एक नई सोच, एक नई धारा

बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूट कांड का बड़ा खुलासा: यूपी एसटीएफ ने बनारस से दबोचे तीन मुख्य डकैत, 912 ग्राम सोना बरामद

n71082271017777822708235babaaa7ef0dfff2fbd3f58b8b03e7111075f81aeebf343c4978ba91dfc14330

हजारीबाग/वाराणसी: झारखंड के हजारीबाग जिले स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा में हुई सनसनीखेज डकैती का मामला उत्तर प्रदेश एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सुलझ गया है। शुक्रवार रात वाराणसी के सारनाथ (सिंहपुर) इलाके से गिरोह के सरगना समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​गत 24 अप्रैल को बैंक से दिनदहाड़े चार किलो सोना और 4.22 लाख रुपये की लूट हुई थी। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के पास से भारी मात्रा में लूटा गया माल बरामद किया है।

बरामदगी और गिरफ्तारी

​एसटीएफ वाराणसी के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में निम्नलिखित बरामदगी हुई:

  • सोना: 912.22 ग्राम (लूटा गया)।
  • नगदी: 20 लाख रुपये।
  • वाहन: बिहार नंबर की एक एसयूवी (मो. अफजल की)।
  • अन्य: 6 मोबाइल फोन।

गिरफ्तार अभियुक्त:

  1. मो. अफजल: गिरोह का सरगना (नवादा, बिहार)।
  2. पंकज सिंह उर्फ रौनक: (गोरखपुर, यूपी)।
  3. सौरभ यादव उर्फ सोनू: (मऊ, यूपी)।

ओडिशा की लूट देखकर रची थी साजिश

​पूछताछ के दौरान बदमाशों ने खुलासा किया कि उन्होंने समाचार चैनलों पर ओडिशा के किलंजर में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से हुई 8 किलो सोने की लूट की खबर देखी थी। इससे प्रेरित होकर उन्होंने हजारीबाग की बरही शाखा को निशाना बनाया। अफजल ने रमजान के दौरान खुद बैंक जाकर रेकी की थी और बैंक स्टाफ व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था।

जेल में बना था डकैतों का गिरोह

​मुख्य आरोपी मो. अफजल पहले हत्या के मामले में धनबाद जेल में बंद था। वहां उसकी मुलाकात पंकज सिंह और अन्य अपराधियों से हुई। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने बैंकों को लूटने का एक संगठित गिरोह बनाया। यह गिरोह लूटा हुआ सोना बेचकर मिलने वाले पैसों को रियल एस्टेट में निवेश करता था।

वाराणसी में ठिकाना बदल रहे थे बदमाश

​वारदात के बाद आरोपी बिहार होते हुए 27 अप्रैल को वाराणसी पहुंचे। यहाँ वे अलग-अलग होटलों में अपनी पहचान छुपाकर रह रहे थे और दिल्ली भागने की फिराक में थे। सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी लोकेशन ट्रेस की गई। झारखंड पुलिस को कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है, जिसके बाद उन्हें 4 मई तक हजारीबाग कोर्ट में पेश किया जाएगा।

​पुलिस अब गिरोह के चार अन्य फरार सदस्यों (शोएब, चुन्नू, संतोष और सुहैल) की तलाश में छापेमारी कर रही है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

error: Content is protected !!