष ठाकुर ने हाल ही में अपने पूर्व कॉलेज, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IIHM), दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) श्री अब्दुल्ला अहमद से शिष्टाचार मुलाकात की और संस्था के सामाजिक कार्यों पर चर्चा की।

मुलाकात के दौरान पीयूष ठाकुर ने अपनी संस्था ‘सेवा ही लक्ष्य’ की ओर से श्री अब्दुल्ला अहमद को ‘भारत माता’ की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। पीयूष के इस जज्बे और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण को देखकर श्री अहमद भावुक नजर आए।
संस्था के कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री अब्दुल्ला अहमद ने रविवार को अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा:
”आज के दौर में ऐसी ऊर्जावान युवा टीम की हर शहर में जरूरत है। पीयूष और उनकी टीम जो काम कर रही है, वह सराहनीय है।”
मिस्टर अहमद ने पीयूष ठाकुर को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे हमेशा उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सामाजिक सरोकार से जुड़ा कोई भी मुद्दा हो, वे बेझिझक उन्हें संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने पीयूष को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “आगे बढ़ते रहो और पूरे दिल से सेवा कार्य करते रहो।”
इस मुलाकात ने न केवल संस्था के युवाओं का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि अगर युवा शक्ति सही दिशा में कार्य करे, तो उन्हें हर स्तर पर मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता है।

तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है। इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ सीधे युद्ध का बिगुल फूंक दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों देशों की वायुसेना ने ईरान के 30 से अधिक रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है, जिसमें ईरान का राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी का मुख्यालय और मुख्य एयरपोर्ट शामिल हैं।
हमलों के बाद तेहरान की आसमान में धुएं का गुबार और आग की लपटें देखी जा रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई को आनन-फानन में एक गुप्त और सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला इस दशक का सबसे बड़ा सैन्य टकराव साबित हो सकता है।
युद्ध की शुरुआत होते ही भारत सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। इजरायल और जॉर्डन स्थित भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
इजरायल में भारतीयों के लिए निर्देश:
जॉर्डन में मौजूद भारतीयों के लिए चेतावनी:
जॉर्डन स्थित भारतीय दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी कर पर्यटकों को सलाह दी है कि वे कमर्शियल फ्लाइट्स बंद होने से पहले तुरंत देश छोड़ दें। किसी भी आपात स्थिति में दूतावास के नंबर 00962-770 422 276 पर कॉल किया जा सकता है।
इस हमले के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या ईरान पलटवार करेगा? क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की आहट है? तीसरी धारा न्यूज आपको पल-पल की अपडेट देता रहेगा।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

लखनऊ/ब्यूरो | तीसरी धारा न्यूज
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने होली के पावन पर्व से पहले राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को दोहरी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने न केवल होली पर लंबी छुट्टियों का ऐलान किया है, बल्कि त्योहार से पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के भी कड़े निर्देश दिए हैं।
इस फैसले से नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के घरों में भी होली की खुशियां दोगुनी हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहार से पहले सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन पहुंच जाना चाहिए।
इस बार पंचांग की गणना और चंद्र ग्रहण के चलते छुट्टियों के कैलेंडर में विशेष बदलाव किया गया है। कर्मचारियों को लगातार चार दिनों का अवकाश मिलेगा:
नोट: कार्य संतुलन बनाए रखने के लिए 28 फरवरी (शनिवार) को कार्यदिवस घोषित किया गया है, जिसके बदले 3 मार्च की छुट्टी दी गई है।
धर्माचार्यों के अनुसार, इस वर्ष 3 मार्च को चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। इसी कारण:
सरकार का मानना है कि समय पर वेतन मिलने से कर्मचारी मानसिक सुकून के साथ परिवार संग त्योहार मना सकेंगे। इससे बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

रांची | तीसरी धारा न्यूज झारखंड में आगामी होली के त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय ने कमर कस ली है। विधि-व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं।

झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक निर्देश जारी कर सभी जिलों के कप्तानों को इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
एडीजी (अभियान) की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी और एसपी को यह सुनिश्चित करना होगा कि होली के मद्देनजर कोई भी पुलिसकर्मी बिना किसी ठोस कारण के छुट्टी पर न जाए। आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि रंगों के इस त्योहार पर राज्यभर में भारी भीड़, जुलूस और सामूहिक आयोजनों के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना या हुड़दंग को रोकने के लिए पुलिस बल की शत-प्रतिशत उपलब्धता अनिवार्य है।
मुख्यालय का निर्देश: “त्योहार के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती रहेगी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता और पर्याप्त बल का होना जरूरी है, इसीलिए मैनपावर की कमी न हो, यह हमारी प्राथमिकता है।”
तीसरी धारा न्यूज की अपील: होली भाईचारे का त्योहार है, कृपया नियमों का पालन करें और शांति बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।

नई दिल्ली | तीसरी धारा न्यूज
कल से मार्च का महीना शुरू हो रहा है और इसी के साथ आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सिम बाइंडिंग से लेकर बैंक ट्रांजैक्शन और रसोई गैस की कीमतों तक, ये बदलाव आपकी जेब और काम करने के तरीके को प्रभावित करेंगे।
इन नियमों को अनदेखा करना आपको परेशानी में डाल सकता है। आइए जानते हैं 1 मार्च से क्या-क्या बदलने वाला है:
ऑनलाइन धोखाधड़ी और फेक अकाउंट्स पर लगाम लगाने के लिए सरकार ‘सिम बाइंडिंग’ नियम लागू कर सकती है।
डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए NPCI बड़ा कदम उठा रहा है। अब ₹2000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा की एक और परत जोड़ी जाएगी।
बैंक ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। अभी तक किसी एक दिन भी बैलेंस कम होने पर पेनल्टी लग जाती थी।
भारतीय रेलवे टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है।
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां गैस के दाम तय करती हैं।

रांची: झारखंड के नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों ने इस बार बड़े राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। छोटे शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके लिए पार्टी की ब्रांडिंग से ज्यादा ‘व्यक्तिगत छवि’ और ‘स्थानीय मुद्दे’ मायने रखते हैं। चुनाव परिणामों में निर्दलीय उम्मीदवारों का पलड़ा भारी रहा है, जिन्होंने राज्य के प्रमुख दलों—भाजपा और झामुमो—को कड़ी टक्कर दी है।
झारखंड के 39 छोटे शहरों में से 17 नगर अध्यक्ष पदों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इन उम्मीदवारों ने बिना किसी बड़े दलीय समर्थन के सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे बुनियादी मुद्दों पर चुनाव लड़ा और जनता का भरोसा जीता।
बड़े दलों की बात करें तो भाजपा ने संतुलित उपस्थिति दर्ज कराते हुए कुल 11 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि सत्ताधारी झामुमो के खाते में 9 सीटें आई हैं।
निर्दलीय विजेताओं का गढ़ (प्रमुख नाम):
| शहर | विजेता प्रत्याशी |
|---|---|
| गढ़वा नगर परिषद | आशीष सोनी उर्फ दौलत सोनी |
| चतरा नगर परिषद | अताउर रहमान |
| सिमडेगा नगर परिषद | ओलिवर लकड़ा |
| झुमरीतिलैया नगर परिषद | रमेश हर्षधर |
| लातेहार नगर पंचायत | महेश सिंह |
| जामताड़ा नगर पंचायत | आशा गुप्ता |
भाजपा समर्थित मुख्य विजेता:
झामुमो समर्थित मुख्य विजेता:
दिलचस्प बात यह रही कि इस चुनाव में आजसू और राजद समर्थित किसी भी प्रत्याशी की जीत की जानकारी सामने नहीं आई है। नगर पंचायतों में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका, जो गठबंधन के लिए मंथन का विषय हो सकता है।
निष्कर्ष: झारखंड के शहरी मतदाताओं ने इस बार ‘पार्टी सिंबल’ के बजाय ‘लोकल लीडर’ को प्राथमिकता दी है। यह परिणाम आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा संकेत है कि जनता अब रिपोर्ट कार्ड और जमीनी सक्रियता के आधार पर वोट कर रही है।

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के गलियारे शनिवार को एक ऐसे ड्रामे के गवाह बने, जिसने न्याय की तराजू पर ‘पति की फकीरी’ और ‘पत्नी के अधिकार’ की जंग को एक नया मोड़ दे दिया। मेंटेनेंस (गुजारा भत्ता) के एक मामले में पति के वकील ने जब मुवक्किल की कमाई का खुलासा किया, तो कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया।

’बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, पति के वकील ने दलील दी कि उसका मुवक्किल दिन के मात्र ₹325 कमाता है। वकील का इरादा कोर्ट से सहानुभूति बटोरना था, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। अदालत ने इस आंकड़े को ‘अविश्वसनीय’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
जब कोर्ट ने ₹10,000 प्रति माह मेंटेनेंस देने का आदेश दिया, तो वकील ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर जज ने बेहद तल्ख लेकिन व्यवहारिक टिप्पणी करते हुए कहा:
“अगर आप पैसे नहीं दे सकते, तो अपनी पत्नी को साथ घर ले जाइए। कम से कम वह आपके लिए खाना तो बनाएगी और बच्चों का ख्याल रखेगी।”
मामला तब और गंभीर हो गया जब पति के वकील ने हलफनामा देने की बात कही कि उनका मुवक्किल वाकई इतनी कम कमाई करता है। इस पर कोर्ट ने उस कंपनी को ही कटघरे में खड़ा करने के संकेत दिए हैं जहाँ पति कार्यरत है।
बहस के दौरान पति के वकील ने सफाई दी कि पत्नी ने पति के माता-पिता पर भी केस कर दिया है, जिससे रिश्ते में सुलह की गुंजाइश खत्म हो चुकी है। वहीं, जब कंपनी को बुलाने की बात हुई, तो वकील ने चुटकी लेते हुए कहा, “हुजूर, यह बाकी कर्मचारियों के लिए भी अच्छा होगा, शायद उनकी सैलरी बढ़ जाए।”
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| दावा की गई कमाई | ₹325 प्रतिदिन |
| कोर्ट का आदेश | ₹10,000 प्रति माह मेंटेनेंस |
| जज की टिप्पणी | ‘पैसे नहीं तो पत्नी को घर ले जाओ, खाना बनाएगी’ |
| वर्तमान स्थिति | फैसला सुरक्षित (Reserve), कंपनी से मांगा जा सकता है जवाब |

काबुल/इस्लामाबाद: डूरंड रेखा पर जारी तनाव अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। अफगान मीडिया आउटलेट ‘टोलो न्यूज’ ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से एक सनसनीखेज दावा किया है कि तालिबान सेना ने नंगरहार प्रांत में पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान (Fighter Jet) को मार गिराया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान गिरने के बाद पाकिस्तानी पायलट को तालिबान सैनिकों ने जिंदा पकड़ लिया है। हालांकि, अभी तक पकड़े गए पायलट के नाम या विमान के मॉडल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि तालिबान ने इस आधुनिक जेट को किस हथियार (मिसाइल या एंटी-एयरक्राफ्ट गन) से निशाना बनाया।
अफगान मीडिया और स्थानीय रिपोर्टरों के अनुसार, तोर्खम सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच भीषण जंग छिड़ गई है।
कंधार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
”पाकिस्तान में एक विशेष गुट पूरे इलाके को अस्थिर करने की साजिश रच रहा है। हमने कई बार बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन इस्लामाबाद शांति नहीं चाहता। पाकिस्तान लगातार युद्ध के बहाने ढूंढ रहा है और अपने आंतरिक संकट का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ रहा है।”
मुजाहिद ने पुष्टि की कि अफगानिस्तान की एयर फोर्स ने पाकिस्तान के सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तानी विमान लगातार अफगानिस्तान की हवाई सीमा (Airspace) का उल्लंघन कर रहे थे।
तनाव की शुरुआत तब हुई जब गुरुवार रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए थे। तालिबान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया और जवाबी कार्रवाई शुरू की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं रुका, तो यह पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों ही देश आर्थिक और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। शनिवार तड़के संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमला किया है। इस हमले के बाद पूरे तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस जवाबी कार्रवाई में ईरान के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ‘राष्ट्रपति भवन परिसर’ को भी निशाना बनाया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई को आनन-फानन में किसी अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। यह हमला उस समय हुआ है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच पर्दे के पीछे राजनयिक बातचीत के प्रयास जारी थे।
तनावपूर्ण स्थिति के बीच इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे एक ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ (निवारक हमला) करार दिया है। कैट्ज ने कहा:
”इजराइल के खिलाफ पैदा हो रहे खतरों को जड़ से मिटाने के लिए हमने ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। हमें अंदेशा है कि इजराइल के नागरिकों पर जल्द ही मिसाइल और ड्रोन हमले हो सकते हैं, इसलिए पूरे देश में तत्काल प्रभाव से ‘स्पेशल इमरजेंसी’ लागू कर दी गई है।”
रक्षा मंत्री ने ‘होम फ्रंट’ पर विशेष आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका अर्थ है कि इजराइल अब किसी भी बड़े जवाबी हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।
हैरानी की बात यह है कि फरवरी 2026 में अमेरिका और ईरान ने अपने पुराने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत की पहल की थी। दोनों देश एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध से बचना चाहते थे। लेकिन इजराइल इस बातचीत से संतुष्ट नहीं था।
बता दें कि जून 2026 में ही हालात तब बिगड़ने लगे थे जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी की थी। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि उसके पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी बेस का इस्तेमाल उसके खिलाफ हुआ, तो वह उन देशों और अमेरिकी ठिकानों पर भीषण पलटवार करेगा।