जमशेदपुर : बी सुशीला देवी जीवन के इस पड़ाव में शांति और अपनों के साथ की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन आज वह और उनका बेटा अपने ही घर में खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। दामाद की धोखाधड़ी, बैंक के एक जिम्मेदार अधिकारी की कथित संलिप्तता और पुलिस प्रशासन की लचर कार्यशैली ने एक पूरे परिवार को मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से तोड़कर रख दिया है।
₹45.08 लाख का गबन: जून 2025 में हुआ खुलासा
मामले की शुरुआत तब हुई जब बी. सुशीला देवी के दामाद एस. योगेंद्र राव के व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा। शक होने पर जब सुशीला देवी ने अपने बैंक ऑफ इंडिया (टेल्को ब्रांच) के अकाउंट का विवरण निकाला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
अकाउंट से कुल ₹45,08,000 की बड़ी रकम गायब थी। जांच में आरोप सामने आया कि एस. योगेंद्र राव ने सुशीला देवी की बेटी एस. वी. वी. लक्ष्मी को ढाल बनाकर इस पूरे गबन को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी धोखाधड़ी में बैंक ऑफ इंडिया, टेल्को ब्रांच के तत्कालीन चीफ मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिनकी मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी रकम का गबन संभव नहीं लगता।
आरोप है कि गबन किए गए इन्हीं पैसों से योगेंद्र राव ने अपना एक मकान भी बनवा लिया और काम निकल जाने के बाद अपनी ही बुजुर्ग सास को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।
बिरसानगर थाना की भूमिका संदिग्ध, 8 महीने से फाइल धूल फांक रही
धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद पीड़िता सुशीला देवी ने 24 दिसंबर 2025 को तत्कालीन एसएसपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। लेकिन अफसोस, महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले।
मामला बिरसानगर थाना में बीते 8 महीनों से लंबित है। केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) लालचंद बेदिया पर पीड़िता पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि:
• आईओ द्वारा अब तक कोई ठोस या संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
• शिकायतकर्ताओं को थाने से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता।
• पीड़िता पक्ष का सीधा आरोप है कि जांच अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय हिंसा और दबंगई को बढ़ावा दे रहे हैं।
इंसाफ मांगने पर मिली मारपीट और धमकी
हद तो तब हो गई जब अपनी ही गाढ़ी कमाई गंवा चुकी बी. सुशीला देवी और उनके बड़े बेटे के साथ योगेंद्र राव और उसके साथियों ने मारपीट की। इस हिंसक वारदात की शिकायत भी तुरंत पुलिस और प्रशासन से की गई, लेकिन वहां भी उन्हें केवल निराशा ही हाथ लगी।
पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी एस. योगेंद्र राव आए दिन शराब के नशे में धुत होकर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता है। सुशीला देवी के बड़े बेटे ने बताया कि वे लोग लगातार डर और आतंक के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल अपनी और अपनी माँ की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
नए एसएसपी से उम्मीद की किरण
हाल ही में (दो दिन पूर्व) पीड़ित परिवार ने जमशेदपुर के नए एसएसपी से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई। नए एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि:
• इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
• कार्य में लापरवाही बरतने वाले इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) के खिलाफ जांच/इन्क्वारी बैठाई जाएगी।
अब देखना यह है कि नए कप्तान द्वारा बी सुशीला देवी को न्याय मिलेगा या अभी भी उन्हें लंबी लड़ाई लड़नी होगी।







